डेरापुर तहसील परिसर में शासन द्वारा लागू की गई ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और इस व्यवस्था को अधिवक्ताओं तथा आम जनता के हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई। तहसील परिसर में हुई बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने बताया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिसके कारण अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिवक्ता समाज न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है, और उनकी उपेक्षा करके लागू की गई किसी भी व्यवस्था का विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। इस हड़ताल के चलते तहसील परिसर में न्यायिक एवं राजस्व कार्यों पर भी काफी प्रभाव देखने को मिला।
डेरापुर तहसील परिसर में शासन द्वारा लागू की गई ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और इस व्यवस्था को अधिवक्ताओं तथा आम जनता के हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई। तहसील परिसर में हुई बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने बताया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिसके कारण अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिवक्ता समाज न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है, और उनकी उपेक्षा करके लागू की गई किसी भी व्यवस्था का विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। इस हड़ताल के चलते तहसील परिसर में न्यायिक एवं राजस्व कार्यों पर भी काफी प्रभाव देखने को मिला।
- झींझक नगर के जूनियर स्कूल मैदान में मंगलवार रात हुई नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता में इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर ने मंडी वॉरियर्स झींझक को 4 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस रोमांचक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 103 रनों का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मंडी वॉरियर्स झींझक की टीम लहरापुर के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती दिखी और पूरी टीम 9 ओवर 2 गेंद में 99 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। लहरापुर की जीत में बल्लेबाज मोहित का अहम योगदान रहा, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 39 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्हें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर सुनील गुप्ता, दिव्यांशु, साहिल, रामजी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।2
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह सीएचसी हवासपुर के पास एक गड्ढे में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों, नभया (10), अंकुश (8) और अनुराग (6) का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी पत्नी सोनी लगभग दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि भरत मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिस पर परिजनों ने भरत की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव पड़ा देखा। खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, और इसी दौरान पहुंची नभया ने शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने के बाद मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थानाध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव में प्रेम विवाह के महज चार माह बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मृतका के परिजनों ने पति समेत ससुराल पक्ष के लोगों पर दहेज की मांग और उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार, मिंकू रानी का प्रेम विवाह 3 फरवरी 2026 को मदनपुर निवासी राजकुमार के साथ हुआ था। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी द्वारा मिंकू रानी पर मायके से नकदी व घरेलू सामान लाने का दबाव बनाया जाता था। मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट कर उसे प्रताड़ित किया जाता था। मृतका के भाई की तहरीर पर सिकंदरा थाने में मुकदमा संख्या 110/2026 के तहत पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस जांच में यह तथ्य भी सामने आया है कि ननद राखी प्रेम विवाह को लेकर नाराज रहती थी और मृतका के पंजाब से ससुराल आने के बाद दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि विवाहिता ने 19 जून को आत्महत्या की थी, हालांकि मामले की विवेचना अभी जारी है। क्षेत्राधिकारी सिकंदरा के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार दोपहर करीब दो बजे आरोपी पति राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की गई।1
- लखनऊ में राष्ट्रीय हिंदू युवा संगठन द्वारा एक बड़ा सेवा अभियान चलाया गया है। यह अभियान राहुल खत्री के नेतृत्व में संचालित किया गया, जिसके तहत संगठन ने शरबत वितरण का कार्य किया।1
- लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में गोली चलने की घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति के पैर में गोली लग गई है। घटना के बाद घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल व्यक्ति का आरोप है कि बदमाशों ने उसे गोली मारने के बाद उससे ज्वेलरी से भरे 4 से 5 डब्बे छीन लिए। इस सूचना पर डीसीपी दक्षिण अमित आनंद मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस फिलहाल हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और घटना से संबंधित अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।1
