"कमल पर खानदानी कब्जा !" मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंच से जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे को "भावी नेता" का आशीर्वाद मिला, वैसे ही भाजपा के कई दिग्गजों को अचानक अपने-अपने बेटों में भविष्य नजर आने लगा।। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर कैलाश विजयवर्गीय तक, हर खेमे में हलचल है। विजयवर्गीय तो पहले ही अपने बेटे आकाश को राजनीति में स्थापित कर चुके हैं। जबकि इंदौर के नेता सत्यनारायण सत्यन ने चुपचाप अपनी बेटी को कांग्रेस में भेज दिया, वहीं नरोत्तम मिश्रा भी अपने बेटे को आगे लाने की कोशिशों में जुटे बताए जाते हैं। वरिष्ठ नेता 70-75 पार कर चुके हैं और उनके बच्चों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा अब मैदान में उतर रही है। "कमल पर खानदानी कब्जा !" मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंच से जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे को "भावी नेता" का आशीर्वाद मिला, वैसे ही भाजपा के कई दिग्गजों को अचानक अपने-अपने बेटों में भविष्य नजर आने लगा।। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर कैलाश विजयवर्गीय तक, हर खेमे में हलचल है। विजयवर्गीय तो पहले ही अपने बेटे आकाश को राजनीति में स्थापित कर चुके हैं। जबकि इंदौर के नेता सत्यनारायण सत्यन ने चुपचाप अपनी बेटी को कांग्रेस में भेज दिया, वहीं नरोत्तम मिश्रा भी अपने बेटे को आगे लाने की कोशिशों में जुटे बताए जाते हैं। वरिष्ठ नेता 70-75 पार कर चुके हैं और उनके बच्चों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा अब मैदान में उतर रही है।
"कमल पर खानदानी कब्जा !" मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंच से जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे को "भावी नेता" का आशीर्वाद मिला, वैसे ही भाजपा के कई दिग्गजों को अचानक अपने-अपने बेटों में भविष्य नजर आने लगा।। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर कैलाश विजयवर्गीय तक, हर खेमे में हलचल है। विजयवर्गीय तो पहले ही अपने बेटे आकाश को राजनीति में स्थापित कर चुके हैं। जबकि इंदौर के नेता सत्यनारायण सत्यन ने चुपचाप अपनी बेटी को कांग्रेस में भेज दिया, वहीं नरोत्तम मिश्रा भी अपने बेटे को आगे लाने की कोशिशों में जुटे बताए जाते हैं। वरिष्ठ नेता 70-75 पार कर चुके हैं और उनके बच्चों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा अब मैदान में उतर रही है। "कमल पर खानदानी कब्जा !" मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंच से जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे को "भावी नेता" का आशीर्वाद मिला, वैसे ही भाजपा के कई दिग्गजों को अचानक अपने-अपने बेटों में भविष्य नजर आने लगा।। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर कैलाश विजयवर्गीय तक, हर खेमे में हलचल है। विजयवर्गीय तो पहले ही अपने बेटे आकाश को राजनीति में स्थापित कर चुके हैं। जबकि इंदौर के नेता सत्यनारायण सत्यन ने चुपचाप अपनी बेटी को कांग्रेस में भेज दिया, वहीं नरोत्तम मिश्रा भी अपने बेटे को आगे लाने की कोशिशों में जुटे बताए जाते हैं। वरिष्ठ नेता 70-75 पार कर चुके हैं और उनके बच्चों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा अब मैदान में उतर रही है।
- "कमल पर खानदानी कब्जा !" मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के मंच से जैसे ही विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के बेटे को "भावी नेता" का आशीर्वाद मिला, वैसे ही भाजपा के कई दिग्गजों को अचानक अपने-अपने बेटों में भविष्य नजर आने लगा।। पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान से लेकर कैलाश विजयवर्गीय तक, हर खेमे में हलचल है। विजयवर्गीय तो पहले ही अपने बेटे आकाश को राजनीति में स्थापित कर चुके हैं। जबकि इंदौर के नेता सत्यनारायण सत्यन ने चुपचाप अपनी बेटी को कांग्रेस में भेज दिया, वहीं नरोत्तम मिश्रा भी अपने बेटे को आगे लाने की कोशिशों में जुटे बताए जाते हैं। वरिष्ठ नेता 70-75 पार कर चुके हैं और उनके बच्चों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा अब मैदान में उतर रही है।1
