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झीलों की नगरी उदयपुर में दादाबाड़ी में आज हमने ओसवाल समाज की महाराज श्री विद्युतयप्रभा श्री जी महाराज का साक्षात्कार लिया।
रमेश गांधी
झीलों की नगरी उदयपुर में दादाबाड़ी में आज हमने ओसवाल समाज की महाराज श्री विद्युतयप्रभा श्री जी महाराज का साक्षात्कार लिया।
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- महिलाओं की आवाज और सोशल मीडिया की ताकत -भाविका प्रीत रमानी से खास संवाद रविवार को कोटा शहर में गुमानपुरा स्थित शांति प्रकाश आश्रम में महिला भवन का उद्घाटन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने किया1
- KOTA : टेंट व्यवसायियों का जुटेगा महाकुंभ, 16वें प्रांतीय महाधिवेशन की तैयारियां तेज, 6 सितम्बर से शुरू होगा आयोजन कोटा। राजस्थान टेंट डीलर्स व्यवसायी समिति, हाड़ौती टेंट डीलर्स समिति एवं कोटा टेंट डीलर्स समिति के संयुक्त तत्वावधान में टेंट व्यवसायियों के 16वें प्रांतीय महाधिवेशन की तैयारियों एवं आगामी कार्यक्रमों को लेकर आयोजन की रूपरेखा तैयार कर ली गई है। आगामी 10 अगस्त 2026 को दशहरा ग्राउंड, सीएडी चौराहा, कोटा में आयोजित होने वाले इस भव्य कार्यक्रम में प्रदेशभर से टेंट व्यवसायियों के शामिल होने की संभावना है। महाधिवेशन की तैयारियों एवं भूमि पूजन समारोह का शुभारंभ दोपहर 2:30 बजे किया जाएगा। इससे पूर्व सुबह 9 बजे नाश्ता, दोपहर 12:30 बजे बैठक तथा दोपहर 1:30 बजे भोजन का कार्यक्रम रखा गया है। आयोजन को लेकर टेंट व्यवसायियों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रवि जिंदल, प्रदेश अध्यक्ष रास बिहारी शर्मा एवं कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी सहित संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं अतिथि उपस्थित रहेंगे और टेंट व्यवसायियों को संबोधित करेंगे। आयोजन में व्यवसाय से जुड़ी विभिन्न समस्याओं, संगठन की मजबूती, व्यवसाय के विकास तथा आगामी कार्ययोजना को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की उम्मीद है। अधिवेशन के हाड़ौती अध्यक्ष एवं संयोजक दीपक सिंघल ने बताया कि यह आयोजन टेंट व्यवसाय से जुड़े लोगों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ संगठनात्मक एकता और व्यवसाय के हितों को मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा। उन्होंने अधिक से अधिक टेंट व्यवसायियों से कार्यक्रम में भाग लेकर अधिवेशन को सफल बनाने का आह्वान किया। अध्यक्ष सौरभ पोरवाल, महामंत्री गुरमीत सिंह एवं कोषाध्यक्ष मोहर मन सिंह सहित आयोजन समिति के पदाधिकारी कार्यक्रम की तैयारियों में जुटे हुए हैं। आयोजकों के अनुसार अधिवेशन में राजस्थान के विभिन्न क्षेत्रों से टेंट व्यवसायियों की गरिमामयी उपस्थिति रहेगी। मुख्य अतिथि एवं विशिष्ट अतिथि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में श्री राजेश बिरला जी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में श्री अशोक माहेश्वरी जी उपस्थित रहेंगे। आयोजन समिति ने बताया कि अधिवेशन टेंट व्यवसायियों के लिए आपसी संवाद, अनुभव साझा करने और भविष्य की रणनीति तय करने का महत्वपूर्ण मंच बनेगा।1
- झीलों की नगरी उदयपुर में दादाबाड़ी में आज हमने ओसवाल समाज की महाराज श्री विद्युतयप्रभा श्री जी महाराज का साक्षात्कार लिया।1
- एमबीएस अस्पताल में मरीजों से खिलवाड़: प्राइवेट लैब को फायदा पहुंचाने के लिए 'QNS' का बहाना, अधीक्षक ने बैठाई 5 सदस्यीय जांच समिति एमबीएस अस्पताल में मरीजों से खिलवाड़: प्राइवेट लैब को फायदा पहुंचाने के लिए 'QNS' का बहाना, अधीक्षक ने बैठाई 5 सदस्यीय जांच समिति कोटा। शहर के प्रमुख एमबीएस (MBS) अस्पताल से एक गंभीर लापरवाही और संदेहास्पद खेल का मामला सामने आया है। अस्पताल में आने वाले मरीजों को प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटरों की तरफ धकेलने के लिए उनकी पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट में 'क्वांटिटी नॉट सफिशिएंट' (QNS यानी सैंपल की मात्रा अपर्याप्त) का बहाना बनाया जा रहा था। इस पूरे मामले में मरीजों को 'नायक' (जनप्रतिनिधि/अधिकारी) का साथ मिला, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन हरकत में आया है। क्या है पूरा मामला? अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले कई मरीजों ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सरकारी प्रयोगशाला में महंगे और महत्वपूर्ण टेस्ट कराने के लिए दिए गए सैंपल को यह कहकर खारिज किया जा रहा है कि रक्त या सैंपल की मात्रा पूरी नहीं थी (QNS)। बार-बार चक्कर काटने से परेशान होकर मजबूरन मरीजों को वही जांचें बाहर स्थित निजी लैब्स से दोगुनी-तिगुनी दरों पर करवानी पड़ रही थीं। स्थानीय जननायकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के हस्तक्षेप के बाद जब यह मामला उजागर हुआ, तो अस्पताल की इस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए। आशंका जताई जा रही है कि अंदरूनी स्टाफ और प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटरों के बीच किसी प्रकार का नेक्सस या कमीशन खेल चल रहा है, जिससे मरीजों की जेब ढीली कर निजी लैब्स को फायदा पहुंचाया जा सके। अधीक्षक ने लिया संज्ञान, गठित की 5 सदस्यीय जांच कमेटी मामला उजागर होते ही एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत प्रभाव से 5 सदस्यीय उच्चस्तरीय जांच समिति का गठन कर दिया है। जांच का दायरा: यह समिति उन सभी केसों की पड़ताल करेगी जिनमें पिछले कुछ समय से लगातार QNS का बहाना बनाकर सैंपल रिजेक्ट किए गए हैं। सख्त कार्रवाई के संकेत: अधीक्षक का कहना है कि मरीजों के साथ इस तरह का खिलवाड़ कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि जांच में लैब स्टाफ, तकनीशियनों या किसी अधिकारी की मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मरीजों को राहत की उम्मीद अस्पताल प्रशासन की इस सख्त पहल से दूर-दराज़ से आने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय मरीजों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब देखना यह होगा कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट में क्या खुलासे करती है और इस पूरे रैकेट में शामिल दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।1