नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड मुख्यालय स्थित बीस सूत्री कार्यालय में शनिवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुँचे लोगों की शिकायतों को रजौली विधायक बिमल राजवंशी ने गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। इस कार्यक्रम में बीस सूत्री अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, भाजपा जिला महामंत्री गौरव कुमार गगन और जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र राजवंशी भी उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान, गम्भीरा गांव की एक महिला ने भूमि विवाद का मामला विधायक के समक्ष उठाया, वहीं अंकरी पांडे बीघा पंचायत की महिलाओं ने नाली निर्माण और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। विधायक ने तत्काल अंचलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर इन मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों से आए ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिजली आपूर्ति और अन्य जनहित से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। विधायक ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर लोजपा प्रखंड अध्यक्ष योगेंद्र पासवान, बीस सूत्री सदस्य रतेंद्र पंडित, अशोक राजवंशी, ओमप्रकाश यादव, गोरेलाल वर्मन, पंकज कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे। समाजसेवी उपेंद्र राजवंशी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नियमित जनसुनवाई से आम लोगों को राहत मिलती है और जनप्रतिनिधियों तथा जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने प्रत्येक माह ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की, जिससे बीस सूत्री कार्यालय वास्तव में जनसमस्याओं का समाधान केंद्र बन सके।
नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड मुख्यालय स्थित बीस सूत्री कार्यालय में शनिवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर पहुँचे लोगों की शिकायतों को रजौली विधायक बिमल राजवंशी ने गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई का निर्देश दिया। इस कार्यक्रम में बीस सूत्री अध्यक्ष अजय कुमार गुप्ता, भाजपा जिला महामंत्री गौरव कुमार गगन और जिला परिषद सदस्य सुरेंद्र राजवंशी भी उपस्थित रहे। जनसुनवाई के दौरान, गम्भीरा गांव की एक महिला ने भूमि विवाद का मामला विधायक के समक्ष उठाया, वहीं अंकरी पांडे बीघा पंचायत की महिलाओं ने नाली निर्माण और जल निकासी से जुड़ी समस्याओं से अवगत कराया। विधायक ने तत्काल अंचलाधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर इन मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। कार्यक्रम में विभिन्न
पंचायतों से आए ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल, आवास योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बिजली आपूर्ति और अन्य जनहित से जुड़ी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। विधायक ने स्पष्ट किया कि जनता की समस्याओं का समयबद्ध समाधान प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मौके पर लोजपा प्रखंड अध्यक्ष योगेंद्र पासवान, बीस सूत्री सदस्य रतेंद्र पंडित, अशोक राजवंशी, ओमप्रकाश यादव, गोरेलाल वर्मन, पंकज कुमार सहित कई जनप्रतिनिधि और ग्रामीण मौजूद थे। समाजसेवी उपेंद्र राजवंशी ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नियमित जनसुनवाई से आम लोगों को राहत मिलती है और जनप्रतिनिधियों तथा जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होता है। उन्होंने प्रत्येक माह ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की, जिससे बीस सूत्री कार्यालय वास्तव में जनसमस्याओं का समाधान केंद्र बन सके।
- पूरे देश में प्रतिष्ठित NEET परीक्षा को लेकर एक गंभीर सवाल उठाया गया है, जिसमें पूछा गया है कि क्या यह सिर्फ एक 'व्यावसायिक धंधा' बनकर रह गई है।1
