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*कलबोडीआनंद वर्धन श्री राम मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ 15 सितंबर मंगलवार को*

1 hr ago
user_बिहारीलाल सोनी
बिहारीलाल सोनी
पत्रकार कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

*कलबोडीआनंद वर्धन श्री राम मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ 15 सितंबर मंगलवार को*

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • *कलबोडीआनंद वर्धन श्री राम मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ 15 सितंबर मंगलवार को*
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    *कलबोडीआनंद वर्धन श्री राम मंदिर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ 15 सितंबर मंगलवार को*
    user_बिहारीलाल सोनी
    बिहारीलाल सोनी
    पत्रकार कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • तीज व गणेश उत्सव को लेकर बंडोल थाना में शांति समिति की बैठक...?(१३९२६)
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    तीज व गणेश उत्सव को लेकर बंडोल थाना में शांति समिति की बैठक...?(१३९२६)
    user_Naresh Kumar Yadav
    Naresh Kumar Yadav
    सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    53 min ago
  • चौरई की महिलाओं के लिए विशेष पहल, तीजा विसर्जन हेतु बना वार्ड नंबर 12 में विशेष विसर्जन कुंड चौरई नगर की महिलाओं की सुविधा और तीजा पर्व की धार्मिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए वार्ड नंबर 12, छिंदवाड़ा रोड स्थित विद्युत विभाग प्रांगण में विशेष तीजा विसर्जन कुंड तैयार किया गया है। वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद फरजाना शहीद मंसूरी के विशेष प्रयासों से की गई इस व्यवस्था में उनके पति द्वारा भी व्यवस्थाओं को लेकर सहयोग किया जा रहा है। बारिश की स्थिति को देखते हुए महिलाओं और नागरिकों को विसर्जन कुंड तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए अस्थाई रास्ते की व्यवस्था भी की गई है। पिछले वर्ष भी यहां तीजा विसर्जन की अस्थाई व्यवस्था की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर विधि-विधान से तीजा बाबा का विसर्जन एवं पूजन-अर्चन कर अपना व्रत पूर्ण किया था।
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    चौरई की महिलाओं के लिए विशेष पहल, तीजा विसर्जन हेतु बना वार्ड नंबर 12 में विशेष विसर्जन कुंड
चौरई नगर की महिलाओं की सुविधा और तीजा पर्व की धार्मिक परंपरा को ध्यान में रखते हुए वार्ड नंबर 12, छिंदवाड़ा रोड स्थित विद्युत विभाग प्रांगण में विशेष तीजा विसर्जन कुंड तैयार किया गया है।
वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद फरजाना शहीद मंसूरी के विशेष प्रयासों से की गई इस व्यवस्था में उनके पति द्वारा भी व्यवस्थाओं को लेकर सहयोग किया जा रहा है।
बारिश की स्थिति को देखते हुए महिलाओं और नागरिकों को विसर्जन कुंड तक पहुंचने में परेशानी न हो, इसके लिए अस्थाई रास्ते की व्यवस्था भी की गई है। पिछले वर्ष भी यहां तीजा विसर्जन की अस्थाई व्यवस्था की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने पहुंचकर विधि-विधान से तीजा बाबा का विसर्जन एवं पूजन-अर्चन कर अपना व्रत पूर्ण किया था।
    user_CTV LIVE
    CTV LIVE
    Advertising agency चौरई, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सिवनी का जम्बो सीताफल बनेगा किसानों की समृद्धि का आधार बाजार और निर्यात की संभावनाओं पर जल्द होगी कार्यशाला सिवनी। जीआई टैग प्राप्त सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सीताफल पौधों की गणना, सर्वेक्षण और किसानों के पंजीयन का कार्य अंतिम चरण में है। जल्द जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित कर सीताफल की मार्केटिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर नेहा मीना ने शेष सीताफल उत्पादक किसानों से शीघ्र पंजीयन कराने की अपील की है। संपर्क नंबर 9098431856 एवं 9713448994 हैं।
