भाटापारा के हटरी बाजार स्थित बालचंद बत्रा कलेक्शन कपड़ा दुकान में लगी भीषण आग ने करोड़ों के नुकसान के साथ-साथ शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। आग बुझाने के दौरान भाटापारा नगर पालिका की दमकल व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई, जबकि नगर सेना बलौदाबाजार के दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने पर स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे और भाटापारा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड पहले से ही खराब होने के कारण प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी, जिससे बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर नगर सेना बलौदाबाजार के दो फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने घंटों तक आग से संघर्ष करते हुए आसपास की दुकानों और भवनों को बड़ी क्षति से बचाया। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर सेना की टीम समय पर नहीं पहुंचती तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी की फायर यूनिट पर भी सवाल उठे हैं, आरोप है कि वाहन को घटना स्थल तक नहीं लाया गया। वहीं, अंबुजा सीमेंट रवान की फायर ब्रिगेड भी तकनीकी समस्या से जूझती रही और उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब आग बुझाने की कार्रवाई अंतिम चरण में थी और आग से क्षतिग्रस्त भवन अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस मलबे की चपेट में आने से नगर सेना बलौदाबाजार के जवान सैनिक क्रमांक 41 कृष्णा खूंटे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके एक पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के उपरांत उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। इस घटना के बाद शहर में नगर पालिका की आपदा प्रबंधन तैयारियों और दमकल व्यवस्था को लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नागरिकों का कहना है कि भाटापारा जैसे तेजी से विकसित हो रहे बड़े व्यापारिक नगर में यदि दमकल वाहन समय पर उपलब्ध न हों, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना में जन-धन की अपूरणीय क्षति हो सकती है। अग्निकांड ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और खराब संसाधनों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक जवाबदेह क्यों नहीं बनाए गए। वहीं, नगर सेना बलौदाबाजार के जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की शहरभर में सराहना की जा रही है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मोर्चा संभालकर बड़ी तबाही को सीमित करने का प्रयास किया।
भाटापारा के हटरी बाजार स्थित बालचंद बत्रा कलेक्शन कपड़ा दुकान में लगी भीषण आग ने करोड़ों के नुकसान के साथ-साथ शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। आग बुझाने के दौरान भाटापारा नगर पालिका की दमकल व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई, जबकि नगर सेना बलौदाबाजार के दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने पर स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे और भाटापारा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड पहले से ही खराब होने के कारण प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी, जिससे बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर नगर सेना बलौदाबाजार के दो फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने घंटों तक आग से संघर्ष करते हुए आसपास की दुकानों और भवनों को बड़ी क्षति से बचाया। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर सेना की टीम समय पर नहीं पहुंचती तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी की फायर यूनिट पर भी सवाल उठे हैं, आरोप है कि वाहन को घटना स्थल तक नहीं लाया गया। वहीं, अंबुजा सीमेंट रवान की फायर ब्रिगेड भी तकनीकी समस्या से जूझती रही और उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब आग बुझाने की कार्रवाई अंतिम चरण में थी और आग से क्षतिग्रस्त भवन अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस मलबे की चपेट में आने से नगर सेना बलौदाबाजार के जवान सैनिक क्रमांक 41 कृष्णा खूंटे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके एक पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के उपरांत उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। इस घटना के बाद शहर में नगर पालिका की आपदा प्रबंधन तैयारियों और दमकल व्यवस्था को लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नागरिकों