चैत्र पूर्णिमा व हनुमान जयंती पर गुरसेल माता मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब तहसील फतेहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत फतेहपुर-रामनगर मार्ग पर स्थित गुरसेल माता मंदिर पर चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते नजर आए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति का विशेष माहौल बना रहा। जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और सेवा भाव से भोजन वितरण में भी भाग लिया। भंडारों में पूड़ी, सब्जी, हलवा और अन्य प्रसाद वितरित किया गया। स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हर माह पूर्णिमा के अवसर पर यहां मेला लगता है, लेकिन इस बार चैत्र पूर्णिमा के साथ हनुमान जयंती होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य से कई गुना अधिक रही। मंदिर परिसर को सजाया गया था और भक्तिमय भजन-कीर्तन से वातावरण गूंज उठा। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।
चैत्र पूर्णिमा व हनुमान जयंती पर गुरसेल माता मंदिर में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब तहसील फतेहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत फतेहपुर-रामनगर मार्ग पर स्थित गुरसेल माता मंदिर पर चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते नजर आए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति का विशेष माहौल बना रहा। जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और सेवा भाव से भोजन वितरण में भी भाग लिया। भंडारों में पूड़ी, सब्जी, हलवा और अन्य प्रसाद वितरित किया गया। स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हर माह पूर्णिमा के अवसर पर यहां मेला लगता है, लेकिन इस बार चैत्र पूर्णिमा के साथ हनुमान जयंती होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य से कई गुना अधिक रही। मंदिर परिसर को सजाया गया था और भक्तिमय भजन-कीर्तन से वातावरण गूंज उठा। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।
- तहसील फतेहपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत फतेहपुर-रामनगर मार्ग पर स्थित गुरसेल माता मंदिर पर चैत्र पूर्णिमा और हनुमान जयंती के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालु माता रानी के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना करते नजर आए। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में भक्ति का विशेष माहौल बना रहा। जगह-जगह भंडारे का आयोजन किया गया, जहां भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया और सेवा भाव से भोजन वितरण में भी भाग लिया। भंडारों में पूड़ी, सब्जी, हलवा और अन्य प्रसाद वितरित किया गया। स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों ने भी बढ़-चढ़कर सहयोग किया। स्थानीय निवासियों ने बताया कि हर माह पूर्णिमा के अवसर पर यहां मेला लगता है, लेकिन इस बार चैत्र पूर्णिमा के साथ हनुमान जयंती होने के कारण श्रद्धालुओं की संख्या सामान्य से कई गुना अधिक रही। मंदिर परिसर को सजाया गया था और भक्तिमय भजन-कीर्तन से वातावरण गूंज उठा। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्थानीय प्रशासन भी सतर्क रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो। पूरे दिन मंदिर परिसर में श्रद्धा, आस्था और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला, जिसने इस आयोजन को और भी खास बना दिया।1
