उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली थाना क्षेत्र निवासी एक शिकायतकर्ता ने अपने परिवार के सदस्य राजेश प्रजापति के लापता होने पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। लापता राजेश प्रजापति की माँ और बहन के अनुसार, जबलपुर निवासी अंकित नामक युवक ने उसे नौकरी दिलवाने का झांसा देकर बारह लाख रुपये लिए थे और उसे जबलपुर बुलाया था। राजेश प्रजापति विगत दिनों से अपने घर वापस नहीं आया है, जिसके बाद से परिवार के सभी लोग दर-बदर उसकी तलाश में भटक रहे हैं। परिजनों ने संबंधित थाने से लेकर कलेक्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और आईजी कार्यालय तक में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, आज तक राजेश प्रजापति की कोई सूचना कहीं नहीं मिली है। परिवार का आरोप है कि उनके मामले में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण लापता युवक की तलाश नहीं हो पा रही है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की सीबीआई जाँच कराने और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली थाना क्षेत्र निवासी एक शिकायतकर्ता ने अपने परिवार के सदस्य राजेश प्रजापति के लापता होने पर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। लापता राजेश प्रजापति की माँ और बहन के अनुसार, जबलपुर निवासी अंकित नामक युवक ने उसे नौकरी दिलवाने का झांसा देकर बारह लाख रुपये लिए थे और उसे जबलपुर बुलाया था। राजेश प्रजापति विगत दिनों से अपने घर वापस नहीं आया है, जिसके बाद से परिवार के सभी लोग दर-बदर उसकी तलाश में भटक रहे हैं। परिजनों ने संबंधित थाने से लेकर कलेक्ट्रेट, पुलिस अधीक्षक कार्यालय और आईजी कार्यालय तक में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, आज तक राजेश प्रजापति की कोई सूचना कहीं नहीं मिली है। परिवार का आरोप है कि उनके मामले में लगातार लापरवाही बरती जा रही है, जिसके कारण लापता युवक की तलाश नहीं हो पा रही है। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की सीबीआई जाँच कराने और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में व्यवहारी पुलिस ने अवैध कोयले के भंडारण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। व्यवहारी थाना अंतर्गत ग्राम टिहकी स्थित एक कोयला यार्ड, जो खनिज माफिया का अवैध गढ़ बन चुका था, पर पुलिस टीम ने अचानक छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने वहाँ संग्रहित लगभग 1000 टन अवैध कोयला जब्त कर लिया। इस विशाल कार्रवाई से कोयले का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मौके पर मौजूद कोल यार्ड के मैनेजर, 42 वर्षीय भूपेंद्र तिवारी से जब पुलिस ने इस बड़े भंडारण के मालिकाना हक और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो उनके पास सिर्फ़ मौखिक दावों के अलावा कोई कागजात नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने तत्काल नए कानूनी आपराधिक प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर पूरे जब्त माल को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। यह थाना व्यवहारी पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।2
- कटनी शहर में कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है, जहाँ आम जनता की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली पुलिस ही अब बदमाशों के निशाने पर है। शहर के आजाद चौक क्षेत्र में डायल-112 के एक आरक्षक के साथ बीच सड़क पर हुई मारपीट की घटना ने न सिर्फ पुलिस महकमे बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना बीती रात करीब 1:45 बजे हुई, जब डायल-112 की टीम एक महिला की शिकायत पर मौके की ओर जा रही थी। रास्ते में कुछ युवक गाली-गलौज करते हुए भागते दिखे, जिन्हें आरक्षक ने रोककर पूछताछ करने का प्रयास किया। कानून का सम्मान करने के बजाय, आरोपियों ने पुलिसकर्मी पर ही हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरोपियों ने आरक्षक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की, जिससे जवान खुद को बचाने की कोशिश करता दिखा। इस घटना ने अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस और हौसलों की पोल खोल दी है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि जब रक्षक ही असुरक्षित है, तो जनता किस भरोसे पर खुद को सुरक्षित महसूस करेगी? घटना के बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी हैं। कटनी में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं यह संकेत दे रही हैं कि असामाजिक तत्वों में कानून का भय कम हो रहा है, और पुलिस बल का मनोबल बनाए रखने के साथ-साथ अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है।1
- कटनी के पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा (भा0पु0से0) के निर्देशों के तहत, संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त अपराधियों पर सख्त कार्रवाई और संपत्ति बरामद करने के अभियान में कुठला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य और नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक अखलेश दाहिया के नेतृत्व में, पुलिस ने लूट के एक मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। घटना 5 जून 2026 की रात लगभग 8:00 बजे की है, जब प्रार्थी नूर अहमद खान (63 वर्ष, निवासी वार्ड नम्बर 1 चाका) कटनी से अपने घर चाका जा रहे थे। निगम भट्ठा के सामने मैन रोड पुरैनी पर अज्ञात दो मोटरसाइकिल सवार युवकों ने उनकी मोटरसाइकिल रोककर मारपीट की, जिससे वह सड़क किनारे गिर गए। आरोपियों ने उनकी शर्ट की जेब से 15,000 रुपये नगद और एक पोको कंपनी का मोबाइल फोन छीन लिया और फरार हो गए। इस घटना पर कुठला थाना में अपराध क्रमांक 470/26 धारा 309(6) BNS के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। कुठला थाना पुलिस ने पारंपरिक और तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए घटना को अंजाम देने वाले अज्ञात आरोपियों के बारे में सुराग जुटाए। गहन जांच के बाद, 21 जून 2026 को आरोपी राहुल चौहान (31 