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puneet superstar ka bna diya morning,masoom sharma ko de Raha tha galiyan

5 hrs ago
user_Dehradun City News
Dehradun City News
News Anchor विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
5 hrs ago

puneet superstar ka bna diya morning,masoom sharma ko de Raha tha galiyan

More news from उत्तराखंड and nearby areas
  • 14 मार्च को हुई हंगामे की घटना के बाद से पुलिस मामले की जांच कर रही है शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है। उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया और आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग ने 14 मार्च को एक मरीज (श्री लाखन) की मौत के मामले की जांच के लिए एक विशेष पैनल (कमेटी) का गठन कर दिया है। 19 मार्च को भीम आर्मी एवं अन्य संगठनों ने इस मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया तथा जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा।
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    14 मार्च को हुई हंगामे की घटना के बाद से पुलिस मामले की जांच कर रही है  शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है।
उपजिलाधिकारी जितेंद्र कुमार ने प्रदर्शनकारियों से ज्ञापन प्राप्त किया और आश्वासन दिया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर अस्पताल के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने 14 मार्च को एक मरीज (श्री लाखन) की मौत के मामले की जांच के लिए एक विशेष पैनल (कमेटी) का गठन कर दिया है।
19 मार्च को भीम आर्मी एवं अन्य संगठनों ने इस मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया तथा जिलाधिकारी के नाम ज्ञापन सौंपा।
    user_Rajkumar mehra press reporter
    Rajkumar mehra press reporter
    Real Estate Agent विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    17 hrs ago
  • बद्रीनाथ/उत्तराखंड। राज्य में जहां आज मौसम बेहद खराब है तो वही कल शाम से रुकरुक कर बारिश हो रही है। राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से एक बार फिर ठंड लोट आई हैं। मौसम विभाग की माने तो अभी एक दो दिन मासूम मानसून वाला बना रहेगा।
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    बद्रीनाथ/उत्तराखंड।
राज्य में जहां आज मौसम बेहद खराब है तो वही कल शाम से रुकरुक कर बारिश हो रही है। राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी होने से एक बार फिर ठंड लोट आई हैं।
मौसम विभाग की माने तो अभी एक दो दिन मासूम मानसून वाला बना रहेगा।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
  • Post by Dpk Chauhan
    1
    Post by Dpk Chauhan
    user_Dpk Chauhan
    Dpk Chauhan
    Farmer हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    3 hrs ago
  • हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जिला कारागार रोशनाबाद में श्री अखंड परशुराम अखाड़ा द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य आयोजन हरिद्वार, संवाददाता | स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़ धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में इस बार हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर एक ऐसा आध्यात्मिक आयोजन हुआ जिसने कारागार की कठोर दीवारों के भीतर भी भक्ति, आत्मचिंतन और सुधार की नई रोशनी जगा दी। श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के तत्वावधान में जिला कारागार रोशनाबाद हरिद्वार में सर्वजन कल्याण की भावना से श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कथा के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कैदियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को