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लांजी में बनेगा वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल *लांजी में बनेगा वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल, सादर मित्र मंडल ने किया भूमिपूजन* *लांजी, बालाघाट -* विश्व प्रसिद्ध वृंदावन के प्रेम मंदिर की भव्यता अब लांजी में देखने को मिलेगी। विश्वसरैया चौक लांजी में सादर मित्र मंडल द्वारा इस वर्ष नवरात्रि पर्व पर वृंदावन के प्रेम मंदिर की प्रतिकृति के रूप में लगभग 60 फीट ऊंचा भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। सादर मित्र मंडल अपने 18 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। समिति इस वर्ष भगवत गीता के उपदेश और महाभारत की वीर गाथा के साथ वृंदावन की भव्य छवि को साकार करने जा रही है। माता जी की प्रतिमा खैरागढ़ से बनाई जा रही है, जिसके साथ प्रेम मंदिर की अद्भुत झलक श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। पंडाल निर्माण के लिए भव्य भूमिपूजन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समिति के सभी संरक्षक, सदस्य गण एवं लांजी के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सादर मित्र मंडल विगत कई वर्षों से भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को लांजी की जनता तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत पूर्व में स्वयंभू गणेश मंदिर, केदारनाथ मंदिर, बद्रीनाथ मंदिर, जेजुरी मंदिर पुणे और जगन्नाथ पुरी मंदिर की भव्य प्रतिकृतियां बनाई जा चुकी हैं, जिन्हें क्षेत्र में खूब सराहना मिली थी। समिति ने बताया कि नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा, साथ ही गरबा महोत्सव एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

23 hrs ago
user_Ramanuj Tidke
Ramanuj Tidke
Local News Reporter लांजी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
23 hrs ago
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लांजी में बनेगा वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल *लांजी में बनेगा वृंदावन के प्रसिद्ध प्रेम मंदिर की तर्ज पर भव्य पंडाल, सादर मित्र मंडल ने किया भूमिपूजन* *लांजी, बालाघाट -* विश्व प्रसिद्ध वृंदावन के प्रेम मंदिर की भव्यता अब लांजी में देखने को मिलेगी। विश्वसरैया चौक लांजी में सादर मित्र मंडल द्वारा इस वर्ष नवरात्रि पर्व पर

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वृंदावन के प्रेम मंदिर की प्रतिकृति के रूप में लगभग 60 फीट ऊंचा भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। सादर मित्र मंडल अपने 18 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। समिति इस वर्ष भगवत गीता के उपदेश और महाभारत की वीर गाथा के साथ वृंदावन की भव्य छवि को साकार करने जा रही है। माता जी की प्रतिमा खैरागढ़ से

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बनाई जा रही है, जिसके साथ प्रेम मंदिर की अद्भुत झलक श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगी। पंडाल निर्माण के लिए भव्य भूमिपूजन समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें समिति के सभी संरक्षक, सदस्य गण एवं लांजी के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सादर मित्र मंडल विगत कई वर्षों से भारत के प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों को लांजी की जनता तक पहुंचाने के

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लिए प्रतिबद्ध है। इसके तहत पूर्व में स्वयंभू गणेश मंदिर, केदारनाथ मंदिर, बद्रीनाथ मंदिर, जेजुरी मंदिर पुणे और जगन्नाथ पुरी मंदिर की भव्य प्रतिकृतियां बनाई जा चुकी हैं, जिन्हें क्षेत्र में खूब सराहना मिली थी। समिति ने बताया कि नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा, साथ ही गरबा महोत्सव एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा।

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  • सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
