मझौलिया से लापता युवक का नहीं चला सुराग, परिजन बेहाल, जानकारी देने वाले को इनाम की घोषणा पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत धोकराहा गांव के वार्ड संख्या 11 निवासी मिथलेश कुमार सिंह (उम्र लगभग 38 वर्ष) 5 अप्रैल 2026 की सुबह घर से निकले, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के गांवों में भी तलाश की गई, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। घटना के बाद परिवार में गहरी चिंता का माहौल है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए परिजनों ने मझौलिया थाना में लिखित आवेदन देकर पुलिस से युवक की जल्द से जल्द खोजबीन की गुहार लगाई है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। लापता युवक के भाई अखिलेश सिंह ने जानकारी देने वाले को उचित इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को मिथलेश कुमार सिंह के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत मोबाइल नंबर 7004666283 या 9472865065 पर संपर्क करें।
मझौलिया से लापता युवक का नहीं चला सुराग, परिजन बेहाल, जानकारी देने वाले को इनाम की घोषणा पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत धोकराहा गांव के वार्ड संख्या 11 निवासी मिथलेश कुमार सिंह (उम्र लगभग 38 वर्ष) 5 अप्रैल 2026 की सुबह घर से निकले, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के गांवों में भी तलाश की गई, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। घटना के बाद परिवार में गहरी चिंता का माहौल है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए परिजनों ने मझौलिया थाना में लिखित आवेदन देकर पुलिस से युवक की जल्द से जल्द खोजबीन की गुहार लगाई है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। लापता युवक के भाई अखिलेश सिंह ने जानकारी देने वाले को उचित इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को मिथलेश कुमार सिंह के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत मोबाइल नंबर 7004666283 या 9472865065 पर संपर्क करें।
- पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र अंतर्गत धोकराहा गांव के वार्ड संख्या 11 निवासी मिथलेश कुमार सिंह (उम्र लगभग 38 वर्ष) 5 अप्रैल 2026 की सुबह घर से निकले, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका है। परिजनों ने अपने स्तर पर काफी खोजबीन की। रिश्तेदारों, परिचितों और आसपास के गांवों में भी तलाश की गई, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिला है। घटना के बाद परिवार में गहरी चिंता का माहौल है और परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए परिजनों ने मझौलिया थाना में लिखित आवेदन देकर पुलिस से युवक की जल्द से जल्द खोजबीन की गुहार लगाई है। पुलिस भी मामले की जांच में जुट गई है। लापता युवक के भाई अखिलेश सिंह ने जानकारी देने वाले को उचित इनाम देने की घोषणा की है। उन्होंने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी को मिथलेश कुमार सिंह के बारे में कोई भी जानकारी मिले, तो तुरंत मोबाइल नंबर 7004666283 या 9472865065 पर संपर्क करें।1
- राजस्थान के जालोर जिले में सिरे मंदिर की दुर्गम पहाड़ी पर इतिहास रच दिया गया। पहली बार ट्रैक्टर से सामान मंदिर तक पहुंचाया गया। खास बात यह रही कि ट्रैक्टर ने 800 सीढ़ियां रिवर्स गियर में चढ़कर यह कारनामा किया। इस अनोखे प्रयास ने स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं को चकित कर दिया और इसे एक रिकॉर्ड के रूप में दर्ज किया गया। #Jalore #Rajasthan #SireTemple #TractorRecord #ReverseGear #800Steps #MountainClimb #GoodsTransport #History #Achievement #UniqueEvent #India #News #Update #Devotees #Effort #Record #Temple #HillClimb #BreakingNews1
