कानपुर देहात के झींझक कस्बे में संचालित कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों और डिजिटल लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए मंगलवार को प्रशासन ने एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान में एसडीएम डेरापुर शालिनी उत्तम, सीओ धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, अग्निशमन टीम, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी और निरीक्षक महेश दुबे की टीम ने कई संस्थानों का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें अग्निशमन व्यवस्था और आवश्यक अभिलेखों में कई खामियां मिलीं। जांच के दौरान, रेलबाजार स्थित सीएसजेएम कंप्यूटर एंड कौशल प्रशिक्षण केंद्र में पंजीकरण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, साथ ही अग्निशमन सिलेंडर निष्क्रिय पाए गए और आपात निकास मार्ग की व्यवस्था भी नहीं थी। इन गंभीर कमियों के चलते केंद्र को सीज कर दिया गया। वहीं, स्टेशन रोड पर स्थित एक अन्य प्रशिक्षण केंद्र में भी सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई, जिस पर अधिकारियों ने संचालकों को कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी। इसके अतिरिक्त, भोला नगर पाल कॉम्प्लेक्स स्थित एक डिजिटल लाइब्रेरी में पंजीकरण और फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिलने पर उसके संचालक को भी लाइब्रेरी बंद करने की चेतावनी दी गई। प्रशासन की इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही अन्य कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे संस्थानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
कानपुर देहात के झींझक कस्बे में संचालित कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों और डिजिटल लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए मंगलवार को प्रशासन ने एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान में एसडीएम डेरापुर शालिनी उत्तम, सीओ धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, अग्निशमन टीम, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी और निरीक्षक महेश दुबे की टीम ने कई संस्थानों का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें अग्निशमन व्यवस्था और आवश्यक अभिलेखों में कई खामियां मिलीं। जांच के दौरान, रेलबाजार स्थित सीएसजेएम कंप्यूटर एंड कौशल प्रशिक्षण केंद्र में पंजीकरण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, साथ ही अग्निशमन सिलेंडर निष्क्रिय पाए गए और आपात निकास मार्ग की व्यवस्था भी नहीं थी। इन गंभीर कमियों के चलते केंद्र को
सीज कर दिया गया। वहीं, स्टेशन रोड पर स्थित एक अन्य प्रशिक्षण केंद्र में भी सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई, जिस पर अधिकारियों ने संचालकों को कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी। इसके अतिरिक्त, भोला नगर पाल कॉम्प्लेक्स स्थित एक डिजिटल लाइब्रेरी में पंजीकरण और फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिलने पर उसके संचालक को भी लाइब्रेरी बंद करने की चेतावनी दी गई। प्रशासन की इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही अन्य कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे संस्थानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
- डेरापुर तहसील परिसर में शासन द्वारा लागू की गई ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और इस व्यवस्था को अधिवक्ताओं तथा आम जनता के हितों के प्रतिकूल बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई। तहसील परिसर में हुई बैठक के दौरान अधिवक्ताओं ने बताया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, जिसके कारण अधिवक्ताओं के साथ-साथ आम नागरिकों को भी अनेक व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अधिवक्ता समाज न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग है, और उनकी उपेक्षा करके लागू की गई किसी भी व्यवस्था का विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे आंदोलन को भी पूर्ण समर्थन देने का संकल्प लिया। इस अवसर पर अधिवक्ता परिषद के महामंत्री हरिशंकर संखवार, संतोष कुमार यादव, बउअन शर्मा, मनोज कुमार पाल, अरुण कुमार गुप्ता, गिरेंद्र सिंह गौर, शिव शंकर चतुर्वेदी, अमित तिवारी, संजय पाल, प्रशांत दीक्षित, अमर सिंह गौर, अजय यादव, मोहित पाल, राम मोहन अवस्थी, श्याम जी श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे। इस हड़ताल के चलते तहसील परिसर में न्यायिक एवं राजस्व कार्यों पर भी काफी प्रभाव देखने को मिला।1
