झींझक नगर के जूनियर स्कूल मैदान में मंगलवार रात हुई नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता में इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर ने मंडी वॉरियर्स झींझक को 4 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस रोमांचक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 103 रनों का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मंडी वॉरियर्स झींझक की टीम लहरापुर के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती दिखी और पूरी टीम 9 ओवर 2 गेंद में 99 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। लहरापुर की जीत में बल्लेबाज मोहित का अहम योगदान रहा, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 39 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्हें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर सुनील गुप्ता, दिव्यांशु, साहिल, रामजी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
झींझक नगर के जूनियर स्कूल मैदान में मंगलवार रात हुई नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता में इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर ने मंडी वॉरियर्स झींझक को 4 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस रोमांचक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 103 रनों का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मंडी वॉरियर्स झींझक की टीम लहरापुर के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती दिखी और पूरी टीम 9 ओवर 2 गेंद में 99 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। लहरापुर की जीत में बल्लेबाज मोहित का अहम योगदान रहा, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 39 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्हें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर सुनील गुप्ता, दिव्यांशु, साहिल, रामजी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
- कानपुर देहात के डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पाँचवें दिन भी जारी रही। यह हड़ताल ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में की जा रही है, जहाँ अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में बैठक कर शासन की नई प्रणाली के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर आवाज उठाई। वक्ताओं ने इस बैठक में आरोप लगाया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रही है। उनका दावा है कि यह नई व्यवस्था अधिवक्ताओं की भूमिका को सीमित कर देगी और आम नागरिकों को भी विभिन्न तकनीकी तथा व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं में अधिवक्ता समाज की एक महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए उनकी आपत्तियों की अनदेखी करके लागू की गई यह व्यवस्था उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। अधिवक्ताओं ने सरकार से ई-पंजीयन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ता संगठनों से बातचीत करके उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस हड़ताल के कारण तहसील परिसर में न्यायिक और राजस्व संबंधी कार्यों पर भी खासा असर देखा जा रहा है, जिससे कई वादकारियों और आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने दोहराया कि यह आंदोलन केवल उनके हितों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को सुचारु रखने और आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी और श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।1
- झींझक नगर के जूनियर स्कूल मैदान में मंगलवार रात खेली गई नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता में एक रोमांचक मुकाबले में इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर ने मंडी वॉरियर्स झींझक को 4 रन से शिकस्त दी। लहरापुर की टीम ने इस मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। लहरापुर की इस विजय में बल्लेबाज मोहित का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके उत्कृष्ट खेल के लिए उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे यह मुकाबला काफी रोमांचक बना रहा और इसे देखने के लिए दर्शकों की बड़ी भीड़ मौजूद थी।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल चोरी का मामला सामने आया है। ठकुरान गडेवा, रूरा निवासी अनस मंसूरी पुत्र यूनुस मंसूरी ने 21 जून 2026 को अपनी 2014 मॉडल बजाज CT 100 (UP 77 X 4567) मोटरसाइकिल सिकंदरा रोड संदलपुर रोड स्थित दीपू एजेंसी के सामने एस कॉम मोबाइल की दुकान के पास खड़ी की थी। पीड़ित के अनुसार, वह अपनी मोटरसाइकिल बाहर खड़ा कर किसी काम से दुकान के अंदर गए थे, लेकिन कुछ समय बाद वापस लौटने पर उन्हें अपनी मोटरसाइकिल वहां नहीं मिली। अनस मंसूरी ने आसपास के लोगों से पूछताछ की, लेकिन मोटरसाइकिल का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने थाना सिकंदरा में लिखित तहरीर देकर अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की जांच कर उनकी चोरी हुई मोटरसाइकिल बरामद करने का अनुरोध किया है। वहीं, पुलिस ने तहरीर प्राप्त होने के बाद मामले की जांच शुरू कर दी है।4