का कहना है कि भाटापारा जैसे तेजी से विकसित हो रहे बड़े व्यापारिक नगर में यदि दमकल वाहन समय पर उपलब्ध न हों, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना में जन-धन की अपूरणीय क्षति हो सकती है। अग्निकांड ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और खराब संसाधनों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक जवाबदेह क्यों नहीं बनाए गए। वहीं, नगर सेना बलौदाबाजार के जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की शहरभर में सराहना की जा रही है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मोर्चा संभालकर बड़ी तबाही को सीमित करने का प्रयास किया।
- भाटापारा के हटरी बाजार स्थित बालचंद बत्रा कलेक्शन कपड़ा दुकान में लगी भीषण आग ने करोड़ों के नुकसान के साथ-साथ शहर की आपदा प्रबंधन व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर कर दिया है। आग बुझाने के दौरान भाटापारा नगर पालिका की दमकल व्यवस्था पूरी तरह नाकाम साबित हुई, जबकि नगर सेना बलौदाबाजार के दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर आग पर काबू पाने में निर्णायक भूमिका निभाई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने पर स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे और भाटापारा नगर पालिका की फायर ब्रिगेड पहले से ही खराब होने के कारण प्रभावी भूमिका नहीं निभा सकी, जिससे बाहरी संसाधनों पर निर्भर रहना पड़ा। घटना की सूचना मिलने पर नगर सेना बलौदाबाजार के दो फायर ब्रिगेड वाहन मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का मोर्चा संभाला। दमकल कर्मियों ने घंटों तक आग से संघर्ष करते हुए आसपास की दुकानों और भवनों को बड़ी क्षति से बचाया। नागरिकों का कहना है कि यदि नगर सेना की टीम समय पर नहीं पहुंचती तो नुकसान कहीं अधिक बड़ा हो सकता था। अल्ट्राटेक सीमेंट हिरमी की फायर यूनिट पर भी सवाल उठे हैं, आरोप है कि वाहन को घटना स्थल तक नहीं लाया गया। वहीं, अंबुजा सीमेंट रवान की फायर ब्रिगेड भी तकनीकी समस्या से जूझती रही और उसे धक्का देकर चालू करना पड़ा। सबसे चिंताजनक स्थिति तब बनी जब आग बुझाने की कार्रवाई अंतिम चरण में थी और आग से क्षतिग्रस्त भवन अचानक भरभराकर गिर पड़ा। इस मलबे की चपेट में आने से नगर सेना बलौदाबाजार के जवान सैनिक क्रमांक 41 कृष्णा खूंटे गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके एक पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद प्राथमिक उपचार के उपरांत उन्हें बेहतर इलाज के लिए रायपुर रेफर किया गया। इस घटना के बाद शहर में नगर पालिका की आपदा प्रबंधन तैयारियों और दमकल व्यवस्था को लेकर तीखी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। नागरिकों का कहना है कि भाटापारा जैसे तेजी से विकसित हो रहे बड़े व्यापारिक नगर में यदि दमकल वाहन समय पर उपलब्ध न हों, तो किसी भी बड़ी दुर्घटना में जन-धन की अपूरणीय क्षति हो सकती है। अग्निकांड ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर की फायर सेफ्टी व्यवस्था की निगरानी कौन कर रहा है और खराब संसाधनों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारी अब तक जवाबदेह क्यों नहीं बनाए गए। वहीं, नगर सेना बलौदाबाजार के जवानों के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की शहरभर में सराहना की जा रही है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी मोर्चा संभालकर बड़ी तबाही को सीमित करने का प्रयास किया।1
- बलौदा बाजार शहर के सुदर्शन रेस्टोरेंट में शनिवार रात्रि 9 बजे नन्हे बालक कियान नेताम का जन्मदिन बड़े ही धूमधाम, उत्साह और हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जैसे ही कियान ने अपने जीवन के नए वर्ष में कदम रखा, पूरा माहौल खुशियों, मुस्कुराहटों और शुभकामनाओं से सराबोर हो उठा, और उसकी मासूम मुस्कान ने सभी का दिल जीत लिया। इस अवसर पर कियान के पिता ऐश्वर्य नेताम, माता शालिनी नेताम, दादा मेलूराम नेताम, दादी लता देवी नेताम, फूफा परमानंद ध्रुव, बुआ शैल ध्रुव, शशि सिंह, नेहा नेताम, सरिता नेताम सहित परिवार के अन्य सदस्यों ने उसे स्नेह और आशीर्वाद दिया, जिससे यह जन्मदिन यादगार बन गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद माता-पिता ने अपने लाडले पुत्र को आशीर्वाद देकर केक कटवाया और उसके उज्ज्वल भविष्य, उत्तम स्वास्थ्य तथा दीर्घायु जीवन की मंगलकामना की। केक कटते ही तालियों की गड़गड़ाहट और "जन्मदिन मुबारक हो" की शुभकामनाओं से पूरा परिसर गूंज उठा। समारोह में बड़ी संख्या में परिजन, मित्रगण, बच्चे के साथी एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे और सभी ने कियान को अपना प्यार, स्नेह और आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की चहचहाहट और परिवारजनों की खुशियां देखने लायक थीं। ऐश्वर्य नेताम एवं उनके साथी विशेष रूप से उपस्थित रहे, वहीं शिक्षक लुकेश देवांगन एवं सत्येंद्र पटेल सहित अनेक सम्मानित अतिथियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए नन्हे कियान को शुभाशीष प्रदान किया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। यह जन्मदिन समारोह केवल एक उत्सव ही नहीं, बल्कि परिवार के प्रेम, संस्कार, अपनत्व और सामाजिक एकता का एक सुंदर उदाहरण बनकर सामने आया। कार्यक्रम के समापन पर सभी अतिथियों ने कियान नेताम के जीवन में सुख, समृद्धि, सफलता और खुशियों की अनंत सौगात मिलने की कामना की, और नन्ही मुस्कान में बसी मासूमियत तथा अपनों के प्यार के बीच कियान का यह जन्मदिन हर दिल में एक खूबसूरत याद बन गया।1
- तिल्दा-नेवरा क्षेत्र के ग्राम अल्दा में एक विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया, जिसमें छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शामिल हुए। जल, जंगल, जमीन और बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण के गंभीर मुद्दों को लेकर आयोजित इस महापंचायत में हजारों किसानों, मजदूरों और ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और मांगों को प्रमुखता से उठाया। यह महापंचायत कुम्हारी-मानपुर जलाशय बचाओ एवं प्रदूषणकारी उद्योग भगाओ संघर्ष मंच के तत्वावधान में आयोजित की गई थी, जहां क्षेत्र में बढ़ते औद्योगिक प्रदूषण से खेती, जल स्रोतों और जनस्वास्थ्य पर पड़ रहे दुष्प्रभावों को उठाया गया। किसानों ने खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने, खाद की कालाबाजारी पर रोक लगाने, कृषि कार्य में उपयोग होने वाले डीजल पर राहत देने तथा धान के समर्थन मूल्य में वृद्धि करने की मांग की। इसके साथ ही, ग्रामीणों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा को लेकर भी अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। महापंचायत को संबोधित करते हुए भूपेश बघेल ने किसानों और ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके मुद्दों के समर्थन में अपनी बात रखी। उन्होंने किसानों के हितों तथा क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री के आगमन से कार्यक्रम में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिसमें बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे। किसानों ने एकजुट होकर अपने अधिकारों और क्षेत्र के प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा के लिए आवाज बुलंद की तथा शासन-प्रशासन से समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग की। यह महापंचायत शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुई, जिसने क्षेत्र के विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों की एकजुटता को प्रदर्शित किया।4
- मुंगेली पुलिस ने लोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम नवलपुर स्थित महामाया गुड़ फैक्ट्री में हुई चोरी के मामले का सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (IPS) के निर्देशन में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन बाज' के तहत कार्रवाई करते हुए लोरमी पुलिस ने कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार किए गए आरोपियों के कब्जे से चोरी का कुल ₹4,88,000 मूल्य का मशरूका बरामद किया है, जिसमें चोरी का सामान, एक मोटरसाइकिल, एक लूना और एक पिकअप वाहन शामिल हैं। इस मामले में अन्य फरार आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।1
- बिलासपुर जिले के इंद्रपुरी रहंगी क्षेत्र में पालतू कुत्ते के पालतू बिल्ली पर भौंकने को लेकर दो पड़ोसियों के बीच देर रात जमकर मारपीट हुई, जिसमें दोनों पक्षों से लोग खून से लथपथ हो गए। इस घटना के बाद चकरभाठा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। प्रार्थी सूर्य प्रकाश कौशिक, जो इंद्रपुरी हीर्री माइन्स के निवासी हैं और नगर निगम बिलासपुर में सिटी बस परिचालक का काम करते हैं, उन्होंने शुक्रवार रात करीब 10:39 बजे चकरभाठा थाना पहुंचकर यह रिपोर्ट दर्ज कराई। उनके अनुसार, शुक्रवार दिनांक 29.05.2026 की रात लगभग 09.00 बजे उनका पालतू कुत्ता छत के ऊपर से पड़ोसी वीरेंद्र महिलांगे की छत पर बैठी बिल्ली को देखकर भौंक रहा था। इसी बात पर पड़ोसी वीरेंद्र महिलांगे ने गाली-गलौज करते हुए कहा कि क्या वह अपने कुत्ते को बांधकर नहीं रख सकता। यह विवाद