शीतला माता मंदिर में लगी महिलाओं की भीड़:शीतला सप्तमी पर पूजा-अर्चना कर लगाया बासी भोजन का भोग, परिवार के लिए की सुख समृद्धि की कामना। शीतला माता मंदिर में लगी महिलाओं की भीड़:शीतला सप्तमी पर पूजा-अर्चना कर लगाया बासी भोजन का भोग, परिवार के लिए की सुख समृद्धि की कामना। छापीहेड़ा नगर में मंगलवार को शीतला माता मंदिर में महिलाओं की सुबह से भारी भीड़ देखने को मिली। जहां महिलाओं ने विधि विधान से पूजा अर्चना की। खेड़ापति स्थित शीतला माता मंदिर में सोमवार देर रात से ही महिलाएं पूजन के लिए आना शुरू हो गई, सुबह होते-होते महिलाओं की कतार पूजन करने के लिए लगने लगी। महिलाएं पूजन करने के लिए कतार में खड़े होकर पूजन करने के लिए इंतजार करती दिखी। पूजा अर्चना का दोर आज मंगलवार की दोपहर 12:30 बजे तक जारी रहा ।वहीं मन्दिर में महिलाओं ने शीतला माता को ठंडे बासी का भोग लगाया और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की ।
शीतला माता मंदिर में लगी महिलाओं की भीड़:शीतला सप्तमी पर पूजा-अर्चना कर लगाया बासी भोजन का भोग, परिवार के लिए
की सुख समृद्धि की कामना। शीतला माता मंदिर में लगी महिलाओं की भीड़:शीतला सप्तमी पर पूजा-अर्चना कर लगाया बासी भोजन का
भोग, परिवार के लिए की सुख समृद्धि की कामना। छापीहेड़ा नगर में मंगलवार को शीतला माता मंदिर में महिलाओं की सुबह
से भारी भीड़ देखने को मिली। जहां महिलाओं ने विधि विधान से पूजा अर्चना की। खेड़ापति स्थित शीतला माता मंदिर
में सोमवार देर रात से ही महिलाएं पूजन के लिए आना शुरू हो गई, सुबह होते-होते महिलाओं की कतार पूजन
करने के लिए लगने लगी। महिलाएं पूजन करने के लिए कतार में खड़े होकर पूजन करने के लिए इंतजार करती दिखी।
पूजा अर्चना का दोर आज मंगलवार की दोपहर 12:30 बजे तक जारी रहा ।वहीं मन्दिर में महिलाओं ने शीतला
माता को ठंडे बासी का भोग लगाया और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की ।
- शीतला माता मंदिर में लगी महिलाओं की भीड़:शीतला सप्तमी पर पूजा-अर्चना कर लगाया बासी भोजन का भोग, परिवार के लिए की सुख समृद्धि की कामना। छापीहेड़ा नगर में मंगलवार को शीतला माता मंदिर में महिलाओं की सुबह से भारी भीड़ देखने को मिली। जहां महिलाओं ने विधि विधान से पूजा अर्चना की। खेड़ापति स्थित शीतला माता मंदिर में सोमवार देर रात से ही महिलाएं पूजन के लिए आना शुरू हो गई, सुबह होते-होते महिलाओं की कतार पूजन करने के लिए लगने लगी। महिलाएं पूजन करने के लिए कतार में खड़े होकर पूजन करने के लिए इंतजार करती दिखी। पूजा अर्चना का दोर आज मंगलवार की दोपहर 12:30 बजे तक जारी रहा ।वहीं मन्दिर में महिलाओं ने शीतला माता को ठंडे बासी का भोग लगाया और परिवार के अच्छे स्वास्थ्य और समृद्धि की कामना की ।8
- तलेन नगर तलेन सहित ग्रामीण क्षेत्रों में मंगलवार को शीतला सप्तमी का पर्व परंपरागत श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। महिलाओं ने स्थानीय शीतला माता के मंदिर पहुंचकर माताजी की पूजा अर्चना की।माताजी को जल से नहलाया व ठंडे बासी पकवानों का भोग लगाया। शीतला माता मंदिर में उमड़ी श्रद्धा मंगलवार को पूजन के लिए अलसुबह से ही शीतला माता मंदिरों में महिलाओं की कतारें लगीं। नगर के शीतलामाता मंदिरों में महिलाओं ने कतारों में लग पूजन किया।उन्होंने माता को मेहंदी, कुमकुम, चूरमा आदि का भोग अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और बीमारियों से रक्षा की प्रार्थना की। बसौडा का लगाया भोग परंपरानुसार गृह सुख शांति व धन धान्य लिए होली के बाद घर घर में सप्तमी के एक दिन पूर्व रात्रि में ही भोजन बनाकर तथा उसी का शीतला माता को अगले दिन भोग लगाकर पूजा अर्चना की जाती है। इस भोग लगाने वाले भोजन को बसौड़ा भी कहते हैं। शीतला सप्तमी सुबह घरों में चूल्हे नहीं जले और परिवारजनों ने एक दिन पहले बनाए गए भोजन का प्रसादी के रुप में सेवन किया।1
