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pardhan kai dawar nahi bani sarak.babupur tasil mahmudabad distic Sitapur
Jainuddin abbasi Zainul
pardhan kai dawar nahi bani sarak.babupur tasil mahmudabad distic Sitapur
- Jainuddin abbasi Zainulमहमूदाबाद, सीतापुर, उत्तर प्रदेशkoi karwai nahi ho rahi.janta parasan hai8 hrs ago
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- दीपक सिंह सरल1
- बाराबंकी बड़ेल चौराहा के पास लगा लंबा जाम3
- यूपी के बस्ती में बस ड्राईवर ने बुलेट सवार को साइड नहीं दी तो उसने चलती बस पर फायर झोंक दिया। एक परिवार अंतिम संस्कार के लिए अयोध्या जा रहा था। हाइवे पर ट्रैफिक होने से बस ड्राईवर बुलेट सवार को साइड नहीं दे रहा था तो युवक ने बस के गेट पर खड़े व्यक्ति से बस रोकने को कहा। जब उसकी नहीं सुनी तो फायरिंग कर दी। यात्रियों ने उसे पकड़ने की कोशिश की लेकिन युवक साथी के साथ भाग निकला। #up #basti #बस #firing #bullet #Crime1
- सरकारी तालाब पर खुला कब्जा, प्रशासन बेखबर मसौली बाजार मार्ग पर जलाशय का अस्तित्व मिटाने की साजिश मसौली/बाराबंकी। बाराबंकी जनपद के मसौली विकास खंड क्षेत्र अंतर्गत मसौली बाजार जाने वाले मार्ग के किनारे स्थित सरकारी तालाब की जमीन पर खुलेआम अवैध कब्जा किया जा रहा है। दबंगों द्वारा तालाब की मेड़ को पाटकर मिट्टी भराई की जा रही है, जिससे वर्षों पुराना जलाशय धीरे-धीरे खत्म होने की कगार पर पहुंच गया है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब पर हो रहे कब्जे की कई बार राजस्व विभाग व ग्राम प्रशासन से शिकायत की गई, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कुंभकरणी नींद में सोए रहे। कार्रवाई न होने से कब्जाधारियों के हौसले बुलंद हैं और रोज़ रात तालाब की जमीन पर अवैध भराव किया जा रहा है। ग्रामीणों के नाम के साथ बयान रामलाल वर्मा (स्थानीय निवासी) ने कहा— “यह तालाब पूरे गांव का बरसाती पानी रोकता है। इसे पाट दिया गया तो आने वाले समय में गांव में पानी भर जाएगा, खेत डूबेंगे और रास्ते बंद हो जाएंगे।” शिवम तिवारी (किसान) ने बताया— “हम लोगों ने लेखपाल और तहसील में कई बार शिकायत की, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। कब्जा करने वालों को जैसे खुली छूट दे दी गई है।” गुड़िया देवी (गृहणी) का दर्द छलका— “बरसात में यही तालाब गांव को बचाता है। अगर इसे खत्म कर दिया गया तो हमारे घरों में पानी घुस जाएगा। प्रशासन समय रहते नहीं चेता तो हम सड़क पर उतरेंगे।” पर्यावरण और जल-संकट दोनों पर खतरा तालाब जैसे पारंपरिक जलाशय क्षेत्र के लिए जीवनरेखा होते हैं। इनके खत्म होने से भू-जल स्तर गिरता है, गर्मी में पानी की किल्लत बढ़ती है और बरसात में जलभराव की समस्या विकराल हो जाती है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब पाटे जाने से पूरे मसौली क्षेत्र में आने वाले समय में जल संकट गहराएगा। प्रशासन की चुप्पी पर सवाल स्थानीय लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद राजस्व विभाग की चुप्पी संदेह के घेरे में है। यदि जल्द ही तालाब को कब्जामुक्त नहीं कराया गया तो ग्रामीण तहसील पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों की मांग ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि— तालाब की तत्काल पैमाइश कर सीमांकन कराया जाए, अवैध कब्जे फौरन हटवाए जाएं, दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई हो, और तालाब का संरक्षण व पुनर्जीवन कराया जाए2