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    सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा
वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया।
इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की।
वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
    user_Aanand Verma
    Aanand Verma
    वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • पूर्ण और अपडेटेड फैक्ट्स: राहुल गांधी का UPI MDR आरोप और असलियत (स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़) 15 सितंबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल रही है। राहुल गांधी का पूरा आरोप (X पोस्ट से) मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है। ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाया जा सकता है। ये लेन-देन संख्या में सिर्फ 5% हैं, लेकिन UPI के कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का करीब 65% इन्हीं में है। सरकार कहती है ग्राहक से फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फीस कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से निकलेगी। अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध कर रही हैं। अब सरकार उसी दिशा में नीति बदल रही है। “US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।” असल में क्या हुआ है? (सरकारी नोटिफिकेशन और NPCI) 14 सितंबर 2026 की गजट नोटिफिकेशन: बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स ₹2,000 तक के UPI ट्रांजेक्शन और RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर कोई डायरेक्ट या इंडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकते। यह कानूनी सुरक्षा है। 15 सितंबर 2026 को NPCI ने फ्रेमवर्क क्लियर किया: P2P (व्यक्ति-से-व्यक्ति) ट्रांजेक्शन: पूरी तरह मुफ्त, कोई लिमिट नहीं। मर्चेंट ट्रांजेक्शन ₹2,000 तक: मुफ्त (लगभग 96% वॉल्यूम)। मर्चेंट ट्रांजेक्शन ₹2,000 से ऊपर: 0.4% MDR (मर्चेंट पे करेगा)। ₹75,000 और उससे ऊपर: कैप ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन। जरूरी सेक्टर (रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल आदि): फ्लैट ₹5। छोटे मर्चेंट (P2PM फ्रेमवर्क, मासिक ₹1 लाख तक UPI QR से कमाई): अभी भी सुरक्षित। लागू होने की तारीख: 15 अक्टूबर 2026। महत्वपूर्ण: ग्राहक से सीधे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। MDR मर्चेंट (दुकानदार/बिजनेस) पर लगेगा और पेमेंट इकोसिस्टम (बैंक, ऐप्स) में बंटेगा। सरकार या NPCI इसे टैक्स के रूप में नहीं ले रहा। सरकार और भाजपा का जवाब वित्त मंत्रालय और NPCI साफ कह रहे हैं कि 96% मर्चेंट ट्रांजेक्शन प्रभावित नहीं होंगे। केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राहुल गांधी के आरोप को “पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद” बताया। उन्होंने कहा कि अभी कोई ऐसा फैसला नहीं हुआ है कि ₹2,000 से ऊपर फीस लगेगी (बाद में NPCI ने 0.4% फ्रेमवर्क जारी कर दिया)। भाजपा ने कांग्रेस पर “फेक न्यूज” फैलाने का आरोप लगाया। अमेरिकी दबाव वाला एंगल राहुल गांधी और कांग्रेस ने इसे अमेरिका (Visa-Mastercard) के दबाव से जोड़ा। अमेरिकी ट्रेड रिपोर्ट्स में पहले भी भारत की zero-MDR नीति पर आपत्ति जताई गई थी। कुछ थिंक-टैंक (जैसे GTRI) ने भी चेतावनी दी थी कि नीति बदलते समय बाहरी दबाव से बचना चाहिए। सरकार का रुख है कि यह UPI इकोसिस्टम की सस्टेनेबिलिटी के लिए जरूरी है, क्योंकि शून्य-MDR से सालाना हजारों करोड़ का खर्च आ रहा था। सारांश (फुल फैक्ट्स) बिंदु राहुल गांधी का दावा असल स्थिति फीस लग रही है? चुपचाप रास्ता खोला ₹2,000 तक पूरी तरह मुफ्त; ऊपर 0.4% सिर्फ मर्चेंट पर (15 अक्टूबर से) ग्राहक पर असर कीमत बढ़ेगी सीधे नहीं, लेकिन मर्चेंट लागत बढ़ा सकते हैं वॉल्यूम 5% ट्रांजेक्शन = 65% वैल्यू सही आंकड़े (सरकारी/NPCI डेटा से मेल खाते हैं) अमेरिका वाला एंगल Surrender विवादित; सरकार