प्रदेश या देश में किसी भी दुखद घटना के घटित होने पर, एक व्यक्ति को "बहन मायावती जी का शासन और उनकी सरकार" की याद आती है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो को देखकर गहरा सदमा और खामोशी महसूस हुई है, जिसमें उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी के कार्यकाल के दौरान एक पिता को अपनी बच्ची को गोद में लिए अस्पतालों का चक्कर लगाते देखा गया, जिसका कारण अस्पतालों की कमी बताई गई है। इस घटना के संदर्भ में, देश और प्रदेश की जनता से कई सवाल उठाए गए हैं कि आखिर क्यों वे देश में एक अच्छा शासन लागू करना नहीं चाहते। सवाल है कि क्यों भारत देश की जनता धर्म और जाति के आधार पर वोट करती है। व्यक्ति पूछता है कि क्या देश के इन हालातों को देखकर जनता को दुख नहीं होता और क्या उन्हें यह महसूस नहीं होता कि आज देश में महंगाई चरम सीमा पर है। यह भी पूछा गया है कि क्या सस्ती कीमतों पर कोई भी चीज नहीं खरीदी जा सकती है। विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाया गया है, कि वह इन "तानाशाही नेताओं" का मुकाबला करने और उन्हें प्रदेश व देश की सत्ता से दूर करने के लिए मजबूती से आगे क्यों नहीं आ रहा है। अंत में, यह गंभीर प्रश्न उठाया गया है कि जनता देश का नेतृत्व अच्छे हाथों में क्यों नहीं सौंपती, जिससे जनता की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।
प्रदेश या देश में किसी भी दुखद घटना के घटित होने पर, एक व्यक्ति को "बहन मायावती जी का शासन और उनकी सरकार" की याद आती है। हाल ही में सामने आए एक वीडियो को देखकर गहरा सदमा और खामोशी महसूस हुई है, जिसमें उत्तर प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री आदित्यनाथ जी के कार्यकाल के दौरान एक पिता को अपनी बच्ची को गोद में लिए अस्पतालों का चक्कर लगाते देखा गया, जिसका कारण अस्पतालों की कमी बताई गई है। इस घटना के संदर्भ में, देश और प्रदेश की जनता से कई सवाल उठाए गए हैं कि आखिर क्यों वे देश में एक अच्छा शासन लागू करना नहीं चाहते। सवाल है कि क्यों भारत देश की जनता धर्म और जाति के आधार पर वोट करती है। व्यक्ति पूछता है कि क्या देश के इन हालातों को देखकर जनता को दुख नहीं होता और क्या उन्हें यह महसूस नहीं होता कि आज देश में महंगाई चरम सीमा पर है। यह भी पूछा गया है कि क्या सस्ती कीमतों पर कोई भी चीज नहीं खरीदी जा सकती है। विपक्ष की भूमिका पर भी सवाल उठाया गया है, कि वह इन "तानाशाही नेताओं" का मुकाबला करने और उन्हें प्रदेश व देश की सत्ता से दूर करने के लिए मजबूती से आगे क्यों नहीं आ रहा है। अंत में, यह गंभीर प्रश्न उठाया गया है कि जनता देश का नेतृत्व अच्छे हाथों में क्यों नहीं सौंपती, जिससे जनता की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सके।
- उझानी (बदायूं) में बिजली व्यवस्था की खराब स्थिति के विरोध में रविवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने तत्काल बिजली आपूर्ति को सुचारु करने की मांग की, ताकि भीषण गर्मी में नागरिकों को बिजली के साथ-साथ पानी भी मिल सके, क्योंकि वर्तमान में पेयजल की भी बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। कांग्रेसी नेता अरुण पाराशर और मुजाहिद रजा खां के नेतृत्व में कार्यकर्ता सब्जी मंडी स्थित अम्बेडकर पार्क पहुंचे और नगर की दिनोंदिन बिगड़ती बिजली व्यवस्था के विरुद्ध सांकेतिक धरना देते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेसियों का आरोप है कि बिजली न मिलने से जनता व्याकुल है और उन्हें पीने के पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इस प्रदर्शन में सत्यवीर, प्रशांत शर्मा, असगर हुसैन, चंद्रपाल कश्यप, उदयभान सिंह, इकबाल, भूरे, केसर और शौकत मियां सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेसियों ने चेतावनी दी कि यदि बिजली विभाग का यही रवैया जारी रहा, तो उनकी पार्टी के कार्यकर्ता नागरिकों के साथ मिलकर आंदोलन करने को बाध्य होंगे।1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं में एक वाटर पार्क में नहाते समय 8 साल के मासूम की डूबने से मौत हो गई। इस हादसे के बाद वाटर पार्क का संचालक मौके से फरार हो गया, जिससे सुरक्षा इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।1
- बरेली के थाना भमोरा पुलिस ने शनिवार रात करीब 9 बजे बल्लिया बाजार में कार्रवाई करते हुए जुआ खेलते हुए पाँच लोगों को गिरफ्तार किया। चौकी प्रभारी शैलेंद्र तोमर के नेतृत्व में मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की गई। पुलिस के अनुसार, मौके से त्रिकुनिया निवासी धर्मेंद्र, ब्रह्मपुर निवासी भूरे, श्यामपुर निवासी अजय मौर्य और बल्लिया निवासी गौरव व आशीष यादव को पकड़ा गया। आरोपियों के कब्जे से 12,270 रुपये नकद और 52 पत्तों की ताश बरामद हुई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज करते हुए आवश्यक कानूनी कार्यवाही की है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उप निरीक्षक केशव कुमार, कांस्टेबल प्रदीप, विनोद समेत अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे।2
