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लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में गोली चलने की घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति के पैर में गोली लग गई है। घटना के बाद घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल व्यक्ति का आरोप है कि बदमाशों ने उसे गोली मारने के बाद उससे ज्वेलरी से भरे 4 से 5 डब्बे छीन लिए। इस सूचना पर डीसीपी दक्षिण अमित आनंद मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस फिलहाल हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और घटना से संबंधित अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
Ankit kumar
लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में गोली चलने की घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति के पैर में गोली लग गई है। घटना के बाद घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल व्यक्ति का आरोप है कि बदमाशों ने उसे गोली मारने के बाद उससे ज्वेलरी से भरे 4 से 5 डब्बे छीन लिए। इस सूचना पर डीसीपी दक्षिण अमित आनंद मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस फिलहाल हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और घटना से संबंधित अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।
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- लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र में गोली चलने की घटना सामने आई है, जिसमें एक व्यक्ति के पैर में गोली लग गई है। घटना के बाद घायल व्यक्ति को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल व्यक्ति का आरोप है कि बदमाशों ने उसे गोली मारने के बाद उससे ज्वेलरी से भरे 4 से 5 डब्बे छीन लिए। इस सूचना पर डीसीपी दक्षिण अमित आनंद मौके पर पहुंचे हैं। पुलिस फिलहाल हर एंगल से मामले की जांच कर रही है और घटना से संबंधित अधिक जानकारी की प्रतीक्षा की जा रही है।1
- कानपुर देहात के डेरापुर तहसील परिसर में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पाँचवें दिन भी जारी रही। यह हड़ताल ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में की जा रही है, जहाँ अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर में बैठक कर शासन की नई प्रणाली के खिलाफ अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुट होकर आवाज उठाई। वक्ताओं ने इस बैठक में आरोप लगाया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया नकारात्मक रूप से प्रभावित हो रही है। उनका दावा है कि यह नई व्यवस्था अधिवक्ताओं की भूमिका को सीमित कर देगी और आम नागरिकों को भी विभिन्न तकनीकी तथा व्यावहारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि न्यायिक और राजस्व संबंधी प्रक्रियाओं में अधिवक्ता समाज की एक महत्वपूर्ण भूमिका रही है, इसलिए उनकी आपत्तियों की अनदेखी करके लागू की गई यह व्यवस्था उन्हें किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। अधिवक्ताओं ने सरकार से ई-पंजीयन व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और अधिवक्ता संगठनों से बातचीत करके उनकी समस्याओं का समाधान निकालने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस हड़ताल के कारण तहसील परिसर में न्यायिक और राजस्व संबंधी कार्यों पर भी खासा असर देखा जा रहा है, जिससे कई वादकारियों और आम नागरिकों को अपने कार्यों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने दोहराया कि यह आंदोलन केवल उनके हितों की रक्षा के लिए नहीं, बल्कि न्यायिक व्यवस्था को सुचारु रखने और आम जनता की सुविधाओं को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी और श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।1
- झींझक नगर के जूनियर स्कूल मैदान में मंगलवार रात खेली गई नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता में एक रोमांचक मुकाबले में इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर ने मंडी वॉरियर्स झींझक को 4 रन से शिकस्त दी। लहरापुर की टीम ने इस मैच में शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की। लहरापुर की इस विजय में बल्लेबाज मोहित का महत्वपूर्ण योगदान रहा। उनके उत्कृष्ट खेल के लिए उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने मैदान पर बेहतरीन कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे यह मुकाबला काफी रोमांचक बना रहा और इसे देखने के लिए दर्शकों की बड़ी भीड़ मौजूद थी।1
- औरैया में जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर जनपद में अवैध रूप से संचालित संस्थानों और सुरक्षा मानकों की जाँच के लिए बुधवार को एक व्यापक अभियान चलाया गया। सदर उपजिलाधिकारी अजय आनन्द वर्मा के नेतृत्व में प्रशासन ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसका उद्देश्य जनसुरक्षा सुनिश्चित करना था। इस छापेमारी के दौरान, प्रशासनिक टीम ने शहर के तिलक नगर, बनारसीदास और आवास विकास कॉलोनी स्थित कई कोचिंग सेंटरों तथा लाइब्रेरियों का सघन निरीक्षण किया। टीम में सीओ सिटी शैलेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी शामिल थे। जाँच में बालाजी स्टडी प्वाइंट, इनविक्टस एजुकेशन, पुष्कर लाइब्रेरी और जीनियस लाइब्रेरी एंड स्टडी कैफे में संचालन संबंधी वैध लाइसेंसों, अग्निशमन सुरक्षा उपकरणों और आपातकालीन निकास व्यवस्था सहित अन्य सुरक्षा मानकों की गंभीर कमियाँ पाई गईं। अधिकारियों ने बताया कि इन संस्थानों के पास न तो वैध लाइसेंस थे और न ही आग जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे। इस गंभीर लापरवाही के चलते प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इन सभी संस्थानों को सील कर दिया। अभियान के तहत औरैया-दिबियापुर रोड पर स्थित ओयो होटल साइन कृपा लॉज का भी निरीक्षण किया गया। इस होटल में भी सुरक्षा उपकरणों का अभाव और संचालन में अनियमितताएँ सामने आईं, जिसे अवैध संचालन और सुरक्षा मानकों की अनदेखी मानते हुए प्रशासन ने सील करने की कार्रवाई की। उपजिलाधिकारी अजय आनन्द वर्मा ने स्पष्ट किया है कि जनसुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और बिना वैध अनुमति व आवश्यक सुरक्षा मानकों के संचालित होने वाले संस्थानों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।1