इनकार करती है निष्कर्ष: राहुल गांधी का आरोप आंशिक रूप से सही है कि ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR का रास्ता खुल गया है और फ्रेमवर्क जारी हो चुका है। लेकिन “सरेंडर” और “ग्राहक से सीधे फीस” वाला दावा सरकारी स्पष्टीकरण से मेल नहीं खाता। UPI अभी भी आम आदमी के लिए मुफ्त बना हुआ है। स्रोत: The Hindu, LiveMint, Business Today, NPCI FAQ, PIB, X पोस्ट (RahulGandhi) और अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट्स (15 सितंबर 2026 तक अपडेटेड)। मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ. #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
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    पूर्ण और अपडेटेड फैक्ट्स: राहुल गांधी का UPI MDR आरोप और असलियत
(स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़)
15 सितंबर 2026 को कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने X पर पोस्ट कर मोदी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल रही है।
राहुल गांधी का पूरा आरोप (X पोस्ट से)
मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फीस लगाने का रास्ता खोल दिया है।
₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट UPI लेन-देन पर MDR (Merchant Discount Rate) लगाया जा सकता है।
ये लेन-देन संख्या में सिर्फ 5% हैं, लेकिन UPI के कुल ट्रांजेक्शन वैल्यू का करीब 65% इन्हीं में है।
सरकार कहती है ग्राहक से फीस नहीं ली जाएगी, लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फीस कीमतों में जुड़कर ग्राहक की जेब से निकलेगी।
अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध कर रही हैं। अब सरकार उसी दिशा में नीति बदल रही है।
“US Trade Deal की तरह ही, Compromised PM मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने surrender कर रहे हैं।”
असल में क्या हुआ है? (सरकारी नोटिफिकेशन और NPCI)
14 सितंबर 2026 की गजट नोटिफिकेशन:
बैंक और पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर्स ₹2,000 तक के UPI ट्रांजेक्शन और RuPay डेबिट कार्ड भुगतान पर कोई डायरेक्ट या इंडायरेक्ट चार्ज नहीं लगा सकते। यह कानूनी सुरक्षा है।
15 सितंबर 2026 को NPCI ने फ्रेमवर्क क्लियर किया:
P2P (व्यक्ति-से-व्यक्ति) ट्रांजेक्शन: पूरी तरह मुफ्त, कोई लिमिट नहीं।
मर्चेंट ट्रांजेक्शन ₹2,000 तक: मुफ्त (लगभग 96% वॉल्यूम)।
मर्चेंट ट्रांजेक्शन ₹2,000 से ऊपर: 0.4% MDR (मर्चेंट पे करेगा)।
₹75,000 और उससे ऊपर: कैप ₹300 प्रति ट्रांजेक्शन।
जरूरी सेक्टर (रेलवे, टेलीकॉम, इंश्योरेंस, फ्यूल आदि): फ्लैट ₹5।
छोटे मर्चेंट (P2PM फ्रेमवर्क, मासिक ₹1 लाख तक UPI QR से कमाई): अभी भी सुरक्षित।
लागू होने की तारीख: 15 अक्टूबर 2026।
महत्वपूर्ण: ग्राहक से सीधे कोई चार्ज नहीं लिया जाएगा। MDR मर्चेंट (दुकानदार/बिजनेस) पर लगेगा और पेमेंट इकोसिस्टम (बैंक, ऐप्स) में बंटेगा। सरकार या NPCI इसे टैक्स के रूप में नहीं ले रहा।
सरकार और भाजपा का जवाब
वित्त मंत्रालय और NPCI साफ कह रहे हैं कि 96% मर्चेंट ट्रांजेक्शन प्रभावित नहीं होंगे।
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने राहुल गांधी के आरोप को “पूरी तरह झूठा और बेबुनियाद” बताया। उन्होंने कहा कि अभी कोई ऐसा फैसला नहीं हुआ है कि ₹2,000 से ऊपर फीस लगेगी (बाद में NPCI ने 0.4% फ्रेमवर्क जारी कर दिया)।
भाजपा ने कांग्रेस पर “फेक न्यूज” फैलाने का आरोप लगाया।
अमेरिकी दबाव वाला एंगल
राहुल गांधी और कांग्रेस ने इसे अमेरिका (Visa-Mastercard) के दबाव से जोड़ा। अमेरिकी ट्रेड रिपोर्ट्स में पहले भी भारत की zero-MDR नीति पर आपत्ति जताई गई थी। कुछ थिंक-टैंक (जैसे GTRI) ने भी चेतावनी दी थी कि नीति बदलते समय बाहरी दबाव से बचना चाहिए। सरकार का रुख है कि यह UPI इकोसिस्टम की सस्टेनेबिलिटी के लिए जरूरी है, क्योंकि शून्य-MDR से सालाना हजारों करोड़ का खर्च आ रहा था।
सारांश (फुल फैक्ट्स)
बिंदु
राहुल गांधी का दावा
असल स्थिति
फीस लग रही है?
