बिहार के भोजपुर जिले में युवा समाजसेवी और क्रांतिकारी कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई संदिग्ध मौत के बाद देश भर में न्याय की मांग को लेकर भारी आक्रोश फैल गया है। परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा इसे 'फर्जी एनकाउंटर' करार दिए जाने के बाद बिहार सहित मध्य प्रदेश के रीवा जिले और पड़ोसी राज्यों में लगातार विरोध प्रदर्शन, कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला गया, जो स्थानीय विवेकानंद पार्क से शुरू होकर शिल्पी प्लाजा होते हुए अग्रसेन चौक तक पहुंचा। इस दौरान आक्रोशित युवाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर "भारत भूषण तिवारी अमर रहे" और "न्याय दो न्याय दो" के गगनभेदी नारे लगाए। इस मौके पर समाजसेवी सुधीर पांडेय, सतीश चौबे, मोहित चौबे और अन्य गणमान्य लोगों ने बिहार पुलिस की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। सभा को संबोधित करते हुए सुधीर पांडेय और सतीश चौबे ने कहा कि भरत भूषण तिवारी कोई अपराधी नहीं, बल्कि एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता थे जो लगातार दबे-कुचलों की लड़ाई लड़ रहे थे और प्रशासन को उसकी सोई हुई जिम्मेदारियों के प्रति जगाने का काम कर रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उत्तेजना या आवेश में आकर भरत भूषण तिवारी ने पिस्टल जरूर उठा ली थी, लेकिन उन्होंने किसी को भी जान-माल की हानि नहीं पहुंचाई थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब भरत तिवारी ने पुलिस के समक्ष पूर्णतः आत्मसमर्पण कर दिया था, तब पुलिस को उन पर गोली चलाने का कोई विधिक या नैतिक अधिकार नहीं था। निहत्थे और आत्मसमर्पण कर चुके व्यक्ति पर गोली चलाना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का हनन और 'फर्जी एनकाउंटर' की श्रेणी में आता है। श्रद्धांजलि सभा के अंत में समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने बिहार सरकार और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भरत भूषण तिवारी की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, इस कथित 'फर्जी एनकाउंटर' में शामिल दोषी पुलिस अधिकारियों व हत्यारों पर तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय व मुआवजा प्रदान करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि समय रहते क्रांतिकारी भरत तिवारी के हत्यारों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो इस न्याय की लड़ाई को और उग्र किया जाएगा तथा इसके विरोध में संपूर्ण भारत बंद का आवाहन करने के लिए देशव्यापी रणनीति तैयार की जाएगी। इस कैंडल मार्च में सुधीर पांडे, सतीश चौबे, मोहित चौबे सहित सैकड़ों समाजसेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में मृत आत्मा की शांति की प्रार्थना की और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
बिहार के भोजपुर जिले में युवा समाजसेवी और क्रांतिकारी कार्यकर्ता भरत भूषण तिवारी की पुलिस मुठभेड़ में हुई संदिग्ध मौत के बाद देश भर में न्याय की मांग को लेकर भारी आक्रोश फैल गया है। परिजनों और स्थानीय लोगों द्वारा इसे 'फर्जी एनकाउंटर' करार दिए जाने के बाद बिहार सहित मध्य प्रदेश के रीवा जिले और पड़ोसी राज्यों में लगातार विरोध प्रदर्शन, कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की जा रही हैं। इसी क्रम में सोमवार को मध्य प्रदेश के रीवा जिले में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और कैंडल मार्च निकाला गया, जो स्थानीय विवेकानंद पार्क से शुरू होकर शिल्पी प्लाजा होते हुए अग्रसेन चौक तक पहुंचा। इस दौरान आक्रोशित युवाओं ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर "भारत भूषण तिवारी अमर रहे" और "न्याय दो न्याय दो" के गगनभेदी नारे लगाए। इस मौके पर समाजसेवी सुधीर पांडेय, सतीश चौबे, मोहित चौबे और अन्य गणमान्य लोगों ने बिहार पुलिस की इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की। सभा को संबोधित करते हुए सुधीर पांडेय और सतीश चौबे ने कहा कि भरत भूषण तिवारी कोई अपराधी नहीं, बल्कि एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता थे जो लगातार दबे-कुचलों की लड़ाई लड़ रहे थे और प्रशासन को उसकी सोई हुई जिम्मेदारियों के प्रति जगाने का काम कर रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि उत्तेजना या आवेश में आकर भरत भूषण तिवारी ने पिस्टल जरूर उठा ली थी, लेकिन उन्होंने किसी