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह एक युवक का शव सीएचसी हवासपुर के पास स्थित एक गड्ढे में पड़ा मिला। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची, साक्ष्य जुटाए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो अपने परिवार से अलग रहता था और मजदूरी कर अपने तीन बच्चों, 10 वर्षीय नभया, 8 वर्षीय अंकुश और 6 वर्षीय अनुराग का भरण-पोषण करता था। मृतक के बड़े भाई अमरलाल ने बताया कि भरत की पत्नी सोनी दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ भाग गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि मंगलवार सुबह आठ बजे उसके पिता संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे। जब वे देर रात तक वापस नहीं आए, तो नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब हवासपुर के लोग खेतों की ओर जा रहे थे, तो सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव देखकर हड़कंप मच गया। ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई, जहां मृतक की पुत्री नभया ने अपने पिता भरत की पहचान की। पहचान होते ही मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मन, जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। मृतक के बड़े भाई अमरलाल की सूचना पर, एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटना स्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। थानाध्यक्ष मंगलपुर महेश दुबे ने बताया कि शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस इस मामले की जांच में जुटी है।1
- जिलाधिकारी बृजेश कुमार के निर्देश पर औरैया शहर के तिलक नगर, बनारसीदास और आवास विकास कॉलोनी मोहल्लों में स्थित कई कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों पर छापेमारी का अभियान चलाया गया। उपजिलाधिकारी सदर अजय आनंद वर्मा के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में सी ओ सिटी शैलेंद्र सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी तेजवीर सिंह और जिला विद्यालय निरीक्षक प्रदीप कुमार मौर्य सहित अन्य सहयोगी अधिकारी भी शामिल थे। छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने बालाजी स्टडी प्वाइंट, इनविक्टस एजुकेशन, पुष्कर लाइब्रेरी और जीनियस लाइब्रेरी एंड स्टडी कैफे सहित विभिन्न स्थानों पर वैध लाइसेंस और आग लगने की स्थिति में सुरक्षा उपायों के लिए आवश्यक उपकरणों की उपलब्धता की जाँच की। जाँच में वैध लाइसेंस और पर्याप्त अग्निशमन एवं सुरक्षा उपकरणों का अभाव पाए जाने पर इन सभी कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों को सील कर दिया गया। इसके अतिरिक्त, औरैया-दिबियापुर रोड पर स्थित ओयो होटल साइन कृपा लॉज को भी पर्याप्त सुरक्षा उपकरण न रखने और अवैध संचालन में लिप्त पाए जाने के कारण सील किया गया। यह कार्रवाई लखनऊ में हुई एक घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा चलाए गए निरीक्षण अभियान का हिस्सा है।1
- औरैया में बुधवार को समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय ककोर में जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम की अध्यक्षता में वीरांगना रानी दुर्गावती का बलिदान दिवस पूरे श्रद्धाभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष सर्वेश बाबू गौतम ने रानी दुर्गावती के जीवन पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वीरांगना रानी दुर्गावती का जन्म कालिंजर में हुआ था और उन्होंने मुगलों के विरुद्ध अदम्य वीरता से संघर्ष किया। गौतम ने जोर देकर कहा कि रानी दुर्गावती ने मुगलों की अधीनता स्वीकार करने के बजाय अपनी कटारी से अपने प्राण त्यागकर अद्वितीय साहस और स्वाभिमान का परिचय दिया। उन्होंने यह भी कहा कि देश उनके इस महान त्याग, बलिदान और वीरता को सदैव स्मरण करता रहेगा। कार्यक्रम के समापन पर लखनऊ के एक कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना में मृत छात्रों की याद में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस दौरान विधायक प्रदीप यादव, राज नारायण बघेल, सुमन दिवाकर, ध्रुव यादव, रवि राजपूत, मूलचंद पाल, रश्मि यादव, बैकुंठ यादव, प्रिंस यादव, तेजराज सिंह यादव, स्नेहलता दोहरे, डॉ. नवीन यादव, श्यामसुंदर निषाद, रामरतन दोहरे, बबलू नायक, लालता संखवार सहित समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।2
- डेरापुर तहसील परिसर में शासन द्वारा लागू की गई ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और इस व्यवस्था को अधिवक्ताओं तथा आम जनता के हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई। तहसील परिसर में हुई बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने बताया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिसके कारण अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिवक्ता समाज न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है, और उनकी उपेक्षा करके लागू की गई किसी भी व्यवस्था का विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। इस हड़ताल के चलते तहसील परिसर में न्यायिक एवं राजस्व कार्यों पर भी काफी प्रभाव देखने को मिला।1