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वीर हनुमाना अति बलवाना राम नाम रसियो रे..

13 hrs ago
user_Sanjay Vishwakarma
Sanjay Vishwakarma
जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
13 hrs ago

वीर हनुमाना अति बलवाना राम नाम रसियो रे..

More news from Jabalpur and nearby areas
  • भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग और राजनीतिक विद्वेष की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। ताजा मामला कांग्रेस विधायक श्री राजेंद्र भारती की सदस्यता को आनन-फानन में खत्म करने की कोशिशों से जुड़ा है। आधी रात को खुला सचिवालय: कांग्रेस का कड़ा विरोध कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार के दबाव में विधानसभा सचिवालय को देर रात खोला गया ताकि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सके। घटना की भनक लगते ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री पीसी शर्मा तत्काल सचिवालय पहुँचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों से इस असामान्य कार्रवाई पर सवाल किए, जिसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका। मुख्य आरोप और घटनाक्रम: सत्ता का दुरुपयोग: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था (विधानसभा सचिवालय) ने भाजपा सरकार के आगे पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं। अलोकतांत्रिक रवैया: सचिवालय को रात के समय खोलकर की जा रही कार्रवाई को कांग्रेस ने "लोकतंत्र को कुचलने वाला कृत्य" करार दिया है। अराजकता और गुंडागर्दी: जीतू पटवारी ने सरकार की इस हठधर्मिता को भाजपा की 'गुंडागर्दी' बताते हुए कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है। "पूरी ताकत से लड़ेंगे" – जीतू पटवारी मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा: "भाजपा राजनीतिक विद्वेष की भावना से काम कर रही है। एक चुने हुए जनप्रतिनिधि की सदस्यता को खत्म करने के लिए जिस तरह से तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह अस्वीकार्य है। कांग्रेस इस तानाशाही का पूरी ताकत से मुकाबला करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक लड़ेगी।" निष्कर्ष: इस घटना ने मध्य प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने और कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है। विधानसभा सचिवालय की कार्यप्रणाली पर उठ रहे ये सवाल प्रदेश की संवैधानिक मर्यादा के लिए चिंता का विषय बन गए हैं
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    भोपाल: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। कांग्रेस ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग और राजनीतिक विद्वेष की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया है। ताजा मामला कांग्रेस विधायक श्री राजेंद्र भारती की सदस्यता को आनन-फानन में खत्म करने की कोशिशों से जुड़ा है।
आधी रात को खुला सचिवालय: कांग्रेस का कड़ा विरोध
कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा सरकार के दबाव में विधानसभा सचिवालय को देर रात खोला गया ताकि विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया जा सके। घटना की भनक लगते ही वरिष्ठ कांग्रेस नेता श्री पीसी शर्मा तत्काल सचिवालय पहुँचे।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी भी मौके पर पहुँचे। उन्होंने सचिवालय के अधिकारियों से इस असामान्य कार्रवाई पर सवाल किए, जिसका कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिल सका।
मुख्य आरोप और घटनाक्रम:
सत्ता का दुरुपयोग: कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि एक स्वतंत्र और संवैधानिक संस्था (विधानसभा सचिवालय) ने भाजपा सरकार के आगे पूरी तरह घुटने टेक दिए हैं।
अलोकतांत्रिक रवैया: सचिवालय को रात के समय खोलकर की जा रही कार्रवाई को कांग्रेस ने "लोकतंत्र को कुचलने वाला कृत्य" करार दिया है।
अराजकता और गुंडागर्दी: जीतू पटवारी ने सरकार की इस हठधर्मिता को भाजपा की 'गुंडागर्दी' बताते हुए कहा कि प्रदेश में अराजकता का माहौल है।
"पूरी ताकत से लड़ेंगे" – जीतू पटवारी
मीडिया से बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा:
"भाजपा राजनीतिक विद्वेष की भावना से काम कर रही है। एक चुने हुए जनप्रतिनिधि की सदस्यता को खत्म करने के लिए जिस तरह से तंत्र का इस्तेमाल किया जा रहा है, वह अस्वीकार्य है। कांग्रेस इस तानाशाही का पूरी ताकत से मुकाबला करेगी और लोकतंत्र की रक्षा के लिए सड़क से सदन तक लड़ेगी।"
निष्कर्ष: इस घटना ने मध्य प्रदेश की सियासत में उबाल ला दिया है। विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर जनता के बीच जाने और कानूनी लड़ाई लड़ने की तैयारी कर रहा है। विधानसभा सचिवालय की कार्यप्रणाली पर उठ रहे ये सवाल प्रदेश की संवैधानिक मर्यादा के लिए चिंता का विषय बन गए हैं
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer Panagar, Jabalpur•
    5 hrs ago
  • Post by Shrikant Dubay पत्रकार
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    Post by Shrikant Dubay पत्रकार
    user_Shrikant Dubay पत्रकार
    Shrikant Dubay पत्रकार
    TV News Anchor Gotegaon, Narsinghpur•
    20 hrs ago
  • कायर सरकार इतना डर गई
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    कायर सरकार इतना डर गई
    user_User3359
    User3359
    Voice of people Ghansaur, Seoni•
    21 hrs ago
