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प्रधानमंत्री आवास के करीब धरना दे रहे कांग्रेस सांसदों को हिरासत में लिया जा रहा है। ये सांसद PM आवास के पास एकत्र होकर अपना धरना और प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
Naresh Bajaj
प्रधानमंत्री आवास के करीब धरना दे रहे कांग्रेस सांसदों को हिरासत में लिया जा रहा है। ये सांसद PM आवास के पास एकत्र होकर अपना धरना और प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।
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- मध्य प्रदेश में होने वाले प्रत्येक विवाह का शासकीय पंजीयन अनिवार्य किया जाएगा। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य में एक जीवनसाथी के रहते हुए दूसरे विवाह की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ ही सरकार बहुविवाह जैसी प्रथाओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद प्रदेश भर में विवाह पंजीयन और वैवाहिक नियमों को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, इस संबंध में अंतिम कानूनी प्रावधान एवं आधिकारिक अधिसूचना जारी होने के बाद ही यह नई व्यवस्था लागू मानी जाएगी।1
- प्रधानमंत्री आवास के करीब धरना दे रहे कांग्रेस सांसदों को हिरासत में लिया जा रहा है। ये सांसद PM आवास के पास एकत्र होकर अपना धरना और प्रदर्शन कर रहे थे, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई की जा रही है।1
- कटनी नगर स्थित कालका जालपा शारदा देवी मंदिर श्रद्धालुओं के लिए आस्था, श्रद्धा और भक्ति का एक पावन केंद्र बना हुआ है। यहाँ प्रतिदिन बड़ी संख्या में भक्त माँ के दर्शन करने पहुँचते हैं और अपने जीवन में सुख, शांति तथा समृद्धि की कामना करते हैं। विशेष रूप से नवरात्रि और अन्य धार्मिक पर्वों के अवसर पर मंदिर का दिव्य श्रृंगार किया जाता है। इस दौरान आयोजित होने वाली भव्य आरती भक्तों को आध्यात्मिक आनंद से भर देती है और मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति बनी रहती है।1
- कटनी जिले की जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा अंतर्गत ग्राम पंचायत पहरूआ में गरीब किसानों और दैनिक मजदूरों के हक का 2 से 4 महीने का अनाज गोलमाल करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि सेल्समैन और समिति प्रबंधक कमल पांडे ने आपस में मिलकर गरीबों के राशन की कालाबाजारी कर दी है, जिससे आम लोगों का जीना हराम हो गया है। इस मामले में ग्राम पंचायत सरपंच शारदा महोबिया और ग्रामीणों ने कलेक्टर से जांच कराने की गुहार लगाई है। इसके बावजूद अब तक दोषियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे अपराध के लिए भारत अधिनियम 1955 के तहत 7 साल की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। पीड़ित ग्रामीण प्रशासन से न्याय की उम्मीद करते हुए अपने हक का अनाज दिलाने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।2
- नीट और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर बीते बीस दिनों से कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का आंदोलन जारी था, जिसे सोनम वांगचुक के अनशन और अरविंद केजरीवाल के समर्थन से राष्ट्रीय स्वरूप मिला। विदेश से छुट्टी मनाकर लौटने के बाद राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों ने अप्रत्याशित ढंग से पीएम हाउस के गेट पर धरना दे दिया। सरकार के प्रतिनिधियों द्वारा संसद में चर्चा की मांग मान लिए जाने के बावजूद राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री के त्यागपत्र की मांग करते हुए धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया। अंततः पुलिस ने राहुल गांधी और वहां मौजूद नेताओं को हिरासत में लिया, जहां जमीन पर लेटने और पुलिस के साथ खींचतान का वीडियो वायरल कर लड़ाकू इमेज चमकाने की कोशिश की गई। इस राजनीतिक ड्रामेबाज़ी के कारण नीट और शिक्षा माफिया का मूल मुद्दा गायब हो गया और पूरी चर्चा राहुल गांधी के इर्द-गिर्द सिमट गई। जहां राहुल गांधी आ जाते हैं, वहां बीजेपी वैसे ही सुकून में आ जाती है; यहां तक कि आम आदमी पार्टी ने भी आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष को राहत पहुंचाने के लिए ही राहुल ने यह धरना दिया था। इस प्रदर्शन में अरुंधति राय, योगेंद्र यादव, शबाना आजमी, नसीरुद्दीन शाह, प्रकाश राज और कुणाल कामरा जैसे 'आंदोलनजीवी' चेहरे भी दिखाई दिए, जिनके लिए आंदोलन एक व्यवसाय है। एनजीओ को मिलने वाले विदेशी पैसे पर केंद्र सरकार द्वारा शिकंजा कसे जाने से यह वर्ग तड़पड़ा रहा है। शिक्षा व्यवस्था में सुधार धरनों से नहीं बल्कि संवाद और विशेषज्ञों की सलाह से संभव है। वैसे भी नीट का मुद्दा अब खत्म हो चुका है क्योंकि दोबारा परीक्षा हो चुकी है और एडमिशन जारी हैं। विपक्ष संसद के मॉनसून सत्र को केवल पिकनिक और हंगामे में बर्बाद कर रहा है, जबकि असल लक्ष्य शिक्षा सुधार नहीं बल्कि पीएम की कुर्सी है जो केवल जनादेश से ही संभव है।1
- मैहर जिले के अमरपाटन में पुलिस द्वारा "नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0" अभियान के तहत विद्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इस दौरान महर्षि विद्या मंदिर में विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही मानव श्रृंखला, नाटक प्रस्तुत कर और शपथ दिलाकर नशा मुक्त समाज का संदेश दिया गया। इसी कड़ी में अमरपाटन बस स्टैंड पर नुक्कड़ कार्यक्रम आयोजित कर आम नागरिकों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया। इस पहल से प्रभावित होकर लोगों ने स्वेच्छा से नशे से संबंधित सामग्री का त्याग किया। कार्यक्रम के माध्यम से नशा मुक्त, स्वस्थ और सुरक्षित समाज के निर्माण में सभी से अपना योगदान देने की अपील की गई है।1
- पन्ना के सोनी मंडर केस मामले में पुलिस ने बड़ी सूझबूझ दिखाते हुए साइबर सेल के सहयोग से 1 वर्ष से फरार चल रहे आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।1
- मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में रैपुरा थाने से एक अज्ञात शराबी व्यक्ति पुलिस की मौजूदगी में ही उनकी शासकीय बोलेरो गाड़ी लेकर फरार हो गया। 22 जुलाई 2026 की शाम लगभग 5:00 बजे यह व्यक्ति थाना परिसर के अंदर घुसा और रैपुरा पुलिस की आंखों में धूल झोंकते हुए सरकारी वाहन स्टार्ट करके ले भागा। पुलिस द्वारा पीछा किए जाने पर नशे में धुत आरोपी ने वाहन को रैपुरा के साप्ताहिक बाजार के बीचों-बीच बेहद तेज रफ्तार में दौड़ाया। इस दौरान उसने कई गाड़ियों और क्षेत्रवासियों को टक्कर मारते हुए आगे अवंती तिराहा पर खड़ी 'पांडे बस' में टक्कर मार दी। चौबीसों घंटे सुरक्षा देने वाली पुलिस के थाने के भीतर से हुई इस तरह की गंभीर चूक पर अब लोगों द्वारा सवाल उठाए जा रहे हैं कि आखिर कानून का खौफ क्यों खत्म हो गया है और यह लापरवाही कैसे हुई।1