जालौन जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 का प्रथम दिवस नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। जिले भर के 9 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच आयोजित की गई। इस दौरान, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों की सघन तलाशी, बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा इंतजामों की भी गहनता से जांच की गई। परीक्षा के पहले दिन की दोनों पालियों में कुल 6,528 अभ्यर्थियों में से 5,118 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 1,410 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रशासन ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मोबाइल, स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया था। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि यह भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून को दो-दो पालियों में आयोजित की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इसे निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
जालौन जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 का प्रथम दिवस नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। जिले भर के 9 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच आयोजित की गई। इस दौरान, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों की सघन तलाशी, बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा इंतजामों की भी गहनता से जांच की गई। परीक्षा के पहले दिन की दोनों पालियों में कुल 6,528 अभ्यर्थियों में से 5,118 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 1,410 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रशासन ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मोबाइल, स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया था। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि यह भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून को दो-दो पालियों में आयोजित की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इसे निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
- जालौन जिले में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा-2025 का प्रथम दिवस नकलविहीन, पारदर्शी और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। जिले भर के 9 परीक्षा केंद्रों पर यह परीक्षा कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी के बीच आयोजित की गई। इस दौरान, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने विभिन्न परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। अभ्यर्थियों की सघन तलाशी, बायोमेट्रिक सत्यापन, सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा इंतजामों की भी गहनता से जांच की गई। परीक्षा के पहले दिन की दोनों पालियों में कुल 6,528 अभ्यर्थियों में से 5,118 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 1,410 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। प्रशासन ने परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए मोबाइल, स्मार्ट वॉच और ब्लूटूथ सहित सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लागू किया था। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि यह भर्ती परीक्षा 8, 9 और 10 जून को दो-दो पालियों में आयोजित की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि इसे निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।1
- कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित रनिया क्षेत्र की ग्राम पंचायत लोदीपुर से वेद प्रकाश ने समस्त ग्रामवासियों को शिक्षा और सामान्य भाईचारे को बढ़ावा देने का आह्वान किया है। मानवाधिकार सुरक्षा एवं संरक्षण ऑर्गेनाइजेशन के सचिव (प्रशासनिक संरक्षण) के रूप में उन्होंने बातचीत करते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांग, वृद्धा और विधवा जैसे लोगों को बड़ी राहत मिलने की बात कही। वेद प्रकाश ने इस बात पर जोर दिया कि जो व्यक्ति जितना शिक्षित होगा, वह उतना ही शक्तिशाली होगा और उतनी ही दहाड़ेगा, जिससे उनका गांव और देश महान बनेगा। अपने संबोधन के अंत में, उन्होंने 'जय हिन्द, जय भारत, जय संविधान, जय भीम' के नारे लगाए।2
- उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी नागरिक पुलिस सीधी भर्ती-2025 की लिखित परीक्षा के सुचारू, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय ने पुलिस लाइन स्थित स्ट्रांग रूम और कंट्रोल रूम का गहन जायजा लिया। यह परीक्षा 08 जून 2026 से 10 जून 2026 तक आयोजित की जाएगी। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने परीक्षा सामग्री की सुरक्षा हेतु बनाए गए स्ट्रांग रूम की व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने सशस्त्र सुरक्षाबलों की मुस्तैदी, सीसीटीवी कैमरों की लाइव निगरानी, और सुरक्षा मानकों के अनुरूप डबल लॉकिंग सिस्टम की जांच की। साथ ही, परीक्षा से जुड़े अत्यंत महत्वपूर्ण एवं गोपनीय दस्तावेजों के रख-रखाव, सुरक्षा और सीलिंग प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। आवागमन और बेहतर समन्वय व्यवस्था के लिए स्थापित कंट्रोल रूम की कार्यप्रणाली को भी परखा गया, जहाँ परीक्षा अवधि के दौरान जनपद के सभी केंद्रों पर ट्रैफिक, आवागमन और आपसी समन्वय की सतत निगरानी रखी जाएगी। जनपदीय पुलिस द्वारा सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती भी की गई है ताकि कानून एवं शांति व्यवस्था बनी रहे। इस निरीक्षण में क्षेत्राधिकारी यातायात संजय गुप्ता सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और सुरक्षाकर्मियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस महत्वपूर्ण परीक्षा की शुचिता और सुरक्षा में किसी भी स्तर पर कोई भी शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सख्त चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नकल के प्रयास को किसी भी दशा में अक्षम्य माना जाएगा और सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को 24 घंटे पूरी मुस्तैदी के साथ अलर्ट मोड पर रहकर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया।1