  • बोध सिंह मरकाम के समर्थन में 4 अप्रैल को सड़कों पर उतरेगी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी
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    बोध सिंह मरकाम के समर्थन में 4 अप्रैल को सड़कों पर उतरेगी गोंडवाना गणतंत्र पार्टी
    user_Sanjay nanda
    Sanjay nanda
    Local News Reporter Mandla, Madhya Pradesh•
    56 min ago
  • Post by Neelesh THAKUR
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    Post by Neelesh THAKUR
    user_Neelesh THAKUR
    Neelesh THAKUR
    मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गुरुवार शाम 5 बजे शहर में आस्था और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। उदय चौक से निकली भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शोभायात्रा उदय चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः उदय चौक पहुंचकर सम्पन्न हुई। पूरे मार्ग में भक्तों ने जय श्री राम और बजरंगबली के जयकारों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह पुष्प वर्षा और स्वागत से यात्रा का भव्य स्वागत किया गया। इस आयोजन ने पूरे शहर को भक्ति और उत्साह के रंग में रंग दिया।
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    हनुमान जन्मोत्सव के पावन अवसर पर गुरुवार शाम 5 बजे शहर में आस्था और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला। उदय चौक से निकली भव्य शोभायात्रा में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।
शोभायात्रा उदय चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए पुनः उदय चौक पहुंचकर सम्पन्न हुई। पूरे मार्ग में भक्तों ने जय श्री राम और बजरंगबली के जयकारों से माहौल को भक्तिमय बना दिया। जगह-जगह पुष्प वर्षा और स्वागत से यात्रा का भव्य स्वागत किया गया।
इस आयोजन ने पूरे शहर को भक्ति और उत्साह के रंग में रंग दिया।
    user_प्रशांत पटैल
    प्रशांत पटैल
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • मजदूर बनकर ट्रैक्टर पर बैठीं महिला DSP-SDOP, रिश्वतखोर कॉन्स्टेबल को पकड़ा:टीआई को हटाया
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    मजदूर बनकर ट्रैक्टर पर बैठीं महिला DSP-SDOP, रिश्वतखोर कॉन्स्टेबल को पकड़ा:टीआई को हटाया
    user_Bbmm time news
    Bbmm time news
    जबलपुर, जबलपुर, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज उस समय हड़कंप मच गया जब CM हेल्पलाइन (1076) में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। अल्प वेतन और कठिन कार्य परिस्थितियों के खिलाफ आवाज उठा रही इन महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जबरन प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की। क्या हैं मुख्य मांगें? प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे दिन-रात जनता की समस्याओं को सुनती हैं, लेकिन उनकी खुद की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उनकी दो प्रमुख मांगें हैं: न्यूनतम वेतन में वृद्धि: वर्तमान सैलरी को बढ़ाकर कम से कम 15,000 रुपये किया जाए। कार्य समय में राहत: ड्यूटी के दौरान कम से कम 50 मिनट का ब्रेक दिया जाए, ताकि वे मानसिक और शारीरिक थकान से उबर सकें। पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दृश्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब महिलाएं शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रही थीं, तब पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए बल प्रयोग किया। वीडियो में महिला कर्मियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की देखी जा सकती है। "हम सिर्फ अपना हक मांग रहे हैं। क्या 15 हजार रुपये की मांग करना अपराध है? हमें अपराधियों की तरह घसीटा जा रहा है।" - एक प्रदर्शनकारी महिला कर्मी जमीनी हकीकत और चुनौतियां यह घटना उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों की बदहाली को उजागर करती है। महंगाई का बोझ: आज के समय में 8-10 हजार रुपये में घर चलाना लगभग नामुमकिन है। काम का दबाव: हेल्पलाइन पर कॉल का भारी दबाव रहता है, जिसमें बिना पर्याप्त ब्रेक के काम करना मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है। सुरक्षा का अभाव: महिला सशक्तिकरण की बातें करने वाली व्यवस्था में जब महिलाएं अपने हक के लिए सड़क पर आती हैं, तो उन्हें सुरक्षा के बजाय सख्ती का सामना करना पड़ता है। निष्कर्ष मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जो प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण का दावा करती है, आज उसके अपने ही 'स्तंभ' (कर्मचारी) संकट में हैं। यह देखना अहम होगा कि सरकार इन महिलाओं की जायज मांगों पर संवेदनशीलता दिखाती है या फिर इस आवाज को पुलिस के दम पर दबा दिया जाएगा। यह महज एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की हताशा है जो न्यूनतम वेतन पर सिस्टम को चलाने में अपना योगदान दे रहे हैं।
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    लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज उस समय हड़कंप मच गया जब CM हेल्पलाइन (1076) में काम करने वाली महिला कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। अल्प वेतन और कठिन कार्य परिस्थितियों के खिलाफ आवाज उठा रही इन महिलाओं का आरोप है कि पुलिस ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और जबरन प्रदर्शन खत्म कराने की कोशिश की।
क्या हैं मुख्य मांगें?
