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आस्था और श्रद्धा का केंद्र प्राचीन शिवालय राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील माचलपुर नगर के नजदीक बंगपुरा मैं छपी नदी के किनारे स्थित है पौराणिक महत्व का यह मंदिर अपनी वास्तुकला वी शानदार लोकेशन बीच नदी में होने के कारण आसपास बहुत ही मनोरम दृश्य उपस्थित होता है जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के द्वारा मंदिर की देखरेख वी पास में पुलिया और सड़क से जुड़ा हुआ है बांगपुरा मंदिर दर्शन करने के लिए समिति माचलपुर कस्बा आना होगा जहां से मंदिर कुछ ही किलोमीटर दूर स्थापित है छपी नदी पर
BS Mandloi The News Today
आस्था और श्रद्धा का केंद्र प्राचीन शिवालय राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील माचलपुर नगर के नजदीक बंगपुरा मैं छपी नदी के किनारे स्थित है पौराणिक महत्व का यह मंदिर अपनी वास्तुकला वी शानदार लोकेशन बीच नदी में होने के कारण आसपास बहुत ही मनोरम दृश्य उपस्थित होता है जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के द्वारा मंदिर की देखरेख वी पास में पुलिया और सड़क से जुड़ा हुआ है बांगपुरा मंदिर दर्शन करने के लिए समिति माचलपुर कस्बा आना होगा जहां से मंदिर कुछ ही किलोमीटर दूर स्थापित है छपी नदी पर
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- आस्था और श्रद्धा का केंद्र प्राचीन शिवालय राजगढ़ जिले की जीरापुर तहसील माचलपुर नगर के नजदीक बंगपुरा मैं छपी नदी के किनारे स्थित है पौराणिक महत्व का यह मंदिर अपनी वास्तुकला वी शानदार लोकेशन बीच नदी में होने के कारण आसपास बहुत ही मनोरम दृश्य उपस्थित होता है जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के द्वारा मंदिर की देखरेख वी पास में पुलिया और सड़क से जुड़ा हुआ है बांगपुरा मंदिर दर्शन करने के लिए समिति माचलपुर कस्बा आना होगा जहां से मंदिर कुछ ही किलोमीटर दूर स्थापित है छपी नदी पर1
- सुसनेर: कलेक्टर और एसपी ने किया कामधेनु गौ अभ्यारण्य सालरिया का निरीक्षण, गौ पूजन के साथ किया पौधरोपण सुसनेर। कलेक्टर डॉ. शेर सिंह मीना और एसपी दिलीप कुमार सोनी ने आज शनिवार की शाम को 7 बजे कामधेनु गौ अभ्यारण्य सालरिया का दौरा किया। अधिकारियों ने गौ पूजन कर परिसर में पौधरोपण भी किया। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने 7 हजार मालवी नस्ल के गौवंश के लिए बनाए गए 24 शेडों और भूसा भंडारण व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही उन्होंने दुर्घटनाग्रस्त गौवंश के उपचार केंद्र का निरीक्षण कर पशु डॉक्टरों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान SDM देवकुंवर सोलंकी, जिला प्रशासन, पशुपालन विभाग और पथमेड़ा न्यास के प्रतिनिधि मौजूद रहे।1
- 🚨 सुसनेर पुलिस की बड़ी सफलता दो अलग-अलग मामलों में सुसनेर पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गुमशुदा एवं नाबालिग अपहृता को सकुशल दस्तयाब कर त्वरित कार्रवाई का परिचय दिया। ▶️ पूरा मामला जानने के लिए वीडियो देखें। 🙏 हर खबर, आपके साथ। ❤️ पोस्ट को Like करें। 📲 ज्यादा से ज्यादा Share करें। 💬 अपनी राय Comment में जरूर दें। 🔔 हमारे चैनल को Subscribe कर हमारा सहयोग करें।1
- लिखित आश्वासन के 15 दिन बाद भी नहीं मिली राशि, बारिश के बीच तीसरे दिन भी डटे हजारों किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि एवं आपदा राहत मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल में अनिश्चितकालीन धरना जारी लिखित आश्वासन के 15 दिन बाद भी नहीं मिली राशि, बारिश के बीच तीसरे दिन भी डटे हजारों किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि एवं आपदा राहत मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल में अनिश्चितकालीन धरना जारी झालावाड़, 1 अगस्त। झालावाड़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी पूरे उत्साह, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। लगातार वर्षा के कारण धरना स्थल पर पहले लगाए गए टेंट की व्यवस्था बदलकर बरसाती पंडाल तैयार करना पड़ा, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हजारों किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए डटे रहे। बारिश के कारण किसानों को भोजन, रात्रि विश्राम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसान स्वयं धरना स्थल पर भोजन बनाकर दिन-रात आंदोलन को जारी रखे हुए हैं। भारतीय किसान संघ ने बताया कि इससे पूर्व 13 जुलाई से 16 जुलाई तक बकानी तहसील परिसर में किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया कि आगामी चार दिनों के भीतर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन पर किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया था। लेकिन लिखित आश्वासन दिए जाने के लगभग 