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चमोली __ गोचर में आयोजित हुआ दिव्यांग शिविर, 341 को मिला लाभ
Sandeep Aryan
चमोली __ गोचर में आयोजित हुआ दिव्यांग शिविर, 341 को मिला लाभ
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- चमोली __ गोचर में आयोजित हुआ दिव्यांग शिविर, 341 को मिला लाभ1
- 14 नवंबर से सजेगा 74वां गौचर मेला, सात दिन तक दिखेगी पहाड़ की संस्कृति, उद्योग और विकास की झलक गोपेश्वर। चमोली जनपद का ऐतिहासिक 74वां राजकीय औद्योगिक विकास एवं सांस्कृतिक गौचर मेला इस वर्ष 14 से 20 नवंबर तक आयोजित होगा। मेले को भव्य और आकर्षक बनाने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इस बार मेले में स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, उद्यमिता और लोकसंस्कृति को विशेष स्थान दिया जाएगा। साथ ही कई नए आकर्षण भी देखने को मिलेंगे। मेले की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार गोपेश्वर में बैठक आयोजित की गई। डीएम ने संबंधित विभागों और समितियों को आपसी समन्वय के साथ सभी व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेले में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित, सुविधाजनक और बेहतर अनुभव मिलना चाहिए। इस बार दिखेंगे कई नए आकर्षण उपजिलाधिकारी कर्णप्रयाग अलकेश नौडियाल ने बताया कि इस वर्ष मेले का नया लोगो और शुभंकर तैयार किया गया है। मेला मैदान का नया लेआउट, आकर्षक मंच, बेहतर लाइट एवं साउंड व्यवस्था, मिनी मेला मार्केट, सेल्फी प्वाइंट और स्मृति चिह्नों की व्यवस्था की जा रही है। मेले के प्रचार-प्रसार के लिए नई वेबसाइट भी तैयार की गई है। इसके अलावा सोशल मीडिया के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों का लाइव प्रसारण किया जाएगा। बच्चों और बुजुर्गों की सुविधाओं पर रहेगा जोर जिलाधिकारी ने बच्चों के लिए सुरक्षित एवं आकर्षक गतिविधियां आयोजित करने और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मेले में वाटर एटीएम स्थापित करने के साथ खाद्य पदार्थों की नियमित सैंपलिंग भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि मेले में आयोजित होने वाली गोष्ठियां स्थानीय विकास, उद्यमिता और जनजागरूकता से जुड़े विषयों पर केंद्रित होनी चाहिए। सुरक्षा और यातायात के रहेंगे विशेष इंतजाम मेले के दौरान मुख्य बाजार और पार्किंग स्थलों पर यातायात नियंत्रण के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए अस्थायी मेला पुलिस चौकी स्थापित करने के साथ पर्याप्त पुलिस और अग्निशमन कर्मियों की तैनाती होगी। मेले को नशामुक्त बनाए रखने के लिए भी निगरानी की जाएगी। इसके अलावा निर्बाध बिजली और पेयजल आपूर्ति, अतिरिक्त वाटर टैंकर, अग्निशमन वाहन, सफाई कर्मियों, कूड़ा वाहनों और मोबाइल शौचालयों की व्यवस्था की जाएगी। मेले के सफल आयोजन के लिए स्वागत, शांति व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रचार-प्रसार, उद्योग एवं विकास प्रदर्शनी, खेलकूद, यातायात, पेयजल, विद्युत और महिला सशक्तिकरण सहित विभिन्न समितियां गठित की गई हैं। बैठक के अंत में जिलाधिकारी गौरव कुमार सहित अन्य अतिथियों ने 74वें गौचर मेले के नए लोगो का अनावरण किया। बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष गौचर संदीप नेगी, पुलिस अधीक्षक सुरजीत सिंह पंवार, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी, परियोजना निदेशक आनंद सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और मेले से जुड़े हितधारक मौजूद रहे।1