- दुनिया के कितने देशों के पास परमाणु बम हैं + भारत UNO का स्थायी सदस्य क्यों नहीं है#gk #shorts#khan1
- डबरा (ग्वालियर) मध्य प्रदेश भितरवार विधानसभा के वर्तमान भाजपा विधायक मोहन सिंह राठौड़ और कांग्रेस के पूर्व विधायक लाखन सिंह यादव के बीच एक बार फिर हुई बयानबाजी, दोनों की बयान बाजी से गरमाई राजनीति , पूर्व विधायक लाखन सिंह यादव ने मोहना में हुई जनसभा को संबोधित किया और वर्तमान विधायक मोहन सिंह राठौड़ पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान विधायक मुझे मरे का विधायक कहता है मैं 20 साल विधायक रहा और 14 साल मंत्री रहा और तू अभी 2 साल का बच्चा है तू अभी विधायक की हैसियत नहीं जानता । इस बयान पर वर्तमान विधायक मोहन सिंह राठौड़ ने पलटवार करते हुए कहा है कि भितरवार की जनता ने 20 सालों में विनाश देखा है विकास नहीं जिसका जवाब भितरवार की जनता ने दिया और ग्वालियर जिले में सबसे ज्यादा वोटो से भितरवार विधानसभा से भाजपा की जीत हुई थी, भाजपा का प्रत्याशी चुनाव नहीं लड़ता बल्कि जनता चुनाव लड़ती है और कांग्रेस में प्रत्याशी चुनाव लड़ता है।2
- *एक बुजुर्ग और महिला को सरेआम पीटा गया।* *ग्वालियर कानून व्यवस्था पर उठते सवाल।* *पीड़ित परिवार ने लगाए महाराजपुरा थाना पर सही कार्यवाही ना करने के आरोप।* *पीड़ित परिवार को जान का खतरा।* *पीड़ित परिवार ने लगाई न्याय की गुहार।*1
- Post by दिगेन्द्र दिनेश बाजपेई1
- ग्वालियर में गाड़ी हटाने को लेकर दो गुटों के युवकों में विवाद हो गया विवाद का बदला लेने के लिए दो युवकों ने दूसरे युवक के छोटे भाई को घेर लिया और बेसबॉल से बीच सड़क पर पिटाई कर दी। मारपीट का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना ग्वालियर थाना क्षेत्र के सेवा नगर की है। इस घटना की शिकायत युवक ने पुलिस थाने में की वहीं पुलिस ने दोनों आरोपी युवकों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दअरसल ग्वालियर थाना क्षेत्र के सेवा नगर में रहने वाले फरियादी पंकज राजावत ने पुलिस को बताया कि 12 फरवरी 2026 को उसके बड़े भाई शुभम राजावत का तुलसी विहार कॉलोनी निवासी सूरज शर्मा और नितेश शर्मा से गाड़ी हटाने को लेकर विवाद हो गया था। जब बाहर रात के वक्त खेड़ापति मंदिर से अपनी दुकान बंद करके घर जा रहा था तभी उसी विवाद का बदला लेने के लिए सूरज और नितेश ने उसे सेवा नगर रोड पर रोक लिया और वहां उसके भाई शुभम कहा है पूछने के बाद गाली गलौज करने लगे जब उसने गाली गलौज करने का विरोध किया तो दोनों युवकों ने उसकी सड़क पर ही बेसबॉल से मारपीट कर दी। जिससे उसके कई जगह चोटे भी आई। मारपीट के दौरान जब वहां चलाया तो उसका बड़ा भाई शुभम राजावत और उसका दोस्त दीनदयाल साहू उसे बचाने पहुंचे तभी वहां दोनों आरोपी जाते जाते धमकी दी की अगर वहां फिर से उनसे टकराए तो जान से खत्म कर देंगे और फरार हो गए। जिसकी शिकायत दोनों भाइयों ने थाने पहुंचकर की। पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो उसमें मारपीट की घटना कैद हो गई। वही पुलिस ने फरियादी पंकज राजावत की शिकायत पर दोनों आरोपी सुरेश और नितेश के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।1
- ग्वालियर में वेतन न मिलने परआउटसोर्स व अन्य नगर निगम कर्मचारी हुए परेशान श्रमिक संघ ट्रेड यूनियन परिषद पर करेगी प्रदर्शन!1
- दामोदर यादव ने सिंधिया को लेकर क्या कह दिया ? केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को लेकर दामोदर यादव ने क्या कह दिया ?1