- कैसरगंज तहसील क्षेत्र निवासी हत्या के मामले में निरुद्ध बंदी बिगड़ी तबीयत , इलाज के दौरान हुई मौत बहराइच ..जिला कारगार में हत्या के मामले में निरुद्ध एक बंदी की अचानक तबियत खराब हो गई । जेल में तैनात चिकित्सक की ओर से प्राथमिक उपचार के बाद इलाज के लिए जिला अस्पताल में भेजा गया , जहां पर उनकी मौत हो गई शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है ।जरवल थाना क्षेत्र का रहने वाला अयूब उर्फ मैकु उम्र 70 वर्ष 1996 में इलाके में हुई हत्या के मामले आरोपी था । न्यायालय में दोष सिद्ध होने के बाद वो जिला कारगार में निरुद्ध था अचानक चक्कर आने के बाद वो बेहोश हो गया , कारागार के अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल भेजा गया इस दौरान उसकी मौत हो गई ।1
- महसी/ बहराइच में कुत्तों का आतंक, 8 वर्षीय बच्ची को काटकर किया घायल1
- Post by Omkar Verma1
- घरेलू कलह की आग में बुझ गई डॉक्टर की ज़िंदगी! क्लीनिक चलाने वाले चिकित्सक ने कमरे में मफलर से फांसी लगाकर दी जान, बाराबंकी में हड़कंप मसौली/बाराबंकी। बाराबंकी जनपद के मसौली थाना क्षेत्र अंतर्गत देवकालिया गांव में बृहस्पतिवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। मौलाबाद में निजी क्लीनिक चलाने वाले 43 वर्षीय डॉ. संदीप कुमार का शव उनके ही घर के कमरे में मफलर से बने फंदे पर झूलता मिला। घटना सामने आते ही पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई। कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। जिस व्यक्ति के क्लीनिक पर रोज़ बीमार अपनी आखिरी उम्मीद लेकर पहुंचते थे, वही डॉक्टर अपनी ज़िंदगी से हार गया—यह मंजर लोगों को अंदर तक हिला गया। मृतक के पिता के अनुसार डॉ. संदीप कुमार और उनकी पत्नी आरती देवी के बीच लंबे समय से घरेलू विवाद चल रहा था। आए दिन की कहासुनी और तनाव ने परिवार की दीवारों के भीतर एक ऐसी आग सुलगा रखी थी, जो अब खौफनाक अंजाम तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि घटना से पहले भी घर में विवाद हुआ था। इसके बाद डॉक्टर कमरे में चले गए और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक कोई हलचल न होने पर परिजनों को शक हुआ। जब दरवाजा खोला गया, तो अंदर का दृश्य देख चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही मसौली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाकर कब्जे में लिया और पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौके पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने भी कमरे का निरीक्षण किया। पुलिस आत्महत्या की आशंका जता रही है, लेकिन घटना को संदिग्ध मानते हुए सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी गई है। पारिवारिक विवाद, मानसिक दबाव और अन्य कारणों की कड़ी जोड़कर पुलिस सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। थानाध्यक्ष मसौली अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। डॉ. संदीप कुमार अपने पीछे पत्नी और 10 वर्षीय बेटे को छोड़ गए हैं। पिता की मौत के बाद मासूम बच्चे की हालत देखकर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। यह घटना सिर्फ एक मौत नहीं, बल्कि उस चुप्पी की चीख है जो घरों के भीतर चल रहे तनाव को उजागर करती है। सवाल यह है कि आखिर सिस्टम और समाज कब ऐसे टूटते रिश्तों और मानसिक दबाव को समय रहते समझ पाएगा?3
- At the NDA Parliamentary Party Meet this morning!1