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कोंच,पितृ पक्ष शुरू, पुरखों को याद कर कुश से किया तर्पण शुभ कार्यो पर भी 15 दिनों को लगा विराम,पूर्वजो का होगा श्राद्ध जालौन के कोंच में पितृ पक्ष की शुरुआत शनिवार से हो गई। सुबह 8 बजे से ही नगर के सागर तालाब, धनुतालाब सहित अन्य जल स्रोतों पर लोग अपने पूर्वजों को याद कर तर्पण करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने हाथों में तिल, उड़द आदि लेकर कुश के माध्यम से जल अर्पित किया और अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पितृ पक्ष शुरू होने के साथ ही आगामी 15 दिनों तक शुभ कार्यों पर भी विराम माना जा रहा है। नवरात्रि शुरू होने के बाद ही शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष पूर्वजों को समर्पित अवधि है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। शनिवार सुबह करीब आठ बजे सागर तालाब और धनुतालाब पर लोगों ने विधि-विधान से तर्पण किया। श्रद्धालुओं ने कुश, तिल और जल के साथ पूर्वजों का स्मरण किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक की अवधि श्राद्ध या महालय पक्ष कहलाती है। इस दौरान पितरों के निमित्त किए जाने वाले कर्मकांड का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि श्राद्ध और तर्पण से पितरों को शांति प्राप्त होती है। पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए कौआ, श्वान और गाय के लिए भी भोजन का अंश अलग निकालते हैं। धार्मिक मान्यताओं में गाय को देवताओं से और कौआ व श्वान को पितरों से संबंधित माना गया है। वहीं पूर्वजों की मृत्यु तिथि पर कर्मकांडी ब्राह्मणों को भोजन कराकर ब्रह्म भोज कराया जाता है। पितृ पक्ष के दौरान नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों द्वारा अपने-अपने पूर्वजों की तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्मकांड किए जाएंगे। इससे धार्मिक स्थलों और जल स्रोतों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ेगी।

12 hrs ago
user_Vivek Dwivedi public news
Vivek Dwivedi public news
पत्रकार Konch, Jalaun•
12 hrs ago

कोंच,पितृ पक्ष शुरू, पुरखों को याद कर कुश से किया तर्पण शुभ कार्यो पर भी 15 दिनों को लगा विराम,पूर्वजो का होगा श्राद्ध जालौन के कोंच में पितृ पक्ष की शुरुआत शनिवार से हो गई। सुबह 8 बजे से ही नगर के सागर तालाब, धनुतालाब सहित अन्य जल स्रोतों पर लोग अपने पूर्वजों को याद कर तर्पण करने पहुंचे। श्रद्धालुओं ने हाथों में तिल, उड़द आदि लेकर कुश के माध्यम से जल अर्पित किया और अपने पुरखों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। पितृ पक्ष शुरू होने के साथ ही आगामी 15 दिनों तक शुभ कार्यों पर भी विराम माना जा रहा है। नवरात्रि शुरू होने के बाद ही शुभ कार्यों की शुरुआत होगी। सनातन धर्म की मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष पूर्वजों को समर्पित अवधि है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि के अनुसार श्राद्ध कर्म, तर्पण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। शनिवार सुबह करीब आठ बजे सागर तालाब और धनुतालाब पर लोगों ने विधि-विधान से तर्पण किया। श्रद्धालुओं ने कुश, तिल और जल के साथ पूर्वजों का स्मरण किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा से अमावस्या तक की अवधि श्राद्ध या महालय पक्ष कहलाती है। इस दौरान पितरों के निमित्त किए जाने वाले कर्मकांड का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि श्राद्ध और तर्पण से पितरों को शांति प्राप्त होती है। पितृ पक्ष में लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए कौआ, श्वान और गाय के लिए भी भोजन का अंश अलग निकालते हैं। धार्मिक मान्यताओं में गाय को देवताओं से और कौआ व श्वान को पितरों से संबंधित माना गया है। वहीं पूर्वजों की मृत्यु तिथि पर कर्मकांडी ब्राह्मणों को भोजन कराकर ब्रह्म भोज कराया जाता है। पितृ पक्ष के दौरान नगर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में परिवारों द्वारा अपने-अपने पूर्वजों की तिथि के अनुसार श्राद्ध, तर्पण और अन्य कर्मकांड किए जाएंगे। इससे धार्मिक स्थलों और जल स्रोतों पर भी लोगों की आवाजाही बढ़ेगी।

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  • जालौन। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जालौन क्षेत्र के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, वहीं खेतों में भी पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं और कई जगह फसलें बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कच्चे रास्तों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब किसानों और प्रभावित लोगों की नजर प्रशासन पर है। देखना होगा कि प्रशासन की ओर से फसलों के नुकसान का सर्वे कब कराया जाता है और प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा कब होती है। जालौन। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जालौन क्षेत्र के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, वहीं खेतों में भी पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं और कई जगह फसलें बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कच्चे रास्तों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब किसानों और प्रभावित लोगों की नजर प्रशासन पर है। देखना होगा कि प्रशासन की ओर से फसलों के नुकसान का सर्वे कब कराया जाता है और प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा कब होती है।