- डेरापुर तहसील परिसर में ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ता बुधवार सुबह 10 बजे से ही तहसील परिसर में एकजुट होना शुरू हो गए, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ बुलंद की और ई-पंजीयन व्यवस्था को वापस लेने की अपनी मांग को दोहराया। तहसील परिसर में आयोजित एक बैठक के दौरान, अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस व्यवस्था से न केवल अधिवक्ताओं बल्कि आम नागरिकों को भी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग हैं और उनकी उपेक्षा कर लागू की गई किसी भी व्यवस्था का उनका विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने दृढ़ता से कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे इसी तरह के आंदोलन को भी अपना समर्थन देने का संकल्प लिया। अधिवक्ताओं ने सरकार से इस समस्या का समाधान वार्ता के माध्यम से निकालने और अधिवक्ता तथा आमजन दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की अपील की।1
- कानपुर देहात में जिला प्रशासन द्वारा सिकंदरा-रसूलाबाद मार्ग पर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ओवरलोड एवं भारी वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए सिकंदरा के बिरहाना ओवरब्रिज के पास ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है। इसके बावजूद, बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे इसी मार्ग पर गिट्टी और बालू से लदे कई ओवरलोड डंपर गुजरते हुए दिखाई दिए, जिससे प्रशासनिक आदेशों की प्रभावी ढंग से अनदेखी उजागर हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित समय में भी भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही से सड़क हादसों का खतरा लगातार बना रहता है, साथ ही सड़कें भी तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस कर्मियों की तैनाती के बावजूद ऐसे वाहन बिना किसी रुकावट के गुजर रहे हैं, जिससे संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रीय निवासियों ने प्रशासन से ‘नो एंट्री’ व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन के आदेशों का कड़ाई से पालन कब सुनिश्चित हो पाता है और ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी अंकुश कब लगाया जाता है, क्योंकि संदलपुर क्षेत्र में प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं।1
- लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर देहात प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में, झींझक कस्बे में एसडीएम शालिनी उत्तम और सीओ धर्मेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक जांच अभियान चलाया गया, जिसके तहत दो अवैध लाइब्रेरी और आईटी सेंटर सीज कर दिए गए। जांच के दौरान यह सामने आया कि कई संस्थान बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे, वहीं कुछ जगहों पर सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही थी। प्रशासन ने इन अनियमितताओं पर संज्ञान लेते हुए अन्य संस्थान संचालकों को नोटिस जारी किए हैं और उन्हें नियमों का पालन करने की कड़ी चेतावनी दी है। एसडीएम शालिनी उत्तम ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- आज समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय, ककोर औरैया में जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम की उपस्थिति में वीरांगना दुर्गावती जी का बलिदान दिवस अत्यंत श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने बताया कि वीरांगना दुर्गावती का जन्म उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के कालिंजर में हुआ था। उन्होंने मुगलों से युद्ध करते हुए अधीनता स्वीकार करने से बचने के लिए अपनी ही कटारी से अपने प्राण त्याग दिए थे। गौतम ने उनके इस महान त्याग और बलिदान को याद करते हुए शत-शत नमन किया। कार्यक्रम के अंत में, लखनऊ में कोचिंग में आग लगने से मृत हुए 15 छात्रों के लिए दो मिनट का मौन रखकर उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर दिबियापुर के विधायक प्रदीप यादव, राज नारायण बघेल, सुमन दिवाकर, ध्रुव यादव, रवि राजपूत, मूलचंद पाल, रश्मि यादव, बैकुंठ यादव, प्रिंस यादव, तेहराज़राज सिंह यादव, स्नेह लता दोहरे, डॉ नवीन यादव, श्यामसुंदर निषाद, राम रतन दोहरे, बबलू नायक और लालता संखवार सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता उपस्थित रहे।3
- डेरापुर तहसील परिसर में शासन द्वारा लागू की गई ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और इस व्यवस्था को अधिवक्ताओं तथा आम जनता के हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई। तहसील परिसर में हुई बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने बताया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिसके कारण अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिवक्ता समाज न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है, और उनकी उपेक्षा करके लागू की गई किसी भी व्यवस्था का विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। इस हड़ताल के चलते तहसील परिसर में न्यायिक एवं राजस्व कार्यों पर भी काफी प्रभाव देखने को मिला।1