संत रामपाल जी महाराज द्वारा 'अन्नपूर्णा मुहिम' नामक एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक-आध्यात्मिक पहल शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य निर्धन, असहाय और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त में भोजन, राशन, कपड़े और घर जैसी मूलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध कराना है। यह मुहिम समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने और भूखमुक्त समाज की स्थापना के लिए समर्पित है। इस मुहिम की प्रमुख विशेषताओं में जरूरतमंदों को बिना किसी भेदभाव के भोजन और राशन, जैसे 10 किलो आटा, तेल और साबुन, का वितरण शामिल है। इसका लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है। 'अन्नपूर्णा मुहिम' बाढ़ या अन्य आपदाओं के समय किसानों और प्रभावित लोगों की सहायता करने में भी सक्रिय भूमिका निभाती है, ताकि वे आत्म-निर्भर बन सकें। मुहिम के अनुयायी निःस्वार्थ भाव से रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों और झुग्गी-झोपड़ियों में जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन वितरित करते हैं। यह पहल न केवल भोजन प्रदान करती है, बल्कि लोगों को शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी प्रेरित करती है।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा 'अन्नपूर्णा मुहिम' नामक एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक-आध्यात्मिक पहल शुरू की गई है, जिसका मुख्य उद्देश्य निर्धन, असहाय और जरूरतमंद परिवारों को मुफ्त में भोजन, राशन, कपड़े और घर जैसी मूलभूत आवश्यकताएं उपलब्ध कराना है। यह मुहिम समाज के कमजोर वर्गों को आत्मनिर्भर बनाने और भूखमुक्त समाज की स्थापना के लिए समर्पित है। इस मुहिम की प्रमुख विशेषताओं में जरूरतमंदों को बिना किसी भेदभाव के भोजन और राशन, जैसे 10 किलो आटा, तेल और साबुन, का वितरण शामिल है। इसका लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की मदद करना और उन्हें सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करना है। 'अन्नपूर्णा मुहिम' बाढ़ या अन्य आपदाओं के समय किसानों और प्रभावित लोगों की सहायता करने में भी सक्रिय भूमिका निभाती है, ताकि वे आत्म-निर्भर बन सकें। मुहिम के अनुयायी निःस्वार्थ भाव से रेलवे स्टेशनों, अस्पतालों और झुग्गी-झोपड़ियों में जरूरतमंदों को निःशुल्क भोजन वितरित करते हैं। यह पहल न केवल भोजन प्रदान करती है, बल्कि लोगों को शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी जरूरतों के लिए भी प्रेरित करती है।
- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोबरा नवापारा में 108 और 102 आपातकालीन एंबुलेंस सेवाओं का स्थायी स्टॉपेज न होने के कारण मरीजों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आपातकाल में कॉल करने पर एंबुलेंस के देर से पहुँचने के कारण कई मरीजों की जान जोखिम में पड़ जाती है। स्वास्थ्य केंद्र प्रबंधन ने शासन को पत्र लिखकर इस समस्या से अवगत कराया है, जहाँ बताया गया कि आपात स्थिति में एंबुलेंस दूर-दराज से आती हैं, जिससे महत्वपूर्ण 'गोल्डन आवर' निकल जाता है और मरीजों को समय पर रेफर या उपचार नहीं मिल पाता। प्रसव, सड़क हादसे और हार्ट अटैक जैसी स्थितियों में यह देरी जानलेवा साबित हो रही है। गौरतलब है कि केंद्र के पास केवल एक शासकीय वाहन चालक है, जिसकी ड्यूटी केवल कार्यदिवस में सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक रहती है, जिसके चलते रात और अवकाश के दिनों में आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह ठप रहती हैं। इस गंभीर विषय पर विधायक इंद्रकुमार साहू ने बताया कि उन्होंने मंत्री और संबंधित जिला स्वास्थ्य अधिकारी को इसकी जानकारी दी है और जल्द ही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एंबुलेंस स्टॉपेज की व्यवस्था कराई जाएगी। वहीं, नगर के लोग सुशासन तिहार शिविर में उच्च अधिकारियों को लिखित में इस समस्या से दोबारा अवगत कराने की तैयारी में हैं। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर और स्वास्थ्य विभाग से जनहित में गोबरा नवापारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तत्काल 108 और 102 एंबुलेंस की तैनाती की मांग की है, ताकि आपातकाल में मरीजों को समय पर जीवनरक्षक सेवा मिल सके।1
