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साहिबगंज जिले के उधवा शहर की सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। इस रास्ते से नेता, पुलिस और मुखिया समेत सभी लोग गुजरते हैं, लेकिन उधवा के इस हाल पर किसी की भी नजर नहीं पड़ रही है। इस बदहाली को लेकर निराशा जताई गई है कि आखिर जिम्मेदार लोग और आम जनता उधवा की इस खस्ताहाल स्थिति की लगातार अनदेखी कर रहे हैं।
Lav Choudhary
साहिबगंज जिले के उधवा शहर की सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। इस रास्ते से नेता, पुलिस और मुखिया समेत सभी लोग गुजरते हैं, लेकिन उधवा के इस हाल पर किसी की भी नजर नहीं पड़ रही है। इस बदहाली को लेकर निराशा जताई गई है कि आखिर जिम्मेदार लोग और आम जनता उधवा की इस खस्ताहाल स्थिति की लगातार अनदेखी कर रहे हैं।
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- साहिबगंज जिले के उधवा शहर की सड़कों की स्थिति बेहद दयनीय बनी हुई है। इस रास्ते से नेता, पुलिस और मुखिया समेत सभी लोग गुजरते हैं, लेकिन उधवा के इस हाल पर किसी की भी नजर नहीं पड़ रही है। इस बदहाली को लेकर निराशा जताई गई है कि आखिर जिम्मेदार लोग और आम जनता उधवा की इस खस्ताहाल स्थिति की लगातार अनदेखी कर रहे हैं।1
- साहिबगंज के लाल बथानी के एक बच्चे ने कबड्डी खेलते हुए बड़ी जीत हासिल की है। इस शानदार उपलब्धि पर बच्चे का हौसला बढ़ाते हुए लोगों से पूछा गया है कि क्या वे इस बड़ी जीत पर उसे बधाई नहीं देंगे। संदेश में खेल के महत्व पर जोर देते हुए कहा गया है कि अगर खेल है तो जिंदगी मस्त है। खेल खेलने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है और इंसान स्वस्थ रहता है।1
- गोड्डा के मेहरमा में आधी रात को एटीएम से पैसे निकालने के बाद बिहार पुलिस के एक गार्ड और आम जनता (पब्लिक) के बीच हुई बातचीत का मामला सामने आया है। इस घटना में देखा जा सकता है कि आधी रात को एटीएम से पैसे निकालने के निर्णय को गार्ड ने किस रूप में लिया और इसके बाद सुरक्षा में तैनात गार्ड व पब्लिक के बीच किस तरह की बातचीत और बहस हुई।1
- जीवन में उत्तर देने के महत्व को रेखांकित करते हुए इस विषय पर ध्यान आकर्षित किया गया है। गोड्डा के मेहरमा में इस संदेश को साझा करते हुए लोगों से जुड़ने और इस विचार को अपनाने का आग्रह किया गया है।1
- साहिबगंज में बारिश के इस मौसम में कबड्डी खेलने का एक अलग ही अनोखा रोमांच देखने को मिल रहा है। जब आसमान से बारिश की बूंदें गिरती हैं और मिट्टी की सौंधी-सौंधी खुशबू हवा में घुल जाती है, तो पूरा मैदान कीचड़ से भर जाता है और तभी असली कबड्डी का मुकाबला शुरू होता है। इस खेल के दौरान खिलाड़ियों की हर रेड में एक अलग जोश, हर टैकल में दम और हर खिलाड़ी के चेहरे पर जीत का एक अनोखा जुनून साफ तौर पर दिखाई देता है। कीचड़ में बार-बार फिसलने के बाद भी दोबारा उठकर मुकाबला करना, दोस्तों की हँसी, ज़ोरदार चीयर और आख़िरी पल तक जीत के लिए किया जाने वाला कड़ा संघर्ष ही इस बारिश वाली कबड्डी की असली पहचान है। हालांकि इस खेल को खेलने में कपड़े ज़रूर गंदे हो जाते हैं, लेकिन इसके जरिए बनने वाली यादें ज़िंदगी भर के लिए बिल्कुल साफ और ताज़ा बनी रहती हैं। बारिश का यह मौसम केवल मौसम का बदलाव नहीं लाता, बल्कि अपने साथ अटूट दोस्ती, जोश, हिम्मत और कई यादगार लम्हे भी लेकर आता है। वास्तव में, कबड्डी सिर्फ़ एक खेल नहीं बल्कि एक सच्चा जज़्बा है, और बारिश में खेली जाने वाली कबड्डी का तो एक अलग ही एहसास होता है।1
- उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में डेढ़ साल के मासूम बच्चे की निर्मम हत्या करने वाले आरोपी जितेंद्र पाठक को जिला जज ने फांसी की सजा सुनाई है। कोर्ट का यह फैसला उस जघन्य अपराध पर आया है, जिसमें आरोपी ने 29 मई को एक मासूम बच्चे को जमीन पर पटक-पटक कर मार डाला था। विराज उर्फ जितेंद्र पाठक के नाम से पहचाने जाने वाले इस आरोपी को अब अदालत ने उसके किए की सजा के तौर पर मृत्युदंड दिया है। इस क्रूर घटना को अंजाम देने के बाद से ही आरोपी पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की जा रही थी।1