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किरनापुर क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज रफ्तार तूफान ने पूरे इलाके में जमकर तबाही मचाई। इस भीषण तूफान के कारण जनजीवन कुछ समय के लिए पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि कई स्थानों पर बड़े वृक्ष जड़ों समेत उखड़कर धराशायी हो गए। इसके साथ ही, बिजली के तार टूटने से पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। तूफान की रफ्तार इतनी तीव्र थी कि कई पेड़ सड़कों पर गिर पड़े, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। कई जगहों पर बिजली के खंभों और तारों को भी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाजार क्षेत्र में भी तूफान से अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, एक ओर जहां तूफान ने नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर इसने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत भी दिलाई। पिछले कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी और उमस के बीच चली ठंडी हवाओं ने लोगों को सुकून का एहसास कराया। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल, विद्युत विभाग की टीमें टूटे हुए तारों और प्रभावित बिजली व्यवस्था को ठीक करने में जुट गई हैं। विभाग ने नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे टूटे हुए बिजली तारों से दूर रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।

1 hr ago
user_मंजीत भीमटे
मंजीत भीमटे
किरनापुर, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
1 hr ago

किरनापुर क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज रफ्तार तूफान ने पूरे इलाके में जमकर तबाही मचाई। इस भीषण तूफान के कारण जनजीवन कुछ समय के लिए पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि कई स्थानों पर बड़े वृक्ष जड़ों समेत उखड़कर धराशायी हो गए। इसके साथ ही, बिजली के तार टूटने से पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। तूफान की रफ्तार इतनी तीव्र थी कि कई पेड़ सड़कों पर गिर पड़े, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। कई जगहों पर बिजली के खंभों और तारों को भी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाजार क्षेत्र में भी तूफान से अफरा-तफरी का माहौल बन

गया, और लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, एक ओर जहां तूफान ने नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर इसने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत भी दिलाई। पिछले कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी और उमस के बीच चली ठंडी हवाओं ने लोगों को सुकून का एहसास कराया। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल, विद्युत विभाग की टीमें टूटे हुए तारों और प्रभावित बिजली व्यवस्था को ठीक करने में जुट गई हैं। विभाग ने नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे टूटे हुए बिजली तारों से दूर रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।

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  • 29 मई की देर रात किरनापुर थाना क्षेत्र के ग्राम कांदरीकला में बाघ नदी से रेत लाने को लेकर हुए विवाद में खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान, ग्राम दुड़वा निवासी आरोपी अक्षय भाजीपाले ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सीमेंट रोड ठेकेदार सुरेंद्र उर्फ सोनू भोंगाड़े के घर पर हमला कर दिया। हमलावरों ने पहले घर का गेट तोड़ा और जब सोनू ने विरोध किया, तो उस पर धारदार तलवार से जानलेवा हमला कर दिया। तलवार के वार से सोनू के दाहिने हाथ की कलाई कट गई और उसे भारी मात्रा में खून बह गया। मोहल्ले वालों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए बुलेट मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल सोनू को प्राथमिक उपचार के बाद नागपुर रेफर किया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। किरनापुर पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
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    29 मई की देर रात किरनापुर थाना क्षेत्र के ग्राम कांदरीकला में बाघ नदी से रेत लाने को लेकर हुए विवाद में खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान, ग्राम दुड़वा निवासी आरोपी अक्षय भाजीपाले ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर सीमेंट रोड ठेकेदार सुरेंद्र उर्फ सोनू भोंगाड़े के घर पर हमला कर दिया।

हमलावरों ने पहले घर का गेट तोड़ा और जब सोनू ने विरोध किया, तो उस पर धारदार तलवार से जानलेवा हमला कर दिया। तलवार के वार से सोनू के दाहिने हाथ की कलाई कट गई और उसे भारी मात्रा में खून बह गया। मोहल्ले वालों को आता देख आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए बुलेट मोटरसाइकिल से मौके से फरार हो गए।