- राज टॉकीज रायपुर अब दर्शकों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग की सुविधा प्रदान कर रहा है। दर्शक बुक माय शो (Book My Show) के माध्यम से अपनी टिकटें ऑनलाइन बुक कर सकते हैं। अधिक जानकारी या सहायता के लिए 0771-2229223 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके साथ ही, राज टॉकीज ने एक व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया है, जिसमें जुड़ने के लिए लिंक दिया गया है। दर्शकों से अनुरोध किया गया है कि वे खुद ग्रुप से जुड़ें और यह लिंक अन्य लोगों के साथ भी साझा करें।1
- पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में निर्माणाधीन पोड़ी-बिलासपुर मार्ग की गुणवत्ता और उसके निर्माण कार्य में बरती जा रही कथित लापरवाही को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। पंडरिया के स्थानीय युवा नेता आनंद ठाकुर ने आरोप लगाया है कि निरीक्षण के दौरान निर्माण स्थल पर न तो नेशनल हाईवे का कोई अधिकारी मौजूद था और न ही लोक निर्माण विभाग (PWD) का कोई जिम्मेदार कर्मचारी। इसके बावजूद, ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा आधी रात तक सड़क निर्माण कार्य जारी रखा गया। आनंद ठाकुर ने बताया कि मौके पर कई तकनीकी खामियां और निर्माण संबंधी कमियां स्पष्ट रूप से दिखाई दीं, लेकिन उनकी निगरानी और जवाबदेही तय करने वाला कोई भी अधिकारी वहाँ उपस्थित नहीं था। उन्होंने जानकारी और जवाब लेने के लिए अधिकारियों का घंटों इंतजार किया, परंतु कोई भी जिम्मेदार व्यक्ति मौके पर नहीं पहुँचा। ऐसे में करोड़ों रुपये की लागत से बन रही इस महत्वपूर्ण सड़क की गुणवत्ता की निगरानी आखिर कौन कर रहा है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। ठाकुर ने आरोप लगाया है कि पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में विकास कार्यों के बड़े-बड़े दावे केवल भाषणों, कागजों और फाइलों तक ही सीमित हैं, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य बिना विभागीय निगरानी और तकनीकी परीक्षण के जारी रहा, तो जनता को घटिया और गुणवत्ताहीन सड़क मिलेगी। स्थानीय लोगों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, निर्माण कार्य की गुणवत्ता की तकनीकी जांच तथा जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार पर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। यह मामला अब पंडरिया विधानसभा में जनचर्चा का विषय बन गया है और लोग इस पर जवाबदेही की मांग कर रहे हैं।1
- राजधानी रायपुर के टिकरापारा थाना क्षेत्र में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह युवक संतोषी नगर चौक में अवैध रूप से धारदार चाकू लहराकर लोगों को डरा-धमका रहा था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से लोहे का धारदार चाकू भी बरामद किया है। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि संतोषी नगर चौक से भाठागांव जाने वाले मार्ग के पास एक युवक हाथ में धारदार चाकू लेकर राहगीरों को भयभीत कर रहा है। सूचना मिलते ही थाना टिकरापारा प्रभारी निरीक्षक राजेश कुमार मरई के नेतृत्व में एक पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया। आरोपी ने हालांकि बचने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने मशक्कत के बाद उसे अवैध हथियार सहित गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान थलेन्द्र साहू (20 वर्ष), निवासी ग्राम सरवदा, चौकी बिरेंझर, थाना कुरूद, जिला धमतरी के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना टिकरापारा में अपराध क्रमांक 465/2026 के तहत धारा 25 और 27 आर्म्स एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। उल्लेखनीय है कि पुलिस उपायुक्त (वेस्ट जोन) संदीप पटेल, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राहुल देव शर्मा और सहायक पुलिस आयुक्त नवनीत पाटित के निर्देश पर शहर में चाकूबाजी और अवैध हथियारों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है।1