चुपचाप रास्ता खोला
₹2,000 तक पूरी तरह मुफ्त; ऊपर 0.4% सिर्फ मर्चेंट पर (15 अक्टूबर से)
ग्राहक पर असर
कीमत बढ़ेगी
सीधे नहीं, लेकिन मर्चेंट लागत बढ़ा सकते हैं
वॉल्यूम
5% ट्रांजेक्शन = 65% वैल्यू
सही आंकड़े (सरकारी/NPCI डेटा से मेल खाते हैं)
अमेरिका वाला एंगल
Surrender
विवादित; सरकार इनकार करती है
निष्कर्ष: राहुल गांधी का आरोप आंशिक रूप से सही है कि ₹2,000 से ऊपर के मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर MDR का रास्ता खुल गया है और फ्रेमवर्क जारी हो चुका है। लेकिन “सरेंडर” और “ग्राहक से सीधे फीस” वाला दावा सरकारी स्पष्टीकरण से मेल नहीं खाता। UPI अभी भी आम आदमी के लिए मुफ्त बना हुआ है।
स्रोत: The Hindu, LiveMint, Business Today, NPCI FAQ, PIB, X पोस्ट (RahulGandhi) और अन्य विश्वसनीय रिपोर्ट्स (15 सितंबर 2026 तक अपडेटेड)।
मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ.
#swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey  SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
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    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    24 min ago
  • नागपुर में फिल्मी अंदाज में बैंक डकैती: आँखों में मिर्च पाउडर फेंककर 4.53 लाख रुपये लूट भागा बदमाश! महाराष्ट्र के नागपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में एक बेखौफ लुटेरे ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। मुख्य बातें: मिर्च पाउडर से हमला: लुटेरा बैंक में दाखिल हुआ और अचानक बैंककर्मियों के चेहरे पर लाल मिर्च का पाउडर फेंक दिया। लाखों की लूट: नागपुर में फिल्मी अंदाज में बैंक डकैती: आँखों में मिर्च पाउडर फेंककर 4.53 लाख रुपये लूट भागा बदमाश! महाराष्ट्र के नागपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में एक बेखौफ लुटेरे ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। मुख्य बातें: मिर्च पाउडर से हमला: लुटेरा बैंक में दाखिल हुआ और अचानक बैंककर्मियों के चेहरे पर लाल मिर्च का पाउडर फेंक दिया। लाखों की लूट: कर्मचारियों के संभलने से पहले ही आरोपी काउंटर से 4.53 लाख रुपये नकद समेटकर मौके से फरार हो गया। मचा हड़कंप: घटना के बाद बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस मामले की जांच और आरोपी की तलाश में जुट गई है।
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    नागपुर में फिल्मी अंदाज में बैंक डकैती: आँखों में मिर्च पाउडर फेंककर 4.53 लाख रुपये लूट भागा बदमाश! महाराष्ट्र के नागपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में एक बेखौफ लुटेरे ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। मुख्य बातें: मिर्च पाउडर से हमला: लुटेरा बैंक में दाखिल हुआ और अचानक बैंककर्मियों के चेहरे पर लाल मिर्च का पाउडर फेंक दिया। लाखों की लूट:
नागपुर में फिल्मी अंदाज में बैंक डकैती: आँखों में मिर्च पाउडर फेंककर 4.53 लाख रुपये लूट भागा बदमाश! महाराष्ट्र के नागपुर स्थित स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) की शाखा में एक बेखौफ लुटेरे ने सनसनीखेज वारदात को अंजाम दिया। मुख्य बातें: मिर्च पाउडर से हमला: लुटेरा बैंक में दाखिल हुआ और अचानक बैंककर्मियों के चेहरे पर लाल मिर्च का पाउडर फेंक दिया। लाखों की लूट: कर्मचारियों के संभलने से पहले ही आरोपी काउंटर से 4.53 लाख रुपये नकद समेटकर मौके से फरार हो गया। मचा हड़कंप: घटना के बाद बैंक परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस मामले की जांच और आरोपी की तलाश में जुट गई है।
    user_Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Pradeep Singh Rajput 🇮🇳D.N.