- बाराबंकी। विकासखंड निंदूरा क्षेत्र के ग्राम बहरौली स्थित सुप्रसिद्ध बाबा मस्तराम दास आश्रम में गुरुवार को आयोजित हवन-पूजन एवं भंडारे में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लाखों की संख्या में भक्त यहां पहुंचे और बाबा मस्तराम दास के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। बताया जाता है कि हर महीने की पूर्णिमा के अवसर पर इस पवित्र आश्रम में हवन एवं भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें दूर-दराज से श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल होते हैं। मान्यता है कि यहां सच्चे मन से प्रार्थना करने पर बाबा मस्तराम दास सभी की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। यही कारण है कि गुरुवार को सीतापुर, बहराइच, गोंडा, कानपुर, लखीमपुर और लखनऊ सहित कई जिलों से भक्त यहां पहुंचे। श्रद्धालुओं ने आश्रम पहुंचकर विधि-विधान से हवन में आहुति दी और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। पूरे परिसर में “बाबा मस्तराम दास की जय” के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना रहा। मेले जैसा दृश्य देखने को मिला, जहां आए हुए श्रद्धालुओं ने विभिन्न दुकानों पर खरीदारी का भी आनंद लिया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुर्सी थाना पुलिस मुस्तैद रही। पुलिस बल पूरे समय मौके पर तैनात रहा और भीड़ को नियंत्रित करता नजर आया। वहीं, आश्रम समिति के सदस्य भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सहयोग के लिए सक्रिय रूप से लगे रहे। आयोजन शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।1
- *लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन कर्मचारियों का जोरदार प्रदर्शन* लखनऊ में सीएम हेल्पलाइन कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। 200 से ज्यादा कर्मचारी '1076 हाय-हाय' के नारे लगाते हुए मुख्यमंत्री दफ्तर की ओर कूच कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन वे नहीं रुके ¹ ²। *क्या है मामला?* कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें हर महीने 15 हजार रुपये वेतन का आश्वासन दिया गया था, लेकिन केवल 7000 रुपये ही दिए जा रहे हैं। इसके अलावा दो महीने का वेतन रोके जाने की भी शिकायत सामने आई है। कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं ¹ ²। क्या आप जानना चाहेंगे कि इस प्रदर्शन के बाद प्रशासन ने क्या कार्रवाई की है या कर्मचारियों की मांगें क्या हैं?1
- बाराबंकी में गैस सिलेंडर न मिलने से परेशान एक युवक को गैस डिलीवरी वाहन के आगे लेट गया। युवक ने दरियाबाद स्थित गैस एजेंसी पर ब्लैक में सिलेंडर बेचने का आरोप लगाया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना दरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के कुशफर निवासी अशोक सिंह पुत्र अंबिका सिंह से संबंधित है। अशोक सिंह ने दरियाबाद ब्लॉक मुख्यालय के सामने स्थित ओम गैस एजेंसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। वह मिर्कापुर में गैस वितरण स्थल पर सिलेंडर लेने गए थे, लेकिन गैस न मिलने पर उन्होंने विरोध स्वरूप डिलीवरी गाड़ी के आगे लेटकर प्रदर्शन किया। पीड़ित ने दावा किया कि जब उसने इस कालाबाजारी का विरोध किया, तो उससे गैस सिलेंडर देने के बदले 2000 रुपये की मांग की गई। उसने कई दिनों तक लाइन में इंतजार किया, लेकिन उसे गैस नहीं मिली। अशोक सिंह को 150 नंबर का टोकन मिला था, लेकिन उन्हें गैस नहीं दी गई, जबकि 200 नंबर वाले लोगों को गैस मिल गई। अशोक सिंह ने 31 मार्च को आईजीआरएस के माध्यम से इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी। हालांकि, युवक द्वारा लगाए गए इन आरोपों की TV हिंदुस्तान नहीं करता है युवक ने बताया कि उसने 15 मार्च को गैस बुक की थी, जिसका डीएसी कोड 16 मार्च को आ गया था। अशोक सिंह का आरोप है कि जब वह गैस एजेंसी पर सिलेंडर लेने गए तो कर्मचारियों ने उन्हें लाइन में खड़ा कर दिया, जबकि एजेंसी के कर्मचारी पीछे से कालाबाजारी कर अन्य लोगों को गैस सिलेंडर बेच रहे थे1
- मिड डे मील के लिए लकड़ी लाने से मना करने पर इंचार्ज शिक्षक शिशिर यादव ने छात्र को पीटा। वीडियों बांगरमऊ विकास खंड के ग्राम हीरामनपुरवा स्थित प्राथमिक विद्यालय का बताया जा रहा है। अभिभावक ने दी कोतवाली में तहरीर।1