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    सिवनी का जम्बो सीताफल बनेगा किसानों की समृद्धि का आधार

बाजार और निर्यात की संभावनाओं पर जल्द होगी कार्यशाला

सिवनी। जीआई टैग प्राप्त सिवनी जम्बो सीताफल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने के लिए ‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत सीताफल पौधों की गणना, सर्वेक्षण और किसानों के पंजीयन का कार्य अंतिम चरण में है।
जल्द जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित कर सीताफल की मार्केटिंग, प्रसंस्करण, पैकेजिंग, ब्रांडिंग और निर्यात की संभावनाओं पर चर्चा की जाएगी। कलेक्टर नेहा मीना ने शेष सीताफल उत्पादक किसानों से शीघ्र पंजीयन कराने की अपील की है। संपर्क नंबर 9098431856 एवं 9713448994 हैं।
    user_Devendra thakur
    Devendra thakur
    Salesperson सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • जमुनिया बांध में सीपेज से मचा हड़कंप एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया । नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है । 2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया । एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके । इनका कहना है बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी । रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है । योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया । नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है । 2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया । एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके । इनका कहना है बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी । रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है । योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
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    जमुनिया बांध में सीपेज से मचा हड़कंप 
एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू
ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया ।
नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई
जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है ।
2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया ।
एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान
एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके ।
इनका कहना है
बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी ।  रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है ।
योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
एसडीएम और जल संसाधन विभाग की टीम ने किया बांध का निरीक्षण, नहर के जरिए पानी निकासी शुरू
ग्राम पंचायत जमुनिया स्थित जमुनिया बांध में सोमवार सुबह पानी का रिसाव (सीपेज) दिखाई देने से आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप मच गया । रिसाव की सूचना मिलते ही ग्रामीण बांध स्थल की ओर पहुंचने लगे । वर्ष 2002 में इसी बांध के फूटने से हुई तबाही की स्मृतियां ताजा होने के कारण ग्रामीणों में चिंता के साथ आक्रोश भी देखा गया । प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह ग्रामीणों ने बांध से पानी का रिसाव होते देखा । इसके बाद सरपंच एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को सूचना दी गई । सूचना मिलते ही एसडीएम कटंगी विजय यादव, तहसीलदार पी.एल. शांडिल्य, जल संसाधन विभाग के इंजीनियर योगेंद्र सिंह ठाकुर तथा सब इंजीनियर प्रकाश कुमार परते मौके पर पहुंचे । अधिकारियों ने बांध स्थल का निरीक्षण कर रिसाव की स्थिति, जलस्तर तथा बांध की समग्र संरचनात्मक स्थिति का बारीकी से जायजा लिया ।
नहर के जरिए जलस्तर कम करने की कार्रवाई
जल संसाधन विभाग की टीम ने बांध के जलाशय पर दबाव (हाइड्रोस्टैटिक प्रेशर) कम करने के उद्देश्य से नहर के माध्यम से पानी निकासी की कार्रवाई शुरू की । विभाग के अनुसार, आगामी 24 से 48 घंटों में जलस्तर कम होने के बाद सीपेज के वास्तविक कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही शुरू की जाएगी । इस प्रक्रिया का उद्देश्य बांध की सुरक्षा का आकलन करना तथा रिसाव के स्रोत का पता लगाना है ।