    Voice of people दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    1 hr ago
  • हीमालस कॉम्प्लेक्स के पास धारदार हथियार लहराकर आम लोगों को डराने वाला आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई हीमालस कॉम्प्लेक्स के पास धारदार हथियार लहराकर आम लोगों को डराने वाला आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई ▪️ *हीमालस कॉम्प्लेक्स, आकाशगंगा के पास आरोपी धारदार हथियार लेकर आने-जाने वाले लोगों को डरा-धमका रहा था।* ▪️ *मुखबिर सूचना पर थाना सुपेला पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर आरोपी को धारदार हथियार सहित पकड़ा।* ▪️ *आरोपी के कब्जे से लोहे का धारदार हथियार बरामद कर विधिवत जप्त किया गया तथा अपराध पंजीबद्ध किया गया।* ▪️ *आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 1368/2026, धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।* मुख्य बिंदु दिनांक 15.09.2026 को थाना सुपेला क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार लेकर लोगों को भयभीत करने की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया। संक्षिप्त विवरण दिनांक 15.09.2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि हीमालस कॉम्प्लेक्स, आकाशगंगा के पास एक युवक अपने पास धारदार लोहे का हथियार रखकर आने-जाने वाले लोगों को डरा-धमका रहा है। सूचना पर थाना सुपेला पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को धारदार हथियार लहराते हुए पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम ओम निर्मलकर बताया। आरोपी के कब्जे से धारदार लोहे का हथियार बरामद कर जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 1368/2026, धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई कर उसे न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका) आरोपी द्वारा सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार लेकर उसे लहराते हुए आने-जाने वाले लोगों को भयभीत एवं डरा-धमकाकर क्षेत्र में दहशत का माहौल उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा था। घटना स्थल हीमालस कॉम्प्लेक्स के पास, आकाशगंगा, थाना सुपेला क्षेत्र, जिला दुर्ग। आरोपी का नाम 1. ओम निर्मलकर, उम्र 18 वर्ष 02 माह, निवासी कातुलबोर्ड, मिलन चौक, वार्ड क्रमांक 59, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग। जप्त सामग्री 1. लोहे का 01 धारदार हथियार। सराहनीय कार्य उक्त कार्रवाई में थाना सुपेला प्रभारी एस.एन. सिंह, सउनि राजेश तिवारी, आरक्षक धर्मेन्द्र सूर्यवंशी एवं सूर्यप्रताप की महत्वपूर्ण भूमिका रही। दुर्ग पुलिस की अपील दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी व्यक्ति द्वारा हथियार लहराने, लोगों को डराने-धमकाने अथवा शांति व्यवस्था प्रभावित करने जैसी गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। ऐसी गतिविधियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। —0000—
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    हीमालस कॉम्प्लेक्स के पास धारदार हथियार लहराकर आम लोगों को डराने वाला आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई
हीमालस कॉम्प्लेक्स के पास धारदार हथियार लहराकर आम लोगों को डराने वाला आरोपी गिरफ्तार, आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई
▪️ *हीमालस कॉम्प्लेक्स, आकाशगंगा के पास आरोपी धारदार हथियार लेकर आने-जाने वाले लोगों को डरा-धमका रहा था।*
▪️ *मुखबिर सूचना पर थाना सुपेला पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर आरोपी को धारदार हथियार सहित पकड़ा।*
▪️ *आरोपी के कब्जे से लोहे का धारदार हथियार बरामद कर विधिवत जप्त किया गया तथा अपराध पंजीबद्ध किया गया।*
▪️ *आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 1368/2026, धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।*
मुख्य बिंदु
दिनांक 15.09.2026 को थाना सुपेला क्षेत्र में सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार लेकर लोगों को भयभीत करने की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
संक्षिप्त विवरण
दिनांक 15.09.2026 को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि हीमालस कॉम्प्लेक्स, आकाशगंगा के पास एक युवक अपने पास धारदार लोहे का हथियार रखकर आने-जाने वाले लोगों को डरा-धमका रहा है। सूचना पर थाना सुपेला पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर आरोपी को धारदार हथियार लहराते हुए पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम ओम निर्मलकर बताया। आरोपी के कब्जे से धारदार लोहे का हथियार बरामद कर जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 1368/2026, धारा 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई कर उसे न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया।