वर्ष, निवासी गली नम्बर 7 इन्द्रानगर थाना कुठला) और बबला उर्फ बबूल निषाद (40 वर्ष, निवासी आधारकाप मछरियान डेरा थाना एनकेजे जिला कटनी) को पकड़ा गया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने घटना को अंजाम देना स्वीकार किया, जिसके बाद लूटा गया मोबाइल और नगदी रकम जब्त कर ली गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी कुठला निरीक्षक अखलेश दाहिया, सहायक उप निरीक्षक रवि शुक्ला, तीरथ तेकाम, प्रधान आरक्षक अजय यादव, रामेश्वर सिंह, आरक्षक विजय प्रजापति, दुर्गेश सिंह और अन्य स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- कटनी नगर के झंडा बाजार स्थित बूढ़ी खेरमाई माता के दरबार में श्रद्धा और भक्ति के साथ एक विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इस दौरान, बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया और प्रसाद ग्रहण किया। पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण और सेवा भाव का एक सुंदर दृश्य देखने को मिला, जो आयोजन की दिव्यता को दर्शाता है।1
- पूरे संदेश में इस बात पर बार-बार जोर दिया गया है कि गरीबों को न्याय क्यों नहीं मिल पा रहा है।1
- कटनी नगर निगम की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। नगर निगम के कामकाज पर उठ रहे इन सवालों का मुख्य कारण यह है कि लोगों द्वारा कई बार शिकायतें दर्ज कराए जाने के बावजूद भी संबंधित मामले में कोई कार्यवाही नहीं की गई है। इस अनदेखी ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।1
- कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहाँ रविवार देर रात गांधी स्कूल के पास डायल 112 में तैनात आरक्षक रूपेश यादव पर तीन युवकों ने हमला कर दिया। यह घटना तब हुई जब आरक्षक पूनम बर्मन नामक महिला की सूचना पर मौके पर पहुंचे थे; महिला ने अपने भाई के साथ मारपीट की जानकारी दी थी। आरक्षक रूपेश यादव ने विवाद शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन मुख्य आरोपी गापू बर्मन और उसके दो साथियों ने पुलिस कार्रवाई का विरोध करते हुए आरक्षक के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। इस मामले में आरक्षक की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा, शासकीय सेवक पर हमला तथा मारपीट सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। नगर पुलिस अधीक्षक नेहा पच्चीसिया ने बताया कि तीन नामजद एवं अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों का गठन कर संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि सभी आरोपी जल्द ही उनकी गिरफ्त में होंगे।1
- मैहर के सरलानगर में शासन-प्रशासन की नाक के नीचे अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) और जिला कलेक्टर तक को लिखित शिकायत दी है, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब की पैकारी बंद होने का नाम नहीं ले रही है। जिम्मेदार अधिकारियों की इस बेरुखी से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र में बढ़ते इस अवैध कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ग्रामीणों ने बीते 19 मई 2026 को एसपी और कलेक्टर को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा था। इस पत्र में प्रशासन को बताया गया था कि अवैध शराब विक्रेताओं के कारण आम जनमानस, विशेषकर महिलाओं और बच्चों का जीवन दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन शराब ठिकानों को तत्काल बंद करने या अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की थी। हालांकि, इस शिकायत को एक महीने से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के कारण शराब माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं। सरलानगर के निवासियों का कहना है कि अवैध शराब पैकारी के कारण गली-मोहल्लों में अराजकता का माहौल बना रहता है। शराबियों के जमावड़े के चलते महिलाओं और युवतियों का रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के युवा और दैनिक मजदूर इस अवैध शराब की लत के शिकार होकर अपने परिवारों को बर्बाद कर रहे हैं। पैकारी स्थलों के आसपास देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घटित होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्होंने कानून व्यवस्था पर भरोसा करके शांतिपूर्वक कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा था, परंतु एक महीना बीतने के बाद भी पुलिस या आबकारी विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। उनका मानना है कि प्रशासन को उनकी परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सरलानगर को इस अवैध शराब के अभिशाप से मुक्ति नहीं दिलाई गई, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद "कुंभकर्णी नींद में सोया" आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस जागेगी या शराब माफियाओं को यूं ही खुली छूट मिलती रहेगी।2
- लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया, जिससे वहाँ मौत का मंजर सामने आया। सोशल मीडिया और समाचार चैनलों पर जारी लाइव वीडियो में इमारत से आग की लपटें और काला धुआँ उठता साफ दिखाई दिया। जान बचाने की कोशिश में कई छात्र-छात्राएं खिड़कियों और ऊपरी मंजिलों से बाहर निकलने की जद्दोजहद कर रहे थे, जबकि कुछ लोगों को अपनी जान बचाने के लिए इमारत से कूदना पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि भवन के अंदर मौजूद लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस दर्दनाक हादसे में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जिनमें अधिकांश युवा छात्र बताए जा रहे हैं, वहीं कई अन्य घायल भी हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुँचीं और घंटों तक राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी रहीं। प्रारंभिक जांच में भवन में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और आपातकालीन निकास की कमी जैसे गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इस पूरे मामले में एफआईआर दर्ज कर उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए गए हैं।3