तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम अल्दा में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। जल, जंगल, जमीन और बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण के गंभीर मुद्दों को लेकर आयोजित इस महापंचायत में हजारों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। यह महापंचायत कुम्हारी-मानपुर जलाशय बचाओ एवं प्रदूषणकारी उद्योग भगाओ संघर्ष मंच के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जहां क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण से खेती, जल स्रोतों और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को उठाया गया। किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, कृषि कार्य में उपयोग होने वाले डीजल पर राहत देने तथा धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि करने की मांग की। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। महापंचायत को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके मुद्दों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने किसानों के हितों तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन से कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की तथा शासन-प्रशासन से समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। यह महापंचायत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसने क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों की एकजुटता को प्रदर्शित किया।
तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम अल्दा में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। जल, जंगल, जमीन और बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण के गंभीर मुद्दों को लेकर आयोजित इस महापंचायत में हजारों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। यह महापंचायत कुम्हारी-मानपुर जलाशय बचाओ एवं प्रदूषणकारी उद्योग भगाओ संघर्ष मंच
के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जहां क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण से खेती, जल स्रोतों और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को उठाया गया। किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, कृषि कार्य में उपयोग होने वाले डीजल पर राहत देने तथा धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि करने की मांग की। इसके साथ ही, ग्रामीणों
ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। महापंचायत को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके मुद्दों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने किसानों के हितों तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन से कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखने
को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की तथा शासन-प्रशासन से समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। यह महापंचायत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसने क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों की एकजुटता को प्रदर्शित किया।
- तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम अल्दा में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। जल, जंगल, जमीन और बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण के गंभीर मुद्दों को लेकर आयोजित इस महापंचायत में हजारों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। यह महापंचायत कुम्हारी-मानपुर जलाशय बचाओ एवं प्रदूषणकारी उद्योग भगाओ संघर्ष मंच के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जहां क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण से खेती, जल स्रोतों और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को उठाया गया। किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, कृषि कार्य में उपयोग होने वाले डीजल पर राहत देने तथा धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि करने की मांग की। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। महापंचायत को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके मुद्दों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने किसानों के हितों तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन से कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की तथा शासन-प्रशासन से समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। यह महापंचायत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसने क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों की एकजुटता को प्रदर्शित किया।4
- भाटापारा के हटरी बाजार स्थित बालचंद बत्रा कलेक्शन कपड़ा दुकान में लगी भीषण आग ने करोड़ों के नुकसान के साथ-साथ शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। आग बुझाने के दौरान भाटापारा नगर पालिका की दमकल व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई, जबकि नगर सेना बलौदाबाजार के दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने पर स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे और भाटापारा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड पहले से ही खराब होने के कारण प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी, जिससे बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर नगर सेना बलौदाबाजार के दो फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने घंटों तक आग से संघर्ष करते हुए आसपास की दुकानों और भवनों को बड़ी क्षति से बचाया। