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कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह सीएचसी हवासपुर के पास एक गड्ढे में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों, नभया (10), अंकुश (8) और अनुराग (6) का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी पत्नी सोनी लगभग दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि भरत मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिस पर परिजनों ने भरत की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव पड़ा देखा। खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, और इसी दौरान पहुंची नभया ने शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने के बाद मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थानाध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

3 hrs ago
user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह सीएचसी हवासपुर के पास एक गड्ढे में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों, नभया (10), अंकुश (8) और अनुराग (6) का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी पत्नी सोनी लगभग दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि भरत मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिस पर परिजनों ने भरत की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव पड़ा देखा। खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, और इसी दौरान पहुंची नभया ने शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने के बाद मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थानाध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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  • डेरापुर तहसील परिसर में ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ता बुधवार सुबह 10 बजे से ही तहसील परिसर में एकजुट होना शुरू हो गए, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ बुलंद की और ई-पंजीयन व्यवस्था को वापस लेने की अपनी मांग को दोहराया। तहसील परिसर में आयोजित एक बैठक के दौरान, अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस व्यवस्था से न केवल अधिवक्ताओं बल्कि आम नागरिकों को भी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग हैं और उनकी उपेक्षा कर लागू की गई किसी भी व्यवस्था का उनका विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने दृढ़ता से कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे इसी तरह के आंदोलन को भी अपना समर्थन देने का संकल्प लिया। अधिवक्ताओं ने सरकार से इस समस्या का समाधान वार्ता के माध्यम से निकालने और अधिवक्ता तथा आमजन दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की अपील की।
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    डेरापुर तहसील परिसर में ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ता बुधवार सुबह 10 बजे से ही तहसील परिसर में एकजुट होना शुरू हो गए, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ बुलंद की और ई-पंजीयन व्यवस्था को वापस लेने की अपनी मांग को दोहराया।

तहसील परिसर में आयोजित एक बैठक के दौरान, अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस व्यवस्था से न केवल अधिवक्ताओं बल्कि आम नागरिकों को भी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग हैं और उनकी उपेक्षा कर लागू की गई किसी भी व्यवस्था का उनका विरोध जारी रहेगा।

अधिवक्ताओं ने दृढ़ता से कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे इसी तरह के आंदोलन को भी अपना समर्थन देने का संकल्प लिया। अधिवक्ताओं ने सरकार से इस समस्या का समाधान वार्ता के माध्यम से निकालने और अधिवक्ता तथा आमजन दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की अपील की।
    user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • कानपुर देहात में जिला प्रशासन द्वारा सिकंदरा-रसूलाबाद मार्ग पर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ओवरलोड एवं भारी वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए सिकंदरा के बिरहाना ओवरब्रिज के पास ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है। इसके बावजूद, बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे इसी मार्ग पर गिट्टी और बालू से लदे कई ओवरलोड डंपर गुजरते हुए दिखाई दिए, जिससे प्रशासनिक आदेशों की प्रभावी ढंग से अनदेखी उजागर हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित समय में भी भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही से सड़क हादसों का खतरा लगातार बना रहता है, साथ ही सड़कें भी तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस कर्मियों की तैनाती के बावजूद ऐसे वाहन बिना किसी रुकावट के गुजर रहे हैं, जिससे संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रीय निवासियों ने प्रशासन से ‘नो एंट्री’ व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन के आदेशों का कड़ाई से पालन कब सुनिश्चित हो पाता है और ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी अंकुश कब लगाया जाता है, क्योंकि संदलपुर क्षेत्र में प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं।
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    कानपुर देहात में जिला प्रशासन द्वारा सिकंदरा-रसूलाबाद मार्ग पर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ओवरलोड एवं भारी वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए सिकंदरा के बिरहाना ओवरब्रिज के पास ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है। इसके बावजूद, बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे इसी मार्ग पर गिट्टी और बालू से लदे कई ओवरलोड डंपर गुजरते हुए दिखाई दिए, जिससे प्रशासनिक आदेशों की प्रभावी ढंग से अनदेखी उजागर हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित समय में भी भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही से सड़क हादसों का खतरा लगातार बना रहता है, साथ ही सड़कें भी तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस कर्मियों की तैनाती के बावजूद ऐसे वाहन बिना किसी रुकावट के गुजर रहे हैं, जिससे संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रीय निवासियों ने प्रशासन से ‘नो एंट्री’ व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन के आदेशों का कड़ाई से पालन कब सुनिश्चित हो पाता है और ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी अंकुश कब लगाया जाता है, क्योंकि संदलपुर क्षेत्र में प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं।
    user_Journalist Sonu singh
    Journalist Sonu singh
    Journalist 9651575839 सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर देहात प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में, झींझक कस्बे में एसडीएम शालिनी उत्तम और सीओ धर्मेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक जांच अभियान चलाया गया, जिसके तहत दो अवैध लाइब्रेरी और आईटी सेंटर सीज कर दिए गए। जांच के दौरान यह सामने आया कि कई संस्थान बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे, वहीं कुछ जगहों पर सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही थी। प्रशासन ने इन अनियमितताओं पर संज्ञान लेते हुए अन्य संस्थान संचालकों को नोटिस जारी किए हैं और उन्हें नियमों का पालन करने की कड़ी चेतावनी दी है। एसडीएम शालिनी उत्तम ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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    लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर देहात प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में, झींझक कस्बे में एसडीएम शालिनी उत्तम और सीओ धर्मेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक जांच अभियान चलाया गया, जिसके तहत दो अवैध लाइब्रेरी और आईटी सेंटर सीज कर दिए गए।