मॉडस ऑपरेंडी (अपराध करने का तरीका)
आरोपी द्वारा सार्वजनिक स्थान पर धारदार हथियार लेकर उसे लहराते हुए आने-जाने वाले लोगों को भयभीत एवं डरा-धमकाकर क्षेत्र में दहशत का माहौल उत्पन्न करने का प्रयास किया जा रहा था।
घटना स्थल
हीमालस कॉम्प्लेक्स के पास, आकाशगंगा, थाना सुपेला क्षेत्र, जिला दुर्ग।
आरोपी का नाम
1. ओम निर्मलकर, उम्र 18 वर्ष 02 माह, निवासी कातुलबोर्ड, मिलन चौक, वार्ड क्रमांक 59, थाना मोहन नगर, जिला दुर्ग।
जप्त सामग्री
1. लोहे का 01 धारदार हथियार।
सराहनीय कार्य
उक्त कार्रवाई में थाना सुपेला प्रभारी एस.एन. सिंह, सउनि राजेश तिवारी, आरक्षक धर्मेन्द्र सूर्यवंशी एवं सूर्यप्रताप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग पुलिस की अपील
दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि सार्वजनिक स्थानों पर किसी व्यक्ति द्वारा हथियार लहराने, लोगों को डराने-धमकाने अथवा शांति व्यवस्था प्रभावित करने जैसी गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। कानून व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें। ऐसी गतिविधियों के विरुद्ध नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
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    user_हेमंत उमरे ,7509375525
    हेमंत उमरे ,7509375525
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    3 hrs ago
  • जमुनिया बांध में सीपेज से मचा हड़कंप एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया । नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है । 2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया । एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके । इनका कहना है बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी । रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है । योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया । नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है । 2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया । एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके । इनका कहना है बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी । रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है । योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
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    जमुनिया बांध में सीपेज से मचा हड़कंप 
एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू
ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया ।
नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई
जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है ।
2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया ।
एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान
एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके ।
इनका कहना है
बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी ।  रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है ।
योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू
ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया ।
नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई
जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है ।
2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया ।
एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान
एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके ।
इनका कहना है
बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी ।  रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है ।
योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
    user_संदीप शर्मा
    संदीप शर्मा
    Local News Reporter कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • ओवर स्पीड बाइक सवार युवक जा घुसा तालाब में kawardha Chhattisgarh news ओवर स्पीड बाइक सवार युवक जा घुसा तालाब में एक युवक तेज रफ्तार में संतुलन खोकर तालाब में जा घुसा #ktnews #kawardha #छत्तीसगढ़ #reels #reelsinstagram
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    ओवर स्पीड बाइक सवार युवक जा घुसा तालाब में kawardha Chhattisgarh news 
ओवर स्पीड बाइक सवार युवक जा घुसा तालाब में 
एक युवक तेज रफ्तार में संतुलन खोकर तालाब में जा घुसा #ktnews #kawardha #छत्तीसगढ़ #reels #reelsinstagram
    user_KT CHHATTISGARH NEWS
    KT CHHATTISGARH NEWS
    Local News Reporter कवर्धा, कबीरधाम, छत्तीसगढ़•
