पुलिस में बड़ी सर्जरी! ड्यूटी से गायब दरोगा और लापरवाह इंस्पेक्टर पर गिरी बिजली, कप्तान के कड़े तेवर हरदोई पुलिस लाइन से लेकर थानों तक आज एक ही चर्चा है— "अगला नंबर किसका?" एसपी ने अनुशासन का चाबुक चलाते हुए दो बड़े विकेट गिरा दिए हैं। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले दरोगा पन्ना लाल सोनी और बेनीगंज के 'धीमे' प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश सरोज को सस्पेंड कर विभागीय जांच बिठा दी गई है। जिले के सभी पुलिसकर्मियों को अल्टीमेटम मिल चुका है— "या तो मुस्तैदी से काम करो, या निलंबन के लिए तैयार रहो!खाकी के कुछ जांबाज अपनी ड्यूटी को कितनी संजीदगी से लेते हैं, इसकी पोल हरदोई में खुल गई। दरोगा पन्ना लाल सोनी को लगा कि स्ट्रांग रूम की गार्द छोड़कर निकल लेने से किसी को क्या पता चलेगा, लेकिन साहब की 'किस्मत' खराब थी और कप्तान का निरीक्षण अचानक हो गया। वहीं बेनीगंज के कोतवाल साहब एक्सीडेंट के मामले में 'कछुआ चाल' चल रहे थे। एसपी ने दोनों को निलंबन का 'रिटर्न गिफ्ट' थमा दिया है। अब महकमे में चर्चा है— "साहब, नजर सब पर है!
पुलिस में बड़ी सर्जरी! ड्यूटी से गायब दरोगा और लापरवाह इंस्पेक्टर पर गिरी बिजली, कप्तान के कड़े तेवर हरदोई पुलिस लाइन से लेकर थानों तक आज एक ही चर्चा है— "अगला नंबर किसका?" एसपी ने अनुशासन का चाबुक चलाते हुए दो बड़े विकेट गिरा दिए हैं। स्ट्रांग रूम की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले दरोगा पन्ना लाल सोनी और बेनीगंज के 'धीमे' प्रभारी निरीक्षक ओम प्रकाश सरोज को सस्पेंड कर विभागीय जांच बिठा दी गई है। जिले के सभी पुलिसकर्मियों को अल्टीमेटम मिल चुका है— "या तो मुस्तैदी से काम करो, या निलंबन के लिए तैयार रहो!खाकी के कुछ जांबाज अपनी ड्यूटी को कितनी संजीदगी से लेते हैं, इसकी पोल हरदोई में खुल गई। दरोगा पन्ना लाल सोनी को लगा कि स्ट्रांग रूम की गार्द छोड़कर निकल लेने से किसी को क्या पता चलेगा, लेकिन साहब की 'किस्मत' खराब थी और कप्तान का निरीक्षण अचानक हो गया। वहीं बेनीगंज के कोतवाल साहब एक्सीडेंट के मामले में 'कछुआ चाल' चल रहे थे। एसपी ने दोनों को निलंबन का 'रिटर्न गिफ्ट' थमा दिया है। अब महकमे में चर्चा है— "साहब, नजर सब पर है!
- हरदोई में चोरों ने दी पुलिस को खुली चुनौती पुलिस पिकेट ड्यूटी पर उठे सवाल.. पुलिस पैकेट ड्यूटी के पड़ोस में ही मंदिर में घंटा चोरी मंदिर के पड़ोस में ही पुलिस का रहता है पहरा बीती रात चोरों ने 52 किलो का पीतल का घंटा चोरी कर लिया सुरसा पुलिस की मुस्तैदी पर उठे सवाल... सुरसा थाना क्षेत्र के महुरा पुलिस बूथ के पास का मामला।1
- Post by द कहर न्यूज़ एजेंसी1
- इसे कहते हैं घोर कलियुग देखो वीडियो 😭😭😭😭😭😢😢😥😥💔💔💔🙏🙏🙏1
- Post by SV भारत न्यूज़ संवाददाता रामबाबू1
- हरदोई में कछौना के बसपा नेताजी की 'लोन वाली डील' पड़ गई भारी, बैठक के बीच से CBI उठा ले गई बसपा नेता को ,राजनीति के मैदान में दांव-पेंच लड़ाने वाले बहुजन समाज पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष सुरेश चंद्र चौधरी युवाओं को उद्यमी बनाने चले थे नेताजी, खुद ही CBI के शिकंजे में आ गए........1
- हरदोई पेट्रोल व अन्य तेल पदार्थो की आपूर्ति पर डीएम अनुनय झा की प्रतिक्रिया सामने आई है, उन्होंने कहा कि जिले में पेट्रोल डीजल की कोई किल्लत नहीं है, अराजक तत्वों द्वारा गलत अफवाह फैलाई जा रही है.. सुनिए क्या कहना है डीएम अनुनय झा का... #jaagonews #hardoi_city #hardoinews #hardoi #DMHardoi1
- धर्म सभा में बोले शंकराचार्य गाय और ब्राह्मण भारतीय संस्कृति के मूल1
- लखनऊ, राष्ट्रीय किसान मंच के प्रदेश अध्यक्ष अरुण कुमार बाबा ने अमेरिका के साथ हुई 18 प्रतिशत कृषि डील को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा निशाना साधा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस समझौते को वापस नहीं लिया गया तो देशभर के किसान बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। लखनऊ स्थित ईको गार्डन धरना स्थल पर अपने अधिकारों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हजारों किसानों को संबोधित करते हुए अरुण कुमार बाबा ने कहा कि इंडिया और अमेरिका के बीच हुई 18 प्रतिशत की कृषि डील किसानों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि यदि भारत सरकार और प्रधानमंत्री इस डील को वापस नहीं लेते हैं तो देश का किसान प्रधानमंत्री के खिलाफ आंदोलन छेड़ देगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसानों के बारे में कितना सोचते हैं, यह जगजाहिर है। लेकिन इस तरह की डील से भारतीय कृषि और किसानों को नुकसान पहुंच सकता है। इसलिए सरकार को तुरंत इस फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। अरुण कुमार बाबा ने सरकार से किसानों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अक्सर कहा जाता है कि “हिन्दू खतरे में है”, लेकिन जो किसान देश की 140 करोड़ आबादी को अन्न उपलब्ध कराता है, क्या वह खतरे में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं और हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए, अन्यथा किसान आंदोलन का रास्ता अपनाने को बाध्य होंगे।1