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    जालौन। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जालौन क्षेत्र के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, वहीं खेतों में भी पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं और कई जगह फसलें बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कच्चे रास्तों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब किसानों और प्रभावित लोगों की नजर प्रशासन पर है। देखना होगा कि प्रशासन की ओर से फसलों के नुकसान का सर्वे कब कराया जाता है और प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा कब होती है।
जालौन। दो दिनों से लगातार हो रही बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जालौन क्षेत्र के चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है। लगातार बारिश के चलते कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है, वहीं खेतों में भी पानी भरने से फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है।
किसानों का कहना है कि लगातार बारिश से खेतों में खड़ी फसलें प्रभावित हुई हैं और कई जगह फसलें बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई हैं। बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कच्चे रास्तों और निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अब किसानों और प्रभावित लोगों की नजर प्रशासन पर है। देखना होगा कि प्रशासन की ओर से फसलों के नुकसान का सर्वे कब कराया जाता है और प्रभावित किसानों के लिए मुआवजे की घोषणा कब होती है।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    6 hrs ago
  • बारिश-वज्रपात की आशंका पर जालौन में अलर्ट, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश दो दिन में 85.2 मिमी बारिश, सीजन में अब तक 805 मिमी वर्षा; जलभराव वाले क्षेत्रों और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील* भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 27 सितंबर तक जनपद में बारिश के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी समीर ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है। जनपद में पिछले दो दिनों में 85.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि वर्तमान वर्षा ऋतु में अब तक कुल 805 से अधिक मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है।जिलाधिकारी ने कहा कि तेज बारिश एवं वज्रपात के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सुरक्षित स्थान पर रहें। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों, नालों, नदी-नहरों एवं तालाबों के आसपास जाने से बचें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों व टावरों के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवन में शरण लें। उन्होंने किसानों से मौसम खराब होने पर खेतों में कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने तथा पशुओं को खुले स्थान अथवा पेड़ों के नीचे न बांधने की अपील की। वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, कम दृश्यता में सुरक्षित स्थान पर रुकने और बहते पानी अथवा जलभराव वाले मार्गों को पार न करने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नागरिकों से टूटे विद्युत तारों से दूर रहने, बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा करने और मौसम संबंधी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 05162-255518, टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन 1077, पुलिस 112 तथा एम्बुलेंस 102/108 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    बारिश-वज्रपात की आशंका पर जालौन में अलर्ट, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश
दो दिन में 85.2 मिमी बारिश, सीजन में अब तक 805 मिमी वर्षा; जलभराव वाले क्षेत्रों और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील* 
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 27 सितंबर तक जनपद में बारिश के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी समीर ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है। जनपद में पिछले दो दिनों में 85.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि वर्तमान वर्षा ऋतु में अब तक कुल 805 से अधिक मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है।जिलाधिकारी ने कहा कि तेज बारिश एवं वज्रपात के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सुरक्षित स्थान पर रहें। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों, नालों, नदी-नहरों एवं तालाबों के आसपास जाने से बचें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों व टावरों के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवन में शरण लें। उन्होंने किसानों से मौसम खराब होने पर खेतों में कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने तथा पशुओं को खुले स्थान अथवा पेड़ों के नीचे न बांधने की अपील की। वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, कम दृश्यता में सुरक्षित स्थान पर रुकने और बहते पानी अथवा जलभराव वाले मार्गों को पार न करने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नागरिकों से टूटे विद्युत तारों से दूर रहने, बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा करने और मौसम संबंधी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 05162-255518, टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन 1077, पुलिस 112 तथा एम्बुलेंस 102/108 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_RC Rajpoot पत्रकार
    RC Rajpoot पत्रकार
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