    23 hrs ago
  • गणेश प्रतिमाएं लेने उमड़ा भक्तों का सैलाब, डीजे-धुमाल और आतिशबाजी के साथ गंतव्य की ओर रवाना हुईं प्रतिमाएं नवापारा-राजिम। गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर सोमवार को नवापारा-राजिम अंचल में भगवान श्रीगणेश की भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के लिए श्रद्धालु मूर्तिकारों के मूर्ति कला केंद्रों में पहुंचते रहे। छोटी से लेकर बड़ी और आकर्षक गणेश प्रतिमाओं को लेने के लिए युवाओं, बच्चों और गणेश उत्सव समितियों में विशेष उत्साह नजर आया। नवापारा-राजिम अंचल के प्रसिद्ध मूर्तिकार रमन चक्रधारी, अश्विनी चक्रधारी एवं टीकम चक्रधारी के मूर्ति कला केंद्र में भी गणेश प्रतिमाएं लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं ने अपनी पसंद के अनुसार प्रतिमाओं का चयन किया। प्रतिमाएं ले जाने से पहले विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की गई और सुख-समृद्धि एवं मंगलमय गणेशोत्सव की कामना की गई। इसके बाद गणेश प्रतिमाओं को वाहनों में विराजमान कर भक्त अपने-अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना हुए। इस दौरान कई स्थानों पर डीजे और धुमाल की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। गणेश प्रतिमाओं के साथ निकल रहे जुलूस में आतिशबाजी भी की गई, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया। गौरतलब है कि गणेश चतुर्थी को लेकर नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। विभिन्न गणेश उत्सव समितियों द्वारा आकर्षक पंडाल तैयार किए गए हैं। प्रतिमाओं के पहुंचने के साथ ही अब गणेशोत्सव की रौनक और बढ़ गई है। श्रद्धालुओं में भगवान गणेश की स्थापना और आगामी दिनों में होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
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    गणेश प्रतिमाएं लेने उमड़ा भक्तों का सैलाब,
डीजे-धुमाल और आतिशबाजी के साथ गंतव्य की ओर रवाना हुईं प्रतिमाएं

नवापारा-राजिम। गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर सोमवार को नवापारा-राजिम अंचल में भगवान श्रीगणेश की भक्ति और उत्साह का माहौल देखने को मिला। सुबह से ही विभिन्न स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के लिए श्रद्धालु मूर्तिकारों के मूर्ति कला केंद्रों में पहुंचते रहे। छोटी से लेकर बड़ी और आकर्षक गणेश प्रतिमाओं को लेने के लिए युवाओं, बच्चों और गणेश उत्सव समितियों में विशेष उत्साह नजर आया।
नवापारा-राजिम अंचल के प्रसिद्ध मूर्तिकार रमन चक्रधारी, अश्विनी चक्रधारी एवं टीकम चक्रधारी के मूर्ति कला केंद्र में भी गणेश प्रतिमाएं लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। श्रद्धालुओं ने अपनी पसंद के अनुसार प्रतिमाओं का चयन किया। प्रतिमाएं ले जाने से पहले विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की गई और सुख-समृद्धि एवं मंगलमय गणेशोत्सव की कामना की गई।
इसके बाद गणेश प्रतिमाओं को वाहनों में विराजमान कर भक्त अपने-अपने गंतव्य स्थान के लिए रवाना हुए। इस दौरान कई स्थानों पर डीजे और धुमाल की धुन पर श्रद्धालु झूमते नजर आए। गणेश प्रतिमाओं के साथ निकल रहे जुलूस में आतिशबाजी भी की गई, जिससे पूरा वातावरण उत्सवमय हो गया।
गौरतलब है कि गणेश चतुर्थी को लेकर नगर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कई दिनों से तैयारियां चल रही थीं। विभिन्न गणेश उत्सव समितियों द्वारा आकर्षक पंडाल तैयार किए गए हैं। प्रतिमाओं के पहुंचने के साथ ही अब गणेशोत्सव की रौनक और बढ़ गई है। श्रद्धालुओं में भगवान गणेश की स्थापना और आगामी दिनों में होने वाले धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों को लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है।
    user_तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    तुकाराम कंसारी नवापारा राजिम
    Artist Gobra Navapara, Raipur•
    20 hrs ago
  • ₹3,383 करोड़ के मालिक BJP विधायक पराग शाह बने भिखारी, घाटकोपर की सड़कों पर मांगी भीख स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ | SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥 मुंबई के घाटकोपर पूर्व से भाजपा के दो बार के विधायक पराग शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वे बिखरे बाल, गंदे-मैले कपड़े, लंबी दाढ़ी और हाथ में डंडा-कपड़ा लेकर भिखारी के वेश में घाटकोपर की सड़कों और रेलवे स्टेशन पर घूमते नजर आ रहे हैं। क्या हुआ था? 