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रायसेन में विश्वकर्मा समाज द्वारा अभी-अभी अस्पताल के सामने चक्का जाम कर दिया गया है।
भुवनेश्वर कुशवाह संपादक
रायसेन में विश्वकर्मा समाज द्वारा अभी-अभी अस्पताल के सामने चक्का जाम कर दिया गया है।
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- रायसेन में विश्वकर्मा समाज द्वारा अभी-अभी अस्पताल के सामने चक्का जाम कर दिया गया है।1
- विश्व प्रसिद्ध बौद्ध तीर्थ स्थल सांची से भगवान बुद्ध के परम शिष्यों, अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हन्त महामोग्गलान के पवित्र अस्थि कलश गुरुवार को मंगोलिया के लिए रवाना हो गए। यह यात्रा इन पवित्र अवशेषों को मंगोलिया तक ले जाएगी।1
- विदिशा में एक ज्वेलर्स संचालक पर लाखों रुपए की ठगी का गंभीर आरोप लगा है। बेरसिया तहसील के ग्राम पारसोला निवासी शिवराज जाटव ने सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने जेल रोड स्थित साधना ज्वेलर्स के संचालक पर चांदी लेकर करीब 1 लाख 96 हजार रुपए का भुगतान न करने और फिर गायब हो जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि आरोपी दुकान संचालक ने रकम और बिल अपने पास रखने के बाद से ही उसे ढूंढा नहीं जा सका है। फरियादी शिवराज जाटव के मुताबिक, उन्होंने कुछ समय पहले साधना ज्वेलर्स से चांदी की रकम ली थी। कुछ दिनों बाद जब वे उसी चांदी की रकम को वापस दुकान पर बेचने पहुंचे, तो दुकान संचालक ने चांदी अपने पास रख ली और साथ ही बिल भी ले लिया। दोनों के बीच 1 लाख 96 हजार रुपए के भुगतान पर सहमति बनी थी, लेकिन रकम देने की बात कहने के बाद दुकान संचालक अचानक गायब हो गया। शिकायत मिलने पर सिविल लाइन थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन ज्वेलर्स की दुकान और उसके घर, दोनों जगहों पर ताला लगा मिला। पीड़ित शिवराज जाटव पुलिस से इस मामले में तत्काल कार्रवाई करने और अपनी फंसी हुई रकम वापस दिलाने की मांग कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत चौबे ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें शिकायत मिली है, और मामले की गहन जांच कर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।4
- ग्रीन सिटी के दावों पर सवाल: अयोध्या बायपास पर पेड़ों की कटाई जारी भोपाल को “ग्रीन सिटी” बनाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन अयोध्या बायपास क्षेत्र में खुलेआम पेड़ों की कटाई इन दावों की पोल खोलती नजर आ रही है। सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों के नाम पर वर्षों पुराने पेड़ों को हटाया जा रहा है, जबकि जिम्मेदार विभाग चुप्पी साधे बैठे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ प्रशासन पर्यावरण बचाने के अभियान चलाता है, वहीं दूसरी ओर बिना किसी ठोस व्यवस्था के हरियाली खत्म की जा रही है। सवाल नगर निगम, पीडब्ल्यूडी और पर्यावरण विभाग की कार्यप्रणाली पर भी उठ रहे हैं कि आखिर कितने पेड़ों की अनुमति दी गई और बदले में कितने पौधे लगाए जाएंगे? शहर में लगातार बढ़ती गर्मी और प्रदूषण के बीच पेड़ों की कटाई लोगों की चिंता बढ़ा रही है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी सिर्फ कागजों में हरियाली दिखाएंगे या जमीन पर भी पर्यावरण बचाने के लिए कदम उठाएंगे।1
- यह पोस्ट 'बॉलीवुड का तड़का' से संबंधित और अधिक सामग्री प्राप्त करने के लिए 'फेमिना' को फॉलो करने का आग्रह करती है।1
- भोपाल के भारत भवन में गंगा संवर्धन विषय पर केंद्रित सुदिनीरा नामक एक कार्यशाला का आयोजन किया गया है।1
- रायसेन जिले के सांचेत स्थित काल भैरव पीठ के पीठाधीश्वर नाना गुरु का अपने पड़ोसियों के साथ विवाद हो गया है। बताया जा रहा है कि यह विवाद उस समय ने बड़ा रूप ले लिया, जब नाना गुरु की पत्नी पड़ोसी के घर बैठने गई थीं।1
- रायसेन जिले के काल भैरव धाम के पीठाधीश्वर के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना में पाँच लोग घायल हुए हैं। बताया गया है कि इस पूरे मामले को लेकर दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। पुलिस द्वारा घटना की गंभीरता से जांच की जा रही है।1
- भारत सरकार ने भगवान बुद्ध के शिष्यों अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को मंगोलिया में दर्शनार्थ ले जाने की अनुमति दी है। ये अवशेष सांची में बौद्ध स्तूप परिसर स्थित चैतियगिरी विहार मंदिर में रखे गए थे। आज भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय और मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशों पर, इन पवित्र अवशेषों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग मंत्री श्री प्रहलाद पटेल, महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख श्री वानगल उपतिस्स नायक थेरो और कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने भारत सरकार के संस्कृति विभाग के निदेशक श्री यश सक्सेना को सौंपा। ये पवित्र अवशेष आज भोपाल से हवाई जहाज के माध्यम से दिल्ली पहुंचेंगे, जहाँ राष्ट्रीय संग्रहालय में आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद 29 मई को इन्हें मंगोलिया दर्शनार्थ ले जाया जाएगा। मंगोलिया में, पवित्र अवशेषों को गंडन तेगचेनलिंग मठ में श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके पश्चात, पवित्र अवशेष 10 जून को दिल्ली लौटेंगे और 11 जून को पुनः सांची में अपने निर्धारित स्थान पर सुरक्षित रख दिए जाएंगे। शासन के निर्देशों और महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के अध्यक्ष श्री वानगल उपतित्स्स की उपस्थिति में, कलेक्टर श्री अरुण कुमार विश्वकर्मा ने शिष्य अर्हन्त सारिपुत्र और अर्हंत महामोगल्यान के पवित्र अवशेषों को राष्ट्रीय संग्रहालय के प्रतिनिधि को सुरक्षित तरीके से हस्तांतरित किया। इस पूरी प्रक्रिया का अभिलेखीकरण, वीडियोग्राफी और पंचनामा भी तैयार किया गया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री आशुतोष गुप्ता और जिला पंचायत सीईओ श्री कमल सोलंकी भी मौजूद रहे। पवित्र अवशेषों को चैतियगिरी विहार के तहखाने से विधिवत पूजा-अर्चना कर मंदिर में लाया गया था, जहाँ एक बार फिर पूजा-अर्चना की गई और मंदिर से बाहर लाते समय गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया। इन पवित्र अस्थियों को लेकर महाबोधी सोसायटी श्रीलंका के प्रमुख श्री वानगल उपतिस्स नायक थेरो और संस्कृति विभाग के निदेशक श्री यश सक्सेना पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के साथ भोपाल के लिए रवाना हुए।1