  • *बारिश-वज्रपात की आशंका पर जालौन में अलर्ट, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश* *दो दिन में 85.2 मिमी बारिश, सीजन में अब तक 805 मिमी वर्षा; जलभराव वाले क्षेत्रों और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील* जालौन भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 27 सितंबर तक जनपद में बारिश के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी समीर ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है। जनपद में पिछले दो दिनों में 85.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि वर्तमान वर्षा ऋतु में अब तक कुल 805 से अधिक मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है।जिलाधिकारी ने कहा कि तेज बारिश एवं वज्रपात के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सुरक्षित स्थान पर रहें। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों, नालों, नदी-नहरों एवं तालाबों के आसपास जाने से बचें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों व टावरों के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवन में शरण लें। उन्होंने किसानों से मौसम खराब होने पर खेतों में कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने तथा पशुओं को खुले स्थान अथवा पेड़ों के नीचे न बांधने की अपील की। वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, कम दृश्यता में सुरक्षित स्थान पर रुकने और बहते पानी अथवा जलभराव वाले मार्गों को पार न करने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नागरिकों से टूटे विद्युत तारों से दूर रहने, बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा करने और मौसम संबंधी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 05162-255518, टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन 1077, पुलिस 112 तथा एम्बुलेंस 102/108 पर संपर्क किया जा सकता है। बाइट:-जिलाधिकारी समीर द्वारा दी गई (जालौन)
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    *बारिश-वज्रपात की आशंका पर जालौन में अलर्ट, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश* 

 *दो दिन में 85.2 मिमी बारिश, सीजन में अब तक 805 मिमी वर्षा; जलभराव वाले क्षेत्रों और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील* 
जालौन 
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 27 सितंबर तक जनपद में बारिश के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी समीर ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है। जनपद में पिछले दो दिनों में 85.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि वर्तमान वर्षा ऋतु में अब तक कुल 805 से अधिक मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है।जिलाधिकारी ने कहा कि तेज बारिश एवं वज्रपात के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सुरक्षित स्थान पर रहें। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों, नालों, नदी-नहरों एवं तालाबों के आसपास जाने से बचें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों व टावरों के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवन में शरण लें। उन्होंने किसानों से मौसम खराब होने पर खेतों में कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने तथा पशुओं को खुले स्थान अथवा पेड़ों के नीचे न बांधने की अपील की। वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, कम दृश्यता में सुरक्षित स्थान पर रुकने और बहते पानी अथवा जलभराव वाले मार्गों को पार न करने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नागरिकों से टूटे विद्युत तारों से दूर रहने, बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा करने और मौसम संबंधी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 05162-255518, टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन 1077, पुलिस 112 तथा एम्बुलेंस 102/108 पर संपर्क किया जा सकता है। 
बाइट:-जिलाधिकारी समीर द्वारा दी गई  (जालौन)
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बारिश-वज्रपात की आशंका पर जालौन में अलर्ट, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश* अनुराग श्रीवास्तव पत्रकार *बारिश-वज्रपात की आशंका पर जालौन में अलर्ट, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश* *दो दिन में 85.2 मिमी बारिश, सीजन में अब तक 805 मिमी वर्षा; जलभराव वाले क्षेत्रों और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील* भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 27 सितंबर तक जनपद में बारिश के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी समीर ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है। जनपद में पिछले दो दिनों में 85.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि वर्तमान वर्षा ऋतु में अब तक कुल 805 से अधिक मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है।जिलाधिकारी ने कहा कि तेज बारिश एवं वज्रपात के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सुरक्षित स्थान पर रहें। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों, नालों, नदी-नहरों एवं तालाबों के आसपास जाने से बचें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों व टावरों के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवन में शरण लें। उन्होंने किसानों से मौसम खराब होने पर खेतों में कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने तथा पशुओं को खुले स्थान अथवा पेड़ों के नीचे न बांधने की अपील की। वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, कम दृश्यता में सुरक्षित स्थान पर रुकने और बहते पानी अथवा जलभराव वाले मार्गों को पार न करने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नागरिकों से टूटे विद्युत तारों से दूर रहने, बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा करने और मौसम संबंधी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 05162-255518, टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन 1077, पुलिस 112 तथा एम्बुलेंस 102/108 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    बारिश-वज्रपात की आशंका पर जालौन में अलर्ट, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश* 