7 सितंबर 2026 को पराग शाह ने लगभग 3 घंटे भिखारी बनकर बिताए। उन्होंने सुरक्षा घेरा, गाड़ी और सारी लग्जरी चीजें छोड़ दीं। मेकअप करवाकर अपना रूप पूरी तरह बदल लिया ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। फिर वे घाटकोपर स्टेशन, पुल और इलाके की सड़कों पर घूमे, लोगों से मदद मांगी और सड़क किनारे बैठकर भीख मांगी। कुछ लोगों ने उन्हें 20 रुपये दिए और कहा “जाओ बाबा, खा लो”। एक समोसा वाले ने बिना पैसे लिए समोसा दे दिया। कई लोगों ने अनदेखा कर दिया। यहां तक कि उनके अपने ऑफिस के गार्ड और परिवार के सदस्यों ने भी उन्हें नहीं पहचाना। क्यों किया ये प्रयोग? पराग शाह ने खुद बताया कि यह प्रयोग उनके जैन गुरु राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज की आज्ञा पर जैन चातुर्मास के दौरान किया गया। उन्होंने कहा – “यह कोई राजनीतिक स्टंट नहीं है। गुरुदेव की आज्ञा का पालन करते हुए जीवन की वास्तविकता को करीब से समझने का अनुभव था।” उन्होंने आगे कहा कि जब वे विधायक के रूप में जाते हैं तो लोग सम्मान देते हैं, लेकिन भिखारी के रूप में वही लोग उन्हें अनजान समझकर अनदेखा कर देते हैं। यह अनुभव उन्हें “सम्मान और वास्तविकता” का फर्क समझा गया। संपत्ति का सच 2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के हलफनामे में पराग शाह ने ₹3,383.06 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी। वे उस साल महाराष्ट्र के सबसे अमीर उम्मीदवार थे। वे रियल एस्टेट व्यवसायी हैं और मैन इन्फ्रा कंस्ट्रक्शन से जुड़े हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पराग शाह ने खुद यह वीडियो शेयर किया। उसके बाद कई समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ गई। कुछ लोगों ने इसकी तारीफ की तो कुछ ने सवाल भी उठाए। शाह ने साफ कहा कि यह अनुभव उन्हें गुरु की शिक्षाओं से मिला और उन्होंने इसे जीवन की सच्चाई समझने का मौका माना। पूर्ण तथ्य के साथ रिपोर्ट स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥 मुद्दों पर बात, स्वतंत्रता के साथ। #swatantraupdates #स्वतंत्रन्यूज़छत्तीसगढ़ #swatantranewschhattisgarh #swatantralive #swatantrashort #CGNewsUpdate #CGNews #swatantranewscg Vinod Kumar Pandey SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH
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    ₹3,383 करोड़ के मालिक BJP विधायक पराग शाह बने भिखारी, घाटकोपर की सड़कों पर मांगी भीख
स्वतंत्र न्यूज़ छत्तीसगढ़ | SWATANTRA NEWS CHHATTISGARH 
हमेशा फुल फैक्ट्स के साथ आपके साथ। 🔥
मुंबई के घाटकोपर पूर्व से भाजपा के दो बार के विधायक पराग शाह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वे बिखरे बाल, गंदे-मैले कपड़े, लंबी दाढ़ी और हाथ में डंडा-कपड़ा लेकर भिखारी के वेश में घाटकोपर की सड़कों और रेलवे स्टेशन पर घूमते नजर आ रहे हैं।
क्या हुआ था?
7 सितंबर 2026 को पराग शाह ने लगभग 3 घंटे भिखारी बनकर बिताए। उन्होंने सुरक्षा घेरा, गाड़ी और सारी लग्जरी चीजें छोड़ दीं। मेकअप करवाकर अपना रूप पूरी तरह बदल लिया ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। फिर वे घाटकोपर स्टेशन, पुल और इलाके की सड़कों पर घूमे, लोगों से मदद मांगी और सड़क किनारे बैठकर भीख मांगी।
कुछ लोगों ने उन्हें 20 रुपये दिए और कहा “जाओ बाबा, खा लो”। एक समोसा वाले ने बिना पैसे लिए समोसा दे दिया। कई लोगों ने अनदेखा कर दिया। यहां तक कि उनके अपने ऑफिस के गार्ड और परिवार के सदस्यों ने भी उन्हें नहीं पहचाना।
क्यों किया ये प्रयोग?
पराग शाह ने खुद बताया कि यह प्रयोग उनके जैन गुरु राष्ट्रसंत नम्रमुनि महाराज की आज्ञा पर जैन चातुर्मास के दौरान किया गया। उन्होंने कहा –
“यह कोई राजनीतिक स्टंट नहीं है। गुरुदेव की आज्ञा का पालन करते हुए जीवन की वास्तविकता को करीब से समझने का अनुभव था।”
उन्होंने आगे कहा कि जब वे विधायक के रूप में जाते हैं तो लोग सम्मान देते हैं, लेकिन भिखारी के रूप में वही लोग उन्हें अनजान समझकर अनदेखा कर देते हैं। यह अनुभव उन्हें “सम्मान और वास्तविकता” का फर्क समझा गया।
संपत्ति का सच
2024 के महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के हलफनामे में पराग शाह ने ₹3,383.06 करोड़ की संपत्ति घोषित की थी। वे उस साल महाराष्ट्र के सबसे अमीर उम्मीदवार थे। वे रियल एस्टेट व्यवसायी हैं और मैन इन्फ्रा कंस्ट्रक्शन से जुड़े हैं।
वीडियो वायरल होने के बाद
पराग शाह ने खुद यह वीडियो शेयर किया। उसके बाद कई समाचार चैनलों और सोशल मीडिया पर चर्चा छिड़ गई। कुछ लोगों ने इसकी तारीफ की तो कुछ ने सवाल भी उठाए। शाह ने साफ कहा कि यह अनुभव उन्हें गुरु की शिक्षाओं से मिला और उन्होंने इसे जीवन की सच्चाई समझने का मौका माना।
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    user_SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    SWATANTRA NEW'S CHHATTISGARH
    दुर्ग, दुर्ग, छत्तीसगढ़•
    40 min ago
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