- बाराबंकी जनपद के कस्बा रसौली स्थित कन्हाईपुर हनुमान गढ़ी मंदिर में हनुमान जयंती के अवसर पर भक्तों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना की। देशभर में 2 अप्रैल को हनुमान जयंती बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। हिंदू पंचांग के अनुसार, चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि को हर वर्ष हनुमान जन्मोत्सव मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीराम के परम भक्त हनुमान की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार, वानरराज केसरी और माता अंजना के पुत्र हनुमान जी को भगवान शिव का 11वां रुद्रावतार माना जाता है। उनकी भक्ति और शक्ति के कारण उन्हें संकटमोचन भी कहा जाता है। भारत में हनुमान जी के कई प्रसिद्ध मंदिर हैं, जिनकी विशेष मान्यता है। इन मंदिरों में सालभर भक्तों की लंबी कतारें लगी रहती हैं और इनके प्रति भक्तों की अटूट आस्था है। ऐसी मान्यता है कि इन सिद्धपीठों पर दर्शन करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। इन्हीं प्रसिद्ध मंदिरों में से एक हनुमान गढ़ी मंदिर भगवान राम की नगरी अयोध्या में स्थित है। यह मंदिर अयोध्या शहर के बीचों-बीच एक ऊंचे टीले पर बना हुआ है। इसके दक्षिण में अंगद और सुग्रीव टीले भी स्थित हैं। इस मंदिर से जुड़ी कई पौराणिक कथाएं और मान्यताएं हैं। कहा जाता है कि लंका से लौटने के बाद भगवान राम ने अपने प्रिय भक्त हनुमान को यह स्थान रहने के लिए दिया था, इसलिए इसे हनुमान जी का घर भी कहते हैं। अथर्ववेद के अनुसार, भगवान राम ने हनुमान जी से कहा था कि अयोध्या में उनके दर्शन करने से पहले भक्तों को हनुमान जी के दर्शन करने होंगे। यह मंदिर हनुमान जी का सिद्धपीठ माना जाता है, जिसे स्वयं भगवान राम ने उन्हें सौंपा था।2
- #LPG गैस लीक कांड : ड्राइवर की #दिलेरी से बचा बड़ा हादसा...! गैस टैंकर के #ड्राइवर ने सूझबूझ से लीकेज टैंकर को भीड़ से निकाल कर सुनसान जगह खड़ा किया लीकेज #टैंकर पर चढ़ कर वाल्ब सही करने का किया प्रयास ड्राइवर के अनुसार असेनी मोड़ पर खराब सड़क से #झटका लगने के बाद लीकेज हुई गैस #LPG गैस टैंकर में गैस रिसाव से हड़कम...! #अयोध्या लखनऊ हाईवे पर रोका गया यातायात #बाराबंकी के असेनी मोड़ पर हादसा फायर विभाग मौके पर राहत बचाओ कार्य जारी मथुरा से गैस लेकर नेपाल जा रहा था टैंकर आस पास के गांव में हड़कंप लगभग चार घंटे तक जाम रहा हाइवे #आईपीएल मैच देखने वाले फंसे रहे जाम में4
- बाराबंकी जनपद ब्लॉक निंदूरा के सौंदर गांव में स्थित अवैध रूप से संचालित एक्वा पाम आइसलैंड पर प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुल्डोजर चलवाया। यह कार्रवाई तहसील प्रशासन के निर्देश पर की गई, जिसमें अवैध निर्माण को ध्वस्त कर कब्जा मुक्त कराया गया। मौके पर नायब तहसीलदार कुर्सी अंकिता पांडेय के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही। उनके साथ थाना प्रभारी घुंघटेर व भारी पुलिस बल भी तैनात रहा, जिससे कार्रवाई के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था या विरोध की स्थिति उत्पन्न न हो सके। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान पूरे क्षेत्र में हलचल का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्रित हो गए। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सौंदर गांव में संचालित यह एक्वा पाम आइसलैंड बिना वैध अनुमति के बनाया गया था और लंबे समय से इसकी शिकायतें प्रशासन को मिल रही थीं। जांच के बाद इसे अवैध पाए जाने पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया। बुल्डोजर की मदद से अवैध निर्माण को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। नायब तहसीलदार अंकिता पांडेय ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ अभियान लगातार चलाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस तरह की कार्रवाई जारी रहेगी और किसी को भी कानून का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस कार्रवाई से क्षेत्र में प्रशासन के प्रति विश्वास बढ़ा है और लोगों ने इसे सराहनीय कदम बताया है।1