नौतपा के दौरान तिल्दा-नेवरा और आसपास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग अत्यधिक परेशान हैं, जिसके चलते दोपहर में सड़कें सूनी पड़ गईं और बाजारों में भी भीड़ काफी कम देखी गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस बार की गर्मी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, और सुबह से देर शाम तक चलने वाली गर्म हवाएं विशेष रूप से बुजुर्गों व बच्चों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। मौसम विशेषज्ञों ने बताया है कि आने वाले 24 से 48 घंटों तक गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है, क्योंकि दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है और उमस भी लोगों को सता रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश और आंधी आने की संभावना जताई है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग की राय है कि बंगाल की खाड़ी से नमी आने और मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ सकती हैं, और इसी के चलते तिल्दा क्षेत्र में भी बादल छाने, तेज हवा चलने तथा कहीं-कहीं बारिश होने की उम्मीद है। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर के समय घर से कम निकलने, अधिक पानी पीने और गर्मी से बचाव के सभी उपाय करने की सलाह दी है।
नौतपा के दौरान तिल्दा-नेवरा और आसपास के क्षेत्रों में भीषण गर्मी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोग अत्यधिक परेशान हैं, जिसके चलते दोपहर में सड़कें सूनी पड़ गईं और बाजारों में भी भीड़ काफी कम देखी गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, इस बार की गर्मी ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं, और सुबह से देर शाम तक चलने वाली गर्म हवाएं विशेष रूप से बुजुर्गों व बच्चों के लिए मुश्किलें खड़ी कर रही हैं। मौसम विशेषज्ञों ने बताया है कि आने वाले 24 से 48 घंटों तक गर्मी से तत्काल राहत मिलने की संभावना कम है, क्योंकि दिन का तापमान लगातार बढ़ रहा है और उमस भी लोगों को सता रही है। हालांकि, मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में हल्की बारिश और आंधी आने की संभावना जताई है, जिससे तापमान में गिरावट आ सकती है। मौसम विभाग की राय है कि बंगाल की खाड़ी से नमी आने और मौसम प्रणाली के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के कई इलाकों में प्री-मानसून गतिविधियां बढ़ सकती हैं, और इसी के चलते तिल्दा क्षेत्र में भी बादल छाने, तेज हवा चलने तथा कहीं-कहीं बारिश होने की उम्मीद है। चिकित्सकों ने लोगों को दोपहर के समय घर से कम निकलने, अधिक पानी पीने और गर्मी से बचाव के सभी उपाय करने की सलाह दी है।
- पानी की गंभीर समस्या का सामना कर रही इंदौर की जनता अब सड़कों पर उतर आई है, जहाँ वे 'पानी दो, पानी दो' के नारे लगाते हुए शासन-प्रशासन से तत्काल पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों को पानी नहीं मिलने के कारण वे इसके लिए तरस रहे हैं, जिससे उनमें गहरा आक्रोश है। शहरवासी इस बात को लेकर बेहद परेशान हैं कि उन्हें आखिर पानी क्यों नहीं मिल रहा है और वे इसके 'असल कारण' जानना चाहते हैं। पानी की कमी के कारण जनता में भारी असंतोष है और वे चाहते हैं कि प्रशासन जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान करे।1
- राज टॉकीज रायपुर अब दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माय शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक दिया गया है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे खुद ग्रुप से जुड़ें और यह लिंक अन्य लोगों के साथ भी साझा करें।1
- पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर मार्ग की गुणवत्ता और उसके निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित लापरवाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंडरिया के स्थानीय युवा नेता आनंद ठाकुर ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर न तो नेशनल हाईवे का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही लोक निर्माण विभाग (PWD) का कोई जिम्मेदार कर्मचारी। इसके बावजूद, ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा आधी रात तक सड़क निर्माण कार्य जारी रखा गया। आनंद ठाकुर ने बताया कि मौके पर कई तकनीकी खामियां और निर्माण संबंधी कमियां स्पष्ट रूप से दिखाई दीं, लेकिन उनकी निगरानी और जवाबदेही तय करने वाला कोई भी अधिकारी वहाँ उपस्थित नहीं था। उन्होंने जानकारी और जवाब लेने के लिए अधिकारियों का घंटों इंतजार किया, परंतु कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुँचा। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे केवल भाषणों, कागजों और फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य बिना विभागीय निगरानी और तकनीकी परीक्षण के जारी रहा, तो जनता को घटिया और गुणवत्ताहीन सड़क मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब पंडरिया विधानसभा में जनचर्चा का विषय बन गया है और लोग इस पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।1
- हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर बन रहे एक पुल का बड़ा हिस्सा 29 मई 2026 की रात करीब 2-3 बजे आए भारी तूफान और तेज हवाओं के कारण अचानक ढह गया। इस भीषण हादसे में 6 मजदूरों की मौत हो गई। यह दुर्घटना कुरारा क्षेत्र के मोरकंदर (मौराकंदर) और नैथी/कंदौर गांवों के बीच घटी, जहाँ निर्माणाधीन पुल की कंक्रीट स्लैब नीचे गिर गई। बताया जा रहा है कि हादसे के वक्त मजदूर घटनास्थल पर सो रहे थे। मृतकों की पहचान लोकेंद्र निषाद, कुलदीप निषाद, सावंत यादव, सभाजीत, पुष्पेंद्र सिंह चौहान और राजेश पाल के रूप में हुई है, जबकि तीन अन्य मजदूर घायल हुए हैं। घटना के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस मामले में सहायक अभियंता को निलंबित कर दिया गया है, ठेकेदार के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और घटना की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश भी दिए गए हैं।1
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा में 108 और 102 आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं का स्थायी स्टॉपेज न होने के कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकाल में कॉल करने पर एंबुलेंस के देर से पहुँचने के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है, जहाँ बताया गया कि आपात स्थिति में एंबुलेंस दूर-दराज से आती हैं, जिससे महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' निकल जाता है और मरीजों को समय पर रेफर या उपचार नहीं मिल पाता। प्रसव, सड़क हादसे और हार्ट अटैक जैसी स्थितियों में यह देरी जानलेवा साबित हो रही है। गौरतलब है कि केंद्र के पास केवल एक शासकीय वाहन चालक है, जिसकी ड्यूटी केवल कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहती है, जिसके चलते रात और अवकाश के दिनों में आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह ठप रहती हैं। इस गंभीर विषय पर विधायक इंद्रकुमार साहू ने बताया कि उन्होंने मंत्री और संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी जानकारी दी है और जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस स्टॉपेज की व्यवस्था कराई जाएगी। वहीं, नगर के लोग सुशासन तिहार शिविर में उच्च अधिकारियों को लिखित में इस समस्या से दोबारा अवगत कराने की तैयारी में हैं। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग से जनहित में गोबरा नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल 108 और 102 एंबुलेंस की तैनाती की मांग की है, ताकि आपातकाल में मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सेवा मिल सके।1
- नौतपा के छठे दिन शनिवार शाम नवापारा राजिम शहर और आसपास के इलाकों में अचानक मौसम ने करवट ली, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। शाम लगभग 7:30 बजे तेज आंधी-तूफान शुरू हो गया, जिसके कारण पूरे शहर में धूल का गुबार छा गया। इससे राहगीरों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। तेज हवाओं के चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, जिससे व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं। मौसम विभाग और स्थानीय जानकारों के अनुसार, आंधी के दौरान हवा की गति लगभग 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई, जो उत्तर-पूर्व दिशा से आ रही थी। इस अचानक आए अंधड़ के कारण सड़क पर चल रहे साइकिल और बाइक सवारों को बीच रास्ते में ही रुकना पड़ा। हवा में उड़ती धूल, पेड़ों के पत्ते और प्लास्टिक की झिल्लियां आसमान में तैरती दिखीं, जिससे बाजार क्षेत्र में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय बुजुर्गों और जानकारों का कहना है कि इस वर्ष नौतपा ने पिछले कई वर्षों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इससे पहले वर्ष 1998 में पारा 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा था, जिसके बाद चालू वर्ष 2026 में एक बार फिर इतनी तीव्र गर्मी का अनुभव किया जा रहा है। हालांकि, दिनभर की भीषण तपन के बाद शाम को चली इस आंधी से तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत महसूस हुई है। उल्लेखनीय है कि गत 25 मई से शुरू हुआ नौतपा 2 जून को समाप्त होगा, जिसके तुरंत बाद पंचक प्रारंभ हो जाएगा। फिलहाल, भीषण गर्मी के बीच आए इस अंधड़ ने लोगों को हैरान जरूर किया है, लेकिन नागरिकों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में मौसम के इस बदलाव से क्षेत्र को तपती धूप से जल्द निजात मिलेगी।1