बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे युवा समाजसेवी अमरदीप कुशवाहा, 500 परिवारों को कराया भोजन बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे युवा समाजसेवी अमरदीप कुशवाहा, 500 परिवारों को कराया भोजन पहाड़ी, चित्रकूट। मंदाकिनी नदी की बाढ़ से प्रभावित विकासखंड पहाड़ी के ग्राम पंचायत अरक्षा बरेठी में राहत कार्य के लिए युवा समाजसेवी एवं बसपा नेता अमरदीप कुशवाहा आगे आए। उन्होंने करीब 500 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पूड़ी-सब्जी के लंच पैकेट की व्यवस्था कर भोजन वितरित कराया। लगातार बारिश के बीच अमरदीप कुशवाहा अपनी टीम के साथ पहले ग्राम पंचायत चौरा पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया। इसके बाद अरक्षा बरेठी पहुंचकर प्रभावित परिवारों का हालचाल जाना और राहत सामग्री व भोजन वितरण कराया। ग्रामीणों ने उनके इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर उन्होंने सराहनीय सेवा कार्य किया है। अमरदीप कुशवाहा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद जारी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ में जिन गरीब परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुए हैं, उनके लिए जिलाधिकारी से मिलकर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी। इस दौरान ग्राम प्रधान अनिल कुमार यादव सहित समर्थक एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। रिपोर्ट पुष्पेंद्र कुमार इंडियन टीवीन्यूज़
बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे युवा समाजसेवी अमरदीप कुशवाहा, 500 परिवारों को कराया भोजन बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे युवा समाजसेवी अमरदीप कुशवाहा, 500 परिवारों को कराया भोजन पहाड़ी, चित्रकूट। मंदाकिनी नदी की बाढ़ से प्रभावित विकासखंड पहाड़ी के ग्राम पंचायत अरक्षा बरेठी में राहत कार्य के लिए युवा समाजसेवी एवं बसपा नेता अमरदीप कुशवाहा आगे आए। उन्होंने करीब 500 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पूड़ी-सब्जी के लंच पैकेट की व्यवस्था कर भोजन वितरित कराया। लगातार बारिश के बीच अमरदीप कुशवाहा अपनी टीम के साथ पहले ग्राम पंचायत चौरा पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया। इसके बाद अरक्षा बरेठी पहुंचकर प्रभावित परिवारों का हालचाल जाना और राहत सामग्री व भोजन वितरण कराया। ग्रामीणों ने उनके इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर उन्होंने सराहनीय सेवा कार्य किया है। अमरदीप कुशवाहा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद जारी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ में जिन गरीब परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुए हैं, उनके लिए जिलाधिकारी से मिलकर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी। इस दौरान ग्राम प्रधान अनिल कुमार यादव सहित समर्थक एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। रिपोर्ट पुष्पेंद्र कुमार इंडियन टीवीन्यूज़
- चित्रकूट में आई बाढ़ के कारण डोंडा माफी टैंक के क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मत का कार्य जारी2
- धर्म नगरी चित्रकूट इन दिनों बाढ़ की भीषण चपेट में है। रामघाट सहित एक दर्जन से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है। कई परिवारों के घर जलमग्न हैं और लोगों के सामने खाने-पीने सहित रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए महिला नेत्री अर्चना नितिन उपाध्याय ने आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने रामघाट, सीतापुर और तरौंहा सहित कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों ने उन्हें अपनी परेशानियों से अवगत कराया। किसी ने घरों में पानी भरने की समस्या बताई तो किसी ने बाढ़ से हुए नुकसान और खाने-पीने की दिक्कत के बारे में जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान कई परिवारों की मुश्किलें देखकर अर्चना नितिन उपाध्याय ने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। अर्चना नितिन उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति को देखा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए कल उतनी ही तादाद में राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी और कल से हर घर तक राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए आटा, दाल, चावल, सब्जी, तेल, पानी और दैनिक जरूरत की अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि इस मुश्किल वक्त में किसी परिवार को भोजन और जरूरी सामान के लिए परेशान न होना पड़े। मां मंदाकिनी नदी का बढ़ता जलस्तर चित्रकूट के लिए लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी निरीक्षण कर लोगों की समस्याओं को समझना और उसके बाद जरूरत के मुताबिक राहत पहुंचाने की पहल बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है। अर्चना नितिन उपाध्याय ने भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा और जरूरतमंद परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बाइट: अर्चना नितिन उपाध्याय — महिला नेत्री धर्म नगरी चित्रकूट इन दिनों बाढ़ की भीषण चपेट में है। रामघाट सहित एक दर्जन से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों तक पहुंच चुका है। कई परिवारों के घर जलमग्न हैं और लोगों के सामने खाने-पीने सहित रोजमर्रा की जरूरतों का संकट खड़ा हो गया है। बाढ़ के हालात का जायजा लेने के लिए महिला नेत्री अर्चना नितिन उपाध्याय ने आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर निरीक्षण किया। उन्होंने रामघाट, सीतापुर और तरौंहा सहित कई बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों से मुलाकात की और उनकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान बाढ़ प्रभावित परिवारों ने उन्हें अपनी परेशानियों से अवगत कराया। किसी ने घरों में पानी भरने की समस्या बताई तो किसी ने बाढ़ से हुए नुकसान और खाने-पीने की दिक्कत के बारे में जानकारी दी। निरीक्षण के दौरान कई परिवारों की मुश्किलें देखकर अर्चना नितिन उपाध्याय ने हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। अर्चना नितिन उपाध्याय ने कहा कि उन्होंने आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जमीनी स्थिति को देखा है। उन्होंने बताया कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों की जरूरतों को देखते हुए कल उतनी ही तादाद में राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी और कल से हर घर तक राहत सामग्री पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए आटा, दाल, चावल, सब्जी, तेल, पानी और दैनिक जरूरत की अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि इस मुश्किल वक्त में किसी परिवार को भोजन और जरूरी सामान के लिए परेशान न होना पड़े। मां मंदाकिनी नदी का बढ़ता जलस्तर चित्रकूट के लिए लगातार चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे में बाढ़ प्रभावित इलाकों का जमीनी निरीक्षण कर लोगों की समस्याओं को समझना और उसके बाद जरूरत के मुताबिक राहत पहुंचाने की पहल बाढ़ पीड़ित परिवारों के लिए बड़ी मदद साबित हो सकती है। अर्चना नितिन उपाध्याय ने भरोसा दिलाया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की मदद के लिए यह प्रयास आगे भी जारी रहेगा और जरूरतमंद परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। बाइट: अर्चना नितिन उपाध्याय — महिला नेत्री1
- चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे से लगी सेमराडी बरेठी सहित सैकड़ो गांव को जोड़ने वाला रास्ता हुआ जलमग्न, समाजसेवी अमर दीप कुशवाहा ने मौके में पहुंचकर सभी से अनुरोध किया और सरकार से पुल बनाने की मांग की चित्रकूट जिले के पहाड़ी कस्बे से लगी सेमराडी बरेठी सहित सैकड़ो गांव को जोड़ने वाला रास्ता हुआ जलमग्न, समाजसेवी अमर दीप कुशवाहा ने मौके में पहुंचकर सभी से अनुरोध किया और सरकार से पुल बनाने की मांग की1
- बाढ़ पीड़ितों के लिए समाजसेवी दुर्गेश सिंह ने शुरू की निशुल्क भोजन सेवा बाढ़ पीड़ितों के लिए समाजसेवी दुर्गेश सिंह ने शुरू की निशुल्क भोजन सेवा चित्रकूट। मंदाकिनी नदी की बाढ़ से ग्राम पंचायत औदहा में प्रभावित ग्रामीणों की मदद के लिए समाजसेवी दुर्गेश सिंह लगातार आगे आ रहे हैं। उन्होंने अपनी टीम के इंद्रजीत गोरे, शिवसागर सहित अन्य सहयोगियों के साथ बाढ़ पीड़ितों के लिए निशुल्क भोजन एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराई। दुर्गेश सिंह ने अपने निजी आवास पर बैठाकर ग्रामीणों को पूड़ी-सब्जी, लड्डू और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन 500 से अधिक बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में ग्रामीणों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और आगे भी जरूरतमंद परिवारों के लिए भोजन एवं अन्य आवश्यक मदद जारी रहेगी। बाढ़ के संकट के बीच समाजसेवी दुर्गेश सिंह और उनकी टीम की यह पहल प्रभावित ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। रिपोर्ट पुष्पेंद्र कुमार इंडियन टीवी न्यूज़1