- कानपुर देहात में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक दामाद अपनी सास की जवानी पर मोहित हो गया। इस अप्रत्याशित घटनाक्रम में, दामाद ने अपनी पत्नी को त्याग कर अपनी सास के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है।1
- मंगलपुर थाना क्षेत्र के हवासपुर स्थित एसकेआईटी महाविद्यालय के पास से गुजर रही सेगुर नदी में सोमवार सुबह करीब 7 बजे एक अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ मौके का मुआयना किया, जरूरी साक्ष्य इकट्ठा किए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। जानकारी के अनुसार, आराजी गांव के कुछ ग्रामीण सोमवार सुबह शौच के लिए नदी किनारे गए थे, तभी उनकी नजर नदी में तैरते एक शव पर पड़ी। ग्रामीणों ने तुरंत डायल 112 और मंगलपुर पुलिस को खबर दी। सूचना मिलते ही एएसआई कमलेश कुमार यादव, महिला कांस्टेबल अंशू राजपूत और करिश्मा मौके पर पहुंचे और शव को नदी से बाहर निकलवाया। पुलिस के मुताबिक, मृतका ने लाल रंग का कुर्ता-सलवार और अंदर बनियान व चड्डी पहन रखी थी। शव काफी पुराना होने के कारण सड़ चुका था और उससे बदबू आ रही थी। चेहरे का अधिकतर हिस्सा क्षतिग्रस्त होने की वजह से उसकी पहचान कर पाना मुश्किल हो रहा है। शुरुआती जांच में मृतका के पैरों में बिछिया न होने से उसके अविवाहित होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मंगलपुर पुलिस की सूचना पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल से आवश्यक साक्ष्य जुटाए। थाना प्रभारी निरीक्षक महेश दुबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया शव करीब 10 से 12 दिन पुराना लग रहा है और संभवतः यह बहकर यहां तक आया है। पुलिस द्वारा मृतका की पहचान कराने की कोशिशें जारी हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।4
- कानपुर देहात के मंगलपुर थाना क्षेत्र की संदलपुर चौकी के अंतर्गत एक गांव निवासी व्यक्ति ने 22 मई को थाना पुलिस को तहरीर देकर शिकायत की थी। शिकायत में बताया गया था कि गांव का ही निवासी विशाल बाबू उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। पीड़ित की शिकायत के आधार पर पुलिस ने तत्काल संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आरोपी विशाल बाबू की तलाश शुरू कर दी थी। मामले की विवेचना के दौरान, संदलपुर चौकी प्रभारी अरविंद मिश्रा को मुखबिर से सूचना मिली। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए, उन्होंने सोमवार को करीब 11 बजे बिरहाना ओवरब्रिज के पास से आरोपी विशाल बाबू को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, पुलिस आरोपी को थाने ले आई और वहां आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी की गई। थाना प्रभारी निरीक्षक महेश कुमार दुबे ने जानकारी दी कि आरोपी घटना के बाद से लगातार फरार चल रहा था और पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी हुई थी। सोमवार को गिरफ्तारी के बाद, आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस द्वारा इस मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।1
- जनपद में सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के लिए यातायात पुलिस और थाना पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था, जिसका विशेष ध्यान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले, खासकर शराब पीकर वाहन चलाने वाले चालकों पर केंद्रित था। जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारियों ने अपने-अपने थाना क्षेत्रों में पुलिस बल के साथ मिलकर सघन चेकिंग अभियान संचालित किया, जिसके तहत संदिग्ध वाहनों को रोककर ब्रीथ एनालाइजर का उपयोग कर चालकों की गहनता से जांच की गई। इस विशेष अभियान के दौरान, पुलिस टीम ने 280 वाहनों का चालान किया और इकसठ लाख साठ हजार रुपए (₹61,60,000) का सम्मन शुल्क वसूला। इसके अतिरिक्त, नशे की हालत में वाहन चलाते पाए गए चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत वैधानिक कार्यवाही भी की गई। यातायात और थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने शराब पीकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध इस विशेष अभियान के तहत कड़ी और प्रभावी कार्रवाई की।1
- कानपुर देहात के राजपुर कस्बे में बंदरों का आतंक लगातार जारी है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। बंदरों के झुंड बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को काटकर घायल कर रहे हैं। हाल ही में एक 8 वर्षीय बच्ची रमसा पर हमला कर उसका मांस नोच लिया गया। कन्हैया नगर निवासी रिहाना ने बताया कि उनकी बेटी रमसा घर के अंदर लघुशंका के लिए जा रही थी, तभी आंगन में बैठे बंदरों ने उस पर हमला कर दिया और रमसा के बाएं हाथ का मांस निकाल ले गए। शोर सुनकर मां रिहाना दौड़ीं और देखा कि बेटी के हाथ से खून बह रहा था। परिजनों ने आनन-फानन में रमसा को राजपुर पीएचसी में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टर मनोज कुमार ने उसे एंटी-रैबीज इंजेक्शन लगाया और प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया। बंदरों के इस आतंक के चलते लोहिया नगर के अनीस सिद्दीकी ने बताया कि बच्चे डर के मारे बाहर खेलने जाने से भी कतराते हैं। मुखर्जी नगर के दीपक मिश्रा और रामू कटियार ने जानकारी दी कि उनके पड़ोस में रहने वाली एक 60 वर्षीय वृद्धा को बंदरों ने खदेड़कर छत से गिरा दिया था। अंबेडकर नगर के अनीस खान ने चार साल पहले की एक घटना का भी जिक्र किया, जब बंदरों के झुंड ने एक महिला को दौड़ाया था, जिससे वह छत से खुले आंगन में गिर गई और अस्पताल ले जाते समय उसने दम तोड़ दिया था। पटेल नगर के अरशद मंसूरी के मुताबिक, उनके इलाके में अब तक आधा दर्जन लोग बंदरों के काटने से घायल हो चुके हैं। बंदरों के आतंक से बचने के लिए, सुबह टहलने जाते समय भी महिलाएं और पुरुष हाथों में डंडा लेकर चलते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर समय रहते बंदरों को नहीं पकड़ा गया तो और भी गंभीर घटनाएं हो सकती हैं, और उन्होंने ईओ से जल्द बंदरों को पकड़वाने की मांग की है। इस संबंध में राजपुर की ईओ नीति त्रिपाठी ने बताया कि जिन वार्डों में बंदरों का आतंक है, उन वार्डों का विवरण तैयार किया जा रहा है। यह विवरण वन विभाग को पत्राचार के माध्यम से भेजा जाएगा और जल्द ही बंदरों को पकड़वाने की व्यवस्था की जाएगी।3