गंभीर रूप से घायल सोनू को प्राथमिक उपचार के बाद नागपुर रेफर किया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। किरनापुर पुलिस ने इस मामले में प्रकरण दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू कर दी है।
    user_INDRAJEET SINGH DASHMER
    INDRAJEET SINGH DASHMER
    पत्रकार बालाघाट, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कोसुंबा-बांडारेव सड़क मार्ग पिछले तीन माह से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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    कोसुंबा-बांडारेव सड़क मार्ग पिछले तीन माह से अधूरा पड़ा है, जिसके कारण स्थानीय ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
    user_Dev Anand
    Dev Anand
    कटंगी, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था। विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है। तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
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    खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने गंडई तहसील के वार्ड क्रमांक 7 स्थित खंडेलवाल फल भंडार पर छापेमार कार्रवाई की है। यह कार्रवाई 30 मई शनिवार को दोपहर 12 बजे मिली जानकारी के बाद की गई, जो विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान का हिस्सा थी। निरीक्षण के दौरान यह सामने आया कि यह प्रतिष्ठान बिना खाद्य पंजीयन के संचालित था और फलों को हानिकारक रसायनों का उपयोग करके पकाया जा रहा था।

विभागीय अधिकारियों ने एथिलीन रिपनर सहित अन्य रसायनों के साथ-साथ कच्चे आम और केले के नमूने जांच के लिए एकत्र किए। इसके अतिरिक्त, दुकान पर अस्वच्छ परिस्थितियों में रखे गए 60 कैरेट केले जब्त किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 50 से 60 हजार रुपये बताई गई है।

तीन दिवसीय इस विशेष अभियान के दौरान, छुईखदान और गंडई क्षेत्रों में बड़ी मात्रा में सड़े-गले फलों को नष्ट कराया गया और खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे ने इस बात पर जोर दिया है कि खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    6 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की कुरई तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत खांखरा में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे और सागौन के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यह मामला सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई तक भी पहुँच चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। प्रारंभिक जांच में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की बात सामने आने के बावजूद, कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना विधिवत सीमांकन के ही पंचनामा तैयार कर मामले में सिर्फ खानापूर्ति की गई है। इस स्थिति ने राजस्व विभाग की भूमिका को भी संदेह के घेरे में ला दिया है। ग्रामीण यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में सरकारी जमीन पर कब्जा होता रहा और सागौन जैसे कीमती पेड़ों की कटाई कर दी गई? साथ ही, यह भी पूछा जा रहा है कि क्या पूरे मामले को अधिकारियों की मिलीभगत से दबाने का प्रयास किया जा रहा है और क्या जिम्मेदार अधिकारी धृतराष्ट्र बनकर सब कुछ देखते हुए भी अनदेखा कर रहे हैं? सूत्रों के अनुसार, यह मामला अब राजस्व और वन विभाग की संयुक्त जांच तक पहुँच गया है। हालांकि, ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक सरकारी जमीनों पर कब्जे का यह खेल नहीं रुकेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाने, अवैध कटाई की जांच कराने और दोषियों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है।
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    मध्य प्रदेश के सिवनी जिले की कुरई तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत खांखरा में शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे और सागौन के पेड़ों की कटाई का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर अब तक दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न होने से प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। यह मामला सीएम हेल्पलाइन और जनसुनवाई तक भी पहुँच चुका है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

प्रारंभिक जांच में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की बात सामने आने के बावजूद, कार्रवाई केवल कागजों तक ही सीमित दिख रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना विधिवत सीमांकन के ही पंचनामा तैयार कर मामले में सिर्फ खानापूर्ति की गई है। इस स्थिति ने राजस्व विभाग की भूमिका को भी संदेह के घेरे में ला दिया है। ग्रामीण यह सवाल उठा रहे हैं कि आखिर किसके संरक्षण में सरकारी जमीन पर कब्जा होता रहा और सागौन जैसे कीमती पेड़ों की कटाई कर दी गई? साथ ही, यह भी पूछा जा रहा है कि क्या पूरे मामले को अधिकारियों की मिलीभगत से दबाने का प्रयास किया जा रहा है और क्या जिम्मेदार अधिकारी धृतराष्ट्र बनकर सब कुछ देखते हुए भी अनदेखा कर रहे हैं?