2002 की त्रासदी ने बढ़ाई ग्रामीणों की चिंता
गौरतलब है कि अगस्त 2002 में जमुनिया बांध फूट गया था । उस समय जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर, भजियापार सहित अनेक गांवों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई थीं । ग्रामीणों के खाद्यान्न, घरेलू सामान और मकान भी बाढ़ के पानी में बह गए थे । हालांकि, दिन के समय हुई घटना के कारण जनहानि नहीं हुई थी । इसी पुरानी त्रासदी को याद करते हुए ग्रामीणों में इस बार भी भय और आक्रोश का माहौल देखा गया ।
एसडीएम की अपील अफवाहों से बचें, सुरक्षा का रखें ध्यान
एसडीएम विजय यादव ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी अथवा अफवाहों पर ध्यान न दें । उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और फिलहाल किसी भी प्रकार के खतरे की बात नहीं है । ग्रामीण धैर्य बनाए रखें तथा प्रशासन और जल संसाधन विभाग के निर्देशों का पालन करें । उन्होंने जमुनिया, घुनाड़ी, बनेरा, कटेरा, बोपली, अगासी, सिरपुर एवं भजियापार सहित आसपास के ग्रामीणों से विशेष रूप से अपील की कि वे अपने बच्चों और मवेशियों को नहर के समीप न जाने दें । बांध से नहर में पानी छोड़े जाने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से सावधानी बरतना आवश्यक है । थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुसराम के नेतृत्व में थाना कटंगी पुलिस ने भी मोर्चा संभाल लिया है । पुलिस द्वारा ग्रामीणों को बांध के समीप जाने से रोका जा रहा है, ताकि भीड़ को नियंत्रित रखते हुए सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त बनी रहे और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके ।
इनका कहना है
बांध के लीकेज ड्रेन के माध्यम से पानी एक स्थान पर एकत्रित होकर बाहर निकल रहा है। जिस स्थान से पानी बाहर आ रहा है, वहां फिलहाल साफ पानी का प्रवाह देखा जा रहा है । विभाग द्वारा रिसाव के कारणों का तकनीकी परीक्षण कर आवश्यक उपचारात्मक कार्यवाही भी की जाएगी ।  रिसाव कल से शुरू हुआ है । स्थिति पर नियंत्रण एवं जलस्तर का दबाव कम करने के उद्देश्य से बांध का गेट खोल दिया गया है, जिससे पानी निरंतर बाहर निकल रहा है । विभागीय अमला इस पूरी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रख रहा है तथा यह भी देखा जा रहा है कि पानी के साथ किसी प्रकार का गंदा पानी तो नहीं आ रहा है । तीन कर्मचारियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं । वर्तमान में पानी साफ निकल रहा है और विभाग द्वारा रिसाव की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है । उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल खतरे की कोई बात नहीं है ।
योगेंद्र सिंह ठाकुर, इंजीनियर, जल संसाधन विभाग, वैनगंगा डिविजन, बालाघाट
    user_संदीप शर्मा
    संदीप शर्मा
    Local News Reporter कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जमुनिया डैम की पार से फिर रिस रहा पानी, 2002 की त्रासदी की यादों से सहमे ग्रामीण, प्रशासन ने संभाला मोर्चा बालाघाट जिले की कटंगी तहसील की मध्यम सिंचाई परियोजना जमुनिया जलाशय की पार से लगातार पानी का रिसाव होने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह जैसे ही यह खबर जंगल में आग की तरह फैली, कटेरा, बनेरा, बोपली, अगासी, घुनाड़ी, सिरपुर, भजियापार जैसे गांवों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में जनसमूह डेम पर पहुंच गया और 24 साल पुराने उस काले दिन की चर्चा तेज हो गई, जब यही डेम फूटने से कटंगी का नाम पूरे देश में सुर्खियों में आ गया था।
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    जमुनिया डैम की पार से फिर रिस रहा पानी, 2002 की त्रासदी की यादों से सहमे ग्रामीण, प्रशासन ने संभाला मोर्चा