- फाजिलनगर क्षेत्र के फरेंदहा गांव में कराए जा रहे पशु चिकित्सालय निर्माण कार्य में घटिया सामग्री के उपयोग किए जाने से नाराज प्रधान प्रतिनिधि हरीश गोंड ने डीएम कुशीनगर को पत्रक भेज कर जांच कर कार्यवाही करने की मांग की है।1
- ब्रेकिंग कुशीनगर । - कुशीनगर का स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई के मामले में सवाल के घेरे - एक सप्ताह पूर्व सीएचसी परिसर में खड़ा प्राइवेट एम्बुलेंस की खबर चलने के बाद भी नही हुई कार्रवाई - प्राइवेट एम्बुलेंस के खिलाफ कार्रवाई न होना जिम्मेदारो के ऊपर उठ रहा सवाल - एक सप्ताह बाद सीएमओ कुशीनगर ने जाँच करा प्राइवेट एम्बुलेंस के खिलाफ कार्रवाई की कही बात - दुदही सीएचसी परिसर में खड़ा था क्षेत्र के महन्थ शिवानंद हॉस्पिटल का एम्बुलेंस ।3
- क्लास 11th का नया फाउंडेशन बैच प्रातः 7:00 से प्रारंभ हो चुका है मिडिल स्कूल के पास मिश्रबत्तरहाँ By Rahul sir 91109912811
- लौरिया विधायक विनय बिहारी ने बिहार में लागू बिहार शराबबंदी कानून पर बड़ा बयान देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि यह कानून पूरी तरह फेल साबित हो रहा है और सरकार को इस पर दोबारा गंभीरता से विचार करना चाहिए। उनका साफ कहना है कि शराबबंदी के बावजूद राज्य में शराब का कारोबार बंद नहीं हुआ है, बल्कि अवैध तरीके से जारी है। विनय बिहारी ने यह भी आरोप लगाया कि हजारों लीटर जब्त शराब को जमीन में नष्ट करना पर्यावरण और भूमि की उर्वरता के लिए नुकसानदेह है, जो किसी भी तरह उचित नहीं है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जिन्हें शराब बनानी नहीं आती, वे भी शराब बना रहे हैं और पीने वालों की संख्या कम होने के बजाय बढ़ती ही जा रही है। साथ ही उन्होंने सरकार के राजस्व नुकसान की ओर भी इशारा करते हुए कहा कि एक तरफ राज्य की कमाई घट रही है और दूसरी तरफ शराबबंदी का असर जमीनी स्तर पर नजर नहीं आ रहा। 👉 कुल मिलाकर, विधायक ने संकेत दिया कि वर्तमान स्वरूप में यह कानून प्रभावी नहीं है और इसमें बदलाव या समीक्षा की जरूरत है।1
- क्लास 11th का नया फाउंडेशन बैच प्रातः 7:00 बजे से प्रारंभ हो चुका है मिडिल स्कूल के पास मिश्रबतरहाँ By Rahul sir 91109912811
- पश्चिम चंपारण के बाल्मीकि नगर में 5 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यक्रम के दौरान भाजपा विधायक विनय बिहारी और उनके साथियों को कार्यक्रम स्थल में जाने से रोक दिया गया। चार विधायक और एक सांसद कार्यक्रम में शामिल होने गए थे, लेकिन रामनगर के विधायक नंदकिशोर राम को धक्का दिया गया और निकास मार्ग दो दरोगाओं द्वारा बंद कर दिया गया। जब विधायक और अन्य नेताओं ने मौके पर जाकर पूछताछ की, तो बताया गया कि यह सब इंस्पेक्टर के आदेश से किया गया। विनय बिहारी ने कहा कि ऐसे आदेशों से विधायक और सांसदों का मार्ग रोकना पूरी तरह अस्वीकार्य है। मौके पर मौजूद एच खान से बात करने पर उन्होंने कहा कि वे केवल नौकर हैं और फैसले नहीं ले सकते। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके अगले दिन, 6 अप्रैल को विधायक विनय बिहारी की प्रतिक्रिया सामने आई, जिसमें उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन की यह मनमानी और अधिकारियों की अवहेलना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में ऐसे व्यवहार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। विधायक ने स्पष्ट किया कि उन्होंने मौके पर हुए हंगामे और अनुचित व्यवहार का विरोध किया और न्यायसंगत कार्रवाई की मांग की। उनका कहना है कि अधिकारियों द्वारा सत्ता का दुरुपयोग जनता और जनप्रतिनिधियों के अधिकारों के लिए खतरा है और इसे किसी भी हाल में सहन नहीं किया जा सकता। यह मामला अब राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है, और वायरल वीडियो ने इसे जनता के बीच चर्चा का केंद्र बना दिया है।1