सूत्रों के अनुसार, यह मामला अब राजस्व और वन विभाग की संयुक्त जांच तक पहुँच गया है। हालांकि, ग्रामीणों का साफ कहना है कि जब तक निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक सरकारी जमीनों पर कब्जे का यह खेल नहीं रुकेगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल अतिक्रमण हटाने, अवैध कटाई की जांच कराने और दोषियों के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_News21 seoni mp live
    News21 seoni mp live
    Dist.News रिपोर्टर 9584667143 सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    46 min ago
  • नौतपा के दौरान मौसम ने एक अप्रत्याशित यू-टर्न लिया है। इस बदलाव के कारण क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान और बारिश देखने को मिली, जिसने भारी तबाही मचा दी है।
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    नौतपा के दौरान मौसम ने एक अप्रत्याशित यू-टर्न लिया है। इस बदलाव के कारण क्षेत्र में तेज आंधी-तूफान और बारिश देखने को मिली, जिसने भारी तबाही मचा दी है।
    user_BS News Network
    BS News Network
    Local News Reporter सिवनी, सिवनी, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • खैरागढ़ वन परिक्षेत्र के उपवृत्त लछना अंतर्गत दल्लीखोली वन कक्ष क्रमांक 322 में भीषण गर्मी और हीट वेव के कारण 15 वन्यजीवों और पक्षियों की मौत हो गई। 25 मई की शाम को वन्यजीवों के मृत पाए जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और निरीक्षण के बाद कुल 15 वन्यजीव व पक्षी मृत अवस्था में मिले। विभाग ने पंचनामा तैयार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी 29 मई शुक्रवार सुबह 8 बजे सामने आई। घटना की सूचना मिलते ही पशु चिकित्सकों की टीम और विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव को इन मौतों का संभावित कारण माना गया है। जांच के लिए जल स्रोतों के पानी और मिट्टी के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वन विभाग ने बताया कि क्षेत्र में प्राकृतिक वाटर होल मौजूद हैं, लेकिन बढ़ते तापमान और घटते जलस्तर का असर वन्यजीवों पर पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर तीन अस्थायी वाटर होल तैयार किए हैं और नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध करा रहा है, साथ ही आवश्यकतानुसार अन्य स्थानों पर भी वाटर होल बनाए जा रहे हैं। वन मंडलाधिकारी पंकज सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और ट्रेप कैमरों के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके। वन विभाग ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, बीमार या मृत अवस्था में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के कंट्रोल रूम मोबाइल नंबर 9301321797 पर दें, ताकि समय पर उपचार और संरक्षण संबंधी कार्रवाई की जा सके।
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    खैरागढ़ वन परिक्षेत्र के उपवृत्त लछना अंतर्गत दल्लीखोली वन कक्ष क्रमांक 322 में भीषण गर्मी और हीट वेव के कारण 15 वन्यजीवों और पक्षियों की मौत हो गई। 25 मई की शाम को वन्यजीवों के मृत पाए जाने की सूचना पर वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची और निरीक्षण के बाद कुल 15 वन्यजीव व पक्षी मृत अवस्था में मिले। विभाग ने पंचनामा तैयार कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसकी जानकारी 29 मई शुक्रवार सुबह 8 बजे सामने आई।

घटना की सूचना मिलते ही पशु चिकित्सकों की टीम और विभागीय अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। प्रारंभिक जांच में पिछले कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और हीट वेव को इन मौतों का संभावित कारण माना गया है। जांच के लिए जल स्रोतों के पानी और मिट्टी के नमूने प्रयोगशाला भेजे गए हैं। वन विभाग ने बताया कि क्षेत्र में प्राकृतिक वाटर होल मौजूद हैं, लेकिन बढ़ते तापमान और घटते जलस्तर का असर वन्यजीवों पर पड़ रहा है। इस स्थिति को देखते हुए, विभाग ने अलग-अलग स्थानों पर तीन अस्थायी वाटर होल तैयार किए हैं और नियमित रूप से पेयजल उपलब्ध करा रहा है, साथ ही आवश्यकतानुसार अन्य स्थानों पर भी वाटर होल बनाए जा रहे हैं। वन मंडलाधिकारी पंकज सिंह राजपूत ने जानकारी दी कि प्रभावित क्षेत्र में लगातार निगरानी रखी जा रही है और ट्रेप कैमरों के माध्यम से वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई की जा सके।