बालाघाट जिले की कटंगी तहसील की मध्यम सिंचाई परियोजना जमुनिया जलाशय की पार से लगातार पानी का रिसाव होने से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। सोमवार सुबह जैसे ही यह खबर जंगल में आग की तरह फैली, कटेरा, बनेरा, बोपली, अगासी, घुनाड़ी, सिरपुर, भजियापार जैसे गांवों में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में जनसमूह डेम पर पहुंच गया और 24 साल पुराने उस काले दिन की चर्चा तेज हो गई, जब यही डेम फूटने से कटंगी का नाम पूरे देश में सुर्खियों में आ गया था।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • Seoni News: त्योहारों से पहले बंडोल में पुलिस का अलर्ट, शांति समिति की बैठक में बनी रणनीति
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    Seoni News: त्योहारों से पहले बंडोल में पुलिस का अलर्ट, शांति समिति की बैठक में बनी रणनीति
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शांति धाम मार्ग को लेकर विवाद गहराया, सागर पारधी ने भाजपा नेता व तहसीलदार पर लगाए गंभीर आरोप महिलाओं ने श्रमदान कर शुरू किया था रास्ते का काम, जमीन विवाद के बीच नोटिस जारी होने से मामला गरमाया मोहगांव : जनपद पंचायत कुरई अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहगांव (सड़क) के ग्राम बड़झिर में शांति धाम (श्मशान घाट) तक पहुंच मार्ग को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा मार्ग की मांग पूरी नहीं होने पर स्वयं रास्ता बनाने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत गांव की महिलाओं ने फावड़ा-तसला लेकर श्रमदान भी किया था। अब इसी मामले में जमीन विवाद और नोटिस जारी होने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि बड़झिर में शांति धाम तक पहुंचने के लिए उचित मार्ग नहीं होने से अंतिम यात्रा के दौरान विशेषकर बारिश के दिनों में काफी परेशानी होती है। कच्चे और खराब रास्ते में कीचड़ व पानी भर जाने के कारण शवयात्रा को शांति धाम तक ले जाना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर मार्ग बनाने की पहल की थी। इसी मामले में ग्राम बड़झिर निवासी सागर पारधी ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता नीलकंठ तिवारी द्वारा तहसीलदार से सांठगांठ कर उनके नाम से नोटिस जारी करवाया गया है। पारधी के अनुसार, 9 सितंबर को वे कुरई तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार से कहा कि मार्ग बनाने का निर्णय उन्होंने अकेले नहीं लिया था, बल्कि महिलाओं एवं ग्रामीणों ने मिलकर शांति धाम तक सड़क बनाने का निर्णय लिया था। इसके बावजूद उनके नाम से नोटिस जारी किया गया। सागर पारधी का आरोप है कि भाजपा नेता नीलकंठ तिवारी द्वारा उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया जा रहा है, जिसके कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। जमीन निजी होने का दावा, रास्ते को लेकर विवाद वहीं, ग्रामीणों के अनुसार प्रस्तावित रास्ते का कुछ हिस्सा भाजपा नेता से संबंधित जमीन से होकर गुजरता है। नीलकंठ तिवारी ने बताया कि उनके द्वारा उक्त जमीन खरीदी गई है और उसकी विधिवत रजिस्ट्री भी कराई गई है। उनका कहना है कि वे किसी विवाद के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन जमीन के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। इससे पहले जनपद उपाध्यक्ष हरदीप सिंह भाटिया ने भी बताया था कि शांति धाम जाने वाले मार्ग में भाजपा नेता की कुछ जमीन का हिस्सा आ रहा है और जमीन देने से इनकार किया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर मार्ग का राजस्व सीमांकन कराने, भूमि विवाद की निष्पक्ष जांच करने तथा शांति धाम तक स्थायी एवं सर्वसुलभ सड़क निर्माण कराने की मांग की है। शिकायत के आधार पर जारी हुआ नोटिस : तहसीलदार इस संबंध में कुरई तहसीलदार शनि पाल परतेती ने बताया कि शिकायतकर्ता नीलकंठ तिवारी एवं सोहनलाल द्वारा लिखित शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर नियमानुसार नोटिस जारी किया गया है। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मामले में आगे की कार्रवाई शिकायत एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाएगी। अब ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर पूरे मार्ग की स्थिति देखे, राजस्व सीमांकन कर विवाद का निराकरण करे और शांति धाम तक ऐसा रास्ता उपलब्ध कराया जाए, जिससे बारिश सहित हर मौसम में अंतिम यात्रा आसानी से हो सके।
