खीरी के ग्राम पंचायत जमुनिया शहवाज में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में तीव्र असंतोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी पिछले लगभग चार माह से गांव में सफाई करने नहीं आया है, जिससे गांव की साफ-सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्राम प्रधान ने भी इस बात की पुष्टि की है कि सफाई कर्मचारी चार माह से कार्य पर नहीं आ रहा और उसके वेतन संबंधी कागजों पर हस्ताक्षर के लिए भी कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं होता। प्रधान ने बताया कि करीब चार माह पहले सफाई कर्मचारी सौरभ ग्राम पंचायत में सफाई कार्य करता था, जिसके बाद से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इस पूरे मामले से संबंधित ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात कही गई है। इस संबंध में जब एडीओ पंचायत पसगवां, खीरी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ग्राम पंचायत जमुनिया शहवाज में कोई सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। उनके अनुसार, पहले तैनात सफाई कर्मचारी को कंप्यूटर ऑपरेटर के कार्य में अटैच कर दिया गया है, जहाँ वह जनसुनवाई से संबंधित शिकायतों का काम देख रहा है। एडीओ पंचायत से जब सफाई कर्मचारी को अन्य कार्य में अटैच करने के आदेश या पत्र के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस विषय पर बाद में बात करने की बात कही। यह स्थिति एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि यदि ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी को दूसरे कार्य में लगाया गया है, तो गांव की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की नालियों, सड़कों और अन्य स्थानों पर गंदगी का ढेर लग रहा है, और उन्हें चिंता है कि इसकी सफाई आखिर कौन करेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत में जल्द से जल्द सफाई कर्मचारी की व्यवस्था की जाए, ताकि गांव की स्वच्छता व्यवस्था पुनः पटरी पर लौट सके। TV हिंदुस्तान नैशनल न्यूज़ खीरी ने यह भी बताया है कि इस मामले से संबंधित और भी कागजी साक्ष्य बहुत जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।
खीरी के ग्राम पंचायत जमुनिया शहवाज में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में तीव्र असंतोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी पिछले लगभग चार माह से गांव में सफाई करने नहीं आया है, जिससे गांव की साफ-सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्राम प्रधान ने भी इस बात की पुष्टि की है कि सफाई कर्मचारी चार माह से कार्य पर नहीं आ रहा और उसके वेतन संबंधी कागजों पर हस्ताक्षर के लिए भी कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं होता। प्रधान ने बताया कि करीब चार माह पहले सफाई कर्मचारी सौरभ ग्राम पंचायत में सफाई कार्य करता था, जिसके बाद से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इस पूरे मामले से संबंधित ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात कही गई है। इस संबंध में जब एडीओ पंचायत पसगवां, खीरी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ग्राम पंचायत जमुनिया शहवाज में कोई सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। उनके अनुसार, पहले तैनात सफाई कर्मचारी को कंप्यूटर ऑपरेटर के कार्य में अटैच कर दिया गया है, जहाँ वह जनसुनवाई से संबंधित शिकायतों का काम देख रहा है। एडीओ पंचायत से जब सफाई कर्मचारी को अन्य कार्य में अटैच करने के आदेश या पत्र के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस विषय पर बाद में बात करने की बात कही। यह स्थिति एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि यदि ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी को दूसरे कार्य में लगाया गया है, तो गांव की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की नालियों, सड़कों और अन्य स्थानों पर गंदगी का ढेर लग रहा है, और उन्हें चिंता है कि इसकी सफाई आखिर कौन करेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत में जल्द से जल्द सफाई कर्मचारी की व्यवस्था की जाए, ताकि गांव की स्वच्छता व्यवस्था पुनः पटरी पर लौट सके। TV हिंदुस्तान नैशनल न्यूज़ खीरी ने यह भी बताया है कि इस मामले से संबंधित और भी कागजी साक्ष्य बहुत जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में बीते रविवार को सुबह की सैर के दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय अचानक महिला थाने पहुंच गए। निरीक्षण के दौरान उन्हें पूरे थाने में केवल एक महिला पुलिसकर्मी सोती हुई मिली। एसएसपी ने महिला थाने से क्राइम रजिस्टर उठाया और बिना किसी को बताए वापस लौट आए। अपने कार्यालय पहुँचने के बाद, एसएसपी ने महिला थाने से वही क्राइम रजिस्टर मंगवाया। रजिस्टर गुम होने की बात पता चलते ही महिला थाने में हड़कंप मच गया। बाद में सीसीटीवी फुटेज देखने पर महिला थाना प्रभारी और अन्य महिला पुलिसकर्मियों को पता चला कि एसएसपी साहब निरीक्षण कर के गए थे। इसके बाद, एसएसपी ने महिला थाने की 19 लापरवाह महिला पुलिसकर्मियों का जिले के अलग-अलग थानों में तबादला कर दिया।1
- मेरठ के एसएसपी अविनाश पाण्डेय ने बीते रविवार को मॉर्निंग वॉक के दौरान अचानक एक महिला थाने का औचक निरीक्षण किया। इस दौरे में उन्हें पूरे थाने में केवल एक महिला पुलिसकर्मी सोती हुई मिली। एसएसपी ने मौके से क्राइम रजिस्टर उठाया और अपने कार्यालय लौट गए। बाद में, जब एसएसपी ने कार्यालय पहुँचकर उसी क्राइम रजिस्टर को महिला थाने से मंगवाया, तो रजिस्टर के गुम होने की जानकारी से थाने में हड़कंप मच गया। सीसीटीवी फुटेज देखने के बाद ही महिला थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों को पता चला कि एसएसपी साहब निरीक्षण करके गए थे। इस घटना के बाद, एसएसपी ने कार्रवाई करते हुए महिला थाने की 19 लापरवाह महिला पुलिसकर्मियों का जिले के अलग-अलग थानों में तबादला कर दिया।1
- खीरी के ग्राम पंचायत जमुनिया शहवाज में सफाई व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में तीव्र असंतोष है। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी पिछले लगभग चार माह से गांव में सफाई करने नहीं आया है, जिससे गांव की साफ-सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। ग्राम प्रधान ने भी इस बात की पुष्टि की है कि सफाई कर्मचारी चार माह से कार्य पर नहीं आ रहा और उसके वेतन संबंधी कागजों पर हस्ताक्षर के लिए भी कोई कर्मचारी उपस्थित नहीं होता। प्रधान ने बताया कि करीब चार माह पहले सफाई कर्मचारी सौरभ ग्राम पंचायत में सफाई कार्य करता था, जिसके बाद से सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। इस पूरे मामले से संबंधित ग्रामीणों और ग्राम प्रधान के वीडियो साक्ष्य उपलब्ध होने की बात कही गई है। इस संबंध में जब एडीओ पंचायत पसगवां, खीरी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ग्राम पंचायत जमुनिया शहवाज में कोई सफाई कर्मचारी तैनात नहीं है। उनके अनुसार, पहले तैनात सफाई कर्मचारी को कंप्यूटर ऑपरेटर के कार्य में अटैच कर दिया गया है, जहाँ वह जनसुनवाई से संबंधित शिकायतों का काम देख रहा है। एडीओ पंचायत से जब सफाई कर्मचारी को अन्य कार्य में अटैच करने के आदेश या पत्र के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने इस विषय पर बाद में बात करने की बात कही। यह स्थिति एक बड़ा सवाल खड़ा करती है कि यदि ग्राम पंचायत में तैनात सफाई कर्मचारी को दूसरे कार्य में