जांच के दौरान यह सामने आया कि कई संस्थान बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे, वहीं कुछ जगहों पर सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही थी। प्रशासन ने इन अनियमितताओं पर संज्ञान लेते हुए अन्य संस्थान संचालकों को नोटिस जारी किए हैं और उन्हें नियमों का पालन करने की कड़ी चेतावनी दी है।

एसडीएम शालिनी उत्तम ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
    user_Shivganesh dwivedi कुलगाँव टाइ
    Shivganesh dwivedi कुलगाँव टाइ
    Local News Reporter सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • लखनऊ में राष्ट्रीय हिंदू युवा संगठन द्वारा एक बड़ा सेवा अभियान चलाया गया है। यह अभियान राहुल खत्री के नेतृत्व में संचालित किया गया, जिसके तहत संगठन ने शरबत वितरण का कार्य किया।
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    लखनऊ में राष्ट्रीय हिंदू युवा संगठन द्वारा एक बड़ा सेवा अभियान चलाया गया है। यह अभियान राहुल खत्री के नेतृत्व में संचालित किया गया, जिसके तहत संगठन ने शरबत वितरण का कार्य किया।
    user_संपादक -कार्तिकेय सोनी भारत सं
    संपादक -कार्तिकेय सोनी भारत सं
    Media company औरैया, औरैया, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • डेरापुर तहसील परिसर में शासन द्वारा लागू की गई ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और इस व्यवस्था को अधिवक्ताओं तथा आम जनता के हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई। तहसील परिसर में हुई बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने बताया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिसके कारण अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिवक्ता समाज न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है, और उनकी उपेक्षा करके लागू की गई किसी भी व्यवस्था का विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। इस हड़ताल के चलते तहसील परिसर में न्यायिक एवं राजस्व कार्यों पर भी काफी प्रभाव देखने को मिला।
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    डेरापुर तहसील परिसर में शासन द्वारा लागू की गई ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और इस व्यवस्था को अधिवक्ताओं तथा आम जनता के हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई।

तहसील परिसर में हुई बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने बताया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिसके कारण अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिवक्ता समाज न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है, और उनकी उपेक्षा करके लागू की गई किसी भी व्यवस्था का विरोध जारी रहेगा।

अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। इस हड़ताल के चलते तहसील परिसर में न्यायिक एवं राजस्व कार्यों पर भी काफी प्रभाव देखने को मिला।
    user_आशीष बाजपेई पत्रकार
    आशीष बाजपेई पत्रकार
    डेरापुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • झींझक नगर के जूनियर स्कूल मैदान में मंगलवार रात हुई नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता में इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर ने मंडी वॉरियर्स झींझक को 4 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस रोमांचक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 103 रनों का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मंडी वॉरियर्स झींझक की टीम लहरापुर के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती दिखी और पूरी टीम 9 ओवर 2 गेंद में 99 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। लहरापुर की जीत में बल्लेबाज मोहित का अहम योगदान रहा, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 39 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्हें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर सुनील गुप्ता, दिव्यांशु, साहिल, रामजी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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    झींझक नगर के जूनियर स्कूल मैदान में मंगलवार रात हुई नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता में इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर ने मंडी वॉरियर्स झींझक को 4 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस रोमांचक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 103 रनों का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मंडी वॉरियर्स झींझक की टीम लहरापुर के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती दिखी और पूरी टीम 9 ओवर 2 गेंद में 99 रन बनाकर ऑलआउट हो गई।

लहरापुर की जीत में बल्लेबाज मोहित का अहम योगदान रहा, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 39 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्हें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर सुनील गुप्ता, दिव्यांशु, साहिल, रामजी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
    user_कुमार पंकज
    कुमार पंकज
    Journalist डेरापुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह सीएचसी हवासपुर के पास एक गड्ढे में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों, नभया (10), अंकुश (8) और अनुराग (6) का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी पत्नी सोनी लगभग दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी। मृतक की बेटी नभया ने बताया कि भरत मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिस पर परिजनों ने भरत की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव पड़ा देखा। खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, और इसी दौरान पहुंची नभया ने शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की। पहचान होने के बाद मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थानाध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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    कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर गांव में बुधवार सुबह सीएचसी हवासपुर के पास एक गड्ढे में युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर मंगलपुर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य एकत्र कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान हवासपुर निवासी 35 वर्षीय भरत के रूप में हुई, जो परिवार से अलग रहकर मजदूरी करता था और अपने तीन बच्चों, नभया (10), अंकुश (8) और अनुराग (6) का पालन-पोषण कर रहा था। उसकी पत्नी सोनी लगभग दो साल पहले गांव के ही एक युवक के साथ चली गई थी।

मृतक की बेटी नभया ने बताया कि भरत मंगलवार सुबह करीब आठ बजे संदलपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद नभया ने अपने दाऊ अमरपाल को इसकी जानकारी दी, जिस पर परिजनों ने भरत की तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर जा रहे थे, तब उन्होंने सीएचसी हवासपुर के पास गड्ढे में शव पड़ा देखा। खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई, और इसी दौरान पहुंची नभया ने शव की पहचान अपने पिता भरत के रूप में की।

पहचान होने के बाद मृतक के पिता सोनेलाल, मां रन्नो देवी और भाइयों संतोष, बाबू, अमरलाल, लक्ष्मण तथा जगदीश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। एसएसआई कमलेश कुमार फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थानाध्यक्ष महेश दुबे ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
    user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव में प्रेम विवाह के महज चार माह बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जानकारी के अनुसार, मृतका मिंकू रानी का प्रेम विवाह 3 फरवरी 2026 को मदनपुर निवासी राजकुमार के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी द्वारा मिंकू रानी पर मायके से नकदी और घरेलू सामान लाने का लगातार दबाव बनाया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि परिवार प्रेम विवाह को लेकर नाराज था, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद होता रहता था। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि विवाहिता ने 19 जून को आत्महत्या की थी, हालांकि मामले की विस्तृत विवेचना अभी जारी है। सिकंदरा क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार को आरोपी पति राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
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    कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव में प्रेम विवाह के महज चार माह बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

जानकारी के अनुसार, मृतका मिंकू रानी का प्रेम विवाह 3 फरवरी 2026 को मदनपुर निवासी राजकुमार के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी द्वारा मिंकू रानी पर मायके से नकदी और घरेलू सामान लाने का लगातार दबाव बनाया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि परिवार प्रेम विवाह को लेकर नाराज था, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद होता रहता था।

मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि विवाहिता ने 19 जून को आत्महत्या की थी, हालांकि मामले की विस्तृत विवेचना अभी जारी है। सिकंदरा क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार को आरोपी पति राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
    user_Patrkar ekbal ahmad
    Patrkar ekbal ahmad
    Patrkar up voice news kanpur dehat सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
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