विदिशा में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व अकीदत, भाईचारे और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समाज के लोगों की नमाज अदा करने के लिए भीड़ उमड़ी। विवेकानंद चौराहा स्थित ईदगाह पर बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक नमाज अदा कर देश-दुनिया में अमन, चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। शहर काजी सैयद साजिद अली ने विदिशा के विवेकानंद चौराहा स्थित ईदगाह पर ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा कराई। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी, जहाँ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में त्योहार का उत्साह साफ दिखाई दिया। इस मौके पर शहर काजी सैयद साजिद अली ने अपने संबोधन में भाईचारा, सौहार्द और देश में अमन-चैन बनाए रखने का संदेश दिया, साथ ही लोगों से फिजूलखर्ची से बचने की अपील भी की। कई अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने भी ईदगाह पहुंचकर मुस्लिम समाज को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, और जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए ग्वालियर से आए बीएसएफ के 58 जवानों की भी ड्यूटी लगाई गई थी।
विदिशा में ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व अकीदत, भाईचारे और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समाज के लोगों की नमाज अदा करने के लिए भीड़ उमड़ी। विवेकानंद चौराहा स्थित ईदगाह पर बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक नमाज अदा कर देश-दुनिया में अमन,
चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। शहर काजी सैयद साजिद अली ने विदिशा के विवेकानंद चौराहा स्थित ईदगाह पर ईद-उल-अजहा की विशेष नमाज अदा कराई। नमाज के बाद सभी ने एक-दूसरे को गले लगाकर ईद की मुबारकबाद दी, जहाँ बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में त्योहार का उत्साह साफ दिखाई दिया। इस
मौके पर शहर काजी सैयद साजिद अली ने अपने संबोधन में भाईचारा, सौहार्द और देश में अमन-चैन बनाए रखने का संदेश दिया, साथ ही लोगों से फिजूलखर्ची से बचने की अपील भी की। कई अधिकारी और जनप्रतिनिधियों ने भी ईदगाह पहुंचकर मुस्लिम समाज को बकरीद की शुभकामनाएं दीं। त्योहार को शांतिपूर्ण तरीके
से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात रहा, और जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत बनाए रखने के लिए ग्वालियर से आए बीएसएफ के 58 जवानों की भी ड्यूटी लगाई गई थी।
- रायसेन में विश्वकर्मा समाज द्वारा अभी-अभी अस्पताल के सामने चक्का जाम कर दिया गया है।1
- विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल सांची से भगवान बुद्ध के परम शिष्यों, अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हन्त महामोग्गलान के पवित्र अस्थि कलश गुरुवार को मंगोलिया के लिए रवाना हो गए। यह यात्रा इन पवित्र अवशेषों को मंगोलिया तक ले जाएगी।1
- ग्रीन सिटी के दावों पर सवाल: अयोध्या बायपास पर पेड़ों की कटाई जारी भोपाल को “ग्रीन सिटी” बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन अयोध्या बायपास क्षेत्र में खुलेआम पेड़ों की कटाई इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों के नाम पर वर्षों पुराने पेड़ों को हटाया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे बैठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ प्रशासन पर्यावरण बचाने के अभियान चलाता है, वहीं दूसरी ओर बिना किसी ठोस व्यवस्था के हरियाली खत्म की जा रही है। सवाल नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और पर्यावरण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे हैं कि आखिर कितने पेड़ों की अनुमति दी गई और बदले में कितने पौधे लगाए जाएंगे? शहर में लगातार बढ़ती गर्मी और प्रदूषण के बीच पेड़ों की कटाई लोगों की चिंता बढ़ा रही है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजों में हरियाली दिखाएंगे या जमीन पर भी पर्यावरण बचाने के लिए कदम उठाएंगे।1
- मस्जिदों और ईदगाहों में विशेष नमाज़ अदा की जाएगी, जिसमें अमन-चैन और खुशहाली के लिए खास दुआएं मांगी जाएंगी।1
- यह पोस्ट 'बॉलीवुड का तड़का' से संबंधित और अधिक सामग्री प्राप्त करने के लिए 'फेमिना' को फॉलो करने का आग्रह करती है।1
- भोपाल के भारत भवन में गंगा संवर्धन विषय पर केंद्रित सुदिनीरा नामक एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है।1
- रायसेन जिले के काल भैरव धाम के पीठाधीश्वर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में पाँच लोग घायल हुए हैं। बताया गया है कि इस पूरे मामले को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस द्वारा घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है।1
- भारत सरकार ने भगवान बुद्ध के शिष्यों अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को मंगोलिया में दर्शनार्थ ले जाने की अनुमति दी है। ये अवशेष सांची में बौद्ध स्तूप परिसर स्थित चैतियगिरी विहार मंदिर में रखे गए थे। आज भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशों पर, इन पवित्र अवशेषों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख श्री वानगल उपतिस्स नायक थेरो और कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने भारत सरकार के संस्कृति विभाग के निदेशक श्री यश सक्सेना को सौंपा। ये पवित्र अवशेष आज भोपाल से हवाई जहाज के माध्यम से दिल्ली पहुंचेंगे, जहाँ राष्ट्रीय संग्रहालय में आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद 29 मई को इन्हें मंगोलिया दर्शनार्थ ले जाया जाएगा। मंगोलिया में, पवित्र अवशेषों को गंडन तेगचेनलिंग मठ में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके पश्चात, पवित्र अवशेष 10 जून को दिल्ली लौटेंगे और 11 जून को पुनः सांची में अपने निर्धारित स्थान पर सुरक्षित रख दिए जाएंगे। शासन के निर्देशों और महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के अध्यक्ष श्री वानगल उपतित्स्स की उपस्थिति में, कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने शिष्य अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि को सुरक्षित तरीके से हस्तांतरित किया। इस पूरी प्रक्रिया का अभिलेखीकरण, वीडियोग्राफी और पंचनामा भी तैयार किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ श्री कमल सोलंकी भी मौजूद रहे। पवित्र अवशेषों को चैतियगिरी विहार के तहखाने से विधिवत पूजा-अर्चना कर मंदिर में लाया गया था, जहाँ एक बार फिर पूजा-अर्चना की गई और मंदिर से बाहर लाते समय गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इन पवित्र अस्थियों को लेकर महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख श्री वानगल उपतिस्स नायक थेरो और संस्कृति विभाग के निदेशक श्री यश सक्सेना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ भोपाल के लिए रवाना हुए।1
- आज भोपाल कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में कुल 181 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें मुख्य रूप से जमीन धोखाधड़ी और अवैध कॉलोनियों से संबंधित शिकायतें शामिल थीं। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) सुमित पांडे ने इस गंभीर स्थिति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बिल्डरों द्वारा बिना अनुमति कॉलोनियां काटना और खरीदारों को कब्जा न देना एक गंभीर विषय है। प्रशासन ने पहले चिन्हित की गई 127 अवैध कॉलोनियों में से 10 पर आपराधिक शिकायतें (एफआईआर) दर्ज की हैं। जमीन धोखाधड़ी पर प्रभावी रोक लगाने के उद्देश्य से, प्रशासन अब एक विशेष 'मोबाइल ऐप' शुरू कर रहा है, जिसके माध्यम से जमीन की खरीद-फरोख्त पर बारीकी से नजर रखी जाएगी। इस निगरानी की जिम्मेदारी ग्रामीण क्षेत्रों में एसडीएम को और शहरी क्षेत्रों में इल्ला तिवारी को सौंपी गई है। नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ प्रशासन द्वारा सख्त कार्रवाई की जाएगी।1