भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढूनी ने 25 मई को बिसौली स्थित विद्युत वितरण खंड तृतीय कार्यालय पर एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष रजनेश उपाध्याय के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने बिजली प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली की आपूर्ति न होने के कारण हजारों बीघा मक्के की फसल बर्बाद हो गई है। इस दौरान भाकियू चढूनी के जिला अध्यक्ष सतीश साहू ने अपने संबोधन में कहा कि शासन के आदेशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे और शहरी क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति होनी चाहिए, लेकिन बिसौली क्षेत्र में इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे खड़ी फसलें सूख रही हैं। उन्होंने मांग की कि इस लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार हो, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए। किसानों ने बिसौली एसडीओ को एक चार-सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें नोली हरनाथपुर फीडर पर तैनात लाइनमैन जुगदेश यादव और भारत यादव पर गंभीर आरोप लगाए गए। किसानों का कहना है कि ये दोनों लाइनमैन पैसे लेकर बेहटरा और जुलहपुरा की बिजली लाइनें काट देते हैं, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। किसानों ने इन दोनों लाइनमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन में किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजे की व्यवस्था करने, क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने हेतु मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से तत्काल पत्राचार करने की मांग भी की गई। भाकियू चढूनी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी किसान हितैषी और जनहित की मांगों को अनदेखा किया गया, तो संगठन बिसौली बिजली घर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को विवश होगा। इस अवसर पर रहीस अहमद, यादवेंद्र यादव, बब्बू खां, इरशाद खां, मोहब्बे, नूरुद्दीन, शरीफ अब्बासी, शिवम पंडित, मुमताज़ खान और भूपेंद्र पाठक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढूनी ने 25 मई को बिसौली स्थित विद्युत वितरण खंड तृतीय कार्यालय पर एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष रजनेश उपाध्याय के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने बिजली प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली की आपूर्ति न होने के कारण हजारों बीघा मक्के की फसल बर्बाद हो गई है। इस दौरान भाकियू चढूनी के जिला अध्यक्ष सतीश साहू ने अपने संबोधन में कहा कि शासन के आदेशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे और शहरी क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति होनी चाहिए, लेकिन बिसौली क्षेत्र में इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे खड़ी फसलें सूख रही हैं। उन्होंने मांग की कि इस लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार हो, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए। किसानों ने बिसौली एसडीओ को एक चार-सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें नोली हरनाथपुर फीडर पर तैनात लाइनमैन जुगदेश यादव और भारत यादव पर गंभीर आरोप लगाए गए। किसानों का कहना है कि ये दोनों लाइनमैन पैसे लेकर बेहटरा और जुलहपुरा की बिजली लाइनें काट देते हैं, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। किसानों ने इन दोनों लाइनमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन में किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजे की व्यवस्था करने, क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने हेतु मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से तत्काल पत्राचार करने की मांग भी की गई। भाकियू चढूनी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी किसान हितैषी और जनहित की मांगों को अनदेखा किया गया, तो संगठन बिसौली बिजली घर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को विवश होगा। इस अवसर पर रहीस अहमद, यादवेंद्र यादव, बब्बू खां, इरशाद खां, मोहब्बे, नूरुद्दीन, शरीफ अब्बासी, शिवम पंडित, मुमताज़ खान और भूपेंद्र पाठक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
- भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) चढूनी ने 25 मई को बिसौली स्थित विद्युत वितरण खंड तृतीय कार्यालय पर एक दिवसीय विशाल धरना प्रदर्शन किया। तहसील अध्यक्ष रजनेश उपाध्याय के नेतृत्व में सैकड़ों किसानों ने बिजली प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया। किसानों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से बिजली की आपूर्ति न होने के कारण हजारों बीघा मक्के की फसल बर्बाद हो गई है। इस दौरान भाकियू चढूनी के जिला अध्यक्ष सतीश साहू ने अपने संबोधन में कहा कि शासन के आदेशानुसार ग्रामीण क्षेत्रों को 18 घंटे और शहरी क्षेत्रों को 24 घंटे बिजली आपूर्ति होनी चाहिए, लेकिन बिसौली क्षेत्र में इन आदेशों का पालन नहीं किया जा रहा है, जिससे खड़ी फसलें सूख रही हैं। उन्होंने मांग की कि इस लापरवाही के लिए जो भी जिम्मेदार हो, उस पर कानूनी कार्रवाई की जाए। किसानों ने बिसौली एसडीओ को एक चार-सूत्रीय ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें नोली हरनाथपुर फीडर पर तैनात लाइनमैन जुगदेश यादव और भारत यादव पर गंभीर आरोप लगाए गए। किसानों का कहना है कि ये दोनों लाइनमैन पैसे लेकर बेहटरा और जुलहपुरा की बिजली लाइनें काट देते हैं, जिससे फसलों को नुकसान हुआ। किसानों ने इन दोनों लाइनमैन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन में किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर मुआवजे की व्यवस्था करने, क्षेत्र में लगे ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने हेतु मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड से तत्काल पत्राचार करने की मांग भी की गई। भाकियू चढूनी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी किसान हितैषी और जनहित की मांगों को अनदेखा किया गया, तो संगठन बिसौली बिजली घर पर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन करने को विवश होगा। इस अवसर पर रहीस अहमद, यादवेंद्र यादव, बब्बू खां, इरशाद खां, मोहब्बे, नूरुद्दीन, शरीफ अब्बासी, शिवम पंडित, मुमताज़ खान और भूपेंद्र पाठक सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।1
- बदायूं के कछला और अटेना गंगा घाट पर दशहरे के स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है, जहाँ गंगा नदी में 10 लोग डूब गए। इस घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और यह दशहरे का स्नान मौत का मंजर बन गया। इस दुखद हादसे में अब तक 2 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 2 अन्य लोगों की तलाश अभी भी जारी है। राहत की बात यह है कि कई लोगों को गोताखोरों ने सुरक्षित बचा लिया है। घटना की सूचना मिलते ही जिला अधिकारी अवनीश राय और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा तुरंत मौके पर पहुँच गए हैं, और उनकी निगरानी में बड़े पैमाने पर राहत-बचाव अभियान लगातार जारी है।1
- बदायूं के उझानी कोतवाली क्षेत्र के कादरचौक एवं बमनौसी हाईवे पर किसान अपने खेतों से लाई गई मक्का की फसल सुखा रहे हैं। इस वजह से दोपहिया वाहनों से लेकर बड़े वाहनों तक का आवागमन पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। इसके साथ ही, सड़क पर सूख रही मक्का से फिसलकर लोग चुटैल भी हो रहे हैं। आरोप है कि प्रशासन यह सब जानते हुए भी अनजान बना हुआ है और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है। कांग्रेस पार्टी के नेता सत्यवीर सिंह यादव ने इस स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हर साल सड़कों पर सूख रही मक्का के कारण लोग फिसलकर गंभीर रूप से घायल हो जाते हैं, जबकि प्रशासन मौनी बाबा की तरह तमाशा देखता रहता है। श्री यादव ने जिलाधिकारी से मांग की है कि सड़कों पर मक्का सुखाने वाले किसानों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की जाए, ताकि आवागमन प्रभावित न हो और राहगीर फिसलकर चुटैल होने से बच सकें।1
- बदायूँ जिले के हरी नगला बावत ललई गांव में स्थित प्रसिद्ध मजार पर आयोजित कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो गया है। यह मजार हिंदू और मुस्लिम दोनों की आस्था को दर्शाती है, और आज यह मेले का कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में आयोजित हुआ।1
