मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में व्यवहारी पुलिस ने अवैध कोयले के भंडारण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। व्यवहारी थाना अंतर्गत ग्राम टिहकी स्थित एक कोयला यार्ड, जो खनिज माफिया का अवैध गढ़ बन चुका था, पर पुलिस टीम ने अचानक छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने वहाँ संग्रहित लगभग 1000 टन अवैध कोयला जब्त कर लिया। इस विशाल कार्रवाई से कोयले का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मौके पर मौजूद कोल यार्ड के मैनेजर, 42 वर्षीय भूपेंद्र तिवारी से जब पुलिस ने इस बड़े भंडारण के मालिकाना हक और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो उनके पास सिर्फ़ मौखिक दावों के अलावा कोई कागजात नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने तत्काल नए कानूनी आपराधिक प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर पूरे जब्त माल को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। यह थाना व्यवहारी पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में व्यवहारी पुलिस ने अवैध कोयले के भंडारण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। व्यवहारी थाना अंतर्गत ग्राम टिहकी स्थित एक कोयला यार्ड, जो खनिज माफिया का अवैध गढ़ बन चुका था, पर पुलिस टीम ने अचानक छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने वहाँ संग्रहित लगभग 1000 टन अवैध कोयला जब्त कर लिया। इस विशाल कार्रवाई से कोयले का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मौके पर मौजूद कोल
यार्ड के मैनेजर, 42 वर्षीय भूपेंद्र तिवारी से जब पुलिस ने इस बड़े भंडारण के मालिकाना हक और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो उनके पास सिर्फ़ मौखिक दावों के अलावा कोई कागजात नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने तत्काल नए कानूनी आपराधिक प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर पूरे जब्त माल को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। यह थाना व्यवहारी पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में व्यवहारी पुलिस ने अवैध कोयले के भंडारण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। व्यवहारी थाना अंतर्गत ग्राम टिहकी स्थित एक कोयला यार्ड, जो खनिज माफिया का अवैध गढ़ बन चुका था, पर पुलिस टीम ने अचानक छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने वहाँ संग्रहित लगभग 1000 टन अवैध कोयला जब्त कर लिया। इस विशाल कार्रवाई से कोयले का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मौके पर मौजूद कोल यार्ड के मैनेजर, 42 वर्षीय भूपेंद्र तिवारी से जब पुलिस ने इस बड़े भंडारण के मालिकाना हक और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो उनके पास सिर्फ़ मौखिक दावों के अलावा कोई कागजात नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने तत्काल नए कानूनी आपराधिक प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर पूरे जब्त माल को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। यह थाना व्यवहारी पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।2
- मानपुर की एसडीएम हरनीत कौर कलसी ने सोमवार देर रात करीब 12 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मानपुर का औचक निरीक्षण कर सभी को चौंका दिया। इस आधी रात हुए प्रशासनिक दौरे से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम ने स्वास्थ्य सुविधाओं, चिकित्सकीय व्यवस्था और कर्मचारियों की उपस्थिति का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने पाया कि नाइट ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और स्टाफ नर्स उपस्थित थे, और अस्पताल में भर्ती मरीजों को आवश्यक उपचार व दवाइयां भी उपलब्ध कराई जा रही थीं। हालांकि, इस औचक निरीक्षण में अस्पताल की साफ-सफाई व्यवस्था में कुछ खामियां पाई गईं। इन कमियों पर एसडीएम कलसी ने संबंधित अधिकारियों से सफाई कर्मियों का रोस्टर तलब किया है। एसडीएम कलसी ने इस दौरान जोर दिया कि शासन की मंशा के अनुरूप आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलनी चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि अस्पताल की अधिकांश व्यवस्थाएं संतोषजनक हैं, लेकिन सफाई व्यवस्था में पाई गई कमियों को लेकर जवाब तलब किया जाएगा। प्रशासन द्वारा आधी रात किए गए इस निरीक्षण को प्रशासन की सक्रियता और स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसकी लोगों ने सराहना की है।2
- बिहार के भोजपुर जिले में युवा समाजसेवी और क्रांतिकारी कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई संदिग्ध मौत के बाद देश भर में न्याय की मांग को लेकर भारी आक्रोश फैल गया है। परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा इसे 'फर्जी एनकाउंटर' करार दिए जाने के बाद बिहार सहित मध्य प्रदेश के रीवा जिले और पड़ोसी राज्यों में लगातार विरोध प्रदर्शन, कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला गया, जो स्थानीय विवेकानंद पार्क से शुरू होकर शिल्पी प्लाजा होते हुए अग्रसेन चौक तक पहुंचा। इस दौरान आक्रोशित युवाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर "भारत भूषण तिवारी अमर रहे" और "न्याय दो न्याय दो" के गगनभेदी नारे लगाए। इस मौके पर समाजसेवी सुधीर पांडेय, सतीश चौबे, मोहित चौबे और अन्य गणमान्य लोगों ने बिहार पुलिस की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। सभा को संबोधित करते हुए सुधीर पांडेय और सतीश चौबे ने कहा कि भरत भूषण तिवारी कोई अपराधी नहीं, बल्कि एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता थे जो लगातार दबे-कुचलों की लड़ाई लड़ रहे थे और प्रशासन को उसकी सोई हुई जिम्मेदारियों के प्रति जगाने का काम कर रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उत्तेजना या आवेश में आकर भरत भूषण तिवारी ने पिस्टल जरूर उठा ली थी, लेकिन उन्होंने किसी को भी जान-माल की हानि नहीं पहुंचाई थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब भरत तिवारी ने पुलिस के समक्ष पूर्णतः आत्मसमर्पण कर दिया था, तब पुलिस को उन पर गोली चलाने का कोई विधिक या नैतिक अधिकार नहीं था। निहत्थे और आत्मसमर्पण कर चुके व्यक्ति पर गोली चलाना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का हनन और 'फर्जी एनकाउंटर' की श्रेणी में आता है। श्रद्धांजलि सभा के अंत में समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने बिहार सरकार और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भरत भूषण तिवारी की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, इस कथित 'फर्जी एनकाउंटर' में शामिल दोषी पुलिस अधिकारियों व हत्यारों पर तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय व मुआवजा प्रदान करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि समय रहते क्रांतिकारी भरत तिवारी के हत्यारों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो इस न्याय की लड़ाई को और उग्र किया जाएगा तथा इसके विरोध में संपूर्ण भारत बंद का आवाहन करने के लिए देशव्यापी रणनीति तैयार की जाएगी। इस कैंडल मार्च में सुधीर पांडे, सतीश चौबे, मोहित चौबे सहित सैकड़ों समाजसेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में मृत आत्मा की शांति की प्रार्थना की और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।2
- बेगस स्कूटर ने रीवा में एक भव्य मेगा रैली का आयोजन कर ज़ोरदार धमाल मचाया। ॐ ऑटोमोबाइल द्वारा यह सफल कार्यक्रम संपन्न किया गया।1
- महिला थाना प्रभारी श्वेता मौर्य ने गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं को साइबर अपराध और उससे संबंधित विषयों के बारे में जानकारी दी।1
- भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ, जिला इकाई शहडोल ने पत्रकारों के विरुद्ध की जा रही कथित झूठी और भ्रामक शिकायतों पर गहरी चिंता व्यक्त की है। महासंघ ने शहडोल के पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया है कि महासंघ के वरिष्ठ पत्रकार एवं ब्लॉक महासचिव रामराज गुप्ता तथा संभागीय उपाध्यक्ष निलेश सोनी के खिलाफ पत्रकार सूर्यभान यादव द्वारा फोन पर गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने की शिकायत दर्ज कराई गई है। महासंघ का दावा है कि इन शिकायतों के तथ्यों की निष्पक्ष जांच जरूरी है और बिना किसी पड़ताल के निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम साखी के सरपंच हीरालाल साकेत ने निलेश सोनी को कुछ शिकायतों के बारे में जानकारी दी थी, जिसके संबंध में तथ्य जानने के लिए निलेश सोनी ने दूरभाष पर संपर्क किया था। बातचीत के दौरान विवाद की स्थिति बनी और बाद में कथित तौर पर एक ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर प्रसारित की गई। महासंघ ने आरोप लगाया है कि ऑडियो के साथ छेड़छाड़ की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता, और इसलिए इसकी तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए। संगठन ने बताया कि रामराज गुप्ता के खिलाफ भी शिकायत दर्ज है, जिससे उनकी सामाजिक एवं पेशेवर छवि प्रभावित हुई है, तथा इस संबंध में 17 जून 2026 को भारतीय श्रमजीवी पत्रकार महासंघ की ब्यौहारी ब्लॉक इकाई द्वारा थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा गया था, लेकिन अभी तक मामले में कोई स्पष्ट नतीजा नहीं निकला है। महासंघ ने पुलिस प्रशासन से विशेष रूप से यह मांग की है कि वायरल ऑडियो की फॉरेंसिक और तकनीकी जांच की जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ऑडियो अपने मूल रूप में है या उसमें किसी प्रकार का संपादन किया गया है, और जांच के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाए। संगठन का कहना है कि पत्रकारों के खिलाफ झूठे आरोप लगाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाना स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता के लिए गंभीर चिंता का विषय है। महासंघ ने प्रभावित पत्रकारों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने की मांग करते हुए, निष्पक्ष जांच के बाद दोषी पाए जाने वाले पक्ष पर कानून के अनुसार कार्रवाई की अपेक्षा जताई है। संगठन ने विश्वास व्यक्त किया है कि जिला पुलिस प्रशासन पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक तथ्यों को सामने लाएगा और कानून के अनुरूप कार्रवाई सुनिश्चित करेगा।4
- शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना अंतर्गत पुलिस ने अवैध कोयले के बड़े भंडारण पर कार्रवाई की है। ग्राम टिहकी स्थित कोयला यार्ड, जिसे खनिज माफिया का अवैध गढ़ बताया गया है, पर पुलिस टीम ने अचानक धावा बोला। इस दौरान, पुलिस ने लगभग 1000 टन अवैध कोयला जब्त कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई से कोयले का कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मौके पर मौजूद कोल यार्ड के मैनेजर भूपेद् तिवारी (उम्र 42 वर्ष) से जब पुलिस ने इस विशाल भंडार के मालिकाना हक और परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज मांगे, तो उनके पास सिर्फ हवा हवाई दावों के अलावा कोई कागज नहीं मिला। इसके बाद, पुलिस ने तत्काल नए कानूनी आपराधिक के तहत मुकदमा दायर कर पूरे माल को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है। थाना व्यवहारी पुलिस की अब तक की यह सबसे बड़ी कार्यवाही बताई गई है।2
- मध्य प्रदेश के सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम भंवर में एक आदिवासी युवक के साथ बेरहमी से मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पीड़ित युवक ने गंभीर आरोप लगाए हैं।1