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राजनांदगांव में पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने चाकू और डंडों के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त, इस मामले में चार नाबालिगों को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है।
Jaideep Sharma
राजनांदगांव में पुलिस ने बदमाशों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान के तहत, पुलिस ने चाकू और डंडों के साथ चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके अतिरिक्त, इस मामले में चार नाबालिगों को भी पुलिस हिरासत में लिया गया है।
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- खैरागढ़ वन परिक्षेत्र के उपवृत्त लछना अंतर्गत दल्लीखोली वन कक्ष क्रमांक 322 में भीषण गर्मी और हीट वेव के कारण 15 वन्यजीवों और पक्षियों की मौत हो गई। 25 मई की शाम को वन्यजीवों के मृत पाए जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और निरीक्षण के बाद कुल 15 वन्यजीव व पक्षी मृत अवस्था में मिले। विभाग ने पंचनामा तैयार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी 29 मई शुक्रवार सुबह 8 बजे सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही पशु चिकित्सकों की टीम और विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव को इन मौतों का संभावित कारण माना गया है। जांच के लिए जल स्रोतों के पानी और मिट्टी के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वन विभाग ने बताया कि क्षेत्र में प्राकृतिक वाटर होल मौजूद हैं, लेकिन बढ़ते तापमान और घटते जलस्तर का असर वन्यजीवों पर पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर तीन अस्थायी वाटर होल तैयार किए हैं और नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध करा रहा है, साथ ही आवश्यकतानुसार अन्य स्थानों पर भी वाटर होल बनाए जा रहे हैं। वन मंडलाधिकारी पंकज सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और ट्रेप कैमरों के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। वन विभाग ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, बीमार या मृत अवस्था में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के कंट्रोल रूम मोबाइल नंबर 9301321797 पर दें, ताकि समय पर उपचार और संरक्षण संबंधी कार्रवाई की जा सके।1
- राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह युवक संतोषी नगर चौक में अवैध रूप से धारदार चाकू लहराकर लोगों को डरा-धमका रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लोहे का धारदार चाकू भी बरामद किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संतोषी नगर चौक से भाठागांव जाने वाले मार्ग के पास एक युवक हाथ में धारदार चाकू लेकर राहगीरों को भयभीत कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना टिकरापारा प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मरई के नेतृत्व में एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। आरोपी ने हालांकि बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने मशक्कत के बाद उसे अवैध हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान थलेन्द्र साहू (20 वर्ष), निवासी ग्राम सरवदा, चौकी बिरेंझर, थाना कुरूद, जिला धमतरी के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 465/2026 के तहत धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त नवनीत पाटित के निर्देश पर शहर में चाकूबाजी और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।1
- पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर मार्ग की गुणवत्ता और उसके निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित लापरवाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंडरिया के स्थानीय युवा नेता आनंद ठाकुर ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर न तो नेशनल हाईवे का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही लोक निर्माण विभाग (PWD) का कोई जिम्मेदार कर्मचारी। इसके बावजूद, ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा आधी रात तक सड़क निर्माण कार्य जारी रखा गया। आनंद ठाकुर ने बताया कि मौके पर कई तकनीकी खामियां और निर्माण संबंधी कमियां स्पष्ट रूप से दिखाई दीं, लेकिन उनकी निगरानी और जवाबदेही तय करने वाला कोई भी अधिकारी वहाँ उपस्थित नहीं था। उन्होंने जानकारी और जवाब लेने के लिए अधिकारियों का घंटों इंतजार किया, परंतु कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुँचा। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे केवल भाषणों, कागजों और फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य बिना विभागीय निगरानी और तकनीकी परीक्षण के जारी रहा, तो जनता को घटिया और गुणवत्ताहीन सड़क मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब पंडरिया विधानसभा में जनचर्चा का विषय बन गया है और लोग इस पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।1
- तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम अल्दा में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। जल, जंगल, जमीन और बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण के गंभीर मुद्दों को लेकर आयोजित इस महापंचायत में हजारों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। यह महापंचायत कुम्हारी-मानपुर जलाशय बचाओ एवं प्रदूषणकारी उद्योग भगाओ संघर्ष मंच के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जहां क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण से खेती, जल स्रोतों और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को उठाया गया। किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, कृषि कार्य में उपयोग होने वाले डीजल पर राहत देने तथा धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि करने की मांग की। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। महापंचायत को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके मुद्दों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने किसानों के हितों तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन से कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की तथा शासन-प्रशासन से समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। यह महापंचायत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसने क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों की एकजुटता को प्रदर्शित किया।4
- संत रामपाल जी महाराज द्वारा 'अन्नपूर्णा मुहिम' नामक एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक-आध्यात्मिक पहल शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य निर्धन, असहाय और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त में भोजन, राशन, कपड़े और घर जैसी मूलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध कराना है। यह मुहिम समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने और भूखमुक्त समाज की स्थापना के लिए समर्पित है। इस मुहिम की प्रमुख विशेषताओं में जरूरतमंदों को बिना किसी भेदभाव के भोजन और राशन, जैसे 10 किलो आटा, तेल और साबुन, का वितरण शामिल है। इसका लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है। 'अन्नपूर्णा मुहिम' बाढ़ या अन्य आपदाओं के समय किसानों और प्रभावित लोगों की सहायता करने में भी सक्रिय भूमिका निभाती है, ताकि वे आत्म-निर्भर बन सकें। मुहिम के अनुयायी निःस्वार्थ भाव से रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों और झुग्गी-झोपड़ियों में जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन वितरित करते हैं। यह पहल न केवल भोजन प्रदान करती है, बल्कि लोगों को शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी प्रेरित करती है।1
- रायपुर कलेक्टोरेट परिसर स्थित टाउन हॉल में शुक्रवार को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ कलेक्टर गौरव कुमार सिंह के मुख्य आतिथ्य में रायपुर जिले के विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त हुए 68 शासकीय कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्हें शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसी क्रम में, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बेल्दार सिवनी, विकासखंड तिल्दा, जिला रायपुर के सेवानिवृत्त प्रधान पाठक ईश्वरी प्रसाद वर्मा को भी कलेक्टर गौरव कुमार सिंह द्वारा शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सेवाकाल के योगदान के लिए सम्मानित करने के साथ ही उनके सभी देयकों का तत्काल भुगतान भी किया गया। सम्मानित किए गए कर्मचारियों में स्कूल शिक्षा विभाग के 21, स्वास्थ्य विभाग के 3, राजस्व विभाग के 2, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2, जल संसाधन विभाग के 11, उच्च शिक्षा विभाग के 7, पशुधन विकास विभाग के 2, वन विभाग के 3, लोक निर्माण विभाग के 2, जेल विभाग के 3, उद्यानिकी विभाग के 1 और संस्कृति विभाग के 1 कर्मचारी शामिल थे। इस अवसर पर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने कहा कि शासकीय कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल में प्रशासन और समाज की सेवा करते हैं, और उनके सम्मानजनक विदाई के उद्देश्य से 'प्रोजेक्ट वंदन' की शुरुआत की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अब जिले के किसी भी विभाग का कर्मचारी सेवानिवृत्त होगा तो उसे सम्मानपूर्वक विदाई दी जाएगी। समारोह में जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती, जिला कोषालय अधिकारी गजानन पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- किरनापुर क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज रफ्तार तूफान ने पूरे इलाके में जमकर तबाही मचाई। इस भीषण तूफान के कारण जनजीवन कुछ समय के लिए पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि कई स्थानों पर बड़े वृक्ष जड़ों समेत उखड़कर धराशायी हो गए। इसके साथ ही, बिजली के तार टूटने से पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। तूफान की रफ्तार इतनी तीव्र थी कि कई पेड़ सड़कों पर गिर पड़े, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। कई जगहों पर बिजली के खंभों और तारों को भी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाजार क्षेत्र में भी तूफान से अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, एक ओर जहां तूफान ने नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर इसने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत भी दिलाई। पिछले कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी और उमस के बीच चली ठंडी हवाओं ने लोगों को सुकून का एहसास कराया। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल, विद्युत विभाग की टीमें टूटे हुए तारों और प्रभावित बिजली व्यवस्था को ठीक करने में जुट गई हैं। विभाग ने नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे टूटे हुए बिजली तारों से दूर रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।2