भागवत की अमृतमयी कथा का श्रवण कराया। राजा परीक्षित और कलयुग की कथा से दिया धर्म का संदेश कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि सर्वप्रथम सप्ताह कथा का आयोजन शुक्रताल में हुआ था, जहां सुखदेव मुनि ने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराया था। उन्होंने विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जब राजा परीक्षित को यह ज्ञात हुआ कि पृथ्वी पर कलयुग का आगमन हो चुका है, तब वे स्वयं कलयुग को खोजते हुए गंगा तट तक पहुंचे। वहां उनकी भेंट कलयुग से हुई। राजा परीक्षित ने उसे पृथ्वी से चले जाने का आदेश दिया, लेकिन कलयुग ने निवेदन किया कि जैसे सतयुग, त्रेता और द्वापर को स्थान मिला, वैसे ही उसे भी रहने के लिए स्थान दिया जाए। तब राजा परीक्षित ने चार स्थानों— जहां जुआ खेला जाता हो, जहां निर्दोष पशुओं की हत्या होती हो, जहां मद्यपान होता हो, और जहां पराई स्त्री के साथ दुर्व्यवहार होता हो— वहीं कलयुग को निवास करने की अनुमति दी। परंतु कलयुग ने पुनः निवेदन किया कि राजा के भय से उनके राज्य में ये चारों अधर्म नहीं होते। तब राजा परीक्षित ने उसे स्वर्ण में वास करने की अनुमति दी। कथा के अनुसार, अधर्म से बने जरासंध के स्वर्ण मुकुट को धारण करते ही उसी मुकुट में कलयुग का प्रवेश हो गया और वहीं से अधर्म का प्रभाव आरंभ हुआ। श्राप, पश्चाताप और भागवत कथा का महात्म्य कथा के दौरान शास्त्री जी ने बताया कि एक बार शिकार के दौरान प्यास और थकान से व्याकुल राजा परीक्षित ने ऋषि समिक मुनि के गले में मृत सर्प डाल दिया। यह अपमान देखकर उनके पुत्र श्रृंगी ऋषि ने क्रोधित होकर राजा परीक्षित को श्राप दिया कि सातवें दिन तक्षक नाग के दंश से उनकी मृत्यु हो जाएगी। जब राजा परीक्षित को इस श्राप का ज्ञान हुआ तो उन्होंने अपने पुत्र जनमेजय को राजगद्दी सौंप दी और गंगा तट स्थित शुक्रताल पहुंचकर जीवन के अंतिम सात दिनों में आत्मकल्याण का मार्ग चुना। वहीं वेदव्यास जी के पुत्र सुखदेव जी का आगमन हुआ और उन्होंने सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का अमृत सुनाया। कथा श्रवण के पश्चात राजा परीक्षित को परम पद की प्राप्ति हुई और वे भगवान विष्णु के वैकुंठ धाम के अधिकारी बन गए। भागवत कथा: आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग कथा व्यास ने कहा कि तभी से अपने जीवन का कल्याण चाहने वाले भक्त भागवत सप्ताह का आयोजन करते हैं। श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, वैराग्य और परमात्मा से जुड़ने का दिव्य माध्यम है, जो मनुष्य को अंततः भगवत धाम का अधिकारी बनाता है। कैदियों के जीवन में सुधार की पहल इस अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि समाज के प्रत्येक समर्थ व्यक्ति को संकल्प लेकर समय-समय पर कारागारों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। इससे बंदियों के मन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और वे अपने जीवन की गलतियों को सुधारने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि यदि कैदियों के भीतर आध्यात्मिक चेतना जागृत हो जाए तो वे समाज में लौटकर एक नया और बेहतर जीवन जी सकते हैं। जेल प्रशासन ने जताया आभार जिला कारागार के अधीक्षक मनोज आर्य ने श्री अखंड परशुराम अखाड़ा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अखाड़े द्वारा समय-समय पर कारागार में इस प्रकार के आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे। भागवत पूजन के साथ सम्पन्न हुआ कार्यक्रम कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी जलज कौशिक द्वारा विधिवत श्रीमद् भागवत का पूजन किया गया। इस अवसर पर पंडित सतीश तिवारी, पंडित सचिन पैन्यूली, पंडित आदित्य जागुड़ी, बलविंदर चौधरी, कुलदीप शर्मा, मनोज ठाकुर, बृजमोहन शर्मा, संजू अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर भागवत पूजन सम्पन्न कराया। कारागार में भक्ति का संदेश कारागार जैसी जगह, जहां आमतौर पर अपराध और दंड की कहानियां लिखी जाती हैं, वहीं श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से पश्चाताप, आत्मशुद्धि और मोक्ष की नई कहानी लिखी जा रही है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब धर्म का दीपक जलता है तो उसकी रोशनी सबसे अंधेरी जगहों तक भी पहुंच जाती है। — स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़