को भी जान-माल की हानि नहीं पहुंचाई थी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जब भरत तिवारी ने पुलिस के समक्ष पूर्णतः आत्मसमर्पण कर दिया था, तब पुलिस को उन पर गोली चलाने का कोई विधिक या नैतिक अधिकार नहीं था। निहत्थे और आत्मसमर्पण कर चुके व्यक्ति पर गोली चलाना सीधे तौर पर मानवाधिकारों का हनन और 'फर्जी एनकाउंटर' की श्रेणी में आता है। श्रद्धांजलि सभा के अंत में समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने बिहार सरकार और प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि भरत भूषण तिवारी की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष व उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, इस कथित 'फर्जी एनकाउंटर' में शामिल दोषी पुलिस अधिकारियों व हत्यारों पर तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द न्याय व मुआवजा प्रदान करने की मांग की गई है। प्रदर्शनकारियों ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि यदि समय रहते क्रांतिकारी भरत तिवारी के हत्यारों पर कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो इस न्याय की लड़ाई को और उग्र किया जाएगा तथा इसके विरोध में संपूर्ण भारत बंद का आवाहन करने के लिए देशव्यापी रणनीति तैयार की जाएगी। इस कैंडल मार्च में सुधीर पांडे, सतीश चौबे, मोहित चौबे सहित सैकड़ों समाजसेवी उपस्थित रहे, जिन्होंने एक स्वर में मृत आत्मा की शांति की प्रार्थना की और न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।
- रीवा जिले में 21 महीने पहले हुई 50 लाख रुपये की चोरी का अब तक कोई खुलासा नहीं हो सका है। इस मामले में पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर उनसे निष्पक्ष जांच की मांग की है।1
- रीवा जिले के जवा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत पथरौड़ा के ग्रामीण सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमी से काफी परेशान हैं। इसके साथ ही, पूरे ग्राम पंचायत में गंदगी का आलम है, जिससे वहां की स्थिति और भी खराब हो गई है। स्थानीय लोगों ने अपनी इन समस्याओं को लेकर शासन-प्रशासन से कई बार शिकायत की है, लेकिन उनकी शिकायतों पर अब तक कोई कार्यवाही नहीं की गई है, जिसके कारण ग्राम पंचायत पथरौड़ा के ग्रामीण स्थानीय समस्याओं से लगातार जूझ रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में व्यवहारी पुलिस ने अवैध कोयले के भंडारण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए, अब तक की अपनी सबसे बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। व्यवहारी थाना अंतर्गत ग्राम टिहकी स्थित एक कोयला यार्ड, जो खनिज माफिया का अवैध गढ़ बन चुका था, पर पुलिस टीम ने अचानक छापा मारा। इस दौरान पुलिस ने वहाँ संग्रहित लगभग 1000 टन अवैध कोयला जब्त कर लिया। इस विशाल कार्रवाई से कोयले का अवैध कारोबार करने वालों में हड़कंप मच गया है। मौके पर मौजूद कोल यार्ड के मैनेजर, 42 वर्षीय भूपेंद्र तिवारी से जब पुलिस ने इस बड़े भंडारण के मालिकाना हक और परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे, तो उनके पास सिर्फ़ मौखिक दावों के अलावा कोई कागजात नहीं मिले। इसके बाद पुलिस ने तत्काल नए कानूनी आपराधिक प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर पूरे जब्त माल को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस द्वारा इस मामले में आगे की जांच की जा रही है। यह थाना व्यवहारी पुलिस की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।2
- जवा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत पथरोडा के ग्रामीणों ने नाली और सफाई से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। गाँव वालों ने इन समस्याओं पर ध्यान आकर्षित करते हुए अपनी चिंताएं व्यक्त की हैं।1
- रीवा के एक होटल में उस समय जमकर बवाल मच गया जब एक पत्नी ने अपने रेंजर पति को एक युवती के साथ पकड़ लिया। इस घटना के बाद वहां मारपीट हुई और गंभीर आरोप लगाए गए, जिससे पूरे मामले में हंगामा खड़ा हो गया।1
- लखनऊ में हुए अग्निकांड से संबंधित एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में घटना से जुड़ी कुछ जानकारी होने की संभावना है।1