अनुराग श्रीवास्तव पत्रकार
*बारिश-वज्रपात की आशंका पर जालौन में अलर्ट, डीएम ने दिए सुरक्षा के निर्देश* 
*दो दिन में 85.2 मिमी बारिश, सीजन में अब तक 805 मिमी वर्षा; जलभराव वाले क्षेत्रों और खुले स्थानों से दूर रहने की अपील* 
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 27 सितंबर तक जनपद में बारिश के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी समीर ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है। जनपद में पिछले दो दिनों में 85.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि वर्तमान वर्षा ऋतु में अब तक कुल 805 से अधिक मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है।जिलाधिकारी ने कहा कि तेज बारिश एवं वज्रपात के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सुरक्षित स्थान पर रहें। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों, नालों, नदी-नहरों एवं तालाबों के आसपास जाने से बचें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों व टावरों के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवन में शरण लें। उन्होंने किसानों से मौसम खराब होने पर खेतों में कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने तथा पशुओं को खुले स्थान अथवा पेड़ों के नीचे न बांधने की अपील की। वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, कम दृश्यता में सुरक्षित स्थान पर रुकने और बहते पानी अथवा जलभराव वाले मार्गों को पार न करने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नागरिकों से टूटे विद्युत तारों से दूर रहने, बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा करने और मौसम संबंधी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 05162-255518, टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन 1077, पुलिस 112 तथा एम्बुलेंस 102/108 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_Anurag Shrivastava
    Anurag Shrivastava
    Local News Reporter जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • बारिश व वज्रपात की आशंका पर जिला प्रशासन का हाई अलर्ट; डीएम समीर ने दिए कड़े सुरक्षा निर्देश। रविन्द्र गौतम ✍️ ➡️ दो दिन में 85.2 मिमी बारिश दर्ज; इस सीजन में अब तक 805 मिमी से अधिक बरसे बादल। ➡️ निचले इलाकों, जलभराव वाले रास्तों, नदियों व नालों से दूर रहने की डीएम ने की अपील। ➡️ आकाशीय बिजली से बचाव के लिए खुले मैदान व पेड़ों के नीचे खड़े न होने की दी सलाह। ➡️ किसी भी आपात स्थिति के लिए आपदा हेल्पलाइन नंबर 1077 व 05162-255518 पर करें संपर्क।
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    बारिश व वज्रपात की आशंका पर जिला प्रशासन का हाई अलर्ट; डीएम समीर ने दिए कड़े सुरक्षा निर्देश।
रविन्द्र गौतम ✍️
➡️ दो दिन में 85.2 मिमी बारिश दर्ज; इस सीजन में अब तक 805 मिमी से अधिक बरसे बादल।
➡️ निचले इलाकों, जलभराव वाले रास्तों, नदियों व नालों से दूर रहने की डीएम ने की अपील।
➡️ आकाशीय बिजली से बचाव के लिए खुले मैदान व पेड़ों के नीचे खड़े न होने की दी सलाह।
➡️ किसी भी आपात स्थिति के लिए आपदा हेल्पलाइन नंबर 1077 व 05162-255518 पर करें संपर्क।
    user_Ravindra Gautam
    Ravindra Gautam
    Local News Reporter उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • जालौन के बारिश एवं बृजपात की संभावना को लेकर डीएम ने सतर्क रहने की करी अपील!! भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 27 सितंबर तक जनपद में बारिश के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी समीर ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है। जनपद में पिछले दो दिनों में 85.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि वर्तमान वर्षा ऋतु में अब तक कुल 805 से अधिक मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है।जिलाधिकारी ने कहा कि तेज बारिश एवं वज्रपात के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सुरक्षित स्थान पर रहें। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों, नालों, नदी-नहरों एवं तालाबों के आसपास जाने से बचें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों व टावरों के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवन में शरण लें। उन्होंने किसानों से मौसम खराब होने पर खेतों में कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने तथा पशुओं को खुले स्थान अथवा पेड़ों के नीचे न बांधने की अपील की। वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, कम दृश्यता में सुरक्षित स्थान पर रुकने और बहते पानी अथवा जलभराव वाले मार्गों को पार न करने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नागरिकों से टूटे विद्युत तारों से दूर रहने, बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा करने और मौसम संबंधी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 05162-255518, टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन 1077, पुलिस 112 तथा एम्बुलेंस 102/108 पर संपर्क किया जा सकता है।
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    जालौन के बारिश एवं बृजपात की संभावना को लेकर डीएम ने सतर्क रहने की करी अपील!!
