नारायणपुर जिले में शुक्रवार को कथित धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर जनजातीय समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के इन लोगों ने रैली निकालकर धर्मांतरण के खिलाफ अपना जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी जनजातीय संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। रैली के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने नारायणपुर मुख्यालय में एकत्र होकर अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। जनजातीय समाज के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए भविष्य में जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले का परीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
नारायणपुर जिले में शुक्रवार को कथित धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर जनजातीय समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के इन लोगों ने रैली निकालकर धर्मांतरण के खिलाफ अपना जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी जनजातीय संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। रैली के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने नारायणपुर मुख्यालय में एकत्र होकर अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। जनजातीय समाज के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए भविष्य में जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले का परीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
- नारायणपुर जिले में शुक्रवार को कथित धर्मांतरण के मुद्दे को लेकर जनजातीय समाज के हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के इन लोगों ने रैली निकालकर धर्मांतरण के खिलाफ अपना जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन से इस विषय पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति, रीति-रिवाज और धार्मिक मान्यताओं को संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में धर्मांतरण की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे उनकी जनजातीय संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। रैली के दौरान, प्रदर्शनकारियों ने नारायणपुर मुख्यालय में एकत्र होकर अपनी विभिन्न मांगों से संबंधित एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ, वहीं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर पुलिस बल भी तैनात रहा। जनजातीय समाज के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि वे अपनी संस्कृति और परंपराओं की रक्षा के लिए भविष्य में जागरूकता अभियान भी चलाएंगे। दूसरी ओर, प्रशासन ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद मामले का परीक्षण करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।1
- संत रामपाल जी महाराज 'सनातनी पूजा के पतन की कहानी' के छठे भाग के रूप में एक विशेष वीडियो प्रस्तुत करने जा रहे हैं। यह प्रस्तुति 'गोवर्धन परिक्रमा के अनसुने रहस्य' पर केंद्रित होगी, जिसमें सनातनी पूजा से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को संत रामपाल जी महाराज की जुबानी उजागर किया जाएगा। यह विशेष वीडियो 20 जून 2026, शनिवार को दोपहर 12:00 बजे से 'Factful Debates' YouTube Channel पर अवश्य देखा जा सकता है।1
- थाना आमाबेड़ा पुलिस ने हाल ही में एक व्यक्ति को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपी के पास से 7.94 लीटर शराब के साथ-साथ नकदी भी जब्त की है।1
- यह एक भावात्मक अभिव्यक्ति है, जिसमें एक व्यक्ति अपने सँवरिया (प्रिय या ईश्वर) को किसी भी तरह से मनाने और अपनी बात मनवाने की गहरी इच्छा और प्रतिबद्धता व्यक्त कर रहा है।1
- योग दिवस के अवसर पर अधिक से अधिक लोगों से भागीदारी निभाने की अपील की गई है। यह अपील गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने के प्रयास के तहत की गई है। इस पहल के लिए, इच्छुक व्यक्ति एक टोल फ्री नंबर पर मिस्ड कॉल देकर अपना पंजीकरण करा सकते हैं।1
- एक अकेले झूठ ने इस देश को 200 साल की गुलामी की तरफ धकेल दिया था, जिसने एक साम्राज्य को नैतिक आधार प्रदान किया। उस समय इस शक्तिशाली झूठ को फैलाने में महीनों का समय लगता था, क्योंकि इसे जहाजों के माध्यम से समुद्र पार पहुंचाया जाता था। आज वही काम महज 30 सेकंड में हो जाता है, और यह हम अपनी ही उंगलियों से करते हैं। यह एक अकाट्य सत्य है कि 20 जून 1756 की वह ऐतिहासिक रात आज भी हर रोज़ दोहराई जा रही है, बस अब वह 'कमरा' जहाँ यह सब घटित होता है, बदल गया है और आपकी जेब में सिमट गया है। इस पूरी कहानी को समझने के लिए, दर्शकों से एक 5 मिनट का वीडियो देखने, उस पर सोचने और फिर अपना निर्णय लेने का आग्रह किया गया है, ताकि वे 'तीसरी आंख' खोलकर सच्चाई को पहचान सकें।1
- कोतवाली थाना क्षेत्र में एक महिला के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है, जहाँ ठगों ने खुद को स्कूल प्राचार्य बताकर 90 हजार रुपये ऐंठ लिए। इस संबंध में पीड़ित महिला द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है।1
- कोंडागांव जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बड़े डोंगर में शुक्रवार शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। पिकअप और मोटरसाइकिल के बीच हुई आमने-सामने की भीषण टक्कर में दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस घटना के बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और 108 एम्बुलेंस सेवा पर समय पर इलाज व वाहन न मिलने का गंभीर आरोप लगाते हुए भारी आक्रोश व्यक्त किया है। यह हादसा शुक्रवार शाम करीब 7:30 बजे ग्राम बड़े डोंगर में सरपंच आवास के पास हुआ। एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन और मोटरसाइकिल के बीच हुई भिड़ंत इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की सूचना मिलते ही बड़े डोंगर पुलिस मौके पर पहुंची और तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को 102 महतारी एक्सप्रेस वाहन की मदद से तुरंत फरसगांव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।1