- रायपुर कलेक्टोरेट परिसर स्थित टाउन हॉल में शुक्रवार को एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ कलेक्टर गौरव कुमार सिंह के मुख्य आतिथ्य में रायपुर जिले के विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त हुए 68 शासकीय कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्हें शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इसी क्रम में, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला बेल्दार सिवनी, विकासखंड तिल्दा, जिला रायपुर के सेवानिवृत्त प्रधान पाठक ईश्वरी प्रसाद वर्मा को भी कलेक्टर गौरव कुमार सिंह द्वारा शॉल, श्रीफल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में सेवानिवृत्त कर्मचारियों को उनके सेवाकाल के योगदान के लिए सम्मानित करने के साथ ही उनके सभी देयकों का तत्काल भुगतान भी किया गया। सम्मानित किए गए कर्मचारियों में स्कूल शिक्षा विभाग के 21, स्वास्थ्य विभाग के 3, राजस्व विभाग के 2, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 2, जल संसाधन विभाग के 11, उच्च शिक्षा विभाग के 7, पशुधन विकास विभाग के 2, वन विभाग के 3, लोक निर्माण विभाग के 2, जेल विभाग के 3, उद्यानिकी विभाग के 1 और संस्कृति विभाग के 1 कर्मचारी शामिल थे। इस अवसर पर कलेक्टर गौरव कुमार सिंह ने कहा कि शासकीय कर्मचारी अपने पूरे सेवाकाल में प्रशासन और समाज की सेवा करते हैं, और उनके सम्मानजनक विदाई के उद्देश्य से 'प्रोजेक्ट वंदन' की शुरुआत की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि अब जिले के किसी भी विभाग का कर्मचारी सेवानिवृत्त होगा तो उसे सम्मानपूर्वक विदाई दी जाएगी। समारोह में जिला पंचायत सीईओ कुमार विश्वरंजन, सीएमएचओ डॉ. मिथिलेश चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी हिमांशु भारती, जिला कोषालय अधिकारी गजानन पटेल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।4
- छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समस्याओं के समाधान हेतु 'सुशासन तिहार' शिविर लगाए जा रहे हैं, लेकिन दुर्ग जिले में अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों की समस्या सुलझाने के बजाय बदसलूकी करने का मामला सामने आया है। हाल ही में थनौद गाँव में चल रहे एक 'सुशासन तिहार' शिविर के दौरान एक बड़ा विवाद हुआ, जहाँ भाजपा विधायक ललित चंद्राकर की मौजूदगी में एक शिकायतकर्ता और जनपद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के बीच तीखी बहस हो गई। यह पूरा मामला गाँव के सरकारी स्कूल की ज़मीन पर बने एक सामुदायिक भवन से जुड़ा है। भाजपा मंडल महामंत्री पुराण देशमुख ने पूर्व में इस निर्माण का विरोध किया था, जिसके बाद जनपद CEO रूपेश पांडेय ने इस पर स्टे लगा दिया था। हालाँकि, स्टे के बावजूद अधूरा भवन धीरे-धीरे पूरा कर दिया गया और जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा राशि भी जारी कर दी गई। पुराण देशमुख ने इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों से की थी, जिसके बाद दुर्ग कलेक्टर ने कथित तौर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी को राशि वसूली के मौखिक आदेश दिए थे, पर अब तक यह वसूली नहीं की गई है। आज जब पुराण देशमुख इसी बात को लेकर फिर से आवेदन देने पहुँचे, तो आयोजन स्थल पर जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने उन्हें शिकायत न करने के लिए धमकाया। विधायक के सामने ही जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय ने भाजपा कार्यकर्ता को उंगलियाँ दिखाते हुए अपनी मर्यादाएँ लांघीं। रिपोर्ट के अनुसार, दुर्ग जनपद मुख्य कार्यकारी अधिकारी रूपेश पांडेय का यह विवादित और अव्यवहारिक बर्ताव पहला नहीं है। इससे पूर्व भी उनके खिलाफ ऐसे व्यवहार की कई शिकायतें की जा चुकी हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हाल ही में दुर्ग जनपद के अंतर्गत ही एक महिला सचिव ने भी मुख्य कार्यकारी अधिकारी द्वारा प्रताड़ित किए जाने की शिकायत की थी, और वह मामला भी अब तक लंबित है। इस पूरे घटनाक्रम पर विधायक ललित चंद्राकर ने कहा है कि किसी भी अधिकारी का ऐसा व्यवहार करना बिल्कुल ठीक नहीं है, और उन्होंने ऐसे अधिकारियों पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही है।1