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा 25 से 27 सितंबर तक जनपद में बारिश के साथ गरज-चमक एवं वज्रपात की संभावना को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी समीर ने नागरिकों से मौसम को देखते हुए सावधानी बरतने और अनावश्यक जोखिम से बचने की अपील की है। जनपद में पिछले दो दिनों में 85.2 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है, जबकि वर्तमान वर्षा ऋतु में अब तक कुल 805 से अधिक मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जो सामान्य औसत वर्षा से अधिक है।जिलाधिकारी ने कहा कि तेज बारिश एवं वज्रपात के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचते हुए सुरक्षित स्थान पर रहें। निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गों, नालों, नदी-नहरों एवं तालाबों के आसपास जाने से बचें। वज्रपात के समय खुले मैदान, पेड़, बिजली के खंभों व टावरों के नीचे खड़े होने के बजाय पक्के भवन में शरण लें। उन्होंने किसानों से मौसम खराब होने पर खेतों में कार्य रोककर सुरक्षित स्थान पर जाने तथा पशुओं को खुले स्थान अथवा पेड़ों के नीचे न बांधने की अपील की। वाहन चालकों को गति नियंत्रित रखने, कम दृश्यता में सुरक्षित स्थान पर रुकने और बहते पानी अथवा जलभराव वाले मार्गों को पार न करने की सलाह दी गई है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को भी स्थानीय स्तर पर सतर्कता बनाए रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नागरिकों से टूटे विद्युत तारों से दूर रहने, बच्चों एवं बुजुर्गों की विशेष सुरक्षा करने और मौसम संबंधी केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की गई है। आपदा की स्थिति में जिला आपदा नियंत्रण कक्ष 05162-255518, टोल फ्री आपदा हेल्पलाइन 1077, पुलिस 112 तथा एम्बुलेंस 102/108 पर संपर्क किया जा सकता है।
    user_Harsh Samvad
    Harsh Samvad
    Newspaper publisher उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • कोंच के जयप्रकाश नगर में रास्ते में जानवर बांधने को लेकर दो पक्षों में विवाद, मारपीट और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप, पुलिस से शिकायत जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के जयप्रकाश नगर में रास्ते में जानवर बांधने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। मामले में अनुसूचित जाति के परिवार ने पड़ोस में रहने वाले तीन लोगों पर गाली-गलौज, मारपीट, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए शनिवार दोपहर 3:30 बजे पुलिस से शिकायत की है। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले नरेन्द्र यादव, पुलटाई यादव और मोनू यादव कथित तौर पर रास्ते में जानवर बांधते हैं, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। आरोप है कि घटना के दिन शिकायतकर्ता नाले में जमा कूड़ा और गंदगी साफ कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी पक्ष कथित रूप से लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता के पुत्र छोटू को जमीन पर पटककर लाठी-डंडों से पीटा। उसे बचाने पहुंची उसकी मां गोमती देवी के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने और मोहल्ले में नहीं रहने देने की धमकी भी दी। पीड़ितों ने कोतवाली कोंच पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई का इंतजार है।
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    कोंच के जयप्रकाश नगर में रास्ते में जानवर बांधने को लेकर दो पक्षों में विवाद, मारपीट और जातिसूचक शब्द कहने का आरोप, पुलिस से शिकायत
जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के जयप्रकाश नगर में रास्ते में जानवर बांधने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। मामले में अनुसूचित जाति के परिवार ने पड़ोस में रहने वाले तीन लोगों पर गाली-गलौज, मारपीट, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए शनिवार दोपहर 3:30 बजे पुलिस से शिकायत की है।
