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पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के फरक्का के विधायक श्री महताब शेख जी हैं।
Muddin Press
पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद के फरक्का के विधायक श्री महताब शेख जी हैं।
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- साहिबगंज जिले के उधवा शहर की सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। इस रास्ते से नेता, पुलिस और मुखिया समेत सभी लोग गुजरते हैं, लेकिन उधवा के इस हाल पर किसी की भी नजर नहीं पड़ रही है। इस बदहाली को लेकर निराशा जताई गई है कि आखिर जिम्मेदार लोग और आम जनता उधवा की इस खस्ताहाल स्थिति की लगातार अनदेखी कर रहे हैं।1
- साहिबगंज के लाल बथानी के एक बच्चे ने कबड्डी खेलते हुए बड़ी जीत हासिल की है। इस शानदार उपलब्धि पर बच्चे का हौसला बढ़ाते हुए लोगों से पूछा गया है कि क्या वे इस बड़ी जीत पर उसे बधाई नहीं देंगे। संदेश में खेल के महत्व पर जोर देते हुए कहा गया है कि अगर खेल है तो जिंदगी मस्त है। खेल खेलने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और इंसान स्वस्थ रहता है।1
- झारखंड के गोड्डा जिले के मेहरमा में जंगल का एक खतरनाक दृश्य सामने आया है, जो इस दुनिया में छुपी बातों को दर्शाता है।1
- follow me guys aisi video ke liye like karo comment kar lo bhai log1
- झारखंड के गोड्डा में प्यार की एक ऐसी अंधी कहानी सामने आई है, जहां एक मौसी को बेटी से प्यार हो गया। इस अनोखे रिश्ते को देखकर लोग पूरी तरह हैरान रह गए, जिसके बाद दोनों ने आपस में शादी भी कर ली। मौसी और बेटी के बीच हुई यह शादी अब हर तरफ जमकर वायरल हो रही है और लोग इसे देखकर दंग हैं।1
- गोड्डा के मेहरमा में आधी रात को एटीएम से पैसे निकालने के बाद बिहार पुलिस के एक गार्ड और आम जनता (पब्लिक) के बीच हुई बातचीत का मामला सामने आया है। इस घटना में देखा जा सकता है कि आधी रात को एटीएम से पैसे निकालने के निर्णय को गार्ड ने किस रूप में लिया और इसके बाद सुरक्षा में तैनात गार्ड व पब्लिक के बीच किस तरह की बातचीत और बहस हुई।1
- मगही शेर अभिषेक रंजन ने सुपरहिट खोरठा झूमर सॉन्ग "तोहर मर्द कैसा" को लेकर एक पोस्ट साझा की है। इस बेहद मजेदार और धमाकेदार अंदाज वाली पोस्ट में उन्होंने दर्शकों से उनके पेज को फॉलो करने की अपील की है।1
- साहिबगंज में बारिश के इस मौसम में कबड्डी खेलने का एक अलग ही अनोखा रोमांच देखने को मिल रहा है। जब आसमान से बारिश की बूंदें गिरती हैं और मिट्टी की सौंधी-सौंधी खुशबू हवा में घुल जाती है, तो पूरा मैदान कीचड़ से भर जाता है और तभी असली कबड्डी का मुकाबला शुरू होता है। इस खेल के दौरान खिलाड़ियों की हर रेड में एक अलग जोश, हर टैकल में दम और हर खिलाड़ी के चेहरे पर जीत का एक अनोखा जुनून साफ तौर पर दिखाई देता है। कीचड़ में बार-बार फिसलने के बाद भी दोबारा उठकर मुकाबला करना, दोस्तों की हँसी, ज़ोरदार चीयर और आख़िरी पल तक जीत के लिए किया जाने वाला कड़ा संघर्ष ही इस बारिश वाली कबड्डी की असली पहचान है। हालांकि इस खेल को खेलने में कपड़े ज़रूर गंदे हो जाते हैं, लेकिन इसके जरिए बनने वाली यादें ज़िंदगी भर के लिए बिल्कुल साफ और ताज़ा बनी रहती हैं। बारिश का यह मौसम केवल मौसम का बदलाव नहीं लाता, बल्कि अपने साथ अटूट दोस्ती, जोश, हिम्मत और कई यादगार लम्हे भी लेकर आता है। वास्तव में, कबड्डी सिर्फ़ एक खेल नहीं बल्कि एक सच्चा जज़्बा है, और बारिश में खेली जाने वाली कबड्डी का तो एक अलग ही एहसास होता है।1