- मोहन बड़ोदिया रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन का कार्य 7 फरवरी 2026 से 07 मार्च 2026 तक निर्धारित किया गया था। शासन निर्देशानुसार रबी विपणन वर्ष 2026-27 में समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन के लिए किसान पंजीयन की अवधि 10 मार्च 2026 तक बढ़ाई गई हैं। जिला आपूर्ति अधिकारी सुश्री अंजु मरावी ने जिले के समस्त किसानो से अनुरोध किया हैं कि नियत अवधि में अपनी फसल को समर्थन मूल्य पर विक्रय करने एवं असुविधा से बचने के लिए अपनी भूमि के निकटतम पंजीयन केन्द्र एवं एम.पी. ऑनलाईन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर, लोक सेवा केन्द्र एवं किसान अपना पंजीयन अनिवार्य1
- रायपुर 9 मार्च । रायपुर कस्बे की कृषि उपजमंडी में सोमवार को सरसों की बंपर आवक जारी रही। वहीं मंडी में प्रमुख जिंसों के भाव मे तेजी रही। कृषि उपजमंडी में सोमवार को जिंसों की खरीद शुरू हुई। मंडी में आज 3000 कट्टे व 1500 कट्टे मसूर की आवक हुई। जिसमें सरसों के भाव 5800 से लेकर 6100 रुपये प्रति क्विंटल रहे। वहीं मसूर के भाव 6500 से 7000 रुपये प्रति रहे।1
- मोहन बड़ोदिया। शाजापुर जिले के मोहन बड़ौदिया जनपद की ग्राम पंचायत तिंगजपुर में पेयजल संकट को लेकर जन संघर्ष समिति द्वारा जनपद पंचायत मोहन बड़ौदिया परिसर में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों एवं ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार मोहन बड़ौदिया को ज्ञापन सौंपकर समस्या के शीघ्र समाधान की मांग की। जन संघर्ष समिति मध्यप्रदेश के नेतृत्व में आयोजित इस धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत तिनंगजपुर में लंबे समय से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है, जिससे लोगों को पीने के पानी के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई बार संबंधित अधिकारियों को इस समस्या से अवगत कराने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। धरना-प्रदर्शन के दौरान जन संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जल्द ही ग्राम पंचायत तिनंगजपुर में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो समिति द्वारा ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांव में स्थायी रूप से पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि ग्रामीणों को राहत मिल सके। इसके पश्चात समिति के प्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार मोहन बड़ौदिया को सौंपा और समस्या के निराकरण के लिए तत्काल कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीणों के साथ मिलकर आगे उग्र आंदोलन किया जाएगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान जन संघर्ष समिति के पदाधिकारी राजा भैय्या,अविनाश सिंह, राम सिंह मालवीय, डॉ शिव मालवीय, संतोष , संदीप सिसोदिया,गोकुल ,एवं ग्राम पंचायत तिनंगजपुर के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।1
- durlabh Kashyap1
- Dynamic meditation at chouthmataji temple chhipabarod1
- राजगढ़ में श्रद्धा के साथ मनाई गई शीतला सप्तमी, महिलाओं ने ठंडे भोजन का लगाया भोग। राजगढ़ में मंगलवार की सुबह 5 बजे ही शीतला सप्तमी का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में शीतला माता के मंदिर पहुंचीं और भजन-कीर्तन व गीत गाते हुए सामूहिक पूजा-अर्चना की। राजगढ़ क्षेत्र में पर्व की परंपरा के अनुसार महिलाओं ने माता शीतला को एक दिन पहले तैयार किए गए बासी भोजन यानी ठंडे खाने का भोग लगाया। पूजा के बाद उसी प्रसाद को ग्रहण कर परिवार की सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की कामना की। मंदिर परिसर में दिनभर श्रद्धालुओं का आवागमन बना रहा और महिलाओं ने परिवार की खुशहाली के लिए माता से प्रार्थना की।7