15 दिन बाद भी किसानों के खातों में बकाया राशि जमा नहीं हुई। प्रशासन द्वारा किए गए वादे के पूरा नहीं होने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इसी कारण भारतीय किसान संघ ने पुनः किसानों के साथ बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। किसानों की प्रमुख मांग है कि खरीफ-2025 में सोयाबीन की फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत झालावाड़ जिले के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से अभी भी लगभग 160 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को मिलना शेष है। इसके साथ ही किसानों ने यह भी मांग उठाई कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार द्वारा आपदा अनुदान राहत कोष (एसडीआरएफ) से मुआवजा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक बड़ी संख्या में किसानों के खातों में यह मुआवजा राशि भी जमा नहीं हुई है। बीमा दावा राशि और आपदा राहत—दोनों लंबित होने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे कई महीनों से लगातार ज्ञापन, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाते रहे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। सरकार की उदासीनता के कारण आज अन्नदाता को बरसात के मौसम में खेतों में रहने के बजाय तहसील मुख्यालयों पर धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। धरना स्थल पर किसानों ने कहा कि वे देश के प्रत्येक नागरिक का पेट भरने के लिए दिन-रात कठिन परिश्रम करते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान है, लेकिन आज वही किसान अपने ही अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। धरना स्थल पर किसानों के जोशीले नारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा— "जब तक दुखी किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा।" "हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते।" भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संगठन के नेतृत्व में किसानों के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शेष बकाया राशि तथा राज्य सरकार द्वारा घोषित आपदा अनुदान राहत कोष का मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं हो जाता, तब तक बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा। भारतीय किसान संघ ने सरकार, जिला प्रशासन एवं फसल बीमा कंपनी से आग्रह किया है कि किसानों को बार-बार आश्वासन देने के बजाय तत्काल स्वीकृत राशि उनके खातों में जमा कराई जाए। भारत गांवों का देश है और गांवों की आत्मा किसान है। यदि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तभी देश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। अब पूरे जिले की निगाहें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे अन्नदाता किसानों के हित में कब तक ठोस निर्णय लेकर उन्हें उनका न्यायोचित अधिकार दिलाते हैं।3
- लिखित आश्वासन के 15 दिन बाद भी नहीं मिली राशि, बारिश के बीच तीसरे दिन भी डटे हजारों किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि एवं आपदा राहत मुआवजे की मांग को लेकर भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल में अनिश्चितकालीन धरना जारी रायपुर 1 अगस्त। झालावाड़ जिले में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शनिवार को तीसरे दिन भी पूरे उत्साह, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ जारी रहा। लगातार वर्षा के कारण धरना स्थल पर पहले लगाए गए टेंट की व्यवस्था बदलकर बरसाती पंडाल तैयार करना पड़ा, लेकिन विपरीत परिस्थितियों के बावजूद हजारों किसान अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए डटे रहे। बारिश के कारण किसानों को भोजन, रात्रि विश्राम एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद किसान स्वयं धरना स्थल पर भोजन बनाकर दिन-रात आंदोलन को जारी रखे हुए हैं। भारतीय किसान संघ ने बताया कि इससे पूर्व 13 जुलाई से 16 जुलाई तक बकानी तहसील परिसर में किसानों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया गया था। उस दौरान जिला प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद किसानों को लिखित आश्वासन दिया गया कि आगामी चार दिनों के भीतर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की बकाया राशि किसानों के खातों में जमा कर दी जाएगी। प्रशासन के इस लिखित आश्वासन पर किसानों ने अपना धरना स्थगित कर दिया था। लेकिन लिखित आश्वासन दिए जाने के लगभग 15 दिन बाद भी किसानों के खातों में बकाया राशि जमा नहीं हुई। प्रशासन द्वारा किए गए वादे के पूरा नहीं होने से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। इसी कारण भारतीय किसान संघ ने पुनः किसानों के साथ बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। किसानों