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पोस्टमार्टम के बाद नहीं मिला शव वाहन ,परिजन शव लेकर पैदल ही निकले, पोस्टमार्टम के बाद नहीं मिला शव वाहन ,परिजन शव लेकर पैदल ही निकले, -अशोकनगर जिले के बहादुरपुर क्षेत्र से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही -15 वर्षीय किशोरी के पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं करा सका स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग को शर्म भी नहीं आई, अरे मुर्दे को तो वाहन उपलब्ध करा ही देते देखें खबर
पत्रकार जितेंद्र सिंह कौरव
पोस्टमार्टम के बाद नहीं मिला शव वाहन ,परिजन शव लेकर पैदल ही निकले, पोस्टमार्टम के बाद नहीं मिला शव वाहन ,परिजन शव लेकर पैदल ही निकले, -अशोकनगर जिले के बहादुरपुर क्षेत्र से स्वास्थ्य विभाग की बड़ी लापरवाही -15 वर्षीय किशोरी के पोस्टमार्टम के बाद शव को घर ले जाने के लिए कोई वाहन उपलब्ध नहीं करा सका स्वास्थ्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग को शर्म भी नहीं आई, अरे मुर्दे को तो वाहन उपलब्ध करा ही देते देखें खबर
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- Post by AD SINGH DHAKAD1
- *पुत्र की दबंगई पर पुलिस की सख्ती देख सड़क पर लेटे पार्षद मंसूरी काटा* *बवाल दूसरे पक्ष पर लगाए संगीन आरोप* ग्वालियर, वार्ड नंबर 10 से कांग्रेस पार्षद और एमआईसी सदस्य शकील मंसूरी का पुत्र शेरा मंसूरी और उसके साथियों का विवाद शनिवार को बाबा कपूर दरगाह पर अरमान खान फिरोज खान और रईस खान द्वारा किए जा रहे प्रसादी वितरण के दौरान हो गया रविवार को इसी बात को लेकर पार्षद पुत्र ने अपने साथियों के साथ अरमान खान फिरोज और रईस की मार पिटाई कर दी इस दौरान पार्षद पुत्र पर कट्टे से फायरिंग के प्रयास का भी आरोप लगा है विवाद की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और उसने दबंगई कर रहे पार्षद पुत्र को दबोच लिया पुत्र को पुलिस की गिरफ्त में देख पार्षद शकील मंसूरी बिफर गए और सड़क पर लेट कर बवाल काटने लगे इस दौरान पार्षद शकील मंसूरी ने संगीन आरोप भी लगाए इस पूरे मामले में अरमान फिरोज और रईस के पक्ष के लोगों का कहना है के पार्षद शकील मंसूरी द्वारा सोने की चेन तोड़ने का झूठा आरोप लगाया जा रहा है मौके से सीसीटीवी फुटेज निकलवाया जाए तो मामला खुद व खुद स्पष्ट हो जाएगा कट्टा कौन लिए है और पार्षद पर हमला किसने किया है1
- ग्राम लमकना के पास महुअर नदी में मासूम भाई बहन की डूबने से मौत 9 वर्षीय बालक सुमित व 6 वर्षीय बच्ची *ज्योतिव केवट निवासी सुनारी की हुई मौत। मृतक दोनों बच्चे खेत किनारे महुअर नदी में नहाने गए थे। *तभी वह गहरे पानी में चले गए। जिससे उनकी डूबने से मौत हो गई।घटना के बाद पिता महेश केवट व अन्य परिजन बच्चों को *लेकर जिला अस्पताल दतिया पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना करैरा थाना जिला शिवपुरी की बताई गई हैं।1
- दतिया जिले की प्रतिभाशाली छात्रा रक्षा गुप्ता ने SSC CGL परीक्षा में सफलता हासिल करते हुए आयकर विभाग में कर लेखा सहायक के पद पर चयनित होकर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे दतिया और प्रदेश का नाम रोशन किया है। इस उपलब्धि पर युवा गहोई सेना द्वारा छात्रा रक्षा गुप्ता का भव्य सम्मान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन गायत्री कॉलोनी स्थित श्रीमाई कृपा निवास पर किया गया, जहां समाजसेवी अभय गुप्ता के नेतृत्व में रक्षा गुप्ता का माल्यार्पण, पगड़ी पहनाकर एवं पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। साथ ही उन्हें “गहोई रत्न” सम्मान स्मृति चिन्ह भी भेंट किया गया। इस अवसर पर रक्षा गुप्ता के माता-पिता का भी सम्मान किया गया और उनकी सफलता पर सभी ने खुशी जाहिर करते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में मौजूद सभी सदस्यों ने मिठाई खिलाकर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। आपको बता दें कि रक्षा गुप्ता, युवा गहोई सेना के सदस्य श्याम गुप्ता की बहन हैं। इस दौरान संगठन के सदस्य अमन नगरिया, पियूष गुप्ता, देव नीखरा, शैलेन्द्र, रामू रावत सहित अन्य युवा एवं परिवारजन उपस्थित रहे।1