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    हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर जिला कारागार रोशनाबाद में श्री अखंड परशुराम अखाड़ा द्वारा श्रीमद् भागवत कथा का दिव्य आयोजन
हरिद्वार, संवाददाता | स्वतंत्र पत्रकार रामेश्वर गौड़
धर्म की राजधानी कही जाने वाली तीर्थ नगरी हरिद्वार में इस बार हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर एक ऐसा आध्यात्मिक आयोजन हुआ जिसने कारागार की कठोर दीवारों के भीतर भी भक्ति, आत्मचिंतन और सुधार की नई रोशनी जगा दी।
श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के तत्वावधान में जिला कारागार रोशनाबाद हरिद्वार में सर्वजन कल्याण की भावना से श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है। कथा के द्वितीय दिवस पर कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने कैदियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को भागवत की अमृतमयी कथा का श्रवण कराया।
राजा परीक्षित और कलयुग की कथा से दिया धर्म का संदेश
कथा व्यास पंडित पवन कृष्ण शास्त्री ने बताया कि सर्वप्रथम सप्ताह कथा का आयोजन शुक्रताल में हुआ था, जहां सुखदेव मुनि ने राजा परीक्षित को सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण कराया था।
उन्होंने विस्तार से वर्णन करते हुए बताया कि जब राजा परीक्षित को यह ज्ञात हुआ कि पृथ्वी पर कलयुग का आगमन हो चुका है, तब वे स्वयं कलयुग को खोजते हुए गंगा तट तक पहुंचे। वहां उनकी भेंट कलयुग से हुई। राजा परीक्षित ने उसे पृथ्वी से चले जाने का आदेश दिया, लेकिन कलयुग ने निवेदन किया कि जैसे सतयुग, त्रेता और द्वापर को स्थान मिला, वैसे ही उसे भी रहने के लिए स्थान दिया जाए।
तब राजा परीक्षित ने चार स्थानों—
जहां जुआ खेला जाता हो,
जहां निर्दोष पशुओं की हत्या होती हो,
जहां मद्यपान होता हो,
और जहां पराई स्त्री के साथ दुर्व्यवहार होता हो—
वहीं कलयुग को निवास करने की अनुमति दी।
परंतु कलयुग ने पुनः निवेदन किया कि राजा के भय से उनके राज्य में ये चारों अधर्म नहीं होते। तब राजा परीक्षित ने उसे स्वर्ण में वास करने की अनुमति दी। कथा के अनुसार, अधर्म से बने जरासंध के स्वर्ण मुकुट को धारण करते ही उसी मुकुट में कलयुग का प्रवेश हो गया और वहीं से अधर्म का प्रभाव आरंभ हुआ।
श्राप, पश्चाताप और भागवत कथा का महात्म्य
कथा के दौरान शास्त्री जी ने बताया कि एक बार शिकार के दौरान प्यास और थकान से व्याकुल राजा परीक्षित ने ऋषि समिक मुनि के गले में मृत सर्प डाल दिया। यह अपमान देखकर उनके पुत्र श्रृंगी ऋषि ने क्रोधित होकर राजा परीक्षित को श्राप दिया कि सातवें दिन तक्षक नाग के दंश से उनकी मृत्यु हो जाएगी।
जब राजा परीक्षित को इस श्राप का ज्ञान हुआ तो उन्होंने अपने पुत्र जनमेजय को राजगद्दी सौंप दी और गंगा तट स्थित शुक्रताल पहुंचकर जीवन के अंतिम सात दिनों में आत्मकल्याण का मार्ग चुना। वहीं वेदव्यास जी के पुत्र सुखदेव जी का आगमन हुआ और उन्होंने सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा का अमृत सुनाया। कथा श्रवण के पश्चात राजा परीक्षित को परम पद की प्राप्ति हुई और वे भगवान विष्णु के वैकुंठ धाम के अधिकारी बन गए।
भागवत कथा: आत्मशुद्धि और मोक्ष का मार्ग