पुलिस को दिए शिकायती पत्र में शिकायतकर्ताओं ने बताया कि पड़ोस में रहने वाले नरेन्द्र यादव, पुलटाई यादव और मोनू यादव कथित तौर पर रास्ते में जानवर बांधते हैं, जिससे आवागमन में परेशानी होती है। आरोप है कि घटना के दिन शिकायतकर्ता नाले में जमा कूड़ा और गंदगी साफ कर रहे थे। इसी दौरान आरोपी पक्ष कथित रूप से लाठी-डंडे लेकर वहां पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया।
शिकायत के अनुसार, आरोपियों ने शिकायतकर्ता के पुत्र छोटू को जमीन पर पटककर लाठी-डंडों से पीटा। उसे बचाने पहुंची उसकी मां गोमती देवी के साथ भी मारपीट किए जाने का आरोप है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि आरोपियों ने पुलिस में शिकायत करने पर जान से मारने और मोहल्ले में नहीं रहने देने की धमकी भी दी।
पीड़ितों ने कोतवाली कोंच पुलिस से रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मामले में पुलिस की जांच और कार्रवाई का इंतजार है।
    user_Vivek Dwivedi public news
    Vivek Dwivedi public news
    पत्रकार Konch, Jalaun•
    12 hrs ago
  • जालौन के कोंच में शनिवार सुबह तेज हवाओं और बारिश के कारण एट रोड पर एक बड़ा शीशम का पेड़ सड़क पर गिर गया। सुबह करीब 10 बजे पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। इससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी दिक्कत हुई। जालौन के कोंच में शनिवार सुबह तेज हवाओं और बारिश के कारण एट रोड पर एक बड़ा शीशम का पेड़ सड़क पर गिर गया। सुबह करीब 10 बजे पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। इससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी दिक्कत हुई।
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    जालौन के कोंच में शनिवार सुबह तेज हवाओं और बारिश के कारण एट रोड पर एक बड़ा शीशम का पेड़ सड़क पर गिर गया। सुबह करीब 10 बजे पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। इससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी दिक्कत हुई।
जालौन के कोंच में शनिवार सुबह तेज हवाओं और बारिश के कारण एट रोड पर एक बड़ा शीशम का पेड़ सड़क पर गिर गया। सुबह करीब 10 बजे पेड़ गिरने से मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह रुक गई। इससे सड़क के दोनों ओर गाड़ियों की लंबी कतारें लग गईं और राहगीरों को काफी दिक्कत हुई।
    user_Bheem rajawat 9628800458
    Bheem rajawat 9628800458
    पत्रकार जालौन, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जालौन जालौन में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात, मूसलाधार बारिश से उफनाए नदी नाले, लोगों के घरों में घुसा पानी, उरई के तिलक नगर दढ़वा रोड का भयंकर उफनाया मलंगा नाला, मलंगा नाले का बढ़ा जलस्तर, घरों में पानी घुसने से लोगों की बढ़ी परेशानी, तिलक नगर, कबीर नगर, रामकुंड इलाके में भी हुआ भारी जलभराव, इंदिरा नगर के भी कई इलाकों में पानी भरने से निकलने में हो रही दिक्कत, जालौन के उरई नगर क्षेत्र के तिलक नगर इलाके का मामला।
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    जालौन 

जालौन में दो दिनों से लगातार हो रही बारिश से बाढ़ जैसे हालात,
मूसलाधार बारिश से उफनाए नदी नाले, लोगों के घरों में घुसा पानी,
उरई के तिलक नगर दढ़वा रोड का भयंकर उफनाया मलंगा नाला,
मलंगा नाले का बढ़ा जलस्तर, घरों में पानी घुसने से लोगों की बढ़ी परेशानी,
तिलक नगर, कबीर नगर, रामकुंड इलाके में भी हुआ भारी जलभराव,
इंदिरा नगर के भी कई इलाकों में पानी भरने से निकलने में हो रही दिक्कत,
जालौन के उरई नगर क्षेत्र के तिलक नगर इलाके का मामला।
    user_Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    Rehan Raza KKD NEWS Jalaun
    उरई, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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