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रील में व्यूज के लिए गटर में लोटे भरहुत नगर के रीलबाज, शर्म भी शर्मा गई सतना शहर के भरहुत नगर में युवाओं को अपनी रील वायरल करने का ऐसा नशा चढ़ा है कि लोग नाली और गंदे सीवर के पानी में लोटने से भी नहीं हिचक रहे। पूरे मोहल्ले के टॉयलेट और नाली का बदबूदार पानी मंजूर है, बस रील वायरल हो जाए। सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए गंदगी से इश्क भी मंजूर, हद है।
प्रखर प्रवक्ता न्यूज
रील में व्यूज के लिए गटर में लोटे भरहुत नगर के रीलबाज, शर्म भी शर्मा गई सतना शहर के भरहुत नगर में युवाओं को अपनी रील वायरल करने का ऐसा नशा चढ़ा है कि लोग नाली और गंदे सीवर के पानी में लोटने से भी नहीं हिचक रहे। पूरे मोहल्ले के टॉयलेट और नाली का बदबूदार पानी मंजूर है, बस रील वायरल हो जाए। सोशल मीडिया पर फेमस होने के लिए गंदगी से इश्क भी मंजूर, हद है।
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- चित्रकूट में आई बाढ़ के कारण पाठा क्षेत्र में क्षतिग्रस्त रपटा एवं पुलिया का विधायक ने किया निरीक्षण2
- बाढ़ पीड़ितों के लिए समाजसेवी दुर्गेश सिंह ने शुरू की निशुल्क भोजन सेवा बाढ़ पीड़ितों के लिए समाजसेवी दुर्गेश सिंह ने शुरू की निशुल्क भोजन सेवा चित्रकूट। मंदाकिनी नदी की बाढ़ से ग्राम पंचायत औदहा में प्रभावित ग्रामीणों की मदद के लिए समाजसेवी दुर्गेश सिंह लगातार आगे आ रहे हैं। उन्होंने अपनी टीम के इंद्रजीत गोरे, शिवसागर सहित अन्य सहयोगियों के साथ बाढ़ पीड़ितों के लिए निशुल्क भोजन एवं शुद्ध पेयजल की व्यवस्था कराई। दुर्गेश सिंह ने अपने निजी आवास पर बैठाकर ग्रामीणों को पूड़ी-सब्जी, लड्डू और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया कि पिछले तीन दिनों से प्रतिदिन 500 से अधिक बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में ग्रामीणों को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा और आगे भी जरूरतमंद परिवारों के लिए भोजन एवं अन्य आवश्यक मदद जारी रहेगी। बाढ़ के संकट के बीच समाजसेवी दुर्गेश सिंह और उनकी टीम की यह पहल प्रभावित ग्रामीणों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। रिपोर्ट पुष्पेंद्र कुमार इंडियन टीवी न्यूज़1
- सकरौहा में बारिश का कहर: घरों में घुसा तीन फीट पानी, दर्जनों कच्चे मकान धराशायी गृहस्थी बर्बाद, सड़कों और नालियों का मिटा नामोनिशान; ओवरफ्लो अमृत सरोवर ने बढ़ाई ग्रामीणों की मुसीबत मानिकपुर/चित्रकूट। लगातार हो रही बारिश ने मानिकपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत सकरौहा में ग्रामीणों की जिंदगी को बेहाल कर दिया है। गांव की सड़कें और गलियां जलमग्न हैं, वहीं कई घरों में करीब तीन फीट तक पानी भर गया है। कई दिनों से घरों में पानी भरे रहने के कारण दर्जनों कच्चे मकान भरभराकर गिर गए, जिससे गरीब ग्रामीणों की वर्षों की मेहनत से जुटाई गई गृहस्थी पलभर में बर्बाद हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने और अमृत सरोवर के ओवरफ्लो होने से बारिश का पानी घरों और रास्तों में जमा हो गया है। हालात यह हैं कि लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है और ग्रामीणों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। ग्रामीण ओम प्रकाश विश्वकर्मा ने बताया कि लगातार बारिश के कारण तालाब ओवरफ्लो हो गया। गांव का पानी बाहर निकालने के लिए पर्याप्त नाली नहीं होने से पानी घरों में भरता रहा। कई