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर सेना की टीम समय पर नहीं पहुंचती तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी की फायर यूनिट पर भी सवाल उठे हैं, आरोप है कि वाहन को घटना स्थल तक नहीं लाया गया। वहीं, अंबुजा सीमेंट रवान की फायर ब्रिगेड भी तकनीकी समस्या से जूझती रही और उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब आग बुझाने की कार्रवाई अंतिम चरण में थी और आग से क्षतिग्रस्त भवन अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस मलबे की चपेट में आने से नगर सेना बलौदाबाजार के जवान सैनिक क्रमांक 41 कृष्णा खूंटे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके एक पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के उपरांत उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। इस घटना के बाद शहर में नगर पालिका की आपदा प्रबंधन तैयारियों और दमकल व्यवस्था को लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नागरिकों का कहना है कि भाटापारा जैसे तेजी से विकसित हो रहे बड़े व्यापारिक नगर में यदि दमकल वाहन समय पर उपलब्ध न हों, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना में जन-धन की अपूरणीय क्षति हो सकती है। अग्निकांड ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और खराब संसाधनों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक जवाबदेह क्यों नहीं बनाए गए। वहीं, नगर सेना बलौदाबाजार के जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की शहरभर में सराहना की जा रही है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मोर्चा संभालकर बड़ी तबाही को सीमित करने का प्रयास किया।1
- राज टॉकीज रायपुर अब दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माय शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक दिया गया है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे खुद ग्रुप से जुड़ें और यह लिंक अन्य लोगों के साथ भी साझा करें।1
- मुंगेली पुलिस ने लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर स्थित महामाया गुड़ फैक्ट्री में हुई चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (IPS) के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन बाज' के तहत कार्रवाई करते हुए लोरमी पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चोरी का कुल ₹4,88,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया है, जिसमें चोरी का सामान, एक मोटरसाइकिल, एक लूना और एक पिकअप वाहन शामिल हैं। इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।1
- पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर मार्ग की गुणवत्ता और उसके निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित लापरवाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंडरिया के स्थानीय युवा नेता आनंद ठाकुर ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर न तो नेशनल हाईवे का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही लोक निर्माण विभाग (PWD) का कोई जिम्मेदार कर्मचारी। इसके बावजूद, ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा आधी रात तक सड़क निर्माण कार्य जारी रखा गया। आनंद ठाकुर ने बताया कि मौके पर कई तकनीकी खामियां और निर्माण संबंधी कमियां स्पष्ट रूप से दिखाई दीं, लेकिन उनकी निगरानी और जवाबदेही तय करने वाला कोई भी अधिकारी वहाँ उपस्थित नहीं था। उन्होंने जानकारी और जवाब लेने के लिए अधिकारियों का घंटों इंतजार किया, परंतु कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुँचा। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे केवल भाषणों, कागजों और फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य बिना विभागीय निगरानी और तकनीकी परीक्षण के जारी रहा, तो जनता को घटिया और गुणवत्ताहीन सड़क मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब पंडरिया विधानसभा में जनचर्चा का विषय बन गया है और लोग इस पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।1
- रायपुर कलेक्टोरेट परिसर स्थित टाउन हॉल में शुक्रवार को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ कलेक्टर गौरव कुमार सिंह के मुख्य आतिथ्य में रायपुर जिले के विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त हुए 68 शासकीय कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्हें शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसी क्रम में, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बेल्दार सिवनी, विकासखंड तिल्दा, जिला रायपुर के सेवानिवृत्त प्रधान पाठक ईश्वरी प्रसाद वर्मा को भी कलेक्टर गौरव कुमार सिंह द्वारा शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सेवाकाल के योगदान के लिए सम्मानित करने के साथ ही उनके सभी देयकों का तत्काल भुगतान भी किया गया। सम्मानित किए गए कर्मचारियों में स्कूल शिक्षा विभाग के 21, स्वास्थ्य विभाग के 3, राजस्व विभाग के 2, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2, जल संसाधन विभाग के 11, उच्च शिक्षा विभाग के 7, पशुधन विकास विभाग के 2, वन विभाग के 3, लोक निर्माण विभाग के 2, जेल विभाग के 3, उद्यानिकी विभाग के 1 और संस्कृति विभाग के 1 कर्मचारी शामिल थे। इस अवसर पर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने कहा कि शासकीय कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल में प्रशासन और समाज की सेवा करते हैं, और उनके सम्मानजनक विदाई के उद्देश्य से 'प्रोजेक्ट वंदन' की शुरुआत की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अब जिले के किसी भी विभाग का कर्मचारी सेवानिवृत्त होगा तो उसे सम्मानपूर्वक विदाई दी जाएगी। समारोह में जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती, जिला कोषालय अधिकारी गजानन पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोटा के पास एक भीषण सड़क हादसे में एक पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस दुर्घटना में एक तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर के हिस्से दो भागों में बंट गए। हादसे में ट्रैक्टर चालक न्यू राम वर्मा और उनकी पत्नी राजेश्वरी वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह टक्कर आमने-सामने नहीं बल्कि पीछे से हुई थी। ट्रैक्टर चालक अपने वाहन से जा रहा था, तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर के दो टुकड़े हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर के अचानक बाईं ओर मुड़ने के दौरान पीछे से आ रहे ट्रक चालक को संभलने का मौका नहीं मिल पाया, जिसके कारण यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल दंपति को तत्काल उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।3