- बिहार से एक हैरान करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिसकर्मियों पर एक एम्बुलेंस चालक को रोकने, उससे बदसलूकी करने और अवैध रूप से जुर्माना मांगने के गंभीर आरोप लगे हैं। घटना के समय एम्बुलेंस में एक मरीज भी मौजूद था, लेकिन इसके बावजूद वाहन को रोका गया और बहस की स्थिति पैदा हो गई। वीडियो में साफ दिखाई देता है कि एम्बुलेंस चालक बार-बार यह कह रहा है कि उसकी कोई गलती नहीं है, बल्कि गलती पुलिस की तरफ से हुई है। इस पर एक पुलिसकर्मी कथित तौर पर गुस्सा होकर ड्राइवर को धमकाने और मारपीट करने के लिए उसकी तरफ दौड़ता नजर आता है। आरोप है कि बिना किसी ठोस वजह के जुर्माना वसूलने की कोशिश की जा रही थी। इस घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या अब आपातकालीन सेवाओं को भी इसी तरह रोका जाएगा और क्या हमेशा आम आदमी को ही निशाना बनाया जाएगा। यह वीडियो इंटरनेट पर तेजी से फैल रहा है और लोग पुलिस के इस रवैये पर अपनी कड़ी नाराजगी जता रहे हैं। फिलहाल, इस मामले में आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है।1
- बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बकरीद पर्व को शांतिपूर्वक मनाने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी खुले स्थान पर जानवरों की कुर्बानी न दी जाए और जिन पशुओं पर प्रतिबंध है, उनकी कुर्बानी से बचें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस को किसी भी जगह पर प्रतिबंधित जानवर की कुर्बानी दिए जाने की जानकारी मिलती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से ऐसी कार्रवाई से बचने और त्योहार को शांति व सौहार्द के साथ मनाने का आग्रह किया।1
- बदायूँ जिले में केंद्रीय राज्य मंत्री के अपने ही गाँव में यूरिया खाद खुलेआम ₹400 प्रति बोरी के हिसाब से बेची जा रही है। यह मामला सीधे मंत्री के गाँव से जुड़ा है, जहाँ यूरिया खाद की यह बिक्री ₹400 प्रति बोरी की दर पर खुलेआम हो रही है।1
- उत्तर प्रदेश के Budaun स्थित गांधी नेत्र चिकित्सालय के मुख्य द्वार पर भारत स्काउट गाइड संस्था द्वारा आयोजित निशुल्क जल सेवा शिविर के 25वें दिन राहगीरों और यात्रियों को शीतल जल और शरबत वितरित किया गया। तपती धूप और गर्म हवाओं के बीच शरबत पाकर लोगों ने काफी राहत महसूस की और स्काउट-गाइड के सेवा कार्यों की जमकर सराहना की। इस शरबत वितरण कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका चेयरमैन फात्मा रजा ने फीता काटकर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भीषण गर्मी में प्यासे लोगों को शीतल जल और शरबत पिलाना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है। फात्मा रजा ने स्काउट-गाइड संस्था की प्रशंसा करते हुए कहा कि यह संगठन समाजसेवा के माध्यम से लगातार मानवता का संदेश दे रहा है, जो अन्य संगठनों के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने युवाओं से समाज सेवा कर देश का गौरव बनने का आह्वान भी किया। इस अवसर पर स्काउट संस्था के प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्क्त महेश चंद्र सक्सेना ने सेवा, अनुशासन और समर्पण को स्काउट-गाइड की पहचान बताया। उन्होंने यह भी कहा कि निस्वार्थ सेवा से बच्चे देशभक्त और क्रांतिकारी बनते हैं। राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान प्राप्त जिला संगठन कमिश्नर मोहम्मद असरार ने बच्चों को चुनौतियों को स्वीकारने और राष्ट्र के लिए उपयोगी बनने की प्रेरणा दी। पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने जानकारी दी कि आज, 26 मई को भी शरबत वितरण जारी रहेगा, जबकि 27 मई को पिछले एक माह से लगातार जल सेवा में जुटे स्काउट-गाइड को सम्मानित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में जिला सचिव आलोक कुमार पाठक, राष्ट्रपति शिक्षक सम्मान प्राप्त कुंवरसेन, कमलेश ज्ञानी, नंदराम शाक्य, अवधेश सक्सेना, मधुरिमा रस्तोगी, फरदीन अहमद, हिमांशु कश्यप, सचिन यादव, शुभम यादव, अमोली सक्सेना, उर्मी मौर्य, यष्टि सक्सेना, आकांक्षा साहू, सिद्धि गुप्ता, सचिन पाल, रुचित बाबू और प्रेम सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति व स्काउट-गाइड के सदस्य मौजूद रहे।1