- शुक्रवार की रात बिहार के नवादा जिले के रजौली थाना क्षेत्र में वन कर्मियों ने अवैध अभ्रक खनन कर भाग रहे एक पिकअप वैन को सवैयाटांड़ पंचायत के वर्तमान मुखिया नारायण सिंह के घर के पास से जब्त कर लिया। वन विभाग के गश्ती दल ने बसरोन जंगल से अभ्रक लादकर भाग रहे माफियाओं का पीछा किया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। वन विभाग के वनरक्षी और वन कर्मी सवैयाटांड़ पंचायत के वन क्षेत्र में गश्त पर थे, तभी उन्हें बसरोन वन क्षेत्र में अवैध अभ्रक खनन की गुप्त सूचना मिली। खनन स्थल पर पहुंचने पर उन्होंने अभ्रक माफियाओं को एक पिकअप वैन में अभ्रक भरते देखा। वन कर्मियों को देखते ही माफिया अभ्रक भरना छोड़कर आधे-अधूरे लदे पिकअप वैन के साथ जंगल से भाग निकले। वन कर्मियों ने तुरंत उनका पीछा करना शुरू कर दिया। पीछा किए जाने पर अभ्रक माफिया पिकअप वैन को सवैयाटांड़ पंचायत के मुखिया नारायण सिंह के घर के दरवाजे के पास लगाकर जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। माफियाओं ने पिकअप को जब्त होने से बचाने के लिए उसकी बैटरी और स्टार्ट करने वाली सामग्री भी खोल ली थी। वन कर्मियों ने जब्त पिकअप वैन की सूचना रजौली वन प्रक्षेत्र कार्यालय के रेंजर नारायण लाल सेवक को दी। सूचना मिलने पर रेंजर नारायण लाल सेवक वन विभाग और रजौली पुलिस की संयुक्त टीम के साथ सवैयाटांड़ पहुंचे और जब्त पिकअप वैन को बसरोन से रजौली वन प्रक्षेत्र कार्यालय ले आए। पिकअप वैन को कार्यालय लाने के लिए शनिवार सुबह रजौली से जेसीबी मशीन मंगवाकर खींचना पड़ा, क्योंकि रेंजर ने रातभर जंगल में बिताया था। रेंजर नारायण लाल सेवक ने इस त्वरित कार्रवाई के लिए सभी वन कर्मियों को धन्यवाद दिया। उन्होंने रजौली के पूर्वी वन क्षेत्र के वनपाल को अवैध खनन करने वाले अभ्रक माफियाओं को चिन्हित कर उनके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने और वन विभाग में प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया। रेंजर ने यह भी बताया कि अवैध खनन और वनों की कटाई की रोकथाम के लिए लगातार छापेमारी अभियान जारी रहेगा और अवैध खनन करने वाले माफियाओं को चिन्हित कर प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। इस दौरान रजौली के पूर्वी वन क्षेत्र के वनपाल समेत कई वनकर्मी व पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे। वहीं, दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि बिहार राज्य के नवादा जिले के रजौली प्रखंड के सवैयाटांड़ पंचायत के चटकरी, बाराटांड़, झलकडीहा, ढकनीछोर और झारखंड राज्य के कोडरमा जिले के डोमचांच व सपही से आने वाले अभ्रक माफियाओं द्वारा रजौली प्रखंड के ललकी, टिटहियां, अगलगवा, सेठवा, फगुनी, टोपा पहाड़ी, चटकरी, धनकुटवा, कोरैया व बुढ़ियासांख क्षेत्र के पननमा माइंस के पास वर्षों से बड़े पैमाने पर अभ्रक का अवैध खनन किया जा रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वन विभाग की टीम कभी भी इन खनन स्थलों पर छापेमारी करने नहीं जाती, जिससे बिहार-झारखंड क्षेत्र के अवैध खनन माफियाओं का मनोबल काफी बढ़ा हुआ है।2
- बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधियों ने सम्राट चौधरी सरकार पर आरोप लगाया है कि वह राज्य में जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को 'सैटेलाइट टाउनशिप' और 'ग्रीन फील्ड' के नाम पर बंद करके तथा अब अंचल की भूमिका शामिल करके इसे और अधिक जटिल बना रही है, जिससे यह 'घूस का घोंसला' बन जाएगी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार ने पहले राज्य के दर्जनों जिलों के सैकड़ों गांवों और नगर निकाय के वार्डों में जमीन रजिस्ट्री को एक साल के लिए रोक दिया था, और अब संपूर्ण बिहार में रजिस्ट्री विभाग के साथ-साथ अंचल को भी जमीन रजिस्ट्रीकरण पद्धति में शामिल करके बिहारवासियों को बड़े संकट में डाल दिया है। नेताओं के अनुसार, 'ग्रीन लैंड सैटेलाइट टाउनशिप' के अंतर्गत आने वाले गांवों और वार्डों के गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार पहले से ही अपनी बेटियों की शादी, बच्चों की पढ़ाई या गंभीर बीमारियों जैसे आवश्यक कार्यों के लिए जमीन बेचने में असमर्थ होने के कारण परेशान थे। अब रजिस्ट्री ऑफिस के साथ-साथ अंचल अधिकारी और उनके कार्यालय को जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया में शामिल करने और उनसे रिपोर्ट लेने की पद्धति से लोगों को और अधिक संकट, देरी और भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ेगा। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार का यह कदम किसान-मजदूरों और आमजनों को परेशान करने वाला है। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि जमीन रजिस्ट्री, जिसे 'विक्रय मनोबंध पत्र' कहा जाता है, वह जमीन का 'हकियत' (वास्तविक मालिकाना हक) नहीं है, न ही अंचल या म्युनिसिपल रसीदें हकियत दर्शाती हैं। ये सभी केवल रजिस्ट्रेशन और टैक्स संबंधी कागज़ात हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इन कागज़ातों का 'हौआ' बनाकर किसान-मजदूरों और आमजनों को तंग और तबाह करना चाहती है। नेताओं ने राज्य सरकार से मांग की है कि जमीन खरीद-बिक्री की प्रक्रिया को और जटिल बनाने के बजाय उसे आसान किया जाए, ताकि आम जनता को जमीन रजिस्ट्री के लिए अंचल कार्यालय के चक्कर न काटने पड़ें और पहले की तरह आसानी से कार्य संपन्न हो सकें। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार जल्द से जल्द जमीन खरीद-बिक्री (रजिस्ट्री) पर लगी रोक को हटाती नहीं है और अंचल की भूमिका समाप्त नहीं करती है, तो पार्टी बाध्य होकर जिला रजिस्ट्रार (जिलाधिकारी कार्यालय) और उप-रजिस्ट्रार (रजिस्ट्री ऑफिस कार्यालय) का घेराव करेगी। यह बात बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रतिनिधि प्रो विजय कुमार मिट्ठू, पूर्व विधायक मोहम्मद खान अली, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष बाबूलाल प्रसाद सिंह, दामोदर गोस्वामी, विपिन बिहारी सिन्हा, इंटक जिला महासचिव टिंकू गिरी, विशाल कुमार, मोहम्मद शामिम आलम, और मुन्ना मांझी सहित अन्य नेताओं ने कही।1
- शनिवार, 30 मई 2026 को राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) नवादा जिला इकाई के जिला अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए नवादा शहर स्थित 3 नंबर बस स्टैंड के समीप मोर्या गार्डन में एक महत्वपूर्ण बैठक और चुनाव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर से पार्टी के क्रियाशील सदस्य, पंचायत अध्यक्ष, प्रखंड अध्यक्ष और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सुबह 11 बजे जिला अध्यक्ष पद के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई। नामांकन के दौरान केवल विनय कुशवाहा का नाम सामने आया और किसी अन्य उम्मीदवार ने नामांकन दाखिल नहीं किया। परिणामस्वरूप, चुनाव पदाधिकारियों ने विनय कुशवाहा को निर्विरोध जिला अध्यक्ष घोषित कर दिया। उनके निर्विरोध निर्वाचन की घोषणा होते ही कार्यकर्ताओं में उत्साह की लहर दौड़ गई, और उपस्थित लोगों ने तालियों तथा नारों के साथ उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत करने और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर भी विस्तार से चर्चा की। नव-निर्वाचित जिला अध्यक्ष विनय कुशवाहा ने अपने संबोधन में कहा कि वे पार्टी के सिद्धांतों और नीतियों के अनुरूप पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ कार्य करेंगे। उन्होंने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने को अपनी प्राथमिकता बताया और कहा कि वे सभी कार्यकर्ताओं को साथ लेकर पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सौंपी गई जिम्मेदारी पर खरा उतरने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की देखरेख जिला संयोजक राजेन्द्र कुशवाहा ने की। इस महत्वपूर्ण आयोजन में पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, पंचायत एवं प्रखंड स्तर के प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विनय कुशवाहा के निर्विरोध जिला अध्यक्ष चुने जाने पर उनके समर्थकों ने उन्हें बधाई दी और संगठन के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।3
- ककोलत जलप्रपात पर लगने वाले शुल्क को कम करने की माँग को लेकर ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मुलाकात की है।1
- रजौली प्रखंड के बहादुरपुर पंचायत के खिजुआ गांव में पइन पर बनाई गई आरसीसी पुलिया के निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएँ सामने आई हैं।2
- एक वीडियो में दिखाया गया है कि अभिषेक बनर्जी पर किस तरह से हमला किया गया।1