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उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने पीलीभीत के गांधी सभागार में मंडी समिति व जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा बैठक के बाद मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मंडी समिति परिसर में उद्यान विभाग की हाईटेक नर्सरी सहित कुल 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
फास्ट न्यूज इंडिया पीलीभीत
उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने पीलीभीत के गांधी सभागार में मंडी समिति व जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा बैठक के बाद मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मंडी समिति परिसर में उद्यान विभाग की हाईटेक नर्सरी सहित कुल 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।
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- उत्तर प्रदेश के उद्यान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं कृषि निर्यात राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिनेश प्रताप सिंह ने पीलीभीत के गांधी सभागार में मंडी समिति व जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने जिले में चल रहे विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। समीक्षा बैठक के बाद मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने मंडी समिति परिसर में उद्यान विभाग की हाईटेक नर्सरी सहित कुल 27 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण किया।1
- उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में पूरनपुर थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत जटपुरा से तीन दिन पहले लापता हुई 7 वर्षीय बालिका का अभी तक कोई सुराग नहीं लग सका है। जानकारी के मुताबिक, 23 जुलाई की शाम करीब 5 बजे बालिका गांव से महज 20 कदम की दूरी पर गन्ने के खेत के पास से अचानक लापता हो गई थी। बच्ची के गायब होने के बाद से उसकी मां मीरा देवी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों का कहना है कि उनका परिवार आर्थिक रूप से काफी कमजोर है। घटना के बाद से पुलिस और वन विभाग की टीम लगातार बालिका की तलाश में जुटी हुई है, जबकि स्थानीय ग्रामीण भी अपने स्तर पर खोजबीन कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन का कहना है कि आसपास के इलाकों, खेतों और जंगल में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। मामले में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है।3
- मुस्लिम समाज के लोगों ने जौहर यूनिवर्सिटी की हिफ़ाज़त को लेकर उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन देकर यूनिवर्सिटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की माँग की गई है।1
- पीलीभीत के दियोरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत बीसलपुर नदी के पुल पर दिनदहाड़े झपटमारी की वारदात से हड़कंप मच गया। गांव बेहटा निवासी छोटे लाल अपनी पत्नी के साथ बाइक से रिश्तेदारी में जा रहे थे। तभी पीछे से आए दो अज्ञात बदमाशों ने उनकी बाइक को ओवरटेक किया और चलती बाइक पर बैठी महिला के कान से सोने के कुंडल झपटकर बीसलपुर की ओर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने दियोरिया थाना प्रभारी निरीक्षक को लिखित तहरीर देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और लूटे गए सोने के कुंडलों की बरामदगी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है, आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और आरोपियों की तलाश के लिए टीम लगाई गई है। जल्द ही आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाएगी।2
- बरेली क्षेत्र के ग्राम गंगापुर डाबोरा में पिछले पांच दिनों से बिजली आपूर्ति ठप होने पर ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। प्रदर्शन में नन्हेलाल, रामबिलास, हरीश कुमार मौर्य, प्रमोद कश्यप, राजेंद्र, श्रीकृष्ण, महेंद्रपाल, रामेश्वर पाल, मुकेश और ममता देवी सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द बिजली बहाल नहीं हुई तो वे एसडीएम विदुषी सिंह को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग करेंगे। वहीं, जेई संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं था, अब लाइनमैन को मौके पर भेजकर जल्द समस्या का समाधान कराया जाएगा।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर वांगचुक पीछे हट गए हैं और उन्होंने अपने इस कदम के पीछे की पूरी वजह और कहानी खुद साझा की है।1
- उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दिनेश प्रताप सिंह एक दिवसीय दौरे पर पीलीभीत पहुंचे हैं।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद आंदोलन के समर्थकों ने इसे छात्रों और युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत बताया है। सोशल मीडिया पर कई लोगों ने दावा किया है कि यह फैसला जनदबाव का परिणाम है और इस घटनाक्रम को एक ऐतिहासिक क्षण करार दिया है। वहीं, प्रदर्शन के समर्थन में उतरे समर्थकों ने सरकार के साथ-साथ मुख्यधारा के मीडिया की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि आंदोलन को कमजोर दिखाने की कोशिश की गई। इस बीच, इन दावों को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों और पक्षों की अपनी-अपनी राय सामने आ रही है।1