- कानपुर देहात के झींझक कस्बे में संचालित कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों और डिजिटल लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए मंगलवार को प्रशासन ने एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान में एसडीएम डेरापुर शालिनी उत्तम, सीओ धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, अग्निशमन टीम, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी और निरीक्षक महेश दुबे की टीम ने कई संस्थानों का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें अग्निशमन व्यवस्था और आवश्यक अभिलेखों में कई खामियां मिलीं। जांच के दौरान, रेलबाजार स्थित सीएसजेएम कंप्यूटर एंड कौशल प्रशिक्षण केंद्र में पंजीकरण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, साथ ही अग्निशमन सिलेंडर निष्क्रिय पाए गए और आपात निकास मार्ग की व्यवस्था भी नहीं थी। इन गंभीर कमियों के चलते केंद्र को सीज कर दिया गया। वहीं, स्टेशन रोड पर स्थित एक अन्य प्रशिक्षण केंद्र में भी सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई, जिस पर अधिकारियों ने संचालकों को कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी। इसके अतिरिक्त, भोला नगर पाल कॉम्प्लेक्स स्थित एक डिजिटल लाइब्रेरी में पंजीकरण और फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिलने पर उसके संचालक को भी लाइब्रेरी बंद करने की चेतावनी दी गई। प्रशासन की इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही अन्य कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे संस्थानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।2
- लखनऊ में एक तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 छात्र-छात्राओं की मौत के बाद कानपुर देहात प्रशासन सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी कपिल सिंह और पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय के निर्देश पर मंगलवार को डेरापुर उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम और क्षेत्राधिकारी धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी ने मंगलपुर पुलिस के साथ मिलकर झींझक नगर में संचालित कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और प्रशिक्षण संस्थानों में एक सघन जांच अभियान चलाया। इस अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी और संचालन संबंधी खामियां पाए जाने पर दो संस्थानों को तत्काल प्रभाव से सीज कर दिया गया, जबकि कई अन्य को नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी गई। दोपहर करीब एक बजे शुरू हुए इस अभियान में अधिकारियों ने सबसे पहले सीएसजेम एजुकेशन सेंटर कौशल एवं प्रशिक्षण केंद्र का निरीक्षण किया, जहाँ भवन में आपातकालीन निकास द्वार न होने और अन्य सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने के कारण संस्थान को सीज करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद स्टेशन रोड स्थित ओमनगर में संचालित 4 नेट कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्र की जाँच की गई, जहाँ निर्धारित मानक पूरे नहीं पाए जाने पर संचालक को चेतावनी देते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त करने को कहा गया। भोलानगर स्थित पाल कॉम्प्लेक्स में दो अग्निशमन सिलेंडर एक्सपायर मिले, जिस पर संबंधित संस्थान को नोटिस जारी किया गया। वहीं, राम पैलेस भवन में संचालित शोभा अचीवर्स लाइब्रेरी की जाँच के दौरान संचालक मौके पर नहीं मिला और संचालन संबंधी आवश्यक अभिलेख व सुरक्षा मानकों में खामियां मिलने पर कार्रवाई की गई। उपजिलाधिकारी शालिनी उत्तम ने बताया कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी, संचालन संबंधी कमियों और अवैध रूप से संचालित पाए जाने पर दो लाइब्रेरी और आईटी सेंटरों को तत्काल प्रभाव से सीज किया गया है। अन्य संस्थानों के संचालकों को भी विधिक नोटिस जारी कर मानकों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई है। इस अभियान में अग्निशमन विभाग से राजनारायण सिंह, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी, मंगलपुर प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार दुबे समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि छात्रों की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों की अनदेखी करने वाले संस्थानों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- औरैया स्थित विचित्र पहल सेवा समिति ने शहीद पार्क में एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। यह सभा लखनऊ के अलीगंज में एक भवन में हुए भीषण अग्निकांड में दिवंगत हुए छात्र-छात्राओं की स्मृति में रखी गई थी। यह दुःखद घटना भवन की पहली और दूसरी मंजिल पर विद्युत शार्ट सर्किट के कारण लगी आग से हुई। इस अग्निकांड में कई छात्र-छात्राएं जिंदा जल गए, जबकि कुछ बच्चों ने अपनी जान बचाने के लिए तीसरी मंजिल से कूदकर जान गंवा दी। आग लगने के कारण थंब इंप्रेशन वाला गेट न खुल पाने से यह हादसा और भी गंभीर हो गया था। समिति के अध्यक्ष राजीव पोरवाल और संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता एडवोकेट ने इस दुःखद घटना के बाद सरकार से उचित मुआवजे की मांग की। सभा में उपस्थित सभी लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को श्रद्धांजलि दी और अपना शोक व्यक्त किया। इस अवसर पर राम आसरे गुप्ता, लक्ष्मी बिश्नोई, सुनीला गुप्ता, मंगला शुक्ला, गुड्डन गुप्ता, एल.एन. गुप्ता, संजय अग्रवाल, राधा प्रजापति, आदित्य, प्रियांशु, देव, हिमांशु पाल, अभिनव, वेदांत त्रिपाठी, सूर्यांश चतुर्वेदी, हिमांशु दुबे, मीरा देवी, शिवानी दीक्षित और शारदा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।1
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव में प्रेम विवाह के महज चार माह बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जानकारी के अनुसार, मृतका मिंकू रानी का प्रेम विवाह 3 फरवरी 2026 को मदनपुर निवासी राजकुमार के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी द्वारा मिंकू रानी पर मायके से नकदी और घरेलू सामान लाने का लगातार दबाव बनाया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि परिवार प्रेम विवाह को लेकर नाराज था, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद होता रहता था। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि विवाहिता ने 19 जून को आत्महत्या की थी, हालांकि मामले की विस्तृत विवेचना अभी जारी है। सिकंदरा क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार को आरोपी पति राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।3