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जनपद बदायूं के ग्राम जारीपुर गढ़िया स्थित गंगा घाट पर दशहरा के उपलक्ष्य में एक मेले का आयोजन किया गया। इस पर्व को गंगा दशहरा गंगा स्नान के सबसे बड़े पर्व दशहरा के रूप में मनाया जाता है। इसी दौरान, गंगा घाट पर आए श्रद्धालुओं को पानी पिलाने के लिए वीरेंद्र, दीपक, गोपाल और दीपक सक्सेना द्वारा एक स्टॉल भी लगाया गया था।
दीपक सक्सेना पत्रकार
जनपद बदायूं के ग्राम जारीपुर गढ़िया स्थित गंगा घाट पर दशहरा के उपलक्ष्य में एक मेले का आयोजन किया गया। इस पर्व को गंगा दशहरा गंगा स्नान के सबसे बड़े पर्व दशहरा के रूप में मनाया जाता है। इसी दौरान, गंगा घाट पर आए श्रद्धालुओं को पानी पिलाने के लिए वीरेंद्र, दीपक, गोपाल और दीपक सक्सेना द्वारा एक स्टॉल भी लगाया गया था।
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- बदायूं की एसएसपी अंकिता शर्मा ने ईद-उल-अज़्हा (बकरीद) के अवसर पर एक विशेष अपील जारी की है, जिसमें उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे के साथ बकरीद मनाने का आग्रह किया है। एसएसपी शर्मा ने खुले में कुर्बानी देने और अफवाहें फैलाने पर कड़ा पहरा रखने की बात कही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और सोशल मीडिया पर भी पैनी नज़र रखी जाएगी।1
- गंगा दशहरा स्नान पर्व के अवसर पर सोरों शूकर क्षेत्र में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा, जहाँ हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। सुबह से ही घाटों पर भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नज़र आए। साथ ही, मंदिरों में पूजा-अर्चना और विभिन्न धार्मिक आयोजनों का सिलसिला भी जारी रहा।1
- प्रदेश या देश में किसी भी दुखद घटना के घटित होने पर, एक व्यक्ति को "बहन मायावती जी का शासन और उनकी सरकार" की याद आती है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो को देखकर गहरा सदमा और खामोशी महसूस हुई है, जिसमें उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी के कार्यकाल के दौरान एक पिता को अपनी बच्ची को गोद में लिए अस्पतालों का चक्कर लगाते देखा गया, जिसका कारण अस्पतालों की कमी बताई गई है। इस घटना के संदर्भ में, देश और प्रदेश की जनता से कई सवाल उठाए गए हैं कि आखिर क्यों वे देश में एक अच्छा शासन लागू करना नहीं चाहते। सवाल है कि क्यों भारत देश की जनता धर्म और जाति के आधार पर वोट करती है। व्यक्ति पूछता है कि क्या देश के इन हालातों को देखकर जनता को दुख नहीं होता और क्या उन्हें यह महसूस नहीं होता कि आज देश में महंगाई चरम सीमा पर है। यह भी पूछा गया है कि क्या सस्ती कीमतों पर कोई भी चीज नहीं खरीदी जा सकती है। विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाया गया है, कि वह इन "तानाशाही नेताओं" का मुकाबला करने और उन्हें प्रदेश व देश की सत्ता से दूर करने के लिए मजबूती से आगे क्यों नहीं आ रहा है। अंत में, यह गंभीर प्रश्न उठाया गया है कि जनता देश का नेतृत्व अच्छे हाथों में क्यों नहीं सौंपती, जिससे जनता की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।1
- बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बकरीद पर्व को शांतिपूर्वक मनाने की अपील की है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी खुले स्थान पर जानवरों की कुर्बानी न दी जाए और जिन पशुओं पर प्रतिबंध है, उनकी कुर्बानी से बचें। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस को किसी भी जगह पर प्रतिबंधित जानवर की कुर्बानी दिए जाने की जानकारी मिलती है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से ऐसी कार्रवाई से बचने और त्योहार को शांति व सौहार्द के साथ मनाने का आग्रह किया।1
- कासगंज के पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने गंगा दशहरा स्नान पर्व की तैयारियों और सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए हरिकीपेंडी कस्बा सोरों में पैदल गश्त की। इस दौरान, उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी आवश्यक इंतज़ामों का बारीकी से निरीक्षण किया।1
- Post by बीरेन्द्र जीत शर्मा1
- बदायूं में ईद के त्योहार के मद्देनजर एसएसपी ने एक कड़ी चेतावनी जारी की है। इस चेतावनी के अनुसार, अगर कोई भी व्यक्ति गाय या बकरा काटते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।1
- पवित्र गंगा दशहरा और पुरुषोत्तम मास के पावन अवसर पर सोमवार को सोरों शूकर क्षेत्र सहित पूरे कासगंज जनपद के विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। हरि की पैड़ी, आदि गंगा, लहरा गंगा घाट, कादरगंज गंगा घाट और बरवारा गंगा घाट पर हजारों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाकर पूजा-अर्चना की, साथ ही दान-पुण्य कर पुण्य लाभ अर्जित किया। सुबह लगभग पाँच बजे से ही घाटों पर श्रद्धालुओं के पहुंचने का क्रम शुरू हो गया, जो देर शाम तक जारी रहा। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने माँ गंगा से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। सोरों में श्रद्धालुओं ने आदि गंगा में स्नान के बाद भगवान वराह के दर्शन भी किए। गंगा दशहरा पर्व को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। हरि की पैड़ी और लहरा गंगा घाट जैसे प्रमुख स्नान स्थलों पर पुलिस बल तैनात किया गया था। पुलिसकर्मी लगातार निगरानी करते रहे और श्रद्धालुओं से गहरे पानी में न जाने की अपील करते दिखे। कासगंज क्षेत्राधिकारी आंचल चौहान ने सोरों के हरि की पैड़ी और लहरा गंगा घाट का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं से व्यवस्थाओं के बारे में बात की और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। गंगा माता मंदिर के पुजारी कालीचरण माफीदार ने बताया कि पुरुषोत्तम मास में पड़ने वाले गंगा दशहरा पर्व का विशेष महत्व है। इस दिन गंगा स्नान और दान-पुण्य करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। ऐसी मान्यता है कि इसी दिन माँ गंगा पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं, इसलिए श्रद्धालु पूरे श्रद्धा भाव से यह पर्व मनाते हैं। सोरों स्थित प्राचीन वराह मंदिर में गंगा दशहरा के अवसर पर भगवान वराह का भव्य फल कुंज दरबार सजाया गया। मंदिर को आकर्षक ढंग से सजाया गया और भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया गया, जिसके दर्शन कर श्रद्धालुओं ने पुण्य लाभ अर्जित किया। पर्व के अवसर पर देर शाम सोरों हरि की पैड़ी स्थित पांच छतरी घाट और आरती घाट पर माँ गंगा की भव्य आरती का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है।4
- 1947 के 'डायरेक्ट एक्शन डे' को याद करते हुए, यह दावा किया गया है कि पाकिस्तान बनाने की मुसलमानों की ज़िद के कारण 40,000 से ज़्यादा हिन्दुओं को काट डाला गया था। इस दौरान महिलाओं के साथ बलात्कार किया गया और उनके स्तनों को काटकर बूचड़खानों के हुकों पर लटकाया गया था। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया है कि पाकिस्तान लेने के बाद भी मुसलमान आज भी हमारे बीच रह रहे हैं और एक और 'डायरेक्ट एक्शन डे 2047' की तैयारी कर रहे हैं।1