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कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी पर वृंदावन के दीपक ने लगाई आप को नरदेव ने किया खारिज मथुरा जनपद के कोसीकला मैं कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी पर वृंदावन के दीपक ने लगे आरोपों का मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने किया खारिज
Lokesh Garg
कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी पर वृंदावन के दीपक ने लगाई आप को नरदेव ने किया खारिज मथुरा जनपद के कोसीकला मैं कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी पर वृंदावन के दीपक ने लगे आरोपों का मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने किया खारिज
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- मथुरा जनपद के कोसीकला मैं कैबिनेट मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी पर वृंदावन के दीपक ने लगे आरोपों का मंत्री प्रतिनिधि नरदेव चौधरी ने किया खारिज1
- मथुरा जनपद के मांट क्षेत्र के छोटे से गाँव नागला बरी के रहने वाले जवान इंदल सिंह ने देश की सुरक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। त्रिपुरा में सीमा सुरक्षा बल (BSF) में तैनात इंदल सिंह ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए। उनकी शहादत की खबर जैसे ही उनके पैतृक निवास पहुंची, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई, लेकिन साथ ही हर आंख में इस वीर सपूत के लिए सम्मान भी दिखा। कर्तव्य पथ पर अंतिम सांस इंदल सिंह त्रिपुरा में भारत-बांग्लादेश सीमा पर देश की सुरक्षा में मुस्तैद थे। जानकारी के अनुसार, ड्यूटी के दौरान वे एक दुर्घटना या आकस्मिक स्वास्थ्य कारणों (विशिष्ट रिपोर्ट के अनुसार) का शिकार हुए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक सैनिक के लिए उसका कार्यक्षेत्र ही उसका मंदिर होता है, और इंदल सिंह ने अंतिम समय तक अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाया। परिवार का सहारा और गाँव की शान शहीद इंदल सिंह अपने परिवार के स्तंभ थे। उनके चले जाने से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। ग्रामीण बताते हैं कि इंदल सिंह जब भी छुट्टी पर घर आते थे, तो युवाओं को सेना में भर्ती होने और देश सेवा करने के लिए प्रेरित किया करते थे। उनकी मिलनसार छवि और देशभक्ति का जज्बा आज भी गाँव के हर कोने में महसूस किया जा सकता है। राजकीय सम्मान के साथ विदाई जब शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गाँव पहुंचा, तो 'जब तक सूरज चांद रहेगा, इंदल तेरा नाम रहेगा' के नारों से आसमान गूंज उठा। हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब ने नम आंखों से अपने हीरो को अंतिम विदाई दी। शासन और प्रशासन के अधिकारियों सहित क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित की। उपसंहार जवान इंदल सिंह की शहादत हमें याद दिलाती है कि हम अपने घरों में जो चैन की नींद सोते हैं, उसकी कीमत सीमा पर तैनात ये जांबाज अपनी जान देकर चुकाते हैं। मांट की माटी के इस लाल को शत-शत नमन। रिपोर्ट: मुकेश अग्रवाल संवाददाता, मांट (मथुरा)3
- Post by RPR NEWS TV1
- Post by Brajvir Singh1
- मथुरा जनपद के कस्बा थाना कोसीकला के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र ग्राम गिडुरा का रहने वाला है पीड़ित पक्ष का है प्राप्त जानकारी के अनुसार गौरव पुत्र कांडेरा सिंह पर 12 अप्रैल को उसकी बहन कविता का फोन आया और उसने कहा भाई तू मुझे यहां से ले जा मेरे साथ प्रतिदिन मार पीट होती है बहन के साथ मारपीट की सूचना मिलने पर मायके पक्ष के लोग जब ससुराल पहुंचे तो वहां मौजूद ससुरालीजनों ने उन पर लाठी डंडों कुल्हाड़ी से हमला कर दिया अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा तफरी मच गई और कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए घटना में दो महिलाओं सहित कुल पांच लोग घायल हुए हैं सभी घायलों को स्थानीय लोगों की मदद से नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर भर्ती कराया गया जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें उपचार के लिए जिला सरकारी अस्पताल मथुरा के लिए रेफर किया जहां सभी घायलों का उपचार चल रहा है डॉक्टरों के अनुसार कुछ घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है पीड़ित पक्ष का आरोप है कि उनकी बहन के साथ पिछले कई दिनों से ससुराल पक्ष द्वारा लगातार मारपीट की जा रही थी इसी को लेकर उन्होंने पहले भी थाना कोसीकला में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई इसी बीच दोबारा मारपीट की सूचना मिलने पर वे लोग मौके पर पहुंचे थे घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है पुलिस ने मामले की जांच शुरु कर दी है और पीड़ित पक्ष की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की बात कही है4
- Post by Ravinder Dagar1
- गोवर्धन के पैठा बालाजी मंदिर आश्रम में आगजनी जांच में जुटी पुलिस1
- rprnewstv मथुरा के थाना सुरीर कलां क्षेत्र में अन्नदाता किसान इन दिनों भारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। गेहूं खरीद केंद्र पर अव्यवस्थाओं के चलते किसानों को दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक बेपरवाह नजर आ रहा है। थाना सुरीर कलां के अंतर्गत आने वाले गांव परसोंतीगढ़ी में पीसीएफ द्वारा गेहूं खरीद उपकेंद्र संचालित किया जा रहा है। लेकिन यहां व्यवस्थाओं का बुरा हाल है। केंद्र पर मात्र 2000 खाली बोरे ही उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया लगभग ठप हो गई है। किसानों का कहना है कि उनका गेहूं पिछले 8 से 10 दिनों से खुले आसमान के नीचे पड़ा हुआ है। बेमौसम बारिश का खतरा लगातार बना हुआ है, जिससे उनकी मेहनत पर पानी फिरने का डर सता रहा है। इस स्थिति को लेकर किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों में कृष्णकांत शर्मा, छत्रपाल शर्मा, भुवनेश कुमार, एलान, खुशीराम, महेश कांत, गणेश कुमार और लाला सहित कई किसानों ने संबंधित अधिकारियों व जिला प्रसाशन से जल्द से जल्द गेहूं खरीद शुरू कराने और भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की है। कृष्णकांत शर्मा निवासी भिदोनी, व भुवनेश रावत ने बताया कि कई दिनों से इंतजार के बावजूद उनकी फसल की खरीद नहीं हो पा रही है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। वहीं राजकीय क्रय केंद्र सचिव कुंदन सिंह ने भी माना कि बोरे की कमी के कारण खरीद प्रभावित हो रही है, कई वार जिला प्रसाशन, व P, C,F को लिखित, दूरभाष से अवगत करा दिया है, फिर भी मामला जस का तस बना हुआ है, अब देखने वाली बात यह होगी कि जिम्मेदार विभाग कब तक इस समस्या का समाधान करता है, या फिर अन्नदाता यूं ही अपनी फसल को खुले आसमान के नीचे बचाने के लिए मजबूर रहेगा।1