पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर मार्ग की गुणवत्ता और उसके निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित लापरवाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंडरिया के स्थानीय युवा नेता आनंद ठाकुर ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर न तो नेशनल हाईवे का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही लोक निर्माण विभाग (PWD) का कोई जिम्मेदार कर्मचारी। इसके बावजूद, ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा आधी रात तक सड़क निर्माण कार्य जारी रखा गया। आनंद ठाकुर ने बताया कि मौके पर कई तकनीकी खामियां और निर्माण संबंधी कमियां स्पष्ट रूप से दिखाई दीं, लेकिन उनकी निगरानी और जवाबदेही तय करने वाला कोई भी अधिकारी वहाँ उपस्थित नहीं था। उन्होंने जानकारी और जवाब लेने के लिए अधिकारियों का घंटों इंतजार किया, परंतु कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुँचा। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे केवल भाषणों, कागजों और फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य बिना विभागीय निगरानी और तकनीकी परीक्षण के जारी रहा, तो जनता को घटिया और गुणवत्ताहीन सड़क मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब पंडरिया विधानसभा में जनचर्चा का विषय बन गया है और लोग इस पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर मार्ग की गुणवत्ता और उसके निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित लापरवाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंडरिया के स्थानीय युवा नेता आनंद ठाकुर ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर न तो नेशनल हाईवे का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही लोक निर्माण विभाग (PWD) का कोई जिम्मेदार कर्मचारी। इसके बावजूद, ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा आधी रात तक सड़क निर्माण कार्य जारी रखा गया। आनंद ठाकुर ने बताया कि मौके पर कई तकनीकी खामियां और निर्माण संबंधी कमियां स्पष्ट रूप से दिखाई दीं, लेकिन उनकी निगरानी और जवाबदेही तय करने वाला कोई भी अधिकारी वहाँ उपस्थित नहीं था। उन्होंने जानकारी और जवाब लेने के लिए अधिकारियों का घंटों इंतजार किया, परंतु कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुँचा। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे केवल भाषणों, कागजों और फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य बिना विभागीय निगरानी और तकनीकी परीक्षण के जारी रहा, तो जनता को घटिया और गुणवत्ताहीन सड़क मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब पंडरिया विधानसभा में जनचर्चा का विषय बन गया है और लोग इस पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।
- रायपुर कलेक्टोरेट परिसर स्थित टाउन हॉल में शुक्रवार को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ कलेक्टर गौरव कुमार सिंह के मुख्य आतिथ्य में रायपुर जिले के विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त हुए 68 शासकीय कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्हें शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसी क्रम में, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बेल्दार सिवनी, विकासखंड तिल्दा, जिला रायपुर के सेवानिवृत्त प्रधान पाठक ईश्वरी प्रसाद वर्मा को भी कलेक्टर गौरव कुमार सिंह द्वारा शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सेवाकाल के योगदान के लिए सम्मानित करने के साथ ही उनके सभी देयकों का तत्काल भुगतान भी किया गया। सम्मानित किए गए कर्मचारियों में स्कूल शिक्षा विभाग के 21, स्वास्थ्य विभाग के 3, राजस्व विभाग के 2, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2, जल संसाधन विभाग के 11, उच्च शिक्षा विभाग के 7, पशुधन विकास विभाग के 2, वन विभाग के 3, लोक निर्माण विभाग के 2, जेल विभाग के 3, उद्यानिकी विभाग के 1 और संस्कृति विभाग के 1 कर्मचारी शामिल थे। इस अवसर पर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने कहा कि शासकीय कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल में प्रशासन और समाज की सेवा करते हैं, और उनके सम्मानजनक विदाई के उद्देश्य से 'प्रोजेक्ट वंदन' की शुरुआत की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अब जिले के किसी भी विभाग का कर्मचारी सेवानिवृत्त होगा तो उसे सम्मानपूर्वक विदाई दी जाएगी। समारोह में जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती, जिला कोषालय अधिकारी गजानन पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- छुरा ब्लॉक के पाण्डुका चारोधाम चौक में सोमवार को खाद की कमी से आक्रोशित 22 गांवों के सैकड़ों किसानों ने NH-130C पर चक्का जाम कर दिया। भीषण गर्मी के बावजूद किसान हाईवे पर धरने पर बैठे रहे, जिसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारी किसानों ने तत्काल पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने और खाद की कालाबाजारी रोकने की मांग की। इस आंदोलन को कांग्रेस नेताओं का भी समर्थन प्राप्त हुआ, वहीं मौके पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार को सौंपा। इस पर नायब तहसीलदार ने किसानों को 7 दिन के भीतर पर्याप्त खाद उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। नायब तहसीलदार से मिले आश्वासन के बाद किसानों ने अपना धरना-प्रदर्शन समाप्त कर सड़क से जाम हटा दिया। हालांकि, किसानों ने यह भी चेतावनी दी है कि यदि उनके वादे पूरे नहीं हुए तो वे भविष्य में और भी उग्र आंदोलन करेंगे।4
- खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- भीषण गर्मी के इस दौर में एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है।1
- भाटापारा के हटरी बाजार स्थित बालचंद बत्रा कलेक्शन कपड़ा दुकान में लगी भीषण आग ने करोड़ों के नुकसान के साथ-साथ शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। आग बुझाने के दौरान भाटापारा नगर पालिका की दमकल व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई, जबकि नगर सेना बलौदाबाजार के दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने पर स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे और भाटापारा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड पहले से ही खराब होने के कारण प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी, जिससे बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर नगर सेना बलौदाबाजार के दो फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने घंटों तक आग से संघर्ष करते हुए आसपास की दुकानों और भवनों को बड़ी क्षति से बचाया। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर सेना की टीम समय पर नहीं पहुंचती तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी की फायर यूनिट पर भी सवाल उठे हैं, आरोप है कि वाहन को घटना स्थल तक नहीं लाया गया। वहीं, अंबुजा सीमेंट रवान की फायर ब्रिगेड भी तकनीकी समस्या से जूझती रही और उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब आग बुझाने की कार्रवाई अंतिम चरण में थी और आग से क्षतिग्रस्त भवन अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस मलबे की चपेट में आने से नगर सेना बलौदाबाजार के जवान सैनिक क्रमांक 41 कृष्णा खूंटे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके एक पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के उपरांत उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। इस घटना के बाद शहर में नगर पालिका की आपदा प्रबंधन तैयारियों और दमकल व्यवस्था को लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नागरिकों का कहना है कि भाटापारा जैसे तेजी से विकसित हो रहे बड़े व्यापारिक नगर में यदि दमकल वाहन समय पर उपलब्ध न हों, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना में जन-धन की अपूरणीय क्षति हो सकती है। अग्निकांड ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और खराब संसाधनों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक जवाबदेह क्यों नहीं बनाए गए। वहीं, नगर सेना बलौदाबाजार के जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की शहरभर में सराहना की जा रही है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मोर्चा संभालकर बड़ी तबाही को सीमित करने का प्रयास किया।1
- भाजपा द्वारा किए गए एक पोस्ट से कांग्रेस पार्टी के भीतर हलचल मची हुई है। इस पोस्ट के कारण यह सवाल उठ रहा है कि क्या टीएस बाबा को पार्टी की स्टेयरिंग (कमान) मिलेगी।1
- खैरागढ़ वन परिक्षेत्र के उपवृत्त लछना अंतर्गत दल्लीखोली वन कक्ष क्रमांक 322 में भीषण गर्मी और हीट वेव के कारण 15 वन्यजीवों और पक्षियों की मौत हो गई। 25 मई की शाम को वन्यजीवों के मृत पाए जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और निरीक्षण के बाद कुल 15 वन्यजीव व पक्षी मृत अवस्था में मिले। विभाग ने पंचनामा तैयार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी 29 मई शुक्रवार सुबह 8 बजे सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही पशु चिकित्सकों की टीम और विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव को इन मौतों का संभावित कारण माना गया है। जांच के लिए जल स्रोतों के पानी और मिट्टी के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वन विभाग ने बताया कि क्षेत्र में प्राकृतिक वाटर होल मौजूद हैं, लेकिन बढ़ते तापमान और घटते जलस्तर का असर वन्यजीवों पर पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर तीन अस्थायी वाटर होल तैयार किए हैं और नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध करा रहा है, साथ ही आवश्यकतानुसार अन्य स्थानों पर भी वाटर होल बनाए जा रहे हैं। वन मंडलाधिकारी पंकज सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और ट्रेप कैमरों के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। वन विभाग ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, बीमार या मृत अवस्था में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के कंट्रोल रूम मोबाइल नंबर 9301321797 पर दें, ताकि समय पर उपचार और संरक्षण संबंधी कार्रवाई की जा सके।1
- मुंगेली पुलिस ने लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर स्थित महामाया गुड़ फैक्ट्री में हुई चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (IPS) के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन बाज' के तहत कार्रवाई करते हुए लोरमी पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चोरी का कुल ₹4,88,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया है, जिसमें चोरी का सामान, एक मोटरसाइकिल, एक लूना और एक पिकअप वाहन शामिल हैं। इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।1
- राजनांदगांव में पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने चाकू और डंडों के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त, इस मामले में चार नाबालिगों को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है।1