कथा व्यास ने कहा कि तभी से अपने जीवन का कल्याण चाहने वाले भक्त भागवत सप्ताह का आयोजन करते हैं। श्रीमद् भागवत कथा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि आत्मशुद्धि, वैराग्य और परमात्मा से जुड़ने का दिव्य माध्यम है, जो मनुष्य को अंततः भगवत धाम का अधिकारी बनाता है।
कैदियों के जीवन में सुधार की पहल
इस अवसर पर श्री अखंड परशुराम अखाड़ा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित अधीर कौशिक ने कहा कि समाज के प्रत्येक समर्थ व्यक्ति को संकल्प लेकर समय-समय पर कारागारों में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने चाहिए। इससे बंदियों के मन में सकारात्मक परिवर्तन आता है और वे अपने जीवन की गलतियों को सुधारने की प्रेरणा प्राप्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि यदि कैदियों के भीतर आध्यात्मिक चेतना जागृत हो जाए तो वे समाज में लौटकर एक नया और बेहतर जीवन जी सकते हैं।
जेल प्रशासन ने जताया आभार
जिला कारागार के अधीक्षक मनोज आर्य ने श्री अखंड परशुराम अखाड़ा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अखाड़े द्वारा समय-समय पर कारागार में इस प्रकार के आध्यात्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं, जिससे कैदियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलता है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर होते रहेंगे।
भागवत पूजन के साथ सम्पन्न हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के दौरान समाजसेवी जलज कौशिक द्वारा विधिवत श्रीमद् भागवत का पूजन किया गया। इस अवसर पर पंडित सतीश तिवारी, पंडित सचिन पैन्यूली, पंडित आदित्य जागुड़ी, बलविंदर चौधरी, कुलदीप शर्मा, मनोज ठाकुर, बृजमोहन शर्मा, संजू अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर भागवत पूजन सम्पन्न कराया।
कारागार में भक्ति का संदेश
कारागार जैसी जगह, जहां आमतौर पर अपराध और दंड की कहानियां लिखी जाती हैं, वहीं श्रीमद् भागवत कथा के माध्यम से पश्चाताप, आत्मशुद्धि और मोक्ष की नई कहानी लिखी जा रही है। यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि जब धर्म का दीपक जलता है तो उसकी रोशनी सबसे अंधेरी जगहों तक भी पहुंच जाती है।
— स्वतंत्र पत्रकार
रामेश्वर गौड़
    user_रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    रामेश्वर गौड़ स्वतंत्र पत्रकार
    हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    6 hrs ago
  • Post by A Bharat News 10
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    Post by A Bharat News 10
    user_A Bharat News 10
    A Bharat News 10
    Local News Reporter हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    7 hrs ago
  • देहरादून से मंत्री पद की शपथ लेकर हरिद्वार लौटने के बाद हरिद्वार विधायक मदन कौशिक का समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया।इस दौरान उनके कार्यालय पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। रानीपुर विधायक आदेश चौहान व नगर मेयर किरण जैसल ने भी उन्हें बधाई दी।इस मौके पर मदन कौशिक ने कहा उनपर जो भरोसा जताया गया है उसपर वह खरे उतरेंगे, उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का कार्यकाल काफी कम रह गया है लेकिन वह इस समय का सदुपयोग करते हुए जनता और सरकार के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की प्रस्तावित योजनाओं से किसी को नुक्सान न हो इसका ध्यान रखा जाएगा साथ ही शासन की भावना के अनुरूप कुंभ को भव्य और दिव्य बनाया जाएगा।उधर भाजपा प्रदेश सह प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि मदन कौशिक के मंत्री बनने से हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र में लंबित परियोजनाओं और स्थानीय योजनाओं को नई दिशा मिलेगी। (-कुमार दुष्यंत)
