जौनपुर के मछलीशहर तहसील सभागार में उप-जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एडीओ कॉपरेटिव शिल्पा तिवारी चक्कर खाकर कुर्सी से गिरकर अचेत हो गईं। यह घटना फरियादियों की समस्याओं के सुचारु निराकरण के बीच हुई। उनकी बगल में बैठे एडीओ समाज कल्याण प्रदीप सिंह ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन वह जमीन पर गिर पड़ीं और अचेत हो गईं। इससे सभागार में हड़कंप मच गया, जिसके बाद उप-जिलाधिकारी ने स्थिति को संभाला। समाधान दिवस में मौजूद सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह ने तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछलीशहर ले जाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर उपचार के बाद उनकी स्थिति नियंत्रण में आ गई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। डॉ. अजय सिंह ने बताया कि शिल्पा तिवारी डिप्रेशन की दवा लेती हैं और उस दिन दवा नहीं खाई थी, जिसके कारण ऐसी घटना घटी। स्थिति सामान्य होने के बाद, उपस्थित अधिकारियों सहित सभी लोगों ने राहत महसूस की और समाधान दिवस का कार्य पुनः प्रारंभ कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
जौनपुर के मछलीशहर तहसील सभागार में उप-जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एडीओ कॉपरेटिव शिल्पा तिवारी चक्कर खाकर कुर्सी से गिरकर अचेत हो गईं। यह घटना फरियादियों की समस्याओं के सुचारु निराकरण के बीच हुई। उनकी बगल में बैठे एडीओ समाज कल्याण प्रदीप सिंह ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन वह जमीन पर गिर पड़ीं और अचेत हो गईं। इससे सभागार में हड़कंप मच गया, जिसके बाद उप-जिलाधिकारी ने स्थिति को संभाला। समाधान दिवस में मौजूद सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह ने तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछलीशहर ले जाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर उपचार के बाद उनकी स्थिति नियंत्रण में आ गई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। डॉ. अजय सिंह ने बताया कि शिल्पा तिवारी डिप्रेशन की दवा लेती हैं और उस दिन दवा नहीं खाई थी, जिसके कारण ऐसी घटना घटी। स्थिति सामान्य होने के बाद, उपस्थित अधिकारियों सहित सभी लोगों ने राहत महसूस की और समाधान दिवस का कार्य पुनः प्रारंभ कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं।
- उत्तर प्रदेश में एक नया नियम लागू किया गया है, जिसके तहत अब जमीन पर किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करने के लिए सक्षम अधिकारी से लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इस नियम के अनुसार, आपकी जमीन चाहे जैसी भी हो, जब तक कोई सक्षम अधिकारी लिखित अनुमति नहीं देगा, तब तक आप अपनी जमीन में किसी भी प्रकार का निर्माण नहीं कर सकते। इस मामले का संबंध सिकरारा थाना क्षेत्र के ग्राम मनसिल निवासी राजेश गुप्ता से है।1
- पुरवा उसराव डौंडि में हुई बारिश से क्षेत्र में बहुत अच्छा महसूस हुआ है। इस बारिश के कारण अब खेतों की जुताई का काम शुरू किया जा सकेगा, जिससे कृषि संबंधी गतिविधियों को गति मिलेगी।1
- जौनपुर जिले के काफरपुर गांव में पिछले लगभग 30 सालों से सड़क का निर्माण नहीं हुआ है, जिससे ग्रामीणों को आने-जाने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने सड़क बनवाने की गुहार के साथ प्रधान से संपर्क किया, लेकिन प्रधान ने कथित तौर पर यह कहते हुए उनकी बात नहीं सुनी कि वह उनके गांव की सड़क नहीं बनवा पाएंगी और ग्रामीणों को "जो करना है कर लो"। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव में सड़क का निर्माण अंतिम बार करीब तीन दशक पहले हुआ था, और उसके बाद से आज तक कोई दोबारा निर्माण कार्य नहीं किया गया है। यह बदहाल सड़क पटहना पोस्ट के अंतर्गत काफरपुर गांव में स्थित है, और ग्रामीण जल्द से जल्द इसके निर्माण की मांग कर रहे हैं।2
- बताया गया है कि बीवी का डर इतना प्रबल होता है कि अच्छे-अच्छे शक्तिशाली लोग भी इसके आगे विफल हो जाते हैं। इस डर के सामने बड़े-बड़े पहलवान भी अपनी ताकत खो देते हैं और हार मान लेते हैं।1
- भदोही में कथित विकास के दावों की सच्चाई पहली ही बारिश में सामने आ गई है। यह स्थिति शहर में विकास कार्यों की पोल खोल रही है, जहाँ बरसात का पहला दौर आते ही विकास के सारे वायदे धुल गए हैं।1
- उत्तर प्रदेश के मछली शहर तहसील अंतर्गत सिकरारा थाना क्षेत्र में एक गरीब परिवार अपनी पट्टे की जमीन पर मकान का निर्माण कर रहा है, जो पहले से एक बाउंड्री वॉल के भीतर है। आरोप है कि पड़ोसी बार-बार 112 पुलिस को बुलाकर इस निर्माण कार्य को रुकवा रहे हैं। एक वीडियो में 112 के पुलिसकर्मी पीड़ित परिवार से स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि वे किसी सक्षम अधिकारी से आदेश लेकर आएं, तभी निर्माण कार्य करें। इस स्थिति से पीड़ित परिवार बेहद परेशान है, और इसे 112 पुलिस का 'कारनामा' बताया जा रहा है।1
- जौनपुर के मछलीशहर तहसील सभागार में उप-जिलाधिकारी अजय कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एडीओ कॉपरेटिव शिल्पा तिवारी चक्कर खाकर कुर्सी से गिरकर अचेत हो गईं। यह घटना फरियादियों की समस्याओं के सुचारु निराकरण के बीच हुई। उनकी बगल में बैठे एडीओ समाज कल्याण प्रदीप सिंह ने उन्हें संभालने का प्रयास किया, लेकिन वह जमीन पर गिर पड़ीं और अचेत हो गईं। इससे सभागार में हड़कंप मच गया, जिसके बाद उप-जिलाधिकारी ने स्थिति को संभाला। समाधान दिवस में मौजूद सीएचसी अधीक्षक डॉ. अजय कुमार सिंह ने तुरंत प्राथमिक उपचार दिया और बेहतर इलाज के लिए उन्हें एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मछलीशहर ले जाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेहतर उपचार के बाद उनकी स्थिति नियंत्रण में आ गई, जिससे सभी ने राहत की सांस ली। डॉ. अजय सिंह ने बताया कि शिल्पा तिवारी डिप्रेशन की दवा लेती हैं और उस दिन दवा नहीं खाई थी, जिसके कारण ऐसी घटना घटी। स्थिति सामान्य होने के बाद, उपस्थित अधिकारियों सहित सभी लोगों ने राहत महसूस की और समाधान दिवस का कार्य पुनः प्रारंभ कर फरियादियों की समस्याएं सुनीं।1