- रील में व्यूज के लिए गटर में लोटे भरहुत नगर के रीलबाज, शर्म भी शर्मा गई सतना शहर के भरहुत नगर में युवाओं को अपनी रील वायरल करने का ऐसा नशा चढ़ा है कि लोग नाली और गंदे सीवर के पानी में लोटने से भी नहीं हिचक रहे। पूरे मोहल्ले के टॉयलेट और नाली का बदबूदार पानी मंजूर है, बस रील वायरल हो जाए। सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए गंदगी से इश्क भी मंजूर, हद है।1
- सकरौहा में बारिश का कहर: घरों में घुसा तीन फीट पानी, दर्जनों कच्चे मकान धराशायी गृहस्थी बर्बाद, सड़कों और नालियों का मिटा नामोनिशान; ओवरफ्लो अमृत सरोवर ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत मानिकपुर/चित्रकूट। लगातार हो रही बारिश ने मानिकपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सकरौहा में ग्रामीणों की जिंदगी को बेहाल कर दिया है। गांव की सड़कें और गलियां जलमग्न हैं, वहीं कई घरों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। कई दिनों से घरों में पानी भरे रहने के कारण दर्जनों कच्चे मकान भरभराकर गिर गए, जिससे गरीब ग्रामीणों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी पलभर में बर्बाद हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने और अमृत सरोवर के ओवरफ्लो होने से बारिश का पानी घरों और रास्तों में जमा हो गया है। हालात यह हैं कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीण ओम प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण तालाब ओवरफ्लो हो गया। गांव का पानी बाहर निकालने के लिए पर्याप्त नाली नहीं होने से पानी घरों में भरता रहा। कई दिनों तक पानी भरे रहने के कारण उनका कच्चा मकान कमजोर होकर आखिरकार गिर गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों ने जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी होती तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती। बताया गया कि पंकज, केशव, राजेश, रामबाबू, सुशील पाण्डेय, रमेश पाण्डेय, घनश्याम सेन, चंद्रपाल, तीरथ, छोटा, कलुवा, मंगल समेत कई ग्रामीणों के घर भी कई दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण क्षतिग्रस्त होकर गिर गए हैं। मलबे में तब्दील हुई गृहस्थी, मदद की आस में ग्रामीण मकान गिरने से ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा संकट आशियाने और गृहस्थी बचाने का खड़ा हो गया है। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर, घरेलू सामान समेत जरूरी सामग्री पानी और मलबे की भेंट चढ़ गई। गरीब परिवारों के लिए यह नुकसान किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश प्राकृतिक आपदा हो सकती है, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था करना जिम्मेदार तंत्र की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते नालियों और पानी की निकासी का इंतजाम किया गया होता तो कई परिवारों को अपना घर और गृहस्थी नहीं गंवानी पड़ती। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर क्षति का सर्वे कराने, जल निकासी की व्यवस्था कराने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने तथा मकान गिरने से हुए नुकसान का उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता दिलाने की मांग की है। बड़ा सवाल: जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं हुई? सकरौहा में बारिश के बाद पैदा हुए हालात ने गांव की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि गांव में समय रहते नालियों और जल निकासी की व्यवस्था होती तो बारिश का पानी इस तरह घरों में नहीं घुसता। अब देखना यह है कि दर्जनों परिवारों के आशियाने उजड़ने के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत पहुंचाते हैं या फिर ग्रामीण इसी तरह पानी और मलबे के बीच मदद की बाट जोहते रहेंगे।1
- चित्रकूट में आई बाढ़ के कारण पाठा क्षेत्र में क्षतिग्रस्त रपटा एवं पुलिया का विधायक ने किया निरीक्षण2
- मानिकपुर गुरौला संपर्क मार्ग पर आवागमन करने वालों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है चित्रकूट मानिकपुर.. गुरौला का संपर्क मत टूट1