तब और बढ़ गया जब वीरेंद्र महिलांगे छत से घर के बाहर आया और सूर्य प्रकाश व उनकी पत्नी मंजू चेलकर को गाली देने लगा। झगड़े की आवाज सुनकर सूर्य प्रकाश की सास दीपकबाई चेलकर और साला राजकुमार चेलकर मौके पर आए और समझाने का प्रयास करने लगे। इससे वीरेंद्र महिलांगे और उसके परिवार वाले नाराज हो गए। वीरेंद्र महिलांगे की पत्नी ने ईंट फेंककर सूर्य प्रकाश को मारा, जिससे उनके माथे पर चोट लगी और काफी खून बह गया। इसी दौरान वीरेंद्र महिलांगे की मां ने दीपकबाई चेलकर के सिर में उण्डा से मारा, जिससे उनके सिर के दाहिने तरफ चोट लगी और खून निकलने लगा। वहीं, वीरेंद्र महिलांगे ने राजकुमार चेलकर को ईंट से मारा, जिससे उनके सिर में चोट आई और खून बहने लगा। रविशंकर लहरे और आसपास के अन्य लोगों ने इस घटना को देखा और सुना। प्रार्थी की रिपोर्ट पर चकरभाठा पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 296, 115 (2), और 3 (5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की विवेचना कर रही है और प्रार्थी ने इस मामले में आगे की कार्यवाही की मांग की है।1
- राजस्थान के चूरू से प्रकृति का रौद्र रूप सामने आया है, जहाँ एक भयंकर रेतीले तूफान ने देखते ही देखते दिन को रात में बदल दिया। धूल की एक विशाल दीवार ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया, जिसके कारण विजिबिलिटी लगभग शून्य हो गई। प्रकृति की इस भयावह ताकत को दर्शाता यह डराने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर लोग हैरान हैं।1
- शुक्रवार को भाटापारा शहर के व्यस्ततम व्यापारिक क्षेत्र हटरी बाजार स्थित एक कपड़ा दुकान में भीषण आग लग गई, जिससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग इतनी तेजी से फैली कि देखते ही देखते दुकान और आसपास का क्षेत्र धुएं व लपटों से घिर गया, जिससे स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलते ही आग बुझाने के प्रयास शुरू किए गए, लेकिन भाटापारा नगरपालिका की फायर ब्रिगेड खराब होने के कारण तत्काल सहायता उपलब्ध नहीं हो सकी। इसके बाद अम्बुजा सीमेंट और हिरमी संयंत्र से दमकल वाहनों को बुलाया गया, जो लगभग 25 किलोमीटर से अधिक दूरी तय कर मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि दमकल वाहन समय पर पहुंच जाते तो नुकसान काफी कम हो सकता था। फायर ब्रिगेड के पहुंचने में हुई देरी के कारण दुकान का बड़ा हिस्सा जलकर खाक हो गया। इस घटना ने एक बार फिर भाटापारा शहर में स्थायी फायर स्टेशन की आवश्यकता को प्रमुखता से सामने ला दिया है। भाटापारा को बलौदाबाजार जिले का सबसे बड़ा व्यापारिक शहर माना जाता है, जहाँ सैकड़ों दाल मिल, पोहा मिल, राइस मिल, गोदाम और बड़े-बड़े व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालित हैं। इसके बावजूद, शहर में पर्याप्त अग्निशमन संसाधनों का अभाव गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। व्यापारी संगठनों और नागरिकों ने मांग की है कि शहर की बढ़ती आबादी, औद्योगिक गतिविधियों और व्यापारिक महत्व को देखते हुए भाटापारा में पूर्ण सुविधायुक्त स्थायी फायर स्टेशन की स्थापना की जाए। उनका तर्क है कि आगजनी जैसी आपात स्थितियों में हर मिनट महत्वपूर्ण होता है और समय पर दमकल सहायता से जान-माल की बड़ी क्षति को रोका जा सकता है। हटरी बाजार की यह घटना केवल एक दुकान में लगी आग नहीं, बल्कि शहर की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति को उजागर करने वाली चेतावनी है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर आवश्यकता पर कितनी शीघ्रता से निर्णय लेता है।1
- रायपुर जिले के तिल्दा-नेवरा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोटा के पास एक भीषण सड़क हादसे में एक पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस दुर्घटना में एक तेज रफ्तार ट्रक ने ट्रैक्टर को जोरदार टक्कर मार दी, जिससे ट्रैक्टर के हिस्से दो भागों में बंट गए। हादसे में ट्रैक्टर चालक न्यू राम वर्मा और उनकी पत्नी राजेश्वरी वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह टक्कर आमने-सामने नहीं बल्कि पीछे से हुई थी। ट्रैक्टर चालक अपने वाहन से जा रहा था, तभी पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ट्रैक्टर के दो टुकड़े हो गए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ट्रैक्टर के अचानक बाईं ओर मुड़ने के दौरान पीछे से आ रहे ट्रक चालक को संभलने का मौका नहीं मिल पाया, जिसके कारण यह हादसा हो गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल दंपति को तत्काल उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।3