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सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

2 hrs ago
user_Aanand Verma
Aanand Verma
वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

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  • सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
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    सेवादल ने बोदारी में लगाया स्वास्थ्य शिविर, पीड़ितों को बांटी राहत सामग्री, सेवादल राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी वी श्रीनिवासन ने सुनी पीड़ा
वारासिवनी। बालाघाट के आदिवासी अंचलों में बच्चों की मौत का मामला लगातार चर्चा में है। रविवार 13 सितंबर को कांग्रेस सेवादल के राष्ट्रीय मुख्य संगठक बी.वी. श्रीनिवासन अपनी टीम के साथ प्रभावित गांव बोंदारी पहुंचे। यहां उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की, राहत सामग्री बांटी और मेडिकल कैंप लगाकर ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कराया।
इस दौरान श्रीनिवासन ने बच्चों की मौत के मामले में राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल डॉक्टरों की तैनाती, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने और ग्रामीणों की काउंसलिंग कराने की मांग की।
वहीं उन्होंने सरकार द्वारा दिए जा रहे पोषण सप्लीमेंट की गुणवत्ता की जांच और संबंधित कंपनी पर सख्त कार्रवाई की मांग भी की। श्रीनिवासन ने आरोप लगाया कि शासन-प्रशासन मौतों के आंकड़े छिपाने में लगा है।उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न्याय मिलने तक कांग्रेस की लड़ाई जारी रहेगी। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहुल गांधी के बालाघाट पहुंचने के संकेत भी दिए।इस दौरान विधायक संजय उईके, कार्यक्रम संयोजक तबरेज खान, जिलाध्यक्ष जीतू बर्वे सहित कांग्रेस सेवादल के कई कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
    user_Aanand Verma
    Aanand Verma
    वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जमुनिया बांध में सीपेज से मचा हड़कंप एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया । नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है । 2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया । एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके । इनका कहना है बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी । रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है । योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया । नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है । 2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया । एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके । इनका कहना है बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी । रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है । योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
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    जमुनिया बांध में सीपेज से मचा हड़कंप 
एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू
ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया ।
नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई
जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है ।
2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया ।
एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान
एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके ।
इनका कहना है
बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी ।  रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है ।
योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू
ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया ।
नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई
जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है ।
2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया ।
एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान
एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके ।
इनका कहना है
बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी ।  रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है ।
योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
    user_संदीप शर्मा
    संदीप शर्मा
    Local News Reporter कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जमुनिया डैम की पार से फिर रिस रहा पानी, 2002 की त्रासदी की यादों से सहमे ग्रामीण, प्रशासन ने संभाला मोर्चा बालाघाट जिले की कटंगी तहसील की मध्यम सिंचाई परियोजना जमुनिया जलाशय की पार से लगातार पानी का रिसाव होने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह जैसे ही यह खबर जंगल में आग की तरह फैली, कटेरा, बनेरा, बोपली, अगासी, घुनाड़ी, सिरपुर, भजियापार जैसे गांवों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में जनसमूह डेम पर पहुंच गया और 24 साल पुराने उस काले दिन की चर्चा तेज हो गई, जब यही डेम फूटने से कटंगी का नाम पूरे देश में सुर्खियों में आ गया था।
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    जमुनिया डैम की पार से फिर रिस रहा पानी, 2002 की त्रासदी की यादों से सहमे ग्रामीण, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
बालाघाट जिले की कटंगी तहसील की मध्यम सिंचाई परियोजना जमुनिया जलाशय की पार से लगातार पानी का रिसाव होने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह जैसे ही यह खबर जंगल में आग की तरह फैली, कटेरा, बनेरा, बोपली, अगासी, घुनाड़ी, सिरपुर, भजियापार जैसे गांवों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में जनसमूह डेम पर पहुंच गया और 24 साल पुराने उस काले दिन की चर्चा तेज हो गई, जब यही डेम फूटने से कटंगी का नाम पूरे देश में सुर्खियों में आ गया था।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • *कलबोडीआनंद वर्धन श्री राम मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ 15 सितंबर मंगलवार को*
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    *कलबोडीआनंद वर्धन श्री राम मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ 15 सितंबर मंगलवार को*
    user_बिहारीलाल सोनी
    बिहारीलाल सोनी
    पत्रकार कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • तीज व गणेश उत्सव को लेकर बंडोल थाना में शांति समिति की बैठक...?(१३९२६)
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    तीज व गणेश उत्सव को लेकर बंडोल थाना में शांति समिति की बैठक...?(१३९२६)
    user_Naresh Kumar Yadav
    Naresh Kumar Yadav
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सिवनी का जम्बो सीताफल बनेगा किसानों की समृद्धि का आधार बाजार और निर्यात की संभावनाओं पर जल्द होगी कार्यशाला सिवनी। जीआई टैग प्राप्त सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सीताफल पौधों की गणना, सर्वेक्षण और किसानों के पंजीयन का कार्य अंतिम चरण में है। जल्द जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित कर सीताफल की मार्केटिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर नेहा मीना ने शेष सीताफल उत्पादक किसानों से शीघ्र पंजीयन कराने की अपील की है। संपर्क नंबर 9098431856 एवं 9713448994 हैं।
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    सिवनी का जम्बो सीताफल बनेगा किसानों की समृद्धि का आधार