- दतिया जिले के नगर क्षेत्र इंदरगढ़ से एक चिंताजनक वीडियो सामने आया है, जिसमें पराली जलने की आग पक्के मकानों तक पहुंचती दिखाई दे रही है। यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि लोगों की जान और संपत्ति के लिए गंभीर खतरा है। ❗ जबकि प्रशासन द्वारा साफ निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी किसान पराली न जलाए, फिर भी ऐसे मामले सामने आना कई सवाल खड़े करता है। 👉 क्या इन लापरवाह लोगों पर कार्रवाई होगी?👉 क्या नियम सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह जाएंगे? समय है जागरूक होने का और जिम्मेदारी निभाने का।🚫 पराली जलाना बंद करें – सुरक्षित पर्यावरण और समाज के लिए कदम उठाएं।1
- Post by Speed News mp/स्पीड न्यूज एमपी1
- भांडेर तहसील के ग्राम बेरछ के माता मंदिर प्रांगण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के दौरान ग्राम के युवा भक्तों ने जहां कोल्ड ड्रिंक एवं प्रसाद भक्तों को बांटा वही कथा व्यास ऊष्मा किशोरी को पगड़ी पहनाकर सॉल् श्रीफल एवं फूलों से किया स्वागत, स्वागत करने वाले राघवेन्द्र सिंह यादव, दीपक यादव कांग्रेस नेता, मयंक यादव,राजू यादव, प्रशांत यादव आदि भक्तों ने प्रसाद एवं कथा व्यास का स्वागत किया।।1
- पीतांबरा पीठ प्रबंधन की प्रेस वार्ता मिर्ची हवन क़े नाम पर बुकिंग हवन पूजा पाठ कराने वालो पर एफआईआर कराई जाएगी दर्ज पंकज श्रीवास्तव दतिया.. श्री पीतांबरा पीठ को लेकर सोशल मीडिया पर चल रहे फर्जी एप को लेकर मंदिर प्रबंधन सख्त। मंदिर प्रबंधन ने मिर्ची बाले वाला, मिर्ची हवन को लेकर जताई आपत्ति, *एप और लोगों को चिन्हित कर कराई जाएगी एफआईआर।* कल सोमवार को कलेक्टर को मिर्ची हवन कराने वालों के खिलाफ सौंपा जाएगा ज्ञापन। *डिजिटल हवन कराने को लेकर सक्रिय हैं फर्जी लोग। ऑनलाइन रुपए लेकर झांसे में लेकर करा रहे हवन पूजन।मंदिर के व्यवस्थापक महेश दुबे ने कहा, साल में सिर्फ दो बार नवरात्र में ही होते हवन यज्ञ। मिर्ची वाले हवन नहीं होते। डिजिटल हवन को लेकर देश भर में सोशल मीडिया पर किया जा रहा दुष्प्रचार। प्रबंधन महेश दुवे ने श्रद्धालुओं से की सावधान और *सतर्क रहने की अपील।।।।।1
- दतिया। श्री पीतांबरा पीठ मंदिर के ट्रस्टी आचार्य पंडित विष्णु कांत मुड़िया ने भक्तों को सतर्क करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि “लाल मिर्ची हवन” का किसी भी वेद या शास्त्र में कोई विधान नहीं है और इस नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है। आचार्य मुड़िया ने आरोप लगाया कि आजकल कुछ लोग मोबाइल ऐप और ऑनलाइन माध्यमों के जरिए पूजा-पाठ, जप-तप और हवन के नाम पर ठगी कर रहे हैं। खासकर पीतांबरा पीठ के नाम का गलत इस्तेमाल कर “ऑनलाइन मिर्ची हवन” कराने का दावा किया जा रहा है, जो पूरी तरह भ्रामक और असत्य है। उन्होंने इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि मंदिर ट्रस्ट किसी भी प्रकार के ऑनलाइन हवन को मान्यता नहीं देता। भक्तों के साथ धोखाधड़ी किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस मामले में कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। मंदिर ट्रस्ट की प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह भी कहा गया कि कुछ असामाजिक तत्व धार्मिक वेशभूषा का सहारा लेकर धर्म को व्यवसाय बना रहे हैं। ऐसे लोगों के खिलाफ जल्द ही शिकायत दर्ज कराई जाएगी। पीठ के प्रबंधक महेश दुबे ने स्पष्ट किया कि पीतांबरा पीठ में केवल वही अनुष्ठान मान्य हैं, जो वेद-पुराणों के अनुसार विधिवत और प्रत्यक्ष रूप से संपन्न होते हैं। डिजिटल या ऑनलाइन हवन की कोई मान्यता नहीं है, और इससे भक्तों को आर्थिक व धार्मिक दोनों प्रकार का नुकसान हो सकता है। उन्होंने भक्तों से अपील की कि वे इस तरह के ऑनलाइन प्रलोभनों से दूर रहें, अन्यथा उनके पैसे भी व्यर्थ जाएंगे और पूजा-पाठ का वास्तविक फल भी नहीं मिलेगा। साथ ही, पीठ की सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए विशेष कदम उठाने की बात भी कही गई।1