प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि वे दिन-रात जनता की समस्याओं को सुनती हैं, लेकिन उनकी खुद की सुध लेने वाला कोई नहीं है। उनकी दो प्रमुख मांगें हैं:
न्यूनतम वेतन में वृद्धि: वर्तमान सैलरी को बढ़ाकर कम से कम 15,000 रुपये किया जाए।
कार्य समय में राहत: ड्यूटी के दौरान कम से कम 50 मिनट का ब्रेक दिया जाए, ताकि वे मानसिक और शारीरिक थकान से उबर सकें।
पुलिसिया कार्रवाई पर उठे सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे दृश्यों और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब महिलाएं शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रख रही थीं, तब पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए बल प्रयोग किया। वीडियो में महिला कर्मियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प और धक्का-मुक्की देखी जा सकती है।
"हम सिर्फ अपना हक मांग रहे हैं। क्या 15 हजार रुपये की मांग करना अपराध है? हमें अपराधियों की तरह घसीटा जा रहा है।" - एक प्रदर्शनकारी महिला कर्मी
जमीनी हकीकत और चुनौतियां
यह घटना उत्तर प्रदेश में आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे कर्मचारियों की बदहाली को उजागर करती है।
महंगाई का बोझ: आज के समय में 8-10 हजार रुपये में घर चलाना लगभग नामुमकिन है।
काम का दबाव: हेल्पलाइन पर कॉल का भारी दबाव रहता है, जिसमें बिना पर्याप्त ब्रेक के काम करना मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालता है।
सुरक्षा का अभाव: महिला सशक्तिकरण की बातें करने वाली व्यवस्था में जब महिलाएं अपने हक के लिए सड़क पर आती हैं, तो उन्हें सुरक्षा के बजाय सख्ती का सामना करना पड़ता है।
निष्कर्ष
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन जो प्रदेश की जनता की समस्याओं के त्वरित निस्तारण का दावा करती है, आज उसके अपने ही 'स्तंभ' (कर्मचारी) संकट में हैं। यह देखना अहम होगा कि सरकार इन महिलाओं की जायज मांगों पर संवेदनशीलता दिखाती है या फिर इस आवाज को पुलिस के दम पर दबा दिया जाएगा।
यह महज एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं की हताशा है जो न्यूनतम वेतन पर सिस्टम को चलाने में अपना योगदान दे रहे हैं।
    user_Deepak Vishawakarma
    Deepak Vishawakarma
    Photographer Panagar, Jabalpur•
    15 hrs ago
  • मध्यप्रदेश के मंडला जिले से एक बड़ी जनकल्याणकारी खबर… जहां बिछिया विकासखंड के कान्हारी कला में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल शामिल हुए… मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना और सिकल सेल जागरूकता शिविर के जरिए सैकड़ों लोगों को सीधा लाभ दिया गया… और आत्मनिर्भरता के साथ स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश भी दिया गया…
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    मध्यप्रदेश के मंडला जिले से एक बड़ी जनकल्याणकारी खबर… जहां बिछिया विकासखंड के कान्हारी कला में आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के राज्यपाल मंगू भाई पटेल शामिल हुए… मुख्यमंत्री दुधारू पशु प्रदाय योजना और सिकल सेल जागरूकता शिविर के जरिए सैकड़ों लोगों को सीधा लाभ दिया गया… और आत्मनिर्भरता के साथ स्वास्थ्य जागरूकता का संदेश भी दिया गया…
    user_प्रशांत पटैल
    प्रशांत पटैल
    Local News Reporter मंडला, मंडला, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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