बाजार और निर्यात की संभावनाओं पर जल्द होगी कार्यशाला

सिवनी। जीआई टैग प्राप्त सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सीताफल पौधों की गणना, सर्वेक्षण और किसानों के पंजीयन का कार्य अंतिम चरण में है।
जल्द जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित कर सीताफल की मार्केटिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर नेहा मीना ने शेष सीताफल उत्पादक किसानों से शीघ्र पंजीयन कराने की अपील की है। संपर्क नंबर 9098431856 एवं 9713448994 हैं।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • Seoni News: त्योहारों से पहले बंडोल में पुलिस का अलर्ट, शांति समिति की बैठक में बनी रणनीति
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    Seoni News: त्योहारों से पहले बंडोल में पुलिस का अलर्ट, शांति समिति की बैठक में बनी रणनीति
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    6 hrs ago
  • पुलिस थाना वारासिवनी में शांति समिति की बैठक सम्पन्न, गणेशोत्सव पर्व शांति व सद्भाव से मनाने की अपील वारासिवनी। आगामी गणेश उत्सव पर्व सहित अन्य त्यौहारों को देखते थाना प्रभारी अनूप सिंह उइके ने वारासिवनी थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की। बैठक में नगर के गणमान्य नागरिकगण, व्यापारीगण, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण, भगवान श्रीगणेश के पंडाल संचालकों एवं डी जे साउंड सर्विस के संचालकगण मौजूद रहे। बैठक में थाना प्रभारी अनूप सिंह उइके ने सभी को शासन के नियमों की जानकारी देते हुए पंडाल संचालकों को रात्रि में पंडाल में कम से कम लोगों के रहने, पंडाल में विद्युत की वायरिंग ठीक तरीके से करने, धार्मिक आयोजन के दौरान आजू, बाजू निवास करने वालों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो इसका ध्यान रखने सहित अन्य बातों का ध्यान रखने की ताकीद दी। उन्होंने विर्सजनों स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान मार्ग परिवर्तन, नदी, नहरों एवं नालों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम करने की बात कही। उन्होंने नगरपालिका, राजस्व विभाग सहित अन्य विभाग की टीम की निगरानी में शांतिपूर्वक विसर्जन करवाने को लेकर बात कही। उन्होंने पुलिस बल को निर्देशित कर स्थापना से विसर्जन तक पंडालों में रात्रि में गश्ती बढ़ाने और मोबाईल पेट्रोलिंग के माध्यम से नजर बनाए रखने के निर्देश भी दिए। इस बैठक में मुस्लिम समाज अध्यक्ष ईकबाल कुरैशी, भाजपा नगर मण्डल अध्यक्ष संदीप मिश्रा, नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज दांदरे, पूर्व पार्षद विवेक ऐडे, सिकन्द्रा सरपंच कन्हैया खैरवार, मुदित अग्रवाल, मुन्नू खंडेलवाल, गणेश सिंह कुम्हरे सहित नगर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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    पुलिस थाना वारासिवनी में शांति समिति की बैठक सम्पन्न, गणेशोत्सव पर्व शांति व सद्भाव से मनाने की अपील 
वारासिवनी। आगामी गणेश उत्सव पर्व सहित अन्य त्यौहारों को देखते थाना प्रभारी अनूप सिंह उइके ने वारासिवनी थाना परिसर में शांति समिति की बैठक आयोजित की। बैठक में नगर के गणमान्य नागरिकगण, व्यापारीगण, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधिगण, भगवान श्रीगणेश के पंडाल संचालकों एवं डी जे साउंड सर्विस के संचालकगण मौजूद रहे।
बैठक में थाना प्रभारी अनूप सिंह उइके ने सभी को शासन के नियमों की जानकारी देते हुए पंडाल संचालकों को रात्रि में पंडाल में कम से कम लोगों के रहने, पंडाल में विद्युत की वायरिंग ठीक तरीके से करने, धार्मिक आयोजन के दौरान आजू, बाजू निवास करने वालों को किसी भी प्रकार की परेशानी ना हो इसका ध्यान रखने सहित अन्य बातों का ध्यान रखने की ताकीद दी। उन्होंने विर्सजनों स्थलों पर प्रकाश व्यवस्था, प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान मार्ग परिवर्तन, नदी, नहरों एवं नालों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ ही सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम करने की बात कही। उन्होंने नगरपालिका, राजस्व विभाग सहित अन्य विभाग की टीम की निगरानी में शांतिपूर्वक विसर्जन करवाने को लेकर बात कही। उन्होंने पुलिस बल को निर्देशित कर स्थापना से विसर्जन तक पंडालों में रात्रि में गश्ती बढ़ाने और मोबाईल पेट्रोलिंग के माध्यम से नजर बनाए रखने के निर्देश भी दिए। 
इस बैठक में मुस्लिम समाज अध्यक्ष ईकबाल कुरैशी, भाजपा नगर मण्डल अध्यक्ष संदीप मिश्रा, नपा अध्यक्ष प्रतिनिधि मनोज दांदरे, पूर्व पार्षद विवेक ऐडे, सिकन्द्रा सरपंच कन्हैया खैरवार, मुदित अग्रवाल, मुन्नू खंडेलवाल, गणेश सिंह कुम्हरे सहित नगर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
    user_Aanand Verma
    Aanand Verma
    वारासिवनी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
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