लगाया गया है, तो गांव की सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी किसकी है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव की नालियों, सड़कों और अन्य स्थानों पर गंदगी का ढेर लग रहा है, और उन्हें चिंता है कि इसकी सफाई आखिर कौन करेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत में जल्द से जल्द सफाई कर्मचारी की व्यवस्था की जाए, ताकि गांव की स्वच्छता व्यवस्था पुनः पटरी पर लौट सके। TV हिंदुस्तान नैशनल न्यूज़ खीरी ने यह भी बताया है कि इस मामले से संबंधित और भी कागजी साक्ष्य बहुत जल्द उपलब्ध कराए जाएंगे।1
- अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति से संबंधित आरोपों का मामला सामने आया है, जिसमें टिन्नू यादव पर आरोप लगाए जा रहे हैं। खबरों के अनुसार, टिन्नू यादव पर राम मंदिर से चढ़ावा चोरी करने और अयोध्या में करोड़ों रुपये की जमीन एवं संपत्ति रखने के आरोप हैं। इन आरोपों के बीच, टिन्नू यादव की पत्नी पूनम ने अपने पति का बचाव करते हुए कहा है कि उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। पूनम ने यह भी दावा किया कि उनका मकान वर्ष 2015 में ही बन चुका था, और उनके परिवार की समस्त संपत्ति पूरी तरह पारदर्शी है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक धमकी मिली है। इस धमकी में उनसे स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उन्हें 10 दिनों के अंदर अपने पद से इस्तीफा देना होगा।1
- अयोध्या में राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और करोड़ों रुपये की संपत्ति से जुड़े आरोपों के बीच टिन्नू यादव की पत्नी पूनम ने अपने पति का बचाव किया है। उन्होंने इन आरोपों को अपने पति को बदनाम करने की साजिश बताया। पूनम ने स्पष्ट किया कि उनका मकान वर्ष 2015 में ही बन चुका था और उनके परिवार की पूरी संपत्ति पारदर्शी है। दूसरी ओर, टिन्नू यादव पर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोप लगाए जा रहे हैं, साथ ही अयोध्या में करोड़ों रुपये की जमीन और संपत्ति होने की खबरें भी सामने आई हैं।1
- लखीमपुर खीरी जिले में पैंथर के संयोजक मनोज कुमार भारती को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। यह कार्रवाई फरधान पुलिस और पलिया पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से की गई।1
- अर्जेंटीना ने अल्जीरिया को 3-0 से हराकर विश्व कप में एक शानदार जीत हासिल की, जहाँ फुटबॉल के महानायक लियोनेल मेसी ने पहली बार विश्व कप में हैट्रिक लगाकर इतिहास रच दिया। इस धमाकेदार प्रदर्शन के साथ, मेसी ने अपने विश्व कप गोलों की संख्या 13 से बढ़ाकर 16 कर दी है, जिससे उन्होंने जर्मनी के दिग्गज मिरोस्लाव क्लोज़े के विश्व कप में सर्वाधिक 16 गोल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। जहाँ क्लोज़े ने 2002 से 2014 के बीच 24 मैचों में 16 गोल किए थे, वहीं मेसी ने अपने 'जादुई खेल' से इस मुकाम को हासिल करते हुए इतिहास के स्वर्णिम पन्नों में अपना नाम और भी गहरा कर दिया है। अब पूरी दुनिया की निगाहें मेसी पर टिकी हैं, क्योंकि इस विश्व कप में जैसे ही वह एक और गोल करेंगे, वह विश्व कप इतिहास में सबसे ज्यादा गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन जाएंगे और मिरोस्लाव क्लोज़े का रिकॉर्ड पीछे छूट जाएगा। 36 वर्ष की उम्र के बाद भी, मेसी का जुनून, उनका विज़न और गोल करने की भूख करोड़ों प्रशंसकों को लगातार प्रेरित कर रही है। मैदान पर जब मेसी के कदम चलते हैं, तो रिकॉर्ड झुकते हैं और इतिहास बनता है। यह 'सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, एक युग है... नाम है लियोनेल मेसी!', जिन्होंने एक बार फिर अपना 'मेसी मैजिक' दिखाते हुए खुद को इतिहास के शिखर पर पहुँचा दिया है।1