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    शांति धाम मार्ग को लेकर विवाद गहराया, सागर पारधी ने भाजपा नेता व तहसीलदार पर लगाए गंभीर आरोप
महिलाओं ने श्रमदान कर शुरू किया था रास्ते का काम, जमीन विवाद के बीच नोटिस जारी होने से मामला गरमाया
मोहगांव  :  जनपद पंचायत कुरई अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहगांव (सड़क) के ग्राम बड़झिर में शांति धाम (श्मशान घाट) तक पहुंच मार्ग को लेकर लंबे समय से चला आ रहा विवाद अब तूल पकड़ता जा रहा है। ग्रामीणों द्वारा मार्ग की मांग पूरी नहीं होने पर स्वयं रास्ता बनाने का निर्णय लिया गया था। इसके तहत गांव की महिलाओं ने फावड़ा-तसला लेकर श्रमदान भी किया था। अब इसी मामले में जमीन विवाद और नोटिस जारी होने को लेकर आरोप-प्रत्यारोप सामने आए हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बड़झिर में शांति धाम तक पहुंचने के लिए उचित मार्ग नहीं होने से अंतिम यात्रा के दौरान विशेषकर बारिश के दिनों में काफी परेशानी होती है। कच्चे और खराब रास्ते में कीचड़ व पानी भर जाने के कारण शवयात्रा को शांति धाम तक ले जाना मुश्किल हो जाता है। इसी समस्या के समाधान के लिए ग्रामीणों ने स्वयं श्रमदान कर मार्ग बनाने की पहल की थी।
इसी मामले में ग्राम बड़झिर निवासी सागर पारधी ने आरोप लगाया है कि भाजपा नेता नीलकंठ तिवारी द्वारा तहसीलदार से सांठगांठ कर उनके नाम से नोटिस जारी करवाया गया है। पारधी के अनुसार, 9 सितंबर को वे कुरई तहसील कार्यालय पहुंचे और तहसीलदार से कहा कि मार्ग बनाने का निर्णय उन्होंने अकेले नहीं लिया था, बल्कि महिलाओं एवं ग्रामीणों ने मिलकर शांति धाम तक सड़क बनाने का निर्णय लिया था। इसके बावजूद उनके नाम से नोटिस जारी किया गया।
सागर पारधी का आरोप है कि भाजपा नेता नीलकंठ तिवारी द्वारा उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाया जा रहा है, जिसके कारण वे मानसिक रूप से परेशान हैं। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
जमीन निजी होने का दावा, रास्ते को लेकर विवाद
वहीं, ग्रामीणों के अनुसार प्रस्तावित रास्ते का कुछ हिस्सा भाजपा नेता से संबंधित जमीन से होकर गुजरता है। नीलकंठ तिवारी ने बताया कि उनके द्वारा उक्त जमीन खरीदी गई है और उसकी विधिवत रजिस्ट्री भी कराई गई है। उनका कहना है कि वे किसी विवाद के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन जमीन के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
इससे पहले जनपद उपाध्यक्ष हरदीप सिंह भाटिया ने भी बताया था कि शांति धाम जाने वाले मार्ग में भाजपा नेता की कुछ जमीन का हिस्सा आ रहा है और जमीन देने से इनकार किया गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मौके पर पहुंचकर मार्ग का राजस्व सीमांकन कराने, भूमि विवाद की निष्पक्ष जांच करने तथा शांति धाम तक स्थायी एवं सर्वसुलभ सड़क निर्माण कराने की मांग की है।
शिकायत के आधार पर जारी हुआ नोटिस : तहसीलदार
इस संबंध में कुरई तहसीलदार शनि पाल परतेती ने बताया कि शिकायतकर्ता नीलकंठ तिवारी एवं सोहनलाल द्वारा लिखित शिकायत की गई थी। शिकायत के आधार पर नियमानुसार नोटिस जारी किया गया है। तहसीलदार ने स्पष्ट किया कि मामले में आगे की कार्रवाई शिकायत एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
अब ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन मौके पर पहुंचकर पूरे मार्ग की स्थिति देखे, राजस्व सीमांकन कर विवाद का निराकरण करे और शांति धाम तक ऐसा रास्ता उपलब्ध कराया जाए, जिससे बारिश सहित हर मौसम में अंतिम यात्रा आसानी से हो सके।
    user_बिहारीलाल सोनी
    बिहारीलाल सोनी
    पत्रकार कुरई, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
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