- झींझक नगर के जूनियर स्कूल मैदान में मंगलवार रात हुई नाइट क्रिकेट प्रतियोगिता में इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर ने मंडी वॉरियर्स झींझक को 4 रन से हराकर शानदार जीत दर्ज की। इस रोमांचक मुकाबले में टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए इस्लामिया क्रिकेट क्लब लहरापुर की टीम ने निर्धारित 10 ओवर में 103 रनों का स्कोर खड़ा किया। लक्ष्य का पीछा करने उतरी मंडी वॉरियर्स झींझक की टीम लहरापुर के गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती दिखी और पूरी टीम 9 ओवर 2 गेंद में 99 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। लहरापुर की जीत में बल्लेबाज मोहित का अहम योगदान रहा, जिन्होंने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 39 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उन्हें उनके बेहतरीन प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। मुकाबले के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों में भी खासा उत्साह देखने को मिला। इस अवसर पर सुनील गुप्ता, दिव्यांशु, साहिल, रामजी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।2
- डेरापुर तहसील परिसर में ई-पंजीयन (ऑनलाइन रजिस्ट्री) व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ताओं की कलमबंद हड़ताल बुधवार को लगातार पांचवें दिन भी जारी रही। अधिवक्ता बुधवार सुबह 10 बजे से ही तहसील परिसर में एकजुट होना शुरू हो गए, जहाँ उन्होंने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज़ बुलंद की और ई-पंजीयन व्यवस्था को वापस लेने की अपनी मांग को दोहराया। तहसील परिसर में आयोजित एक बैठक के दौरान, अधिवक्ताओं ने तर्क दिया कि ई-पंजीयन व्यवस्था के निजीकरण से पारंपरिक पंजीयन प्रक्रिया पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि इस व्यवस्था से न केवल अधिवक्ताओं बल्कि आम नागरिकों को भी कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने यह भी स्पष्ट किया कि वे न्यायिक व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण अंग हैं और उनकी उपेक्षा कर लागू की गई किसी भी व्यवस्था का उनका विरोध जारी रहेगा। अधिवक्ताओं ने दृढ़ता से कहा कि जब तक शासन उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करके कोई उचित निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन और कलमबंद हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ ही, उन्होंने प्रदेश स्तर पर चल रहे इसी तरह के आंदोलन को भी अपना समर्थन देने का संकल्प लिया। अधिवक्ताओं ने सरकार से इस समस्या का समाधान वार्ता के माध्यम से निकालने और अधिवक्ता तथा आमजन दोनों के हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय लेने की अपील की।1
- कानपुर देहात में जिला प्रशासन द्वारा सिकंदरा-रसूलाबाद मार्ग पर सुबह 7 बजे से रात 10 बजे तक ओवरलोड एवं भारी वाहनों के संचालन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए सिकंदरा के बिरहाना ओवरब्रिज के पास ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को भी तैनात किया गया है। इसके बावजूद, बुधवार दोपहर करीब 12:30 बजे इसी मार्ग पर गिट्टी और बालू से लदे कई ओवरलोड डंपर गुजरते हुए दिखाई दिए, जिससे प्रशासनिक आदेशों की प्रभावी ढंग से अनदेखी उजागर हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित समय में भी भारी वाहनों की बेरोकटोक आवाजाही से सड़क हादसों का खतरा लगातार बना रहता है, साथ ही सड़कें भी तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही हैं। हैरानी की बात यह है कि पुलिस कर्मियों की तैनाती के बावजूद ऐसे वाहन बिना किसी रुकावट के गुजर रहे हैं, जिससे संबंधित विभागों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। क्षेत्रीय निवासियों ने प्रशासन से ‘नो एंट्री’ व्यवस्था का सख्ती से पालन कराने और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है। अब यह देखना होगा कि जिला प्रशासन के आदेशों का कड़ाई से पालन कब सुनिश्चित हो पाता है और ओवरलोड वाहनों पर प्रभावी अंकुश कब लगाया जाता है, क्योंकि संदलपुर क्षेत्र में प्रशासनिक आदेशों की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं।1
- लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर देहात प्रशासन एक्शन मोड में आ गया है। इसी कड़ी में, झींझक कस्बे में एसडीएम शालिनी उत्तम और सीओ धर्मेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में एक जांच अभियान चलाया गया, जिसके तहत दो अवैध लाइब्रेरी और आईटी सेंटर सीज कर दिए गए। जांच के दौरान यह सामने आया कि कई संस्थान बिना किसी वैध पंजीकरण के संचालित हो रहे थे, वहीं कुछ जगहों पर सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही थी। प्रशासन ने इन अनियमितताओं पर संज्ञान लेते हुए अन्य संस्थान संचालकों को नोटिस जारी किए हैं और उन्हें नियमों का पालन करने की कड़ी चेतावनी दी है। एसडीएम शालिनी उत्तम ने पुष्टि की है कि क्षेत्र में जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने साफ किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले सभी संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- लखनऊ में राष्ट्रीय हिंदू युवा संगठन द्वारा एक बड़ा सेवा अभियान चलाया गया है। यह अभियान राहुल खत्री के नेतृत्व में संचालित किया गया, जिसके तहत संगठन ने शरबत वितरण का कार्य किया।1
- कानपुर देहात के झींझक कस्बे में संचालित कंप्यूटर प्रशिक्षण केंद्रों और डिजिटल लाइब्रेरी की सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए मंगलवार को प्रशासन ने एक संयुक्त अभियान चलाया। इस अभियान में एसडीएम डेरापुर शालिनी उत्तम, सीओ धर्मेंद्र सिंह रघुवंशी, अग्निशमन टीम, खंड शिक्षा अधिकारी शैलेश द्विवेदी और निरीक्षक महेश दुबे की टीम ने कई संस्थानों का निरीक्षण किया, जहाँ उन्हें अग्निशमन व्यवस्था और आवश्यक अभिलेखों में कई खामियां मिलीं। जांच के दौरान, रेलबाजार स्थित सीएसजेएम कंप्यूटर एंड कौशल प्रशिक्षण केंद्र में पंजीकरण संबंधी दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, साथ ही अग्निशमन सिलेंडर निष्क्रिय पाए गए और आपात निकास मार्ग की व्यवस्था भी नहीं थी। इन गंभीर कमियों के चलते केंद्र को सीज कर दिया गया। वहीं, स्टेशन रोड पर स्थित एक अन्य प्रशिक्षण केंद्र में भी सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई, जिस पर अधिकारियों ने संचालकों को कमियां दूर करने और नियमों का पालन करने की सख्त चेतावनी दी। इसके अतिरिक्त, भोला नगर पाल कॉम्प्लेक्स स्थित एक डिजिटल लाइब्रेरी में पंजीकरण और फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिलने पर उसके संचालक को भी लाइब्रेरी बंद करने की चेतावनी दी गई। प्रशासन की इस कार्रवाई की जानकारी मिलते ही अन्य कोचिंग और लाइब्रेरी संचालकों में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे संस्थानों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।2
- कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र के मदनपुर गांव में प्रेम विवाह के महज चार माह बाद एक विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने का मामला सामने आया है। इस घटना के संबंध में पुलिस ने मृतका के पति को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। जानकारी के अनुसार, मृतका मिंकू रानी का प्रेम विवाह 3 फरवरी 2026 को मदनपुर निवासी राजकुमार के साथ हुआ था। आरोप है कि शादी के बाद पति राजकुमार, सास जयदेवी और ननद राखी द्वारा मिंकू रानी पर मायके से नकदी और घरेलू सामान लाने का लगातार दबाव बनाया जाता था। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ मारपीट और उत्पीड़न किया जाता था। पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि परिवार प्रेम विवाह को लेकर नाराज था, जिसके चलते घर में अक्सर विवाद होता रहता था। मृतका के भाई की तहरीर पर पुलिस ने पति, सास और ननद के खिलाफ दहेज उत्पीड़न समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि विवाहिता ने 19 जून को आत्महत्या की थी, हालांकि मामले की विस्तृत विवेचना अभी जारी है। सिकंदरा क्षेत्राधिकारी के निर्देशन में चल रही जांच के दौरान पुलिस ने मंगलवार को आरोपी पति राजकुमार को उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की विधिक कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।3