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    देहरादून से मंत्री पद की शपथ लेकर हरिद्वार लौटने के बाद हरिद्वार विधायक मदन कौशिक का समर्थकों ने जोरदार स्वागत किया।इस दौरान उनके कार्यालय पर बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। रानीपुर विधायक आदेश चौहान व नगर मेयर किरण जैसल ने भी उन्हें बधाई दी।इस मौके पर मदन कौशिक ने कहा उनपर जो भरोसा जताया गया है उसपर वह खरे उतरेंगे, उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार का कार्यकाल काफी कम रह गया है लेकिन वह इस समय का सदुपयोग करते हुए जनता और सरकार के लिए काम करेंगे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार की प्रस्तावित योजनाओं से किसी को नुक्सान न हो इसका ध्यान रखा जाएगा साथ ही शासन की भावना के अनुरूप कुंभ को भव्य और दिव्य बनाया जाएगा।उधर भाजपा प्रदेश सह प्रवक्ता विकास तिवारी ने कहा कि
मदन कौशिक के मंत्री बनने से हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र में लंबित परियोजनाओं और स्थानीय योजनाओं को नई दिशा मिलेगी।
(-कुमार दुष्यंत)
    user_लोकल न्यूज़ हरिद्वार  शहर की खबर शहर को खबर
    लोकल न्यूज़ हरिद्वार शहर की खबर शहर को खबर
    Journalist हरिद्वार, हरिद्वार, उत्तराखंड•
    9 hrs ago
  • Post by Dehradun City News
    1
    Post by Dehradun City News
    user_Dehradun City News
    Dehradun City News
    News Anchor विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    17 hrs ago
  • Post by Rajkumar mehra press reporter
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    Post by Rajkumar mehra press reporter
    user_Rajkumar mehra press reporter
    Rajkumar mehra press reporter
    Real Estate Agent विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    18 hrs ago
  • उत्तराखंड सरकार का कैबिनेट विस्तार हुआ। देहरादून/उत्तराखंड से बड़ी खबर_ लंबे समय बाद आखिकार उत्तराखंड की धामी सरकार का केबिनेट विस्तार हो ही गया। शुक्रवार को लोक भवन में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राज्य के 5 विधायकों को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि राज्य के विकास में हम सब मिलकर काम करेंगे। क्षेत्रीय व जातीय समीकरण के बीच संतुलन बनाते हुए पांच नए मंत्रियों को धामी कैबिनेट में एंट्री मिली है। लोकभवन में राज्यपाल ने विधायक खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा को मंत्रिपद की शपथ दिलाई। कैबिनेट में जगह पाने वाले विधायक हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और देहरादून से हैं।।
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    उत्तराखंड सरकार का कैबिनेट विस्तार हुआ।
देहरादून/उत्तराखंड से बड़ी खबर_
लंबे समय बाद आखिकार उत्तराखंड की धामी सरकार का केबिनेट विस्तार हो ही गया।
शुक्रवार को लोक भवन में राज्यपाल गुरमीत सिंह ने राज्य के 5 विधायकों को कैबिनेट मंत्री पद की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि राज्य के विकास में हम सब मिलकर काम करेंगे।
क्षेत्रीय व जातीय समीकरण के बीच संतुलन बनाते हुए पांच नए मंत्रियों को धामी कैबिनेट में एंट्री मिली है। लोकभवन में राज्यपाल ने विधायक खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, प्रदीप बत्रा, राम सिंह कैड़ा को मंत्रिपद की शपथ दिलाई।
कैबिनेट में जगह पाने वाले विधायक हरिद्वार, रुद्रप्रयाग, नैनीताल और देहरादून से हैं।।
    user_राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    राजकुमार अग्रवाल डोईवाला रिपोर
    Lawyer डोईवाला, देहरादून, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
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