- जयपुर फुट ने दिव्यांगजनों को दिए आत्मनिर्भरता के नए कदम, 341 लाभार्थियों को मिले कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण जयपुर फुट ने दिव्यांगजनों को दिए आत्मनिर्भरता के नए कदम, 341 लाभार्थियों को मिले कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण गौचर में पांच दिवसीय राज्य स्तरीय शिविर का समापन, छह जनपदों के दिव्यांगजनों को निःशुल्क मिले उपकरण; जिलाधिकारी की पहल बनी सहारा गौचर (चमोली)। किसी को चलने के लिए कृत्रिम पैर का सहारा मिला, तो किसी को सुनने के लिए कान की मशीन। किसी के लिए व्हीलचेयर ने आवागमन आसान बनाया, तो किसी के दैनिक जीवन की मुश्किलें सहायक उपकरणों से कम हुईं। उत्तराखंड राज्य स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में गौचर में आयोजित पांच दिवसीय विशेष दिव्यांग सहायता शिविर अनेक दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता का संदेश लेकर आया। पीएमश्री राजकीय इंटरमीडिएट कॉलेज गौचर में 31 अक्टूबर से 4 नवंबर तक आयोजित वृहद राज्य स्तरीय शिविर का बुधवार को समापन हुआ। जिला प्रशासन एवं समाज कल्याण विभाग की ओर से भगवान महावीर विकलांग सहायता समिति शाखा जयपुर के सहयोग से आयोजित इस शिविर में चमोली समेत छह जनपदों के कुल 341 दिव्यांगजनों को निःशुल्क कृत्रिम अंग एवं विभिन्न सहायक उपकरण वितरित किए गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी धनंजय लिंगवाल ने बताया कि जिलाधिकारी गौरव कुमार की विशेष पहल पर आयोजित शिविर में दिव्यांगजनों की व्यक्तिगत जरूरतों का आकलन कर उन्हें आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए गए। शिविर में 53 दिव्यांगजनों को कृत्रिम पैर, आठ को कृत्रिम हाथ, 111 को कान की मशीन, 41 को व्हीलचेयर तथा 23 को बैसाखी प्रदान की गई। इसके अलावा जरूरतमंदों को छड़ी, कैलिपर, वॉकर एवं ईसीआर सहित अन्य सहायक उपकरण भी वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि शिविर में चमोली जनपद के 271, रुद्रप्रयाग के 24, बागेश्वर के 22, पौड़ी के आठ, टिहरी के दो तथा अल्मोड़ा के दो दिव्यांगजन लाभान्वित हुए। इस तरह छह जनपदों के दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर उनकी जरूरत के अनुसार सहायता उपलब्ध कराई गई। जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा कि दिव्यांगजनों को सशक्त, आत्मनिर्भर और सम्मानजनक जीवन उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। प्रत्येक व्यक्ति को गरिमापूर्ण जीवन जीने तथा अपनी क्षमताओं के अनुरूप आगे बढ़ने के समान अवसर मिलने चाहिए। ऐसे शिविर दिव्यांगजनों की रोजमर्रा की कठिनाइयों को कम करने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने शिविर के सफल आयोजन के लिए जयपुर फुट की पूरी टीम का आभार जताया। सरकारी योजनाओं की भी दी गई जानकारी शिविर में दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें केंद्र एवं राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने की पहल भी की गई। इसके लिए महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास, पशुपालन, कृषि, स्वास्थ्य तथा सेवायोजन समेत विभिन्न विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए। विभागीय अधिकारियों ने योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के प्रयास किए। जयपुर फुट की टीम को किया सम्मानित समापन समारोह में जिलाधिकारी एवं अन्य अतिथियों ने शिविर के सफल संचालन में योगदान देने वाले जयपुर फुट के टीम लीडर अनुज लोधी सहित मोतीलाल, मनोज, गजेन्द्र, मुकेश, मोहम्मद खालिद, रोहित एवं विशाल को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। इस दौरान गैरसैंण निवासी सोबन सिंह, नंदानगर निवासी माधो सिंह एवं पुष्कर सिंह को कृत्रिम पैर, रुद्रप्रयाग निवासी संजय सिंह को कृत्रिम हाथ, रेखा देवी एवं दीपा देवी को कान की मशीन तथा पुष्कर राम एवं ममता देवी को व्हीलचेयर प्रदान की गई। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल, जयपुर फुट के कोऑर्डिनेटर चंद्रशेखर भंसाली, राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्य बृजमोहन नेगी एवं गणेश मिश्रा, मंच संचालक मनोज तिवारी, प्रधानाचार्य केएस बिष्ट, हेम मिश्रा सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।3
- भूपेंद्र कोरंगा उभरते युवा नेता से एक मुलाक़ात, कपकोट में करंगे चुनावी फेरबदल भूपेंद्र कोरंगा उभरते युवा नेता से एक मुलाक़ात. कपकोट विधानसभा क्षेत्र से है प्रत्याशी. किसका बिगाड़ेंगे समीकरण?1
- 18 दिन बाद धीरेन्द्र का शव नदी से पुलिस ने खोजा.. घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल के बाहर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। पूरे क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।1
- महिला ही निकली धीरेंद्र परिहार की कातिल! 18 दिन तक छिपा रहा खौफनाक राज, भाई के साथ मिलकर नदी में फेंका शव महिला ही निकली धीरेंद्र परिहार की कातिल! 18 दिन तक छिपा रहा खौफनाक राज, भाई के साथ मिलकर नदी में फेंका शव1
- Dhirendra Krishna Shastri ने भगवान राम-कृष्ण विवाद पर तोड़ी चुप्पी | Bageshwar Dham Latest News बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का भगवान राम और भगवान कृष्ण को लेकर वायरल बयान इन दिनों चर्चा में है। आखिर इस बयान का असली मतलब क्या था? क्या धीरेंद्र शास्त्री ने अपने बयान पर सफाई दी है? इस वीडियो में जानिए वायरल क्लिप से जुड़े विवाद, धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सफाई और भगवान राम एवं भगवान कृष्ण को लेकर उनके विचार। देखिए पूरी खबर और अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं। वीडियो पसंद आए तो Like करें, G EXPRESS को Subscribe करें और खबर को Share करें। G EXPRESS – हर खबर का सच! #DhirendraKrishnaShastri #BageshwarDham #RamKrishna #HindiNews #ViralNews1
- चमोली में पेंशनर्स को घर बैठे जमा करने की मिलेगी डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र की सुविधा कोषाधिकारी कार्यालय की पहल, 30 नवंबर तक जनपदभर में चलेगा विशेष अभियान गोपेश्वर। जनपद चमोली के पेंशनर्स को अब डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र (Digital Life Certificate) जमा कराने के लिए कोषाधिकारी कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। पेंशनर्स घर बैठे ही डिजिटल माध्यम से अपना जीवन प्रमाण-पत्र जमा कर सकेंगे। इसके लिए कोषाधिकारी कार्यालय की ओर से 30 नवंबर तक जनपदभर में विशेष अभियान संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत पेंशनर्स को डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र बनाने और जमा करने की प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जाएगा। इस सुविधा से विशेष रूप से बुजुर्ग और अस्वस्थ पेंशनर्स को राहत मिलेगी। डिजिटल प्रक्रिया के माध्यम से पेंशनर्स को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार अपना जीवन प्रमाण-पत्र ऑनलाइन जमा करने की सुविधा मिलेगी। कोषाधिकारी कार्यालय की ओर से पेंशनर्स से अपील की गई है कि वे अभियान का लाभ उठाते हुए निर्धारित समयावधि में अपना डिजिटल जीवन प्रमाण-पत्र जमा कराएं, ताकि पेंशन भुगतान की प्रक्रिया निर्बाध रूप से जारी रह सके।1