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छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आज मौसम खराब रहने और दिन भर बादल छाए रहने की आशंका बनी हुई है। इलाके में वर्तमान में हल्की-हल्की बारिश आ रही है, जिससे ऐसा लग रहा है कि आज या कल किसान भाइयों की फसल फिर लाने लगेगी।
Hira Ratan Sarthi
छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आज मौसम खराब रहने और दिन भर बादल छाए रहने की आशंका बनी हुई है। इलाके में वर्तमान में हल्की-हल्की बारिश आ रही है, जिससे ऐसा लग रहा है कि आज या कल किसान भाइयों की फसल फिर लाने लगेगी।
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- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर में आज मौसम खराब रहने और दिन भर बादल छाए रहने की आशंका बनी हुई है। इलाके में वर्तमान में हल्की-हल्की बारिश आ रही है, जिससे ऐसा लग रहा है कि आज या कल किसान भाइयों की फसल फिर लाने लगेगी।1
- छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज जी का जन्मदिन महिला कांग्रेस द्वारा बड़े ही उत्साह के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर महिला कांग्रेस की कार्यवाहक अध्यक्ष संगीता सिन्हा जी के नेतृत्व में महिला कांग्रेस की टीम ने केक काटकर उन्हें जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं दीं। इस कार्यक्रम के दौरान सभी कार्यकर्ताओं ने दीपक बैज जी के उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सफल राजनीतिक जीवन की मंगलकामना की। पूरे उत्साह के साथ आयोजित इस कार्यक्रम में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और संगठन की एकजुटता का संदेश दिया।1
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- छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के मैनपाट में बरिमा से कुदरडीह जाने वाली सड़क की हालत बेहद खराब हो चुकी है। इस मार्ग पर सड़क की बदहाली को साफ तौर पर देखा जा सकता है, जो यहाँ के रास्ते की दयनीय स्थिति को दर्शाती है।1
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के बिहारपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सपहा में मूलभूत सुविधाओं की मांगों को पूरा न किए जाने के विरोध में पिछले 194 दिनों से अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी है। ग्रामीण छत्तीसगढ़ सुशासन तिहार 2025-26 के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं। क्षेत्र की मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगों को पूरा न किए जाने के कारण ग्रामीणों का यह अनिश्चितकालीन धरना और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है।4
- सरगुजा के उदयपुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले दाल गांव में बारिश न होने के कारण किसान भाई बेहद परेशान हैं और उनकी लहलहाती खेती पानी के लिए तरस रही है। गाँव में मौसम का हाल यह है कि अत्यधिक उमस बढ़ गई है, जिससे खेती पर संकट मंडरा रहा है। वर्तमान मौसमी परिस्थितियों को देखकर ऐसा लग रहा है कि अभी अगले दो-तीन सप्ताह तक बारिश नहीं होगी, जिससे किसानों की चिंताएं और अधिक गहरी हो गई हैं।1
- छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के गृह जिले जशपुर के पत्थलगांव थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ाते हुए पुलिस की मौजूदगी में पत्रकार अमित पांडेय की बेरहमी से पिटाई का बेहद संगीन मामला सामने आया है। एक बेबस परिवार की बेशकीमती जमीन को फर्जीवाड़े से हड़पने और विरोध करने पर भू-स्वामी की हत्या करने वाले कथित भू-माफियाओं का पर्दाफाश करने की सजा पत्रकार को इस तरह भुगतनी पड़ी है। इस सनसनीखेज वारदात से पूरे सूबे में 'सुशासन' के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं और इलाके की न्यायप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि थाने के भीतर, पुलिस बल और खुद एसडीओपी (SDOP) ध्रुवेश जायसवाल की मौजूदगी में सत्ता से जुड़े गुंडों ने पत्रकार के गिरेबान पर हाथ डाला और उन्हें बेरहमी से लहूलुहान कर दिया, जबकि कानून के रखवाले मूकदर्शक बनकर तमाशा देखते रहे। यह सवाल बेहद तेजी से उठ रहा है कि क्या खुद एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल ने ही भू-माफियाओं से साठगांठ कर साजिश के तहत पत्रकार को थाने बुलवाया था ताकि गुंडे पुलिस के 'सुरक्षित घेरे' में अपनी भड़ास निकाल सकें। एसडीओपी का इतिहास भी काफी दागदार रहा है; बलरामपुर (वाड्रफनगर) में पदस्थापना के दौरान भी उन पर कोयला-रेत माफिया से मिलकर निर्भीक पत्रकारों को फर्जी केस में फंसाने के आरोप लगे थे, जिसकी जांच के निर्देश मानवाधिकार आयोग (NHRC) को देने पड़े थे। इसके अलावा सरगुजा (अम्बिकापुर) कार्यकाल के दौरान आदिवासियों, विशेषकर पहाड़ी कोरवाओं के लाखों रुपये डकारने वाले भ्रष्ट एनजीओ को मूक संरक्षण देने के मामले में भी उनकी कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में रही थी। पत्थलगांव को रसूखदार व्यापारियों और 'सेठों' का गढ़ माना जाता है, जहाँ अरबों रुपये के जमीन फर्जीवाड़े, कोयला चोरी, अवैध रेत खनन और नकली बीज बेचने जैसे काले धंधे चलते हैं। जब पत्रकार अमित पांडेय ने इनके काले कारनामों को बेनकाब किया, तो इन रसूखदारों ने पुलिस को अपनी 'प्राइवेट सिक्योरिटी' की तरह इस्तेमाल किया। सच दिखाने वाले ईमानदार पत्रकार को डराने के लिए अब उन पर वसूली (Extortion) के झूठे केस थोपने की धमकी देकर चरित्र हनन की घटिया साजिशें रची जा रही हैं। इस संकट की घड़ी में भी सत्ता की चाटुकारिता करने वाले कुछ स्वयंभू पत्रकार और प्रेस क्लब के दलाल रसूखदारों के तलवे चाटने में व्यस्त हैं और पीड़ित पत्रकार के खिलाफ खड़े हैं। इस पूरे मामले में छत्तीसगढ़ के मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की भूमिका भी पूरी तरह रीढ़विहीन नजर आ रही है। कांग्रेस के बड़े नेता केवल अपने बंद कमरों में बैठकर सोशल मीडिया पर निंदा-प्रस्ताव के दो-चार पोस्ट डालकर कर्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं, क्योंकि पत्थलगांव के इन 'सेठों' के तार कांग्रेस के बड़े नेताओं की जेबों से भी जुड़े हुए हैं। सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि सरगुजा संभाग से आने वाले कांग्रेस के कद्दावर नेता टी.एस. सिंहदेव (टीएस बाबा), जो इस समय प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC Chief) बनने की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं, अपने ही क्षेत्र में हुई इतनी बड़ी वारदात पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। सुशासन के नाम पर चल रहे इस नंगे नाच के खिलाफ अब सीधे 'जनता बनाम व्यवस्था' की जंग छिड़ गई है और लोग सोशल मीडिया पर आरोपी एसडीओपी ध्रुवेश जायसवाल को सस्पेंड करने की पुरजोर मांग कर रहे हैं।1