वन विभाग ने आम नागरिकों और ग्रामीणों से अपील की है कि यदि कोई वन्यप्राणी या पक्षी घायल, बीमार या मृत अवस्था में दिखाई दे, तो इसकी सूचना तत्काल वन विभाग के कंट्रोल रूम मोबाइल नंबर 9301321797 पर दें, ताकि समय पर उपचार और संरक्षण संबंधी कार्रवाई की जा सके।
    user_गंगाराम पटेल  स्थानीय पत्रकार
    गंगाराम पटेल स्थानीय पत्रकार
    खैरागढ़, खैरगढ़ छुईखदान गंडई, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • किरनापुर क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज रफ्तार तूफान ने पूरे इलाके में जमकर तबाही मचाई। इस भीषण तूफान के कारण जनजीवन कुछ समय के लिए पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि कई स्थानों पर बड़े वृक्ष जड़ों समेत उखड़कर धराशायी हो गए। इसके साथ ही, बिजली के तार टूटने से पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। तूफान की रफ्तार इतनी तीव्र थी कि कई पेड़ सड़कों पर गिर पड़े, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। कई जगहों पर बिजली के खंभों और तारों को भी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाजार क्षेत्र में भी तूफान से अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंचने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि, एक ओर जहां तूफान ने नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर इसने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत भी दिलाई। पिछले कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी और उमस के बीच चली ठंडी हवाओं ने लोगों को सुकून का एहसास कराया। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली। फिलहाल, विद्युत विभाग की टीमें टूटे हुए तारों और प्रभावित बिजली व्यवस्था को ठीक करने में जुट गई हैं। विभाग ने नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे टूटे हुए बिजली तारों से दूर रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।
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    किरनापुर क्षेत्र में शनिवार शाम अचानक मौसम में बदलाव आया और तेज रफ्तार तूफान ने पूरे इलाके में जमकर तबाही मचाई। इस भीषण तूफान के कारण जनजीवन कुछ समय के लिए पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि कई स्थानों पर बड़े वृक्ष जड़ों समेत उखड़कर धराशायी हो गए। इसके साथ ही, बिजली के तार टूटने से पूरे क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शाम के समय अचानक आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगीं। तूफान की रफ्तार इतनी तीव्र थी कि कई पेड़ सड़कों पर गिर पड़े, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई। कई जगहों पर बिजली के खंभों और तारों को भी नुकसान पहुंचा, जिसके चलते विभिन्न इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही। बाजार क्षेत्र में भी तूफान से अफरा-तफरी का माहौल बन गया, और लोगों ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचकर अपनी जान बचाई। ग्रामीण क्षेत्रों में भी खेतों और मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

हालांकि, एक ओर जहां तूफान ने नुकसान पहुंचाया, वहीं दूसरी ओर इसने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत भी दिलाई। पिछले कई दिनों से पड़ रही प्रचंड गर्मी और उमस के बीच चली ठंडी हवाओं ने लोगों को सुकून का एहसास कराया। तापमान में गिरावट आने से मौसम सुहावना हो गया और लोगों ने राहत की सांस ली।

फिलहाल, विद्युत विभाग की टीमें टूटे हुए तारों और प्रभावित बिजली व्यवस्था को ठीक करने में जुट गई हैं। विभाग ने नागरिकों से भी यह अपील की है कि वे टूटे हुए बिजली तारों से दूर रहें और किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल संबंधित विभाग को सूचित करें।
    user_मंजीत भीमटे
    मंजीत भीमटे
    किरनापुर, बालाघाट, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
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