खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
- खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।1
- भीषण गर्मी के इस दौर में एक मेडिकल कॉलेज अस्पताल की पेयजल व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ गई है।1
- राज टॉकीज रायपुर अब दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माय शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक दिया गया है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे खुद ग्रुप से जुड़ें और यह लिंक अन्य लोगों के साथ भी साझा करें।1
- खैरागढ़ वन परिक्षेत्र के उपवृत्त लछना अंतर्गत दल्लीखोली वन कक्ष क्रमांक 322 में भीषण गर्मी और हीट वेव के कारण 15 वन्यजीवों और पक्षियों की मौत हो गई। 25 मई की शाम को वन्यजीवों के मृत पाए जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और निरीक्षण के बाद कुल 15 वन्यजीव व पक्षी मृत अवस्था में मिले। विभाग ने पंचनामा तैयार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी 29 मई शुक्रवार सुबह 8 बजे सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही पशु चिकित्सकों की टीम और विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव को इन मौतों का संभावित कारण माना गया है। जांच के लिए जल स्रोतों के पानी और मिट्टी के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वन विभाग ने बताया कि क्षेत्र में प्राकृतिक वाटर होल मौजूद हैं, लेकिन बढ़ते तापमान और घटते जलस्तर का असर वन्यजीवों पर पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर तीन अस्थायी वाटर होल तैयार किए हैं और नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध करा रहा है, साथ ही आवश्यकतानुसार अन्य स्थानों पर भी वाटर होल बनाए जा रहे हैं। वन मंडलाधिकारी पंकज सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और ट्रेप कैमरों के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। वन विभाग ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, बीमार या मृत अवस्था में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के कंट्रोल रूम मोबाइल नंबर 9301321797 पर दें, ताकि समय पर उपचार और संरक्षण संबंधी कार्रवाई की जा सके।1
- राजनांदगांव में पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने चाकू और डंडों के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त, इस मामले में चार नाबालिगों को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है।1