दिनों तक पानी भरे रहने के कारण उनका कच्चा मकान कमजोर होकर आखिरकार गिर गया। उनका कहना है कि यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारी-कर्मचारियों ने जल निकासी की उचित व्यवस्था कर दी होती तो शायद यह स्थिति पैदा नहीं होती। बताया गया कि पंकज, केशव, राजेश, रामबाबू, सुशील पाण्डेय, रमेश पाण्डेय, घनश्याम सेन, चंद्रपाल, तीरथ, छोटा, कलुवा, मंगल समेत कई ग्रामीणों के घर भी कई दिनों तक पानी में डूबे रहने के कारण क्षतिग्रस्त होकर गिर गए हैं। मलबे में तब्दील हुई गृहस्थी, मदद की आस में ग्रामीण मकान गिरने से ग्रामीणों के सामने सबसे बड़ा संकट आशियाने और गृहस्थी बचाने का खड़ा हो गया है। घरों में रखा अनाज, कपड़े, बिस्तर, घरेलू सामान समेत जरूरी सामग्री पानी और मलबे की भेंट चढ़ गई। गरीब परिवारों के लिए यह नुकसान किसी बड़ी त्रासदी से कम नहीं है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश प्राकृतिक आपदा हो सकती है, लेकिन जल निकासी की व्यवस्था करना जिम्मेदार तंत्र की जिम्मेदारी है। यदि समय रहते नालियों और पानी की निकासी का इंतजाम किया गया होता तो कई परिवारों को अपना घर और गृहस्थी नहीं गंवानी पड़ती। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पहुंचकर क्षति का सर्वे कराने, जल निकासी की व्यवस्था कराने, प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने तथा मकान गिरने से हुए नुकसान का उचित मुआवजा एवं सरकारी सहायता दिलाने की मांग की है। बड़ा सवाल: जल निकासी की व्यवस्था क्यों नहीं हुई? सकरौहा में बारिश के बाद पैदा हुए हालात ने गांव की जल निकासी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि गांव में समय रहते नालियों और जल निकासी की व्यवस्था होती तो बारिश का पानी इस तरह घरों में नहीं घुसता। अब देखना यह है कि दर्जनों परिवारों के आशियाने उजड़ने के बाद जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर राहत पहुंचाते हैं या फिर ग्रामीण इसी तरह पानी और मलबे के बीच मदद की बाट जोहते रहेंगे।1
- चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग द्वारा गोपीपुरवा मानिकपुर स्थित रपटा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। चित्रकूट जिलाधिकारी पुलकित गर्ग एवं पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह द्वारा गोपीपुरवा, मानिकपुर स्थित रपटा का स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पाया कि वर्तमान में रपटे के ऊपर से पानी का प्रवाह हो रहा है, जिसके कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी ने बताया कि उक्त स्थल पर स्थायी समाधान के लिए पिछले वर्ष कार्ययोजना तैयार कर शासन को प्रेषित की गई थी, जिसकी स्वीकृति प्राप्त हो चुकी है। प्रस्तावित कार्य के अंतर्गत लगभग 30 मीटर लंबे पुल का निर्माण कराया जाना है, जिसके लिए लगभग ₹1.50 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है।1
- 🚨 चित्रकूट पुलिस अलर्ट: मंदाकिनी नदी की बाढ़ को लेकर रामघाट व निर्मोही अखाड़ा क्षेत्र का निरीक्षण #चित्रकूट। मंदाकिनी नदी में आई बाढ़ के मद्देनजर अपर पुलिस अधीक्षक श्री पीयूषकांत राय ने बुधवार, 2 सितंबर 2026 को रामघाट, निर्मोही अखाड़ा सहित अन्य बाढ़ प्रभावित निचले इलाकों का स्थलीय निरीक्षण किया। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण मंदाकिनी नदी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। जलस्तर खतरे के निशान के करीब बना हुआ है। रामघाट के निचले घाटों, दुकानों और निर्मोही अखाड़ा के समीप कुछ क्षेत्रों में पानी प्रवेश कर गया है। पुलिस के अनुसार स्थिति नियंत्रण में है और लगातार निगरानी की जा रही है। निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय लोगों, पुजारियों, दुकानदारों और नाविकों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। 🔹 हर घंटे जलस्तर की निगरानी कर कंट्रोल रूम को सूचना देने के निर्देश। 🔹 जल पुलिस, पीएसी और एसडीआरएफ के साथ समन्वय कर 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश। 🔹 निचले इलाकों में फंसे लोगों को तत्काल बाढ़ राहत शिविरों में पहुंचाने के निर्देश। 🔹 घाटों की ओर जाने वाले रास्तों पर बैरिकेडिंग कर स्नान व आवागमन पर प्रतिबंध। 🔹 लाउड हेलर के माध्यम से लगातार लोगों को सावधान किया जा रहा है। ⚠️ पुलिस की अपील: मंदाकिनी नदी का जलस्तर अभी स्थिर नहीं है। नागरिक नदी एवं घाटों के आसपास न जाएं, अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 या जिला कंट्रोल रूम को तत्काल सूचना दें। निरीक्षण के दौरान क्षेत्राधिकारी नगर, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली कर्वी, चौकी प्रभारी रामघाट सहित पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। #Chitrakoot #चित्रकूट #MandakiniRiver #मंदाकिनी_नदी #FloodAlert #बाढ़_अलर्ट #ChitrakootPolice1
- एडीजी जोन प्रयागराज में चित्रकूट में आई बाढ़ के प्रति घंटे जल स्तर की रिपोर्ट भेजने के दिए निर्देश2
- बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे युवा समाजसेवी अमरदीप कुशवाहा, 500 परिवारों को कराया भोजन बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचे युवा समाजसेवी अमरदीप कुशवाहा, 500 परिवारों को कराया भोजन पहाड़ी, चित्रकूट। मंदाकिनी नदी की बाढ़ से प्रभावित विकासखंड पहाड़ी के ग्राम पंचायत अरक्षा बरेठी में राहत कार्य के लिए युवा समाजसेवी एवं बसपा नेता अमरदीप कुशवाहा आगे आए। उन्होंने करीब 500 बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए पूड़ी-सब्जी के लंच पैकेट की व्यवस्था कर भोजन वितरित कराया। लगातार बारिश के बीच अमरदीप कुशवाहा अपनी टीम के साथ पहले ग्राम पंचायत चौरा पहुंचे और बाढ़ पीड़ितों को भोजन उपलब्ध कराया। इसके बाद अरक्षा बरेठी पहुंचकर प्रभावित परिवारों का हालचाल जाना और राहत सामग्री व भोजन वितरण कराया। ग्रामीणों ने उनके इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि संकट की घड़ी में बाढ़ पीड़ितों के बीच पहुंचकर उन्होंने सराहनीय सेवा कार्य किया है। अमरदीप कुशवाहा ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों की हरसंभव मदद जारी रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि बाढ़ में जिन गरीब परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त या ध्वस्त हुए हैं, उनके लिए जिलाधिकारी से मिलकर मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी। इस दौरान ग्राम प्रधान अनिल कुमार यादव सहित समर्थक एवं क्षेत्रीय कार्यकर्ता मौजूद रहे। रिपोर्ट पुष्पेंद्र कुमार इंडियन टीवीन्यूज़1
- मानिकपुर गुरौला रोड 52 नंबर पुल में पानी का जल स्तर बढ़ चुका है आज की ताजा खबर/.. मानिकपुर में भारी बारिश के कारण आवागमन बंद हुआ जो मानिकपुर से कई गांव का संपर्क टूट1
- मानिकपुर गुरौला संपर्क मार्ग पर आवागमन करने वालों को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है चित्रकूट मानिकपुर.. गुरौला का संपर्क मत टूट1