की प्रमुख मांग है कि खरीफ-2025 में सोयाबीन की फसल खराब होने पर प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत झालावाड़ जिले के लिए लगभग 260 करोड़ रुपये की बीमा दावा राशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से अभी भी लगभग 160 करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों को मिलना शेष है। इसके साथ ही किसानों ने यह भी मांग उठाई कि वर्ष 2025 में प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राज्य सरकार द्वारा आपदा अनुदान राहत कोष (एसडीआरएफ) से मुआवजा देने की घोषणा की गई थी, लेकिन आज तक बड़ी संख्या में किसानों के खातों में यह मुआवजा राशि भी जमा नहीं हुई है। बीमा दावा राशि और आपदा राहत—दोनों लंबित होने से किसान गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि वे कई महीनों से लगातार ज्ञापन, प्रशासनिक अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाते रहे, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। सरकार की उदासीनता के कारण आज अन्नदाता को बरसात के मौसम में खेतों में रहने के बजाय तहसील मुख्यालयों पर धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। धरना स्थल पर किसानों ने कहा कि वे देश के प्रत्येक नागरिक का पेट भरने के लिए दिन-रात कठिन परिश्रम करते हैं। भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ किसान है, लेकिन आज वही किसान अपने ही अधिकार के लिए संघर्ष कर रहा है। यह स्थिति अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। धरना स्थल पर किसानों के जोशीले नारों से पूरा वातावरण गूंजता रहा— "जब तक दुखी किसान रहेगा, धरती पर तूफान रहेगा।" "हम अपना अधिकार मांगते, नहीं किसी से भीख मांगते।" भारतीय किसान संघ ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह गैर-राजनीतिक एवं राष्ट्रवादी संगठन के नेतृत्व में किसानों के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई है। संगठन ने चेतावनी दी कि जब तक प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की शेष बकाया राशि तथा राज्य सरकार द्वारा घोषित आपदा अनुदान राहत कोष का मुआवजा किसानों के खातों में जमा नहीं हो जाता, तब तक बकानी, पिड़ावा एवं सुनेल तहसील मुख्यालयों पर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा। भारतीय किसान संघ ने सरकार, जिला प्रशासन एवं फसल बीमा कंपनी से आग्रह किया है कि किसानों को बार-बार आश्वासन देने के बजाय तत्काल स्वीकृत राशि उनके खातों में जमा कराई जाए। भारत गांवों का देश है और गांवों की आत्मा किसान है। यदि किसान आर्थिक रूप से मजबूत होगा तभी देश की अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी। अब पूरे जिले की निगाहें सरकार और प्रशासन पर टिकी हैं कि वे अन्नदाता किसानों के हित में कब तक ठोस निर्णय लेकर उन्हें उनका न्यायोचित अधिकार दिलाते हैं।2
- संसद में पप्पू यादव बने पुजारी! राहुल गांधी ने किया दान, VIDEO वायरल | Breaking News संसद में विपक्ष के प्रदर्शन के दौरान एक अलग ही दृश्य देखने को मिला। विरोध प्रदर्शन के बीच सांसद पप्पू यादव पुजारी के वेश में पहुंचे और प्रतीकात्मक प्रदर्शन किया। इस दौरान राहुल गांधी ने दानपात्र में चंदा डाला और पुजारी बने सांसद के पैर छूते भी नजर आए। इसके बाद पप्पू यादव दानपात्र लेकर वहां से चले गए। यह पूरा घटनाक्रम संसद परिसर में चर्चा का विषय बन गया और इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ऐसी ही ताज़ा और विश्वसनीय खबरों के लिए जुड़े रहिए All in One Media के साथ।1
- सुसनेर: पांडवकालीन पंच देवलिया महादेव मंदिर पहुंचे थाना प्रभारी, सुरक्षा व्यवस्था और CCTV कैमरों का लिया जायजा श्रावण मास में निकलने वाली कांवड़ यात्रा और शिव मंदिरों में उमड़ने वाली भक्तों की भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। एसपी दिलीप कुमार सोनी के निर्देशों का पालन करते हुए शनिवार शाम 5 बजे थाना प्रभारी अक्षय सिंह बेस ने क्षेत्र के प्रमुख शिव मंदिरों का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अति-प्राचीन पांडवकालीन पंच देवलिया महादेव मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया। साथ ही मंदिर परिसर में सुरक्षा के लिहाज से पूर्व में लगवाए गए सभी सीसीटीवी कैमरों की कार्यप्रणाली को भी चेक किया, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा में कोई चूक न हो।1
- खड़े ट्रक से टकराई बस 4 घायल 1 की मौत , मृतक की नहीं हुई पहचान पचोर करनवास हाइवे पर पनाली जोड़ के पास एक यात्री बस खड़े ट्रक से जा टकराई हादसे में 4 यात्री घायल हो आए जिन्हेवपचोर अस्पताल में भर्ती कराया गया वही एक व्यक्ति की पचोर अस्पताल में इलाज के दौरान हुई मौत, मृतक की शिनाख्त नहीं हुई पुलिस मृतक की पहचान की तलाश में जुटी1