- ग्रेटर नोएडा के प्लेटो क्षेत्र में एक ट्रांसफार्मर भीषण आग की चपेट में आने से पूरी तरह झुलस गया। बताया गया है कि यह घटना अधिक तापमान और घरों में बिजली के अधिक भार (लोडिंग) के कारण हुई। देशभर के विभिन्न शहरों से लगातार ऐसी खबरें आ रही हैं, जिनमें ट्रांसफार्मर बहुत जल्दी खराब होकर जल रहे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हिंडन नदी में गोमाता के मीट के अवशेष फेंकने के आरोप में कुछ लोगों को पुलिस हिरासत में लिया गया है। यह घटना गाजियाबाद की महापौर सुनीता दयाल द्वारा इंदिरापुरम हिंडन बैराज पर दो मुस्लिम बच्चों को गोमाता के अवशेष नदी में फेंकते हुए रंगेहाथ पकड़ने के बाद सामने आई। पूछताछ में बच्चों ने बताया कि कनावनी स्थित मदरसे के मौलवी ने उन्हें ये अवशेष हिंडन नदी में फेंकने के लिए कहा था। मौके पर महापौर ने तत्काल पुलिस बुलाई और संबंधित बच्चों को पुलिस के सुपुर्द कर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराने के निर्देश दिए। महापौर ने गौमाता को हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके सम्मान के साथ किसी भी प्रकार की खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने प्रशासन से दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इस दौरान महापौर ने पुलिस को चेतावनी भी दी, जिसमें उन्होंने कहा कि अगर कुछ भी गड़बड़ हुई तो वह पूरा थाना निलंबित करवा देंगी। इस चेतावनी का एक वायरल वीडियो भी सामने आया है।1
- बदायूं जिले के पिंडौल गांव की एक गली की स्थिति बेहद खराब है। जानकारी के अनुसार, यह गली अभी तक पूरी तरह से तैयार नहीं हो पाई है, जिससे इसकी मौजूदा हालत जस की तस बनी हुई है।2
- बदायूँ के उझानी नगर पालिका में कूड़ा निस्तारण एक बड़ी समस्या बन गया है, जहाँ सफाई कर्मचारी पूरे नगर का कूड़ा-करकट इकट्ठा तो कर लेते हैं, लेकिन उसे खाली करने के लिए उन्हें काफी मशक्कत करनी पड़ती है। अक्सर सफाई कर्मचारियों को हाईवे पर सड़क किनारे कूड़ा गिराने को लेकर नागरिकों के गुस्से का सामना करना पड़ता है, और यह विरोध अब पालिका प्रशासन के लिए एक चुनौती बनता जा रहा है। रविवार पूर्वाह्न, जब कूड़ा गाड़ी चालक कूड़ा लदे वाहन सड़क किनारे गड्ढों में खाली करने पहुँचे, तो इलाके के लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और उन्हें खदेड़ दिया। इस घटना के बाद परेशान कूड़ा गाड़ी चालक अपने कूड़े से भरे वाहनों को पालिका कार्यालय परिसर में ही खड़ा कर गए। एक कूड़ा वाहन चालक ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पिछले कई दिनों से सड़क किनारे गड्ढों में कूड़ा डाला जा रहा था, लेकिन अब स्थानीय लोग इसका विरोध कर रहे हैं। पालिका कर्मचारियों का भी कहना है कि अधिकारी इस स्थिति से वाकिफ हैं, लेकिन वे समस्या का समाधान खोजने की कोई जरूरत महसूस नहीं कर रहे हैं। इससे पहले भी देहात क्षेत्र की सड़कों के किनारे कूड़ा खाली करने पर विरोध हो चुका है, जिसके चलते तब भी कूड़ा लदे वाहन पूरे दिन पालिका कार्यालय के सामने खड़े रहे थे। वितरोई, छतुइया और पटपरागंज जैसे इलाकों में भी वाहन चालकों को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा है। इस संबंध में जानकारी लेने पर अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पालिका का डंपिंग ग्राउंड कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पटपरागंज में है, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के कारण वह बंद पड़ा है। उच्चाधिकारियों के आदेशानुसार, जल्द ही पटपरागंज के ग्रामीणों से बातचीत कर डंपिंग ग्राउंड को फिर से चालू कराया जाएगा, और वे इस समस्या का शीघ्र ही पूर्ण समाधान कराने का आश्वासन दिया।1
- बदायूं की एसएसपी अंकिता शर्मा ने ईद-उल-अज़्हा (बकरीद) के अवसर पर एक विशेष अपील जारी की है, जिसमें उन्होंने सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी से आपसी भाईचारे के साथ बकरीद मनाने का आग्रह किया है। एसएसपी शर्मा ने खुले में कुर्बानी देने और अफवाहें फैलाने पर कड़ा पहरा रखने की बात कही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, और सोशल मीडिया पर भी पैनी नज़र रखी जाएगी।1
- जनपद बदायूँ के उसहैत थाना क्षेत्र में ककराला रोड स्थित रूपापुर चौराहे पर जनसुविधा के लिए शीतल जल प्याऊ मशीन स्थापित की गई है, लेकिन यह मशीन आज तक चालू नहीं हो पाई है। भीषण गर्मी के इस दौर में राहगीरों और स्थानीय लोगों को ठंडे पेयजल की सुविधा नहीं मिल पा रही है, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन ने मशीन तो लगवा दी, पर उसे शुरू कराने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस गर्मी के मौसम में पीने के पानी के लिए लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। आमजन को राहत प्रदान करने के उद्देश्य से, लोगों ने संबंधित विभाग और प्रशासन से जल्द से जल्द इस